आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। यह वीडियो पंजाब के होशियारपुर का है। इस वीडियो में दिख रहा है कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जो ना तो कोई मंत्री हैं ना कहीं के विधायक, फिर भी उनके काफिले में दर्जनों लक्जरी कार और कमांडो साथ हैं। खुद को आम आदमी बताने वाले केजरीवाल के इसी दोहरापन पर लोग उनसे नाराज हैं। विपश्यना के लिए पंजाब पहुंचे केजरीवाल के काफिले पर दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि उनके काफिले का नजारा देखने वाला था। उनके काफिले में पचास से अधिक गाड़ियां शामिल थीं, जिनमें से दो-दो करोड़ रुपए की लैंड क्रूजर शामिल थीं। इसके अलावा 100 से अधिक पुलिस कमांडो उनके साथ थे। यही नहीं, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी शामिल थीं और वह कहते हैं कि शांति लेने के लिए वहां गए हैं। मैं पूछता हूं कि यह कैसी शांति है, जिसके लिए पंजाब के लोगों के खजाने से लाखों रुपए उड़ाए जा रहे हैं।
ऐसी विपासना का क्या फ़ायदा जहाँ सादगी और आत्मचिंतन की जगह 50 गाड़ियों के काफ़िले में अहंकार और दिखावा हो?
— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) March 5, 2025
अरविंद केजरीवाल की ये नकली सादगी एक और नौटंकी है। जो व्यक्ति भ्रष्टाचार और अहंकार में डूबा हो, वह विपासना के असली अर्थ को क्या समझेगा?
जनता सब देख रही है! pic.twitter.com/NRngRavDLm
केजरीवाल के काफिले पर तंज कसते हुए उनकी पूर्व सहयोगी स्वाति मालीवाल ने कहा कि सारी दुनिया को वीआईपी कल्चर पर टोकने वाले केजरीवाल जी आज ख़ुद डोनाल्ड ट्रंप से बड़ा सुरक्षा घेरा लेकर घूम रहे हैं।
जिस पंजाब की जनता ने इतना प्यार दिया उससे इतना डर लगता है केजरीवाल जी को? सारी दुनिया को VIP कल्चर पर टोकने वाले केजरीवाल जी आज ख़ुद Donald Trump से बड़ा सुरक्षा घेरा लेकर घूम रहे हैं।
— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) March 5, 2025
ग़ज़ब ही है… कैसे पंजाब जैसे महान सूबे को सबने अपने ऐश आराम के साधन निकालने का ज़रिया बना… pic.twitter.com/opK5ygMM2W
पंजाब से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने तो कहा कि रस्सी जल गई पर बल नहीं गया…!! यह काफिला देश के प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का नहीं, बल्कि एक हारे हुए विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का है। आये है 10 दिन के लिए ध्यान लगाने, पर काफिला 10 किलोमीटर लम्बा! दिल्ली में हारते ही शांति ढूंढने पंजाब आ गए? अगर ध्यान लगाना था तो वीआईपी काफिला क्यों? क्या यह आम आदमी की तपस्या है यां महाराजाओं की राजशाही?
रस्सी जल गई पर बल नहीं गया...‼️
— Sukhjinder Singh Randhawa (@Sukhjinder_INC) March 5, 2025
यह काफिला देश के प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का नहीं, बल्कि एक हारे हुए विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का है।
आये है 10 दिन के लिए ध्यान लगाने, पर काफिला 10 किलोमीटर लम्बा!
दिल्ली में हारते ही शांति ढूंढने पंजाब आ गए? अगर ध्यान… pic.twitter.com/NqcrDdppfl
आम आदमी पार्टी नेता केजरीवाल ना तो सांसद हैं, ना मंत्री और न ही विधायक, फिर भी पंजाब सरकार उन्हें वीआईपी की तरह मानती है और उन्हें उसी तरह की सुरक्षा भी मुहैया कराती है। इस पर सोशल मीडिया पर लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। लोग सोशल मीडिया पर केजरीवाल के काफिले का वीडियो शेयर पर तंज कस रहे हैं। इससे केजरीवाल के साथ पार्टी की भी किरकिरी हो रही है।
होशियारपुर में केजरीवाल विपश्यना के लिए पहुंचा है,सिक्युरिटी देख लीजिए और गाड़ियों की गिनती देख लीजिए
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) March 4, 2025
लेकिन जो केजरीवाल पहले विपश्यना के लिए बेंगलुरु जाते थे वह अब पंजाब क्यो जाने लगे यह बड़ा आश्चर्य की बात है pic.twitter.com/RYV9HxB0H5
क्या से क्या हो गए देखते-देखते
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) March 5, 2025
दिल्लीवासियों ने भ्रष्ट केजरीवाल को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया, फिर भी उनके मन से सत्ता का मोह कम होने का नाम नहीं ले रहा। खुद को 'आम आदमी' कहने वाले केजरीवाल अब सत्ता में भी नहीं हैं, फिर किस हक से गाड़ियों के इतने बड़े काफिले के साथ पंजाब… pic.twitter.com/8F5V6jpQUz
विपश्यना के लिए पंजाब पहुंचे हैं अरविंद केजरीवाल। पहले तो बेंगलूरु जाते थे। अब पंजाब क्यों ? इसमें भी कोई राज है क्या ? जब भी जोर का झटका लगता है, विपश्यना की जरूरत पड़ने लगती है इन्हें। और काफ़िला देखिए, ट्रंप के साथ भी इतनी गाड़ियाँ नहीं चलती होंगी। ये आम आदमी हैं !!… pic.twitter.com/ydblCdR3Ia
— Omkar Chaudhary (@omkarchaudhary) March 5, 2025
होशियारपुर में केजरीवाल विपश्यना के लिए पहुंचा है,सिक्युरिटी देख लीजिए और गाड़ियों की गिनती देख लीजिए
— ocean jain (@ocjain4) March 5, 2025
लेकिन जो केजरीवाल पहले विपश्यना के लिए बेंगलुरु जाते थे वह अब पंजाब क्यो जाने लगे यह बड़ा आश्चर्य की बात है और ना ये MLA है ना कोई MP तो पंजाब में इसे इतनी सिक्योरिटी क्यों दी… pic.twitter.com/kHpxdMIvqg
