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योगी के राज में पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी का कलावा काटा गया, वायरल वीडियो पर बोर्ड ने लिया संज्ञान: कहा- पुलिसकर्मी पर करेंगे कठोर कार्रवाई

                                अभ्यर्थी का कलावा काटता पुलिसकर्मी (वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट)
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर एक पुलिसकर्मी द्वारा अभ्यर्थी का कलावा काटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बोर्ड ऐक्शन में आ गया है। वायरल वीडियो पर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने संज्ञान लिया है और कलावा काटने वाले पुलिसकर्मी पर कार्रवाई करने की बात कही है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वाराणसी में एक पुलिसकर्मी परीक्षा केंद्र के बाहर एक युवक का कलावा काटता हुआ नजर आ रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों को गुस्सा फूट पड़ा और लोग सवाल उठाने लगे की क्या कलावे की मदद से भी नकल की जा सकती है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर कार्रवाई करने की माँग की।

UPPRPB ने एक यूजर द्वारा शेयर की गई इस वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए X पर लिखा, “अभ्यर्थियों के धार्मिक चिन्हों जैसे कलावा, मंगलसूत्र आदि नहीं काटने के निर्देश पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा समस्त अधिकारियों को पूर्व से ही दिए गए हैं।” UPPRPB ने आगे लिखा, “सोशल मीडिया पर वायरल वाराणसी के प्रकरण में एक पुलिसकर्मी द्वारा उसका उल्लंघन किया गया है। इस उल्लंघन के चलते अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए पुलिस आयुक्त वाराणसी को पत्र लिखा गया है।”

इसके अलावा बोर्ड ने X पर परीक्षा नियंत्रक का एक बयान भी जारी किया है। इसमें कहा गया है, “UPPRPB की परीक्षाओ के दौरान अभ्यर्थियों की चेकिंग के संबंध में निरंतर यह निर्देश दिए जाते हैं कि किसी भी अभ्यर्थी द्वारा धारण किए गए धार्मिक सांस्कृतिक चिन्हों जैसे कलावा, मंगलसूत्र आदि को न तो हटवाया जाएगा ना ही उतारने का प्रयास किया जाएगा।”

परीक्षा नियंत्रक ने आगे कहा, “ऐसे प्रकरणों का संज्ञान में आना दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है। इस संदर्भ में दोषी कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना हो।”

22 करोड़ रुपए का जुर्माना, CEO-COO को वार्निंग और VP को हटाने का फरमान: इंडिगो पर सख्त DGCA, माँगी 50 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी


दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में इंडिगो की उड़ानों में हुई बड़े पैमाने की अव्यवस्था को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने अपनी जाँच रिपोर्ट जारी कर दी है जिसमें एयरलाइन पर सख्ती दिखाई गई है। रिपोर्ट में यह साफ कहा गया है कि रोस्टर और ऑपरेशनल प्लानिंग में गंभीर खामियों के चलते हजारों उड़ानें रद्द और लेट हुईं, जिससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। इसी आधार पर DGCA ने इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है और नियमों के पूर्ण पालन तक 50 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी भी माँगी है।

उड़ान अव्यवस्था की असली वजह क्या रही?

DGCA की जाँच में सामने आया कि 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच इंडिगो की 2,507 फ्लाइट्स कैंसल हुईं जबकि 1,852 उड़ानें देरी का शिकार रहीं। इस दौरान तीन लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए।

जाँच समिति के अनुसार, एयरलाइन ने अपने ऑपरेशंस को जरूरत से ज्यादा ‘ओवर-ऑप्टिमाइज’ कर दिया था। क्रू और एयरक्राफ्ट के अधिकतम उपयोग के चक्कर में पर्याप्त बफर नहीं रखा गया और रिवाइज्ड फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को सही तरीके से लागू नहीं किया गया।

जुर्माने का ब्योरा और अधिकारियों पर कार्रवाई

DGCA ने स्पष्ट किया कि यह जुर्माना सिर्फ एक चूक नहीं बल्कि लगातार नियमों की अनदेखी का नतीजा है। कुल 22.20 करोड़ रुपए के जुर्माने में से 1.80 करोड़ रुपए विभिन्न सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट (CAR) के उल्लंघन पर सिस्टमेटिक पेनल्टी के रूप में लगाए गए हैं।
वहीं, 20.40 करोड़ रुपए 68 दिनों तक रिवाइज्ड FDTL नियमों का पालन न करने पर डेली पेनल्टी के तौर पर वसूले जाएँगे। इसके अलावा इंडिगो के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी व्यक्तिगत कार्रवाई हुई है।
CEO को ऑपरेशंस और क्राइसिस मैनेजमेंट में कमी के लिए ‘कॉशन’, COO को विंटर शेड्यूल और FDTL के प्रभाव का सही आँकलन न करने पर ‘वार्निंग’ दी गई है, जबकि सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर) को मौजूदा जिम्मेदारियों से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

यात्रियों को राहत और सिस्टम सुधार की शर्त

DGCA का मानना है कि केवल जुर्माना लगाना काफी नहीं है। इसी वजह से इंडिगो से 50 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी माँगी गई है, जिसे ‘इंडिगो सिस्टमिक रिफॉर्म एश्योरेंस स्कीम (ISRAS)’ से जोड़ा गया है। यात्रियों के हित में इंडिगो ने CAR के तहत मुआवजा और रिफंड दिया है।
वहीं, जिन यात्रियों की फ्लाइट कैंसल हुई या तीन घंटे से ज्यादा लेट हुई, उन्हें 12 महीने वैध 10,000 रुपये का वाउचर भी दिया गया है। DGCA ने यह भी स्वीकार किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकने के लिए नियामक स्तर पर सुधार जरूरी हैं, जिसके तहत विभाग के भीतर भी एक आंतरिक जाँच शुरू की गई है।


‘ऐसी कार्रवाई होगी कि सात पुश्तेें याद रखेेंगी’: तौकीर रजा के बयान पर मंत्री नंद गोपाल

योगी के मंत्री नंद गोपाल और मौलाना तौकीर रजा
(फोटो साभार: वनइंडिया/अमर उजाला)
हनुमान जयंती के दिन दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हुई हिंसा के बाद बरेली के मौलाना तौकीर रजा के मुस्लिमों को भड़काने वाले बयान पर उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) में मंत्री चेतावनी दी है। प्रदेश के कैबनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी (Nand Gopal Gupta Nandi) ने कहा कि जिस किसी ने यह बयान दिया है, उस पर ऐसी कार्रवाई होगी कि उसकी सात पुश्तें याद रखेंगी। तौकीर रजा ने कहा था कि जिस दिन मुस्लिम सड़कों पर उतरेगा किसी के कब्जे में नहीं आएगा।

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हिंसा के बाद अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलने से बौखलाए कॉन्ग्रेस नेता और बरेली के मौलाना तौकीर रजा ने कहा था कि जिस दिन मुस्लिम सड़कों पर उतरेगा किसी के कब्जे में नहीं आएगा। तौकीर रजा ने पीएम मोदी को धृतराष्ट्र बताते हुए कहा था कि यदि उनका यही रुख रहा तो देश को महाभारत से कोई नहीं बचा सकता।

तौकीर रजा ने कहा, “ईद के बाद इंशाल्लाह हमारी मीटिंग फाइनल होने वाली है और अगर इस दौरान हुकूमत ने अपने तरीके को दुरुस्त नहीं किया, एकतरफा कार्रवाई का अमल जारी रखा तो दिल्ली से ये ऐलान होगा कि हम देशव्यापी जेल भरो आंदोलन करेंगे। उसमें हिंदू-मुस्लिम तमाम लोग शामिल होंगे। इसमें हर जिले, हर सूबे से देश की एकता में विश्वास रखने वाले, खासकर मुस्लिम समाज के लोग शामिल होंगे। क्योंकि जब तुम हमारे साथ रहना नहीं चाहते, हम कहीं जा नहीं सकते। पाकिस्तान हमें कबूल नहीं करेगा, बांग्लादेश हमें कबूल नहीं करेगा, चीन हमें कबूल नहीं करेगा, हम कहाँ जाएँ?”

मौलाना ने आगे कहा था, “हुकूमत हमारी बात सुनेगी नहीं, हमारी बात मानेगी नहीं, कोर्ट में अब हमें इंसाफ की उम्मीद नहीं रही। कोर्ट से जिस किस्म के फैसले आ रहे हैं, मैं देख रहा हूँ कोर्ट को नजरअंदाज किया जा रहा है। फैसला ऑन द स्पॉट हो रहा है। मुजरिम और मुलजिम में अंतर होता है। आरोपित और अपराधी में अंतर होता है। तो आरोपित के घर पर बुलडोजर चला देना अन्याय है। इस किस्म के अन्याय अगर इस हुकूमत में होते रहे तो इस देशव्यापी जेल भरो आंदोलन को रोकना हुकूमत के बस की बात नहीं रहेगी और जिस दिन मुसलमान सड़कों पर आएगा तो वह फिर किसी के कब्जे में नहीं आने वाला है। यह बात समझ लिया जाए।”

पहले भी दिया था विवादित बयान

बता दें कि ये मौलाना तौकीर रजा खान वही हैं जो पहले भी कई ऐसे ही भड़काऊ बयान दे चुके हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी को समर्थन देने का ऐलान करने वाले मौलाना तौकीर रजा का हिंदुओं के खिलाफ दिए गए भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस वायरल वीडियो में वो देश के हिंदुओं को धमकी देते सुनाई दे रहे थे। उनके इसी वायरल वीडियो पर एक चैनल पर जब बहस चल रही थी तो एंकर की तरफ से मौलाना रजा से इसे लेकर सवाल किया जाता है। एंकर का सवाल सुनते ही रजा भड़क जाते हैं और उन्हें मुँह तोड़ने की धमकी तक दे डालते हैं।

अवलोकन करें:-

‘जिस दिन मुसलमान सड़कों पर आएगा तो फिर किसी के कब्जे में नहीं आने वाला’: बुलडोजर से बौखलाए मौलान
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‘जिस दिन मुसलमान सड़कों पर आएगा तो फिर किसी के कब्जे में नहीं आने वाला’: बुलडोजर से बौखलाए मौलान

इससे पहले वह कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते नजर आए थे। चुनाव के वक्त में तौकीर रजा ने विवादित बयान देते हुए बाटला हाउस एनकाउंटर पर बोलते हुए कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला था और एनकाउंटर में मारे गए आतंकवादियों को शहीद बता दिया था।