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मैं झूम के नाचूँ आज… AAP की झाड़ू बिखर गई तो क्या, मैंने छोड़ दी सबकी लाज; क्या पंजाब सरकार बीजेपी/कांग्रेस सरकार बन रही है? दिल्ली से लेकर पंजाब तक आप में गुटबाज़ी तेज


दिल्ली चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। आम आदमी पार्टी सत्ता से बेदखल हो गई है और कांग्रेस  लगातार तीसरी बार दिल्ली विधानसभा चुनावों में अपना खाता नहीं खोल पाई है। लेकिन अपना खोया हुआ वोटबैंक वापस लेने में कुछ हद तक सफल हुई। जिससे INDI गठबंधन में भी जबरदस्त उथल-पथल मच गयी कि अगर कांग्रेस ने अपना वोटबैंक वापस ले लिया हमारा क्या होगा? बावजूद इसके दो ऐसी वीडियोज सामने आई है जिसे देख आप हैरान रह जाएँगे। एक वीडियो दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी की है और दूसरी कांग्रेस नेता रागिनी नायक की। दोनों वीडियो को देख ऐसा लग रहा है जैसे इन लोगों को पार्टी के जीतने की नहीं हारने की ही उम्मीद थी।   

दिल्ली में AAP के हारने के बाद जहाँ पार्टी का हर नेता दुखी था वहीं आ्तिशी खुशी से नाच रही थीं। उन्हें सत्ता जाने का, पार्टी के हारने का, बड़े-बड़े नेताओं के न जीत पाने का कोई दुख नहीं था, उन्हें सिर्फ और सिर्फ अपनी उस जीत की खुशी थी जो उन्हें आखिरी राउंड की वोटिंग के दौरान बड़ी मुश्किल से मिली। 

आतिशी का ख़ुशी में नाचने की असली वजह थी कि केजरीवाल की कोशिशों के बावजूद खुद हार गए लेकिन वह जीत गयी। बीजेपी हो, कांग्रेस हो या फिर खुद की आप, सब जानते थे कि केजरीवाल खुद अपने नेताओं को हराने में लगा हुआ था, ताकि इनका कद मुझसे बड़ा न होने पाए। जबकि ये सब केजरीवाल को हराने में लगे थे। फिर आतिशी का नाचना तो बनता ही है।     

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने उनकी वीडियो शेयर की है। इस वीडियो में आतिशी अपने कार्यकर्ताओं के साथ नाचती दिखाई दे रही हैं। स्वाति ने इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा है- ये कैसा बेशर्मी का प्रदर्शन है? पार्टी हार गई, सब बड़े नेता हार गए और आतिशी ऐसे जश्न मना रही है?

लोग इसके नीचे कॉमेंट करके लिख रहे हैं- ये बेशर्मी आतिशी मार्लेना ने अपने मालिक केजरीवाल से सीखी होगी। अब मौका मिला तो बेशर्मी दिखाने में आगे निकल गई। कोई-कोई ये भी लिख रहा है कि हो सकता है कि आतिशी जल्द बीजेपी ज्वाइन कर ले। 

सत्ता के गलियारों में चर्चा जोरों पर है, कुछ नहीं पता, समाचार की पुष्टि नहीं हो पायी है, पूरी पंजाब सरकार कब बीजेपी या कांग्रेस बन जाये। इस समय आम आदमी पार्टी का वजूद ही खतरे में हैं। सब जानते हैं कि CAG प्रस्तुत होने पर केजरीवाल के साथ कितने लोग जेल जायेंगे। केजरीवाल पार्टी के ख़त्म होते ही कांग्रेस अपने खोये वोटबैंक को वापस लेकर INDI गठबंधन पर ही भारी बनने की उम्मीद लगाई जा रही है। इतना ही नहीं दिल्ली में जीते सभी 22 विधायक अपनी इज्जत बचाने कांग्रेस/बीजेपी में जाने की जुगाड़ में हैं। 

    

अगली वीडियो बीजेपी नेता राधिका खेड़ा ने शेयर की है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- “दिल्ली में 4.26% वोट वाली कॉन्ग्रेस का ‘भांगड़ा’ देख कर लगा, जैसे सियासी दफ्तर नहीं, ‘पागलखाने का वार्ड’ खुल गया हो! जिनकी राजनीति को जनता ने बार-बार नकारा,वो अब अपनी हार पर ही जश्न मनाने में मस्त हैं! कॉन्ग्रेस का नया नारा—‘हारो, नाचो, भूल जाओ!”

दिल्ली में मतगणना की प्रतिक्रिया 8 फरवरी को पूरी हुई। भारतीय जनता पार्टी को इन चुनावों में 48 सीटें मिलीं जबकि आम आदमी पार्टी 22 सीट पाकर सिमट कर रह गई। कॉन्ग्रेस भी इन चुनावों में रेस में मानी जा रही थी, लेकिन उन्हें पूरी दिल्ली में सिर्फ 6.34% वोट मिले जो चुनाव में 1 सीट भी नहीं दिला पाए। बीजेपी का वोट शेयर इस बार 45.56% का रहा जबकि AAP का 43.57% का।

स्वाति मालीवाल की पिटाई के बाद बिभव कुमार के साथ मौजूद थे केजरीवाल, दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में खुलासा: संजय सिंह और आतिशी के बयान बदलने को लेकर भी जाँच


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अपने पूर्व सचिव बिभव कुमार के साथ राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर हमले के बाद मौजूद थे। यह जानकारी दिल्ली पुलिस की चार्जशीट से निकल कर आई है। बिभव कुमार ने दिल्ली मुख्यमंत्री आवास में AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर हमला किया था।

आजतक की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस इस मामले में जाँच करके पता लगा रही है कि क्या स्वाति मालीवाल पर हमले के पीछे कोई बड़ी साजिश थी। दिल्ली पुलिस ने मामले के सभी एंगल को जाँचते हुए हाई कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में बताया गया है कि जब बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल को पीट दिया, उसके बाद CM केजरीवाल भी घटनास्थल पर आ गए। चार्जशीट में बिभव पर स्वाति मालीवाल को 7-8 चांटे मारने का आरोप लगा है।

दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि घटना के बाद AAP नेताओं ने अपने बयान बदले। दिल्ली पुलिस ने कहा कि AAP राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना ने पहले बिभव कुमार की निंदा की लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान अपने पुराने बयान को नहीं दोहराया और बिभव कुमार को बचाने का प्रयास किया। दिल्ली पुलिस इसी कारण से इस मामले में बड़ी साजिश का एंगल तलाश रही है।

पुलिस ने यह भी कहा है कि जहाँ मारपीट हुई, वहाँ के कुछ CCTV फुटेज मीडिया में जानबूझ कर लीक किए गए। दिल्ली पुलिस ने इसी के साथ उस ऑटो ड्राईवर का बयान भी इस घटना के विषय में लिया है, जिसने मारपीट के बाद स्वाति मालीवाल को CM आवास से उनके घर तक पहुँचाया था।

इससे पहले बिभव कुमार के CM आवास में मौजूद होने को लेकर कोर्ट ने भी प्रश्न उठाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने बिभव कुमार की इस मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि एक गुंडे की CM आवास में क्या जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने स्वाति मालीवाल पर हमले को लेकर बिभव कुमार से शर्म करने को कहा था और जमानत याचिका ठुकरा दी थी।

बिभव कुमार पर आरोप है कि उन्होंने 13 मई, 2024 को CM केजरीवाल से मिलने आई AAP की राज्यसभा सांसद से मारपीट की। स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया है कि उन पर बिभव कुमार ने हमला किया और उनको जमीन पर गिरा कर मारा। स्वाति मालीवाल ने कहा कि उनकी पिटाई के दौरान CM केजरीवाल के आवास में मौजूद लोगों ने उनकी मदद नहीं की।

दिल्ली : AAP मंत्री आतिशी पर मानहानि केस दर्ज, दिल्ली कोर्ट ने भेजा नोटिस

भारतीय जनता पार्टी के एक नेता की ओर से दायर मानहानि मामले में दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी को राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने आतिशी से कहा है कि वो 29 जून से पहले कोर्ट में हाजिर हों। इस समन को देख AAP मंत्री ने कहा है कि उन्होंने तो पहले ही कहा था कि उनकी गिरफ्तारी के लिए प्लानिंग की जा रही है। वहीं अरविन्द केजरीवाल ने भी आतिशी के खिलाफ समन जारी देख कहा है कि अब आतिशी को गिरफ्तार करने की कोशिश हो रही है।

जहाँ तक गिरफ़्तारी की बात है आतिशी और सौरभ का नाम तो तिहाड़ जाते समय केजरीवाल ने लिया। उस हिसाब से शराब घोटाले में इन दोनों से भी पूछताछ होनी चाहिए। राघव चड्ढा भी पीछे नहीं। कहते हैं कि राघव के बाहर जाने का असली कारण आँखों का इलाज नहीं बल्कि पैसे को ठिकाने लगाने की शंका व्यक्त की जा रही है, सच तो पूछताछ पर ही सामने आएगा। 

दूसरे, योगी के राज्य में विधायक अमानतुल्ला खान द्वारा पेट्रोल पंप पर गुंडागर्दी करने पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कार्यवाही करने पर फरार हो गया। पेट्रोल पंप स्टाफ को मारने की धमकी देने पर पुलिस स्टाफ के साथ खड़ी है, जबकि दिल्ली विधायक फरार, मुख्यमंत्री भी बचाव में नहीं खड़ा हो रहा। आखिर योगी की पुलिस से कब तक भागेगा?

केजरीवाल पार्टी ने hit and run पालिसी पर चलते आरोप पर आरोप लगा अपने आपको कट्टर ईमानदार और कमर्ठ साबित करते रहते हैं। जबकि हकीकत एकदम उलट होती है। अक्सर ये लोग कहते रहते हैं कि बीजेपी वाले हमारी सरकार को गिराने हमारे विधायकों को इतने करोड़ दे रहे हैं, लेकिन हमारे विधायक टूटने वाले नहीं। अब जो बीजेपी नेता ने केस दर्ज किया है, इसकी माफ़ी कोर्ट की चार दीवारी तक नहीं रहनी चाहिए, आरोपित नेता के खर्चे पर किसी भी दैनिक में प्रकाशित होनी चाहिए, ताकि जनता को भी मालूम हो कि केजरीवाल पार्टी किस तरह जनता को पागल बनाती है। वैसे बीजेपी को केजरीवाल पार्टी के किसी भी नेता को पार्टी में नहीं लेना चाहिए, वरना बीजेपी का भी पतन निश्चित है। 

ये मानहानि केस दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने उस बयान के खिलाफ किया है जिसमें आतिशी ने आरोप लगाया था कि भाजपा आम के विधायकों को पैसों का लालच दे रही है। कपूर ने ये मामला 30 अप्रैल को दायर करवाया था। इसमें कहा था आतिशी के बयान से उनकी पार्टी की छवि खराब होती है।

अपनी शिकायत में उन्होंने केजरीवाल के उस पोस्ट का भी जिक्र किया था जिसमें आप सुप्रीमो ने दावा किया था भाजपा आप के विधायकों को कॉन्टैक्ट करके 25 करोड़ के ऑफर दे रही है। वहीं आतिशी ने भी कहा था कि भाजपा ने उन्हें किसी बहुत करीबी के जरिए संपर्क किया। उस करीबी ने उनसे कहा था कि अगर राजनैतिक करियर बचाना है तो फिर भाजपा को ज्वाइन कर लो। वरना ईडी एक महीने में गिरफ्तार कर लेगी।

इसी बयान के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ। अब अरविंद केजरीवाल का इस मामले पर कहना है- “मैंने पहले कहा था कि वे अगली बार आतिशी को गिरफ्तार करेंगे। वे अब ऐसा करने इसी की तैयारी में है। पूरी तरह से तानाशाही है। पूरी तरह से तुच्छ और झूठे मामलों में, वे AAP के सभी नेताओं को एक-एक करके गिरफ्तार कर रहे हैं। अगर मोदी जी सत्ता में वापस आते हैं तो हर एक विपक्षी नेता को गिरफ्तार किया जाएगा। AAP महत्वपूर्ण नहीं है। हमारे प्यारे देश को तानाशाही से बचाना महत्वपूर्ण है।

जेल गया केजरीवाल तो “शुगर” का ड्रामा चलता रहा, जेल से बाहर आया तो स्वाति मालीवाल का लफड़ा कर दिया; इस आदमी को किसी तरह चैन नहीं है ; आतिशी का मुख्यमंत्री बनने की .000000001 प्रतिशत भी सम्भावना नहीं।

सुभाष चन्द्र

मुख्यमंत्री आवास में सांसद स्वाति मालीवाल के जो वीभत्स घटना हुई है मीलॉर्ड ने संज्ञान क्यों नहीं लिया अब तक। मीलॉर्ड ने ही कहा था कि वह habutal offender नहीं है। केजरीवाल के आवास में रहते किसी महिला के साथ मारपिटाई क्यों हुई? वह तो सांसद थी, इतना शोर मच भी गया, पता नहीं कितनों का शोषण हो चुका है। मीलॉर्ड इस तानाशाह प्रवत्ति के केजरीवाल को उसी वक़्त पहचान जाना चाहिए था, बल्कि सवाल करना था कि "गिरफ़्तारी उचित है या अनुचित" जेल जाने से पहले इस्तीफा क्यों नहीं दिया, जैसे लालू प्रसाद, हेमंत सोरेन आदि ने दिया था?

केजरीवाल ने जेल जाते ही रामायण और महाभारत मांगी थी। 

क्या कुछ पढ़ा होगा दोनों ग्रंथो में, वो ही जानता है रामायण में कहीं नहीं  लिखा कि दूसरे के घर में फूट डाल दो लेकिन केजरीवाल ने जमानत पर आते ही अगले ही दिन मोदी, योगी और शाह के बीच झगड़ा कराने की कोशिश की

लेखक 
चर्चित यूटूबर 
केजरीवाल ने कहा - “मोदी चुनाव के बाद योगी को हटा देंगे और अगले साल रिटायर होकर अमित शाह को प्रधानमंत्री बना देंगे।"

जाहिर है जवाब तो भाजपा को देना ही था और दिया अमित शाह ने कि मोदी जी PM रहेंगे 2029 तक और उसके बाद भी वही नेता रहेंगे

ये अमित शाह का जवाब पसंद नहीं आया “आप” को और संजय सिंह ने कहा कि केजरीवाल की बात का जवाब देने के लिए मोदी जी को आगे आना चाहिए 

यानी हर बात का जवाब मोदी देंगे, केजरीवाल क्या तानाशाह है? मोदी के आगे क्या है उसकी हैसियत? लेकिन केजरीवाल के घर पर उसके पूर्व PA बिभव कुमार ने महिला आयोग की 9 साल तक रही पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की बुरी तरह पिटाई की रामायण क्या पढ़ी फिर रावण ने सीता जी को हाथ नहीं लगाया लेकिन केजरीवाल ने घर बुला कर अपनी ही एक महिला नेता को पिटवा दिया। क्या यह सफेदपोशी गुंडागर्दी नहीं? 

30 घंटे बाद संजय सिंह का मुंह खुला और उसने कहा कि स्वाति के साथ CM के घर पर बहुत बुरा हुआ और इसके लिए विभव कुमार पर पार्टी कार्रवाई करेगी लेकिन मार्केट में खबरे चलीं कि केजरीवाल से बिना पूछे संजय बोला था जिसके लिए केजरीवाल बहुत खफा था और उसकी CLASS ली

13 तारीख की स्वाति की पिटाई के बाद आतिशी मार्लेना 4 दिन सन्नाटे में थी, कहीं कोई बयान नहीं था लेकिन परसों  प्रकट होकर स्वाति episode को भाजपा की साजिश बता दिया, आतिशी ने तो यहां तक कह दिया कि स्वाति पूरी तरह झूठ बोल रही है, उसकी कोई पिटाई नहीं हुई, उसको कोई चोट नहीं लगी वो भाजपा की साजिश के तहत CM हाउस गई और विभव कुमार पर झूठे आरोप लगा दिए आतिशी की बातों से साबित होता है कि केजरीवाल ने संजय की class ली थी

हर बात का जवाब मोदी से मांगने वाला केजरीवाल इस घटना पर खामोश है, वो नहीं बोला 5 दिन से बस आज(मई 18) धमकी देते हुए बोला है कि वो कल 12 बजे अपने और विपक्षी नेताओं के साथ भाजपा HO जाएगा, जिसको चाहें गिरफ्तार कर लें। पंजाब तो क्या दिल्ली से ही  उसके सारे विधायक और निगम पार्षद तक नहीं पहुंचे। इस अति गंभीर मुद्दे पर अंदरखाने पार्टी में ही द्वन्द चल रहा है। जो मई 19 को प्रदर्शन में सामने आ गया है। अगर मीडिया और पुलिस का जमावड़ा हटा दिया जाए, असलियत सामने आ जाएगी। लेकिन इतना तय है आतिशी का मुख्यमंत्री बनने की .000000001 प्रतिशत भी सम्भावना नहीं। 

आतिशी एक महिला होते हुए अपनी ही पार्टी की महिला नेता पर लांछन लगा कर ठीक नहीं कर रही मैं किसी के संबंधों पर comment नही करता लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि स्वाति के 9 साल महिला आयोग की अध्यक्ष रहना बताता है कि वह आतिशी के मुकाबले केजरीवाल के ज्यादा निकट थी। बेशर्मी से आधे-अधूरे वीडियो मत दिखाओ। CCTV फुटेज क्यों ख़त्म किये? किसने किये और क्यों? मालीवाल की चीखें सुन अरविन्द और सुनीता क्यों नहीं आए उसको बचाने? क्या यह कांड दोनों की मौजूदगी में हुआ? तुम भी एक महिला हो, पूछना चाहिए। याद करो, अब तक कितनी महिलाओं को अपमानित किया जा चुका है। 

जब केजरीवाल ने स्वाति की परवाह नहीं की और उसके घर में विभव कुमार के हाथों स्वाति की पिटाई हो गई तो आतिशी की तो कोई औकात है ही नहीं कल आतिशी का भी नंबर लग सकता है जो केजरीवाल के खिलाफ जाएगा उसे वो नहीं छोड़ेगा केजरीवाल को पता है उसके बाद कौन कौन शीश महल में घुसना चाहता है और ऐसे लोगों में आतिशी का नाम सबसे ऊपर है स्वाति के लिए तो बहुत विरोध हुआ आतिशी के लिए कौन बोलेगा?

विभव कुमार कल(मई 18) केजरीवाल के घर से गिरफ्तार हुआ है यह सबसे बड़ी मूर्खता की केजरीवाल ने, भला एक आरोपी को कोई CM लेवल का नेता अपने घर में कैसे protection दे सकता है? यह तो अपराधी को संरक्षण देने वाली बात हो गई जो अपने आप में एक अपराध है 

केजरीवाल अब भी मोदी जी को धमकी देते हुए कह रहा है - “जेल का खेल न खेलें PM मोदी, मेरे PA को भी गिरफ्तार कर लिया, ये PM है या थानेदार”? केजरीवाल जी अब तो थोड़ी होश की पी लो, चारों खाने चित हो मगर अकड़ संभाल कर रखी, जो पेड़ झुकते नहीं, वो कट जाते हैं

अब देखना है कि 2 जून को यदि यह वापस जेल गया तो क्या नया ड्रामा करेगा या फिर शुगर शुगर खेलेगा! 

दिल्ली : शराब और पानी घोटाले के बाद अब शुगर घोटाला : क्या घोटालों की जानकारी न दिए जाने पर सख्ती से बचने के लिए ड्रामा किया जा रहा है? पत्नी सुनीता परहेजी खाना न भेज क्यों अपने सुहाग की ज़िंदगी से खिलवाड़ कर रही है?क्या सुनीता को पति की ज़िंदगी प्यारी नहीं?

क्या बीजेपी के कंधे बन्दूक रख सुनीता को निशाना बनाया जा रहा है? 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। जेल से बाहर आने के लिए तरह-तरह के तिकड़म अपनाए जा रहे हैं। अब पता चला है कि जमानत के लिए उन्होंने एक नया हथकंडा अपनाया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपने नियमित डॉक्टर से सलाह लेने की केजरीवाल की याचिका दायर पर सुनवाई के दौरान ईडी ने बताया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को टाइप-2 डाइबिटीज है, लेकिन वह तिहाड़ जेल में आलू-पूड़ी, आम और मीठा खा रहे हैं। ईडी ने कहा है कि वह ऐसा जानबूझकर रहे हैं, जिससे कि उनका शुगर लेवल बढ़े और उन्हें मेडिकल के आधार पर जमानत मिल जाए। ईडी ने यह भी कहा है कि वह विशेष रूप से मीठा भोजन खा रहे थे। जिसकी किसी भी मधुमेह रोगी को अनुमति नहीं है। 

मधुमेह या कोई षड़यंत्र? 

केजरीवाल के तिहाड़ जाने के बाद से पार्टी में मुख्यमंत्री बनने की होड़ मची हुई है। शायद इसीलिए केजरीवाल मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ रहे। इसके पीछे भी एक गहरी साज़िश होने की शंका है। क्योकि केजरीवाल परिवार में ही कुर्सी रखना चाहते हैं। शायद इसी लिए केजरीवाल ने तिहाड़ जाते समय आतिशी और सौरभ का नाम लेकर कुर्सी से दूर करना चाहा हो? यह भी चर्चा है कि पार्टी में कुर्सी की भगदड़ मचती देख केजरीवाल सुनीता के लिए मुख्यमंत्री का रास्ता साफ करने पर आतिशी और सौरभ के नामों पर मोहर लगाकर इन दोनों को भी तिहाड़ में आने के मजबूर न कर दे। 

ऐसे में तिहाड़ प्रशासन को सख्त कार्यवाही करते हुए घर से आने वाले भोजन की जाँच करनी चाहिए। तिहाड़ प्रशासन क्या सो रहा है? जब किसी भी मधुमेह रोगी को तली चीजें, तेज मसाले, आलू, चुकंदर, मीठी चाय/कॉफ़ी, आम, खरबूजा, तरबूज, और किसी प्रकार का मिष्ठान मना होता है, फिर क्यों पूरी, आलू की सब्जी, आम आदि घर से आने पर किसी भी अनहोनी के होने में तिहाड़ प्रशासन और केजरीवाल की पत्नी के बीच किसी षड़यंत्र को रचे जाने की शंका हो सकती है। संभव हो वह शंका निराधार हो, फिर भी ED, CBI, जेल प्रशासन और कोर्ट्स आदि को सचेत रहने की जरूरत है। किसी उन्होने के होने पर ये सब सवालों के घेरे में आएंगे।  

तब घर का खाना की इजाजत देने वाली कोर्ट भी इन्ही सवालों का जवाब मांगेगी। वास्तव में अगर केजरीवाल मधुमेह रोगी है, फिर पत्नी से पूछना चाहिए कि क्यों बदपरहेजी खाना भेजा जा रहा है? क्या इसके पीछे कोई गहरा षड़यंत्र है? दिल्ली मंत्री आतिशी मार्लेना से पूछना चाहिए कि तिहाड़ जेल और बीजेपी को आरोपित करने से पहले अपने आका की पत्नी से क्यों नहीं पूछती कि जिस मधुमेह रोगी को 50 यूनिट insulin जाती हो, क्यों आलू की सब्ज़ी, पूरी और आम आदि क्यों भेज रही हो? क्या षड़यंत्र रच रही हो? मंत्री आतिशी को अपने पद की गरिमा बनाए रखने के लिए उप-राज्यपाल और तिहाड़ प्रशासन को केजरीवाल को मिलने ऐसे भोजन को तुरंत रोक, मधुमेह रोगी को दिए जाने वाला भोजन दिया जाये।      

सवाल यह है कि जब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को शुगर और बीपी है तो उन्हें घर से इस तरह का खाना क्यों भेजा जा रहा है? डाइट चार्ट से ये भी पता चलता है कि केजरीवाल नियमित रूप से आलू-पूड़ी, केला, आम और मीठा खा रहे हैं। ऐसे में केजरीवाल से जुड़ी ये खबर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है। लोग इसी के बारे में चर्चा कर रहे हैं।

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“सावरकर को कोसने वाले केजरीवाल’ वो काला पानी में “कोल्हू के बैल” बनकर भी बीमार नहीं हुए और केजर

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“सावरकर को कोसने वाले केजरीवाल’ वो काला पानी में “कोल्हू के बैल” बनकर भी बीमार नहीं हुए और केजर
सुभाष चन्द्र दिल्ली का राजा केजरीवाल खुलकर वीर सावरकर की निंदा करता रहा है लेकिन उसे पता नहीं कि उन्होंने अपने 11 सा...

“सावरकर को कोसने वाले केजरीवाल’ वो काला पानी में “कोल्हू के बैल” बनकर भी बीमार नहीं हुए और केजरीवाल तिहाड़ में 4 दिन में ही “शुगर” को रोता फिर रहा है ; क्या पत्नी सुनीता केजरीवाल ही शुगर पीड़ित को बदपरेजी खाना देकर स्लो पाइजन दे रही है जाँच जरुरी है

सुभाष चन्द्र 

दिल्ली का राजा केजरीवाल खुलकर वीर सावरकर की निंदा करता रहा है लेकिन उसे पता नहीं कि उन्होंने अपने 11 साल के “काला पानी” के कारावास में “कोल्हू का बैल” बन कर भी कभी बीमारी का रोना नहीं रोया लेकिन केजरीवाल 4 दिन की तिहाड़ यात्रा में ही “शुगर” “शुगर” चिल्लाने लगा और नए नए प्रपंच रच रहा है। 

लगता है उलटे-पुल्टे बयानबाज़ी देकर केजरीवाल पार्टी बस मीडिया की सुर्ख़ियों में बने रहने की बड़ी जबरदस्त ट्रेनिंग ली हुई है। समाचारों के अनुसार आतिशी का कहना है कि 'केजरीवाल 12 साल की उम्र से insulin ले रहे है', 'जेल जाने से पहले 50 यूनिट इन्सुलिन लेते थे' आतिशी किसको पागल बना रही है। 50 यूनिट का मतलब जानती भी है या नहीं। लगता है आतिशी केजरीवाल के जेल जाने से पागल हो गयी है, जिसका इलाज करवाना बहुत जरुरी है। आतिशी बताए केजरीवाल को कितनी शुगर रहती थी, जो 50 यूनिट इन्सुलिन लेनी पड़ती थी। आतिशी पागल मत बनाओ, 50 यूनिट insulin लेने वाला एक घंटे भी भूखा नहीं रह सकता, बार-बार पेशाब आता है।  रामलीला ग्राउंड में भूख हड़ताल क्या एक नाटक था? लगता है पेशाब के बहाने जाकर कुछ खा-पीकर मंच पर बैठता था केजरीवाल? 

उसकी पार्टी “आप” और उसके नेता रोज नए बहाने बना कर ED, भाजपा और जेल प्रशासन पर हमले कर रहे हैं और अब केजरीवाल की हत्या की साजिश बता रहे हैं, केजरीवाल को Insulin न देकर उसे Slow Death की तरफ ले जाने की कोशिश की जा रही है जबकि केजरीवाल को Type-2 Diabetes है, ऐसा भी आरोप लगा रहे हैं

लेखक 
जैसा भोजन केजरीवाल ले रहा हैं वह तो स्वयं ही उसका शुगर लेवल बढ़ा सकता है और जितना भोजन वो ले रहा है उतना तो 2-3 लोग खा सकते हैं, इतना खा कर तो शरीर की पूरी activity होनी चाहिए जो जेल में रह कर नहीं हो सकती एक घोषणापत्र केजरीवाल से जेल प्रशासन को लेना चाहिए था कि वह घर से आया जो भोजन ग्रहण कर रहा है उसके किसी भी प्रभाव के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा

Type-2 Diabetes के लक्षणों में प्यास ज्यादा बढ़ जाती है, बार बार पेशाब आता है, भूख ज्यादा लगती है, थकान होती है और आंखों से धुंधला दिखाई देता है इसके उपचार के लिए Diet, exercise, medication और Insulin therapy शामिल है

ऐसी शुगर की तकलीफ केजरीवाल को है और वो पिछले 12 साल से Insulin ले रहा है, ऐसा कभी सुना नहीं गया थकान तो कभी देखी नहीं गई जो चुनाव प्रचार करता फिरता है और मोदी को गाली देता फिरता है उसकी आंखो में धुंधलापन कैसे हो सकता है जब दूर से देख कर मोदी की डिग्री को फर्जी बता सकता है और जब insulin लेना शुरू किया 12 साल पहले तब तो कांग्रेस और भाजपा नेताओं के खिलाफ सबूत प्रेस में दिखा देता था

अब Diet में व्यक्ति मीठा तबियत से खाएगा तो कैसे उपचार होगा और उसकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ही उसे घर के भोजन में मिठाइयां भेजती है तो Slow Death की तरफ तो केजरीवाल खुद जा रहा है और पत्नी उसमे उसकी मदद कर रही है इस तरह तो सुनीता केजरीवाल कानूनी प्रक्रिया में रोड़े भी अटका रही है

एक बात तय है कि यदि केजरीवाल शुगर बढ़ा कर जमानत लेने की फिराग में है तो वह ऐसा करने से और भी कुछ बीमारीयों से ग्रस्त हो सकता है केवल बढ़ी हुई शुगर के आधार पर तो जमानत नहीं मिल सकती क्योंकि बढ़ी हुई शुगर होते हुए जब वह सभी कामकाज कर रहा था तो फिर ऐसी बढ़ी शुगर के साथ (यदि बढ़ी हुई है) तो वह जेल में भी रह सकता है जैसे जेल में रहने से शुगर बढ़ी हुई है, वैसे तो जेल के बाहर भी बढ़ी हुई होगी फिर जमानत क्यों?

अब कोर्ट को चाहिए कि वह केजरीवाल के लिए special medical board बना कर उसका diet chart बनवा दे और उस चार्ट के अनुसार ही उसे भोजन दिया जाए, वह चाहे जेल का बावर्ची बनाए या उसके घर से आए लेकिन उस चार्ट से बाहर रत्ती भर भी कुछ न दिया जाए

ऐसे कलाकार हैं विपक्ष के हिंदुद्रोही नेता, एक सावन के महीने में दिखा दिखा कर मटन खाता है और दूसरा मछली खाता है वीडियो बना कर और दिखा कर हिंदुओं को चिढ़ाता है और ये तीसरा केजरीवाल है जो नवरात्रों में अंडे खाता है इन लोगों को ईश्वर का डर नहीं लेकिन किसी को विश्वास है ईश्वर इनको देख रहा है 

“शीश महल” के लिए कुछ भी करेगा ; चाहे चक्कू छुरियां चलें या पार्टी स्वाहा हो, केजरीवाल खुद फंसेगा तो किसी को नहीं छोड़ेगा

सुभाष चन्द्र

तिहाड़ जेल की यात्रा तो हर हाल में शुरू होनी थी, यह केजरीवाल को पता था लेकिन पिछले 10 दिन से जिस बात के लिए मुंह बंद किए बैठा था, वह अचानक जेल जाने से पहले कह दी।  शायद 28 मार्च को कोर्ट में यही खुलासा करने के लिए सुनीता केजरीवाल कह रही थी जो उस दिन न करके आज किया जब कल 31 मार्च को रामलीला ग्राउंड से सुनीता को “लांच” कर दिया। 

जिस विजय नायर के लिए केजरीवाल ने शराब घोटाले में लिप्त और मुख्य कर्ताधर्ताओं से कहा था कि “विजय नायर मेरा आदमी है, इस पर भरोसा करना” वह नायर भला कैसे हो सकता है कि केजरीवाल को कुछ रिपोर्ट न करता हो, Officially न करता हो, Informally तो करता ही रहा होगा और आज केजरीवाल ने पल्ला झाड़ लिया ये कह कर कि विजय नायर आतिशी मारलेना और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था मुझे नहीं

लेखक 
इतना जरूर है कि केजरीवाल ने अप्रत्यक्ष रूप से शराब घोटाला हुआ है। आतिशी और सौरभ का नाम बड़ी सोंची-समझी रणनीति में केजरीवाल ने नाम लिया है, शायद इनके नाम लेने से तिहाड़ जाने से बच जाऊं। लेकिन सुबह से अटकलों का बाजार बहुत ज्यादा गर्म था कि आज केजरीवाल हरहाल में तिहाड़ जायेगा, जो सामने आ गया। 

दूसरे, अपने electronic devices के पासवर्ड न बताने का भी बहुत बड़ा कारण है, संभव है इन divices में केजरीवाल परिवार के घोटाले छुपे हो सकते हैं। बेटे के जिम घोटाले की बीच में चर्चा तो चली थी, लेकिन पता नहीं किस कारण से वह वह घोटाला दब गया या फिर दबवा दिया गया।   

केजरीवाल कुछ भी कहता रहे, सरकार का मुखिया होने के नाते हर काम की जिम्मेदारी उसी की मानी जाएगी और के कविता इसके बारे में खुलकर बता भी चुकी है

आतिशी केजरीवाल के जेल जाने के समय से पापड़ बेल रही थी कि कब केजरीवाल Resign करे और कब मैं मुख्यमंत्री बन कर “शीश महल” से राज करूं लेकिन केजरीवाल अपनी पत्नी सुनीता को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जुगाड़ लगा रहा था और इसलिए ही त्यागपत्र नहीं दे रहा कि जैसे ही सुनीता गद्दीनशीन हो, “शीश महल” पर कब्ज़ा बरक़रार रहे। 

केजरीवाल के दिमाग में आतिशी और सौरभ ही कुछ हद तक दो ऐसे मंत्री हैं जो मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए सुनीता को चुनौती दे सकते हैं, बाकी तो जेल में हैं और इसलिए केजरीवाल ने इन दोनों का नाम लेकर कोर्ट में उन्हें फंसा दिया। अब इन दोनों को ED का निमंत्रण आना तय ही समझो

आज प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और कुमार विश्वास भगवान को कह रहे होंगे कि अच्छा हुआ कज्जू ने हमें पार्टी से निकाल दिया, वरना हम भी तिहाड़ जाने की पंक्ति में खड़े होते। 

केजरीवाल की “malafide intention” को यदि आतिशी और सौरभ और पार्टी में तीसमारखाँ समझने वाले अब भी नहीं समझते तो उनसे बड़ा मूर्ख कोई हो नहीं सकता, हालांकि आतिशी ने कुछ खुलासा करने की बात कही है। हो सकता है वह केजरीवाल के खिलाफ कुछ न कहे बस इतना दावा करे कि विजय नायर मुझे रिपोर्ट करता था और वह रिपोटिंग केजरीवाल तक भेजने के लिए होती थी, मैं तो केजरीवाल और नायर बीच एक माध्यम थी और ऐसा ही सौरभ के साथ था

इसके अलावा उसे और सौरभ को जो भी कहना है वो ED के सामने खुलकर कह सकते हैं क्योंकि ED के सामने दिया हुआ बयान एक गवाही होता है। 

प्रथम दृष्टया तो लग रहा है कि केजरीवाल की लंका में आग लगने वाली है। कम से कम 25 लोग ऐसे हैं जिनमें कई तो पार्टी के संस्थापक थे, जिन्हे केजरीवाल ने पार्टी से निपटा दिया। उनमे अब आतिशी और सौरभ का भी नाम जुड़ने वाला है। केजरीवाल कहता था कांग्रेस ने इतने घोटाले किए लेकिन हर मामले में मनमोहन सिंह को आगे कर दिया और माल पीछे वाले खा गए

केजरीवाल ने भी यही किया कि सब घोटाले करके आगे अपने मंत्रियों को कर दिया खुद कहीं साइन नहीं किए और माल भी कमा गया पता नहीं कितना। कांग्रेस के बहुत लोगों पर मुक़दमे चले हैं मगर फिर भी बचे हुए हैं लेकिन केजरीवाल जल्दबाजी में मूर्खता कर गया जो मंत्रियों समेत लपेटे में आ गया। 

सीढ़ियों से आदमी बिल्डिंग की 10  मंजिल चढ़ने में समय लगाता है लेकिन यदि मंजिल पर पहुंच कर रपट जाए तो पृथ्वी पर आने में कुछ ही समय लगता है। केजरीवाल को यह समझ नहीं आया और भ्रष्टाचार से कमाने की लालसा ने उसे ऊपर तो पहुंचा दिया लेकिन उसे पता नहीं था कि उससे भी जल्दी नीचे आ जाएगा

एक बात विचित्र है - सिसोदिया केजरीवाल के मंत्रिमंडल में No 2 पर था लेकिन है जेल No 1 में और केजरीवाल No 1 leader है परंतु रहेगा जेल No 2 में।  

‘आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था विजय नायर’: ED के सामने केजरीवाल ने दो मंत्रियों के लिए नाम, कोर्ट में खुलासे के बाद सुनीता का मुँह ताकने लगे मंत्री

नामों के खुलासे होते ही चेहरों पर घबराहट 
दिल्ली शराब घोटाले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में सोमवार (1 अप्रैल 2024) को सुनवाई हुई। कोर्ट ने केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बताया कि पूछताछ में सीएम केजरीवाल ने अपने दो मंत्री सौरभ भारद्वाज और आतिशी का नाम लिया है। ED ने कोर्ट में पहली बार इन दोनों का नाम लिया है। 
अब संभावनाएं यह व्यक्त की जा रही कि आतिश और सौरभ केजरीवाल, मनीष,संजय और सत्येंद्र की तरह तिहाड़ जाने से पहले ही केजरीवाल के बेटे के घोटाले को उजागर कर सकते हैं। जिसकी आग सुनीता केजरीवाल और बेटी पर भी आ सकती है।   

ED ने अदालत को बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूछताछ में बताया कि घोटाले का आरोपित विजय नायर सौरभ भारद्वाज और आतिशी को रिपोर्ट करते थे। जब ED यह बात कह रही थी, तब कोर्ट रूम में मौजूद अरविंद केजरीवाल चुप थे। इससे पहले 5 अक्टूबर 2023 को सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी कोर्ट में यही बात कही थी।

दरअसल, इससे पहले 28 मार्च 2024 को राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीएम केजरीवाल ने लंबा-चौड़ा भाषण दिया था। उनके खिलाफ ED ने सी अरविंद के बयान का हवाला दिया था। इसको लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कोर्ट रूम में कहा था, मेरे घर पर ढेरों मंत्री आते रहते हैं। वो आपस में खुसुर-फुसुर करते रहते हैं, डॉक्युमेंट्स देते हैं।” उन्होंने पूछा था कि क्या ये बयान एक वर्तमान मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त है।

ED की ओर से कोर्ट में पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने दलील दी कि विजय नायर सीएम केजरीवाल के करीबी रहे हैं। उन्होंने सीएम कैंप कार्यालय में भी काम किया है। हालाँकि, सीएम केजरीवाल इसका जवाब देने से बचते रहे कि नायर ने सीएम कैंप कार्यालय में काम करने वाले लोगों के बारे में जानकारी नहीं होने का दावा क्यों किया था।

ED जब कोर्ट में आतिशी और सौरभ भारद्वाज का जिक्र कर रही थी, तब भारद्वाज वहीं मौजूद थे। वे अपना नाम सुनकर चौंक गए। भारद्वाज ने अपने साथ खड़ी अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल की तरफ देखा। इस दौरान सुनीता केजरीवाल ने भी सौरभ भारद्वाज की तरफ देखा। 

इससे पहले मनीष सिसोदिया की मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने 5 अक्टूबर 2023 को इस बात का जिक्र किया था। सिंघवी ने कोर्ट को बताया था कि विजय नायर सौरभ भारद्वाज और आतिशी को रिपोर्ट करता था। सीएम केजरीवाल को नहीं।

विजय नायर कुछ साल तक आम आदमी पार्टी (AAP) के कम्युनिकेशन प्रभारी रहे हैं। वो एंटरटेनमेंट जगत के जाना-माना नाम हैं। नायर ने इंडी बैंड्स (Indie bands) के लिए मैनेजमेंट कंपनी OML यानी ओनली मच लाउडर शुरू की थी। बाद में उन्होंने स्टैंडअप कॉमेडी और लाइव म्यूजिक शो पर फोकस किया। ये एक एंटरटेनमेंट और इवेंट मीडिया कंपनी है।

विजय नायर इसके सीईओ और डायरेक्टर रहे हैं। साल 2018 में विजय नायर का नाम विवादों में तब आया, जब #MeToo कैंपेन के दौरान उन पर आरोप लगे। हालाँकि, कंपनी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। CBI की FIR में कहा गया है कि मनीष सिसोदिया के सहयोगी अर्जुन पांडे ने शराब कारोबारी समीर महेंद्रू से 2 से 4 करोड़ रुपए लिए थे, जो विजय नायर की ओर से ली गई थी।


दिल्ली : तिहाड़ी हुए अरविंद केजरीवाल: शराब घोटाले में 15 अप्रैल तक के लिए जेल, ED ने बताया- पूछताछ में नहीं कर रहे हैं सहयोग; आतिशी का लिया नाम

शराब घोटाला मामले में जेल में बंद दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत आज 15 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट को बताया था कि केजरीवाल उन्हें पूछताछ में समर्थन नहीं कर रहे हैं। इसके बाद अदालत ने उनकी हिरासत को बढ़ा दिया। अब बताया जा रहा है कि तिहाड़ जेल के नंबर पाँच में रहेंगे

जानकारी के मुताबिक ईडी ने कोर्ट से कहा था, “हम अरविंद केजरीवाल की ज्यूडिशियल कस्टडी की माँग करते हैं। केजरीवाल हमें कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं। वो हमें गुमराह कर रहे हैं। इन्होंने हमें बताया कि विजय नायर इन्हें नहीं रिपोर्ट करते हैं। आतिशी को करते हैं।”

ईडी ने यह भी बताया कि केजरीवाल अपने फोन का पासवर्ड नहीं शेयर कर रहे हैं इसलिए ईडी इनकी कस्टडी की माँग करती है। जाँच एजेंसी ने कस्टडी माँगते हुए अदालत को यह भी दलील दी कि वो एक मोबाइल फोन से डेटा निकाला गया है और उसका एनालिसिस कर रहे हैं।

इसके अलावा ईडी ने यह भी बताया कि उन्हें केजरीवाल के घर की तलाशी के दौरान 4 डिजिटल डिवाइस मिले थे। जब सीएम से इसका पासवर्ड माँगा गया तो उन्होंने इसे देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अपने वकीलों से बात करने के बाद ही वो शेयर करेंगे।

उल्लेखनीय है कि जहाँ अरविंद केजरीवाल की हिरासत 15 दिन और बढ़ गई है। वहीं केजरीवाल ने जेल में रहने के लिए तीन किताबों की माँग की है। उन्होंने इसमें रामायण, महाभारत और पत्रकार नीरजा चौधरी द्वारा लिखित हाऊ प्राइम मिनिस्टर डिसाइड की माँग की है। इससे पहले उन्होंने दवा, स्पेशल डाइट और किताब देने की माँग की थी।

इस मामले के अलावा केजरीवाल से जुड़ा एक अन्य मामला कोर्ट में सुना गया। यह केस उनके द्वारा जेल से जारी किए गए सरकारी आदेश से संबंधित था। हालाँकि एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने सुनवाई करते हुए उसकी याचिका को खारिज कर दिया।

इस बीच केजरीवाल की एक वीडियो भी सामने आई है। इस वीडियो में केजरीवाल कोर्ट में जाते हुए कहते हैं- जो पीएम मोदी कर रहे हैं वो देश के लिए अच्छा नहीं है। 


अपने ही जाल में फंस रहा केजरीवाल; पानी, अस्पतालों की समस्या एक दिन में बिगड़ गई क्या?

सुभाष चन्द्र

अरविन्द केजरीवाल ने एक बार कहा था कि "मै anarchy हूँ", पहले भी कई बार ऐसी हरकतें करता रहा है, और अब ED की हिरासत में रहकर। दिल्ली की जनता ने ऐसे उपद्रवी मानसिकता वाले को अपना मुखिया चुना, जो इन्ही का भविष्य घोर संकट में डाल रहा है। कहावत है 'हम तो डूबेंगे सनम, तुमको भी लेकर डूबेंगे' को साबित कर रहा है केजरीवाल। या कहा जाये कि 'जब सियार की मौत आती है, शहर की तरफ भागता है।     

केजरीवाल जैसी हरकतें कर रहा है ED की custody में रह कर वो उसी के लिए मुसीबत बन जाएगी इसमें कोई शक नहीं है। जो मोबाइल नहीं संभाल सका, उसने दिल्ली का क्या किया होगा 

लेखक 
शीश महल पर रेड के बाद 21 मार्च को केजरीवाल गिरफ्तार हुआ और 22 मार्च को कोर्ट ने उसे ED की custody में भेज दिया 28 मार्च तक के लिए

23 मार्च को केजरीवाल की पत्नी उसे ED की custody में मिलती है और अगले दिन 24 मार्च को केजरीवाल का पत्र जनता के नाम मीडिया के सामने केजरीवाल की मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ कर पढ़ती है जबकि न वो कोई मंत्री है और न किसी ओहदे पर है सरकार में

24 मार्च को ही आतिशी मार्लेना केजरीवाल के Custody से उसके नाम जारी किया हुआ आदेश मीडिया में सुनाते हुए भावुक हो कर कहती है कि केवल केजरीवाल जी ही ऐसे व्यक्ति हैं जो कैद में रहते हुए भी जनता की चिंता कर सकते हैं केजरीवाल ने आतिशी को कहा दिल्ली के कई इलाकों में लोगों को पानी की समस्या हो रही है जिसे तुरंत देखिए 

26 मार्च को केजरीवाल का एक और कथित आदेश सौरभ भारद्वाज के नाम जारी हुआ जो खुद सौरभ ने पढ़ कर सुनाया कि मोहल्ला clinics और सरकारी अस्पतालों में दवाइयों और tests के गंभी समस्याएं हैं और इस पर तुरंत कार्रवाई करो जिससे जनता को कोई समस्या न हो 

अब ये दोनों कार्यालय आदेश केजरीवाल ने sign नहीं किए जिससे साफ़ पता चलता है कि आतिशी और सौरभ ने खुद ये फर्जी पत्र केजरीवाल के नाम से बनाए क्योंकि केजरीवाल को कोई computer नहीं दिया गया और ये पत्र computer पर type किए गए हैं

केजरीवाल हो सकता है सुनीता को दिया पत्र और आतिशी/सौरभ को दिए पत्र गिरफ्तार होने से पहले ही कह गया हो कि ऐसे पत्र जारी कर देना या जो बड़े बड़े नौकरशाह (रिटायर्ड) जो feed back unit में काम करते रहे हैं, उन्होंने लिखे हों लेकिन केजरीवाल यह भूल गया कि इन पत्रों को जारी करना तो Custody में रह कर ही माना जाएगा

फिर केजरीवाल यह भी भूल गया कि पानी और अस्पतालों/मोहल्ला क्लीनिक की दुर्दशा बता कर वह अपने ही मंत्रियों को निकम्मा साबित कर रहा है क्योंकि उसके कहने का मतलब है कि 21 मार्च तक जब तक मैं था, तब तक कोई समस्या नहीं थी और 2 दिन में आतिशी ने पानी की व्यवस्था बिगाड़ दी और सौरभ ने 4 दिन में अस्पतालों का बेड़ा गर्क कर दिया

पानी की समस्या इसलिए बता रहा है कि जेल जाने पर पता नहीं कैसा पानी मिले और फिर जाना भी सरकारी अस्पताल में पड़ेगा

जेल से सरकार चलाने का भूत जल्दी उतरेगा क्योंकि सब पर जल्द जांच में धोखाधड़ी का केस बना देगी ED और सारे अपने ही जाल में फंस जाएंगे

यह फर्जीवाड़ा Constitutional machinery का ध्वस्त होना माना जा सकता है और सरकार को बर्खास्त किया जा सकता है जबकि यदि केजरीवाल त्यागपत्र देता है और किसी को कुर्सी सौंप देता है तो “आप” की हुकूमत शायद चलती रहे

एक मामला जो बहुत गंभीर मोड़ पर पहुँच सकता है वह है ED के अधिकारियों की जासूसी का जिसके लिए हो सकता है देशद्रोह का भी केस चल जाए एक खबर के मुताबिक केजरीवाल ने अपनी FeedBack Unit में 15 से ज्यादा रिटायर्ड नौकरशाहों के जरिए यह जासूसी कराई थी और जिनकी जासूसी की गई उनमे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज, वकील, नौकरशाह, तीनो सेना के अधिकारी और विपक्ष के नेता शामिल थे इसकी जांच CBI पहले ही कर रही है मजे की बात है इस कलाकार CM ने इज़रायल को Military Grade Snooping Device का order भी दिया था खरीदने के लिए जो उस कंपनी ने देने से मना कर दिया था

जो रिटायर्ड नौकरशाह इस  Feedback Unit में काम कर रहे थे, उन पर तुरंत रेड होनी चाहिए और मामले की गंभीरता को देखते हुए हो सके तो उनकी पेंशन रोक देनी चाहिए

दिल्ली : अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करेगी ED: मंत्री आतिशी ने बाँच दिया ‘भविष्य’, शराब घोटाले में होनी है पूछताछ

                                                                                       साभार: News18 & Telegraph India
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने दावा किया है कि 2 नवम्बर 2023 को आम आदमी पार्टी के मुखिया एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) गिरफ्तार कर लेगी। उन्होंने यह दावा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया है। दरअसल, केजरीवाल को ED ने 2 नवम्बर 2023 को घराब घोटालेे में पूछताछ के लिए बुलाया है।

PMLA (प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत ED द्वारा जारी किए गए समन पर आतिशी ने कहा, “2 नवम्बर को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल को समन किया है। हर तरफ से खबर आ रही है कि 2 नवम्बर को जब अरविन्द केजरीवाल को बुलाएँगे, तब ED उन्हें भी गिरफ्तार करके जेल में डाल देगी।”

आतिशी ने आगे कहा, “आज भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाहते हैं। यही कारण है कि झूठे आरोप बनाकर और केस लगाकर आम आदमी पार्टी के नेताओं को एक-एक करके गिरफ्तार किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि केजरीवाल को इसलिए गिरफ्तार किया जाएगा, क्योंकि वो प्रधानमंत्री के खिलाफ बोलते हैं।

आतिशी ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ED अरविन्द केजरीवाल को गिरफ्तार करने के बाद I.N.D.I.A गठबंधन के अन्य नेता जैसे कि झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, केरल के सीएम पिनाराई विजय और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के लिए ED और CBI का दुरुपयोग किया जाएगा।

हालाँकि, अभी आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई सूचना नहीं है कि अरविद केजरीवाल को गिरफ्तार किया जाएगा। उनके विरुद्ध कोई वारंट भी नहीं जारी हुआ है। उन्हें ED शराब घोटाला मामले में हुई पैसों की हेराफेरी को लेकर पूछताछ करने के लिए बुला रही है। हालाँकि, आतिशी गिरफ्तार की आशंका को देखते हुए पहले ही आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं।

शराब घोटाले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को पहले ही ED गिरफ्तार कर चुकी है। मनीष सिसोदिया को शराब घोटाला मामले में 9 मार्च 2023 को लम्बी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से वह जेल में बंद हैं। तब से कोर्ट भी उन्हें जमानत देने से इनकार करता आ रहा है। 

क्या दिल्ली में अब फ्री नहीं मिलेगी बिजली? 10% तक एक्स्ट्रा चार्ज का ठीकरा AAP ने केंद्र पर फोड़ा, फिर फ्री बिजली का लाभ बीजेपी को क्यों नहीं?

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का एक सिद्धांत है "मीठा-मीठा गपगप और कड़वा बीजेपी", अब कोई इनसे पूछे कि अगर कड़वा बीजेपी का फिर मीठा तुम्हारा क्यों? दूसरे, जब बिजली महँगी होने के लिए बीजेपी जिम्मेदार है, फिर फ्री बिजली का क्रेडिट क्यों लेते रहे? क्यों दिल्ली की जनता को मूर्ख बना रहे हो?  

दिल्ली में बिजली महंगी हो गई है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने बिजली कंपनियों को इसकी इजाजत दे दी है। AAP ने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं बीजेपी ने इसे बिजली कंपनियों और केजरीवाल सरकार के बीच मिलीभगत का परिणाम बताया है।

दिल्ली में बिजली वितरण की जिम्मेदारी BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL), BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL), नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) और टाटा पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDL) के पास है। 10 प्रतिशत तक एक्स्ट्रा चार्ज लेने की जो इजाजत मिली है उससे टाटा पावर के उपभोक्ता बेअसर रहेंगे। BYPL के उपभोक्ताओं पर 9.42%, BRPL के उपभोक्ताओं पर 6.39% और NDMC के उपभोक्ताओं पर 2% अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।

दिल्ली की ऊर्जा मंत्री आतिशी मार्लेना ने कहा है कि 200 यूनिट तक फ्री बिजली वाली स्कीम अब भी जारी रहेगी। यानी जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल जीरो आ रहा था उन पर भी इस फैसले का बोझ नहीं पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार हर महीने 200 यूनिट बिजली की खपत पर 100 प्रतिशत और 201 से 400 यूनिट मासिक खपत पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी देती है।

आतिशी मार्लेना ने बिजली की बढ़ी हुई कीमतों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा, “दिल्ली में बिजली की कीमत बढ़ रही है तो इसके पीछे सिर्फ और सिर्फ केंद्र सरकार है। केंद्र सरकार के मिस मैनेजमेंट की वजह से देश में कोयले की कीमत बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने कहा है कि कोयला खरीदने वाली कंपनियों को 10 प्रतिशत विदेशी कोयला भी खरीदना होगा। विदेशी कोयले की कीमत भारत के कोयले से करीब 10 गुना अधिक है।”

 बिजली की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर दिल्ली बीजेपी प्रवक्ता हरीश खुराना ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने AAP और बिजली कंपनियों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा है, “दिल्ली में बिजली महँगी हो गई है। यह सब दिल्ली सरकार और बिजली कंपनियों की मिलीभगत से हो रहा है। दिल्ली सरकार कह रही है कि यह हर गर्मी में होता है। उपभोक्ताओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हर तिमाही में बढ़ जाते हैं फिर घट जाते हैं। लेकिन अरविंद केजरीवाल ने जून 2022 में पॉवर परचेज एग्रीमेंट 16% से बढ़ाकर 22% कर दिया और वह आज तक है। अब 22% से 29% कर रहे हैं। यह दिल्ली की जनता की मेहनत की कमाई पर सीधा हमला है।”

वहीं, कॉन्ग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने केजरीवाल सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि हाथ के दाँत दिखाने और खाने के अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा, “केजरीवाल सरकार ने कहा था कि आम आदमी को हम सस्ती बिजली मुहैया कराएँगे। लेकिन अब हाथ खड़े कर दिए। सरकार का यह कहना कि यह नियमित प्रक्रिया है, गले के नीचे नहीं उतर रहा। मैं सीएम केजरीवाल से अनुरोध करूँगा कि इसे स्वीकार न करें। दिल्ली की आम जनता को खासतौर से वेतनभोगी, छोटे और गरीब लोगों पर जो बोझ बढ़ेगा उनको ध्यान में रखते हुए सरकार ये बढ़ोतरी स्वीकार न करे। बिजली की कीमतें वही रहने दें।”