Showing posts with label #Delhi Court. Show all posts
Showing posts with label #Delhi Court. Show all posts

कोविड के नाम पर चंदा इकट्ठा कर उस पर मौज मस्ती करने वाली मुस्लिम कट्टरपंथी राणा अयूब माता सीता, वीर सावरकर, भारतीय सेना… सबको गाली देने वाली पर दिल्ली की कोर्ट ने FIR का दिया आदेश

हिजाब का समर्थन करने वाली की ड्रैस 
हिन्दुओं के खिलाफ लगातार घृणा फ़ैलाने वाली राणा अयूब के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। यह FIR हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान और भारत विरोधी माहौल बनाने के लिए दर्ज की गई है। FIR दर्ज करने का आदेश दिल्ली की एक अदालत ने दिया था, इसके बाद दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई की।

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने राणा अयूब के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश सोमवार (27 जनवरी, 2025) को दिया है। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट में वकील अमिता सचदेव की एक याचिका पर दिया गया।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “तथ्यों को देखते हुए, शिकायत में संज्ञेय अपराध की बात सामने आई है और इसके लिए FIR दर्ज करना आवश्यक है। धारा 156(3) CRPC के तहत यह आवेदन मंजूर किया जाता है। SHO साइबर पुलिस स्टेशन, दक्षिण को निर्देश दिया जाता है कि शिकायत को FIR में बदल दें और मामले की निष्पक्ष जाँच करें।”

अमिता सचदेव का कहना था कि वह 2 महीने से विषय में कार्रवाई की माँग कर रही हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसके बाद वह अदालत पहुँची थी। कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने साइबर थाने में राणा अयूब के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

अमिता सचदेव ने इस मामले में नवम्बर, 2024 में राणा अयूब के खिलाफ साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करवाई थी। अमिता सचदेव का आरोप है कि राणा अयूब ने लगातार अपने एक्स अकाउंट से भारतीय सेना और हिन्दू धर्म के खिलाफ लगातार अपमानजनक पोस्ट किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि अयूब के ट्वीट के चलते देश में नफरत का माहौल पनपता है।

राणा अयूब लगातार माता सीता, रामायण और महाभारत को लेकर अपमानजनक ट्वीट करती आई है। वह भारतीय सेना का अपमान भी करती आई हैं। ऐसे कई पोस्ट पर लोगो ने सोशल मीडिया पर आपत्ति भी जताई है। इससे पहले भी राणा अयूब के खिलाफ कई FIR हो चुकी है।

राणा अयूब के खिलाफ कोविड के नाम पर चंदा इकट्ठा कर उसे अपनी मौज मस्ती में लगाने का आरोप भी है। इस मामले में उसकी ₹1.7 करोड़ की सम्पत्ति भी ED ने जब्त की थी।

दिल्ली : AAP मंत्री आतिशी पर मानहानि केस दर्ज, दिल्ली कोर्ट ने भेजा नोटिस

भारतीय जनता पार्टी के एक नेता की ओर से दायर मानहानि मामले में दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी को राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने आतिशी से कहा है कि वो 29 जून से पहले कोर्ट में हाजिर हों। इस समन को देख AAP मंत्री ने कहा है कि उन्होंने तो पहले ही कहा था कि उनकी गिरफ्तारी के लिए प्लानिंग की जा रही है। वहीं अरविन्द केजरीवाल ने भी आतिशी के खिलाफ समन जारी देख कहा है कि अब आतिशी को गिरफ्तार करने की कोशिश हो रही है।

जहाँ तक गिरफ़्तारी की बात है आतिशी और सौरभ का नाम तो तिहाड़ जाते समय केजरीवाल ने लिया। उस हिसाब से शराब घोटाले में इन दोनों से भी पूछताछ होनी चाहिए। राघव चड्ढा भी पीछे नहीं। कहते हैं कि राघव के बाहर जाने का असली कारण आँखों का इलाज नहीं बल्कि पैसे को ठिकाने लगाने की शंका व्यक्त की जा रही है, सच तो पूछताछ पर ही सामने आएगा। 

दूसरे, योगी के राज्य में विधायक अमानतुल्ला खान द्वारा पेट्रोल पंप पर गुंडागर्दी करने पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कार्यवाही करने पर फरार हो गया। पेट्रोल पंप स्टाफ को मारने की धमकी देने पर पुलिस स्टाफ के साथ खड़ी है, जबकि दिल्ली विधायक फरार, मुख्यमंत्री भी बचाव में नहीं खड़ा हो रहा। आखिर योगी की पुलिस से कब तक भागेगा?

केजरीवाल पार्टी ने hit and run पालिसी पर चलते आरोप पर आरोप लगा अपने आपको कट्टर ईमानदार और कमर्ठ साबित करते रहते हैं। जबकि हकीकत एकदम उलट होती है। अक्सर ये लोग कहते रहते हैं कि बीजेपी वाले हमारी सरकार को गिराने हमारे विधायकों को इतने करोड़ दे रहे हैं, लेकिन हमारे विधायक टूटने वाले नहीं। अब जो बीजेपी नेता ने केस दर्ज किया है, इसकी माफ़ी कोर्ट की चार दीवारी तक नहीं रहनी चाहिए, आरोपित नेता के खर्चे पर किसी भी दैनिक में प्रकाशित होनी चाहिए, ताकि जनता को भी मालूम हो कि केजरीवाल पार्टी किस तरह जनता को पागल बनाती है। वैसे बीजेपी को केजरीवाल पार्टी के किसी भी नेता को पार्टी में नहीं लेना चाहिए, वरना बीजेपी का भी पतन निश्चित है। 

ये मानहानि केस दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने उस बयान के खिलाफ किया है जिसमें आतिशी ने आरोप लगाया था कि भाजपा आम के विधायकों को पैसों का लालच दे रही है। कपूर ने ये मामला 30 अप्रैल को दायर करवाया था। इसमें कहा था आतिशी के बयान से उनकी पार्टी की छवि खराब होती है।

अपनी शिकायत में उन्होंने केजरीवाल के उस पोस्ट का भी जिक्र किया था जिसमें आप सुप्रीमो ने दावा किया था भाजपा आप के विधायकों को कॉन्टैक्ट करके 25 करोड़ के ऑफर दे रही है। वहीं आतिशी ने भी कहा था कि भाजपा ने उन्हें किसी बहुत करीबी के जरिए संपर्क किया। उस करीबी ने उनसे कहा था कि अगर राजनैतिक करियर बचाना है तो फिर भाजपा को ज्वाइन कर लो। वरना ईडी एक महीने में गिरफ्तार कर लेगी।

इसी बयान के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ। अब अरविंद केजरीवाल का इस मामले पर कहना है- “मैंने पहले कहा था कि वे अगली बार आतिशी को गिरफ्तार करेंगे। वे अब ऐसा करने इसी की तैयारी में है। पूरी तरह से तानाशाही है। पूरी तरह से तुच्छ और झूठे मामलों में, वे AAP के सभी नेताओं को एक-एक करके गिरफ्तार कर रहे हैं। अगर मोदी जी सत्ता में वापस आते हैं तो हर एक विपक्षी नेता को गिरफ्तार किया जाएगा। AAP महत्वपूर्ण नहीं है। हमारे प्यारे देश को तानाशाही से बचाना महत्वपूर्ण है।

केजरीवाल के PA विभव कुमार को नहीं मिली राहत, दिल्ली की कोर्ट ने 28 मई तक भेजा जेल


स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी मामले में आरोपित विभव कुमार को पुलिस हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह फैसला दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सुनाया है। अब विभव 28 मई तक जेल में रहेंगे।

मई 14 को संजय सिंह ने कहा था कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बिभव द्वारा स्वाति मालीवाल के साथ की बदसलूकी का संज्ञान लिया है और कार्यवाही करने की बात कही है। लेकिन अगले ही दिन तीनों बिभव,अरविन्द और संजय एक साथ लखनऊ में दिखाई दिए। ये थी कार्यवाही। फिर अपने PA बिभव के पक्ष में धरना और प्रदर्शन करते हैं। आखिर ये ढोंग क्यों?  

सुनवाई के दौरान कोर्ट में विभव के वकील ने एकबार फिर इस केस में गिरफ्तारी की जरूरत पर सवाल खड़ा किया। इसके अलावा ये भी कहा कि न्यायिक हिरासत या पुलिस हिरासत दोनों ही आरोपित की स्वतंत्रता को प्रभावित करते हैं, किसी भी चीज की माँग उचित होनी चाहिए।

इस सुनवाई के दौरान विभव ने कोर्ट में एक एप्लीकेशन में डाली जिसमें माँग थी कि जाँच के दौरान जो भी डीवीआर मिले हैं उन्हें संरक्षित किया जाए और रिकॉर्ड पर रखा जाए। हालाँकि पब्लिक प्रोजिक्यूटर ने इस एप्लीकेशन का विरोध किया और कहा कि ये बात कहने के लिए ये मंच नहीं है। इस माँग को खारिज किया जाए।

वहीं कोर्ट द्वारा न्यायिक हिरासत मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस ने कहा कि अदालत के निर्देशों के अनुसार उन्होंने विभव कुमार के परिवार के सदस्यों और वकील को विभव से मिलने की अनुमति दी थी।

इससे पहले खबर आई थी विभव कुमार पुलिस हिरासत में थे जहाँ कहा जा रहा था कि वो जाँच में सहयोग नहीं कर रहे । इसके अलावा उनके ऊपर अपना फोन फॉर्मेट करने का भी आरोप लगा था। पुलिस ने उनके घर से बरामद सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है।

स्वाति मालीवाल के इस पूरे मामले में एक ओर जहाँ दर्ज शिकायत के बाद पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है तो वहीं स्वाति मालीवाल का एक इंटरव्यू सामने आया था। उन्होंने ANI पॉडकास्ट पर स्मिता प्रकाश को कहा था, “अगर मेरी राज्यसभा सीट उनको वापस चाहिए थी, तो अगर प्यार से माँगते तो मैं जान भी दे देती, राज्यसभा सीट तो बहुत छोटी चीज है।”

उन्होंने कहा था, “मैंने कभी भी पद की लालसा नहीं दिखाई, मैं 2006 में तब जुड़ी थी जब कोई किसी को जानता नहीं था। मैंने जमीन से जुड़ कर काम किया है। 2006 से 2012 तक सारे ऑपरेशन चलाए हैं। मैं 3-4 लोगों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति थी।”

AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ 13 मई, 2024 को दिल्ली CM के आधिकारिक आवास पर मारपीट हुई थी। उनके साथ यह मारपीट दिल्ली CM केजरीवाल के पूर्व PS विभव कुमार ने की थी। इस घटना को लेकर स्वाति मालीवाल ने FIR भी दर्ज करवाई थी। उन्होंने एफआईआर में कई आरोप लगाए थे जिसके बाद पुलिस ने विभव को गिरफ्तार किया। पहले विभव को पुलिस हिरासत में भेजा गया और न्यायिक हिरासत में।