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“शीश महल” के लिए कुछ भी करेगा ; चाहे चक्कू छुरियां चलें या पार्टी स्वाहा हो, केजरीवाल खुद फंसेगा तो किसी को नहीं छोड़ेगा

सुभाष चन्द्र

तिहाड़ जेल की यात्रा तो हर हाल में शुरू होनी थी, यह केजरीवाल को पता था लेकिन पिछले 10 दिन से जिस बात के लिए मुंह बंद किए बैठा था, वह अचानक जेल जाने से पहले कह दी।  शायद 28 मार्च को कोर्ट में यही खुलासा करने के लिए सुनीता केजरीवाल कह रही थी जो उस दिन न करके आज किया जब कल 31 मार्च को रामलीला ग्राउंड से सुनीता को “लांच” कर दिया। 

जिस विजय नायर के लिए केजरीवाल ने शराब घोटाले में लिप्त और मुख्य कर्ताधर्ताओं से कहा था कि “विजय नायर मेरा आदमी है, इस पर भरोसा करना” वह नायर भला कैसे हो सकता है कि केजरीवाल को कुछ रिपोर्ट न करता हो, Officially न करता हो, Informally तो करता ही रहा होगा और आज केजरीवाल ने पल्ला झाड़ लिया ये कह कर कि विजय नायर आतिशी मारलेना और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था मुझे नहीं।

लेखक 
इतना जरूर है कि केजरीवाल ने अप्रत्यक्ष रूप से शराब घोटाला हुआ है। आतिशी और सौरभ का नाम बड़ी सोंची-समझी रणनीति में केजरीवाल ने नाम लिया है, शायद इनके नाम लेने से तिहाड़ जाने से बच जाऊं। लेकिन सुबह से अटकलों का बाजार बहुत ज्यादा गर्म था कि आज केजरीवाल हरहाल में तिहाड़ जायेगा, जो सामने आ गया। 

दूसरे, अपने electronic devices के पासवर्ड न बताने का भी बहुत बड़ा कारण है, संभव है इन divices में केजरीवाल परिवार के घोटाले छुपे हो सकते हैं। बेटे के जिम घोटाले की बीच में चर्चा तो चली थी, लेकिन पता नहीं किस कारण से वह वह घोटाला दब गया या फिर दबवा दिया गया।   

केजरीवाल कुछ भी कहता रहे, सरकार का मुखिया होने के नाते हर काम की जिम्मेदारी उसी की मानी जाएगी और के कविता इसके बारे में खुलकर बता भी चुकी है।

आतिशी केजरीवाल के जेल जाने के समय से पापड़ बेल रही थी कि कब केजरीवाल Resign करे और कब मैं मुख्यमंत्री बन कर “शीश महल” से राज करूं लेकिन केजरीवाल अपनी पत्नी सुनीता को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जुगाड़ लगा रहा था और इसलिए ही त्यागपत्र नहीं दे रहा कि जैसे ही सुनीता गद्दीनशीन हो, “शीश महल” पर कब्ज़ा बरक़रार रहे। 

केजरीवाल के दिमाग में आतिशी और सौरभ ही कुछ हद तक दो ऐसे मंत्री हैं जो मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए सुनीता को चुनौती दे सकते हैं, बाकी तो जेल में हैं और इसलिए केजरीवाल ने इन दोनों का नाम लेकर कोर्ट में उन्हें फंसा दिया। अब इन दोनों को ED का निमंत्रण आना तय ही समझो।

आज प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और कुमार विश्वास भगवान को कह रहे होंगे कि अच्छा हुआ कज्जू ने हमें पार्टी से निकाल दिया, वरना हम भी तिहाड़ जाने की पंक्ति में खड़े होते। 

केजरीवाल की “malafide intention” को यदि आतिशी और सौरभ और पार्टी में तीसमारखाँ समझने वाले अब भी नहीं समझते तो उनसे बड़ा मूर्ख कोई हो नहीं सकता, हालांकि आतिशी ने कुछ खुलासा करने की बात कही है। हो सकता है वह केजरीवाल के खिलाफ कुछ न कहे बस इतना दावा करे कि विजय नायर मुझे रिपोर्ट करता था और वह रिपोटिंग केजरीवाल तक भेजने के लिए होती थी, मैं तो केजरीवाल और नायर बीच एक माध्यम थी और ऐसा ही सौरभ के साथ था।

इसके अलावा उसे और सौरभ को जो भी कहना है वो ED के सामने खुलकर कह सकते हैं क्योंकि ED के सामने दिया हुआ बयान एक गवाही होता है। 

प्रथम दृष्टया तो लग रहा है कि केजरीवाल की लंका में आग लगने वाली है। कम से कम 25 लोग ऐसे हैं जिनमें कई तो पार्टी के संस्थापक थे, जिन्हे केजरीवाल ने पार्टी से निपटा दिया। उनमे अब आतिशी और सौरभ का भी नाम जुड़ने वाला है। केजरीवाल कहता था कांग्रेस ने इतने घोटाले किए लेकिन हर मामले में मनमोहन सिंह को आगे कर दिया और माल पीछे वाले खा गए।

केजरीवाल ने भी यही किया कि सब घोटाले करके आगे अपने मंत्रियों को कर दिया खुद कहीं साइन नहीं किए और माल भी कमा गया पता नहीं कितना। कांग्रेस के बहुत लोगों पर मुक़दमे चले हैं मगर फिर भी बचे हुए हैं लेकिन केजरीवाल जल्दबाजी में मूर्खता कर गया जो मंत्रियों समेत लपेटे में आ गया। 

सीढ़ियों से आदमी बिल्डिंग की 10  मंजिल चढ़ने में समय लगाता है लेकिन यदि मंजिल पर पहुंच कर रपट जाए तो पृथ्वी पर आने में कुछ ही समय लगता है। केजरीवाल को यह समझ नहीं आया और भ्रष्टाचार से कमाने की लालसा ने उसे ऊपर तो पहुंचा दिया लेकिन उसे पता नहीं था कि उससे भी जल्दी नीचे आ जाएगा।

एक बात विचित्र है - सिसोदिया केजरीवाल के मंत्रिमंडल में No 2 पर था लेकिन है जेल No 1 में और केजरीवाल No 1 leader है परंतु रहेगा जेल No 2 में।  

‘आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था विजय नायर’: ED के सामने केजरीवाल ने दो मंत्रियों के लिए नाम, कोर्ट में खुलासे के बाद सुनीता का मुँह ताकने लगे मंत्री

नामों के खुलासे होते ही चेहरों पर घबराहट 
दिल्ली शराब घोटाले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में सोमवार (1 अप्रैल 2024) को सुनवाई हुई। कोर्ट ने केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बताया कि पूछताछ में सीएम केजरीवाल ने अपने दो मंत्री सौरभ भारद्वाज और आतिशी का नाम लिया है। ED ने कोर्ट में पहली बार इन दोनों का नाम लिया है। 
अब संभावनाएं यह व्यक्त की जा रही कि आतिश और सौरभ केजरीवाल, मनीष,संजय और सत्येंद्र की तरह तिहाड़ जाने से पहले ही केजरीवाल के बेटे के घोटाले को उजागर कर सकते हैं। जिसकी आग सुनीता केजरीवाल और बेटी पर भी आ सकती है।   

ED ने अदालत को बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूछताछ में बताया कि घोटाले का आरोपित विजय नायर सौरभ भारद्वाज और आतिशी को रिपोर्ट करते थे। जब ED यह बात कह रही थी, तब कोर्ट रूम में मौजूद अरविंद केजरीवाल चुप थे। इससे पहले 5 अक्टूबर 2023 को सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी कोर्ट में यही बात कही थी।

दरअसल, इससे पहले 28 मार्च 2024 को राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीएम केजरीवाल ने लंबा-चौड़ा भाषण दिया था। उनके खिलाफ ED ने सी अरविंद के बयान का हवाला दिया था। इसको लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कोर्ट रूम में कहा था, मेरे घर पर ढेरों मंत्री आते रहते हैं। वो आपस में खुसुर-फुसुर करते रहते हैं, डॉक्युमेंट्स देते हैं।” उन्होंने पूछा था कि क्या ये बयान एक वर्तमान मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त है।

ED की ओर से कोर्ट में पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने दलील दी कि विजय नायर सीएम केजरीवाल के करीबी रहे हैं। उन्होंने सीएम कैंप कार्यालय में भी काम किया है। हालाँकि, सीएम केजरीवाल इसका जवाब देने से बचते रहे कि नायर ने सीएम कैंप कार्यालय में काम करने वाले लोगों के बारे में जानकारी नहीं होने का दावा क्यों किया था।

ED जब कोर्ट में आतिशी और सौरभ भारद्वाज का जिक्र कर रही थी, तब भारद्वाज वहीं मौजूद थे। वे अपना नाम सुनकर चौंक गए। भारद्वाज ने अपने साथ खड़ी अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल की तरफ देखा। इस दौरान सुनीता केजरीवाल ने भी सौरभ भारद्वाज की तरफ देखा। 

इससे पहले मनीष सिसोदिया की मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने 5 अक्टूबर 2023 को इस बात का जिक्र किया था। सिंघवी ने कोर्ट को बताया था कि विजय नायर सौरभ भारद्वाज और आतिशी को रिपोर्ट करता था। सीएम केजरीवाल को नहीं।

विजय नायर कुछ साल तक आम आदमी पार्टी (AAP) के कम्युनिकेशन प्रभारी रहे हैं। वो एंटरटेनमेंट जगत के जाना-माना नाम हैं। नायर ने इंडी बैंड्स (Indie bands) के लिए मैनेजमेंट कंपनी OML यानी ओनली मच लाउडर शुरू की थी। बाद में उन्होंने स्टैंडअप कॉमेडी और लाइव म्यूजिक शो पर फोकस किया। ये एक एंटरटेनमेंट और इवेंट मीडिया कंपनी है।

विजय नायर इसके सीईओ और डायरेक्टर रहे हैं। साल 2018 में विजय नायर का नाम विवादों में तब आया, जब #MeToo कैंपेन के दौरान उन पर आरोप लगे। हालाँकि, कंपनी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। CBI की FIR में कहा गया है कि मनीष सिसोदिया के सहयोगी अर्जुन पांडे ने शराब कारोबारी समीर महेंद्रू से 2 से 4 करोड़ रुपए लिए थे, जो विजय नायर की ओर से ली गई थी।


केजरीवाल के बाद दिल्‍ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, हाई कोर्ट की चेतावनी- ‘आपको जेल भेज देंगे!’

प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया है। केजरीवाल के बाद अब दिल्‍ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज भी जेल जा सकते हैं। दिल्‍ली हाई कोर्ट ने उन्‍हें इसे लेकर चेतावनी दी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सौरभ भारद्वाज को चेतावनी दी कि उन्हें जेल भेजा जा सकता है। दरअसल दिल्ली में करीब 25 हजार अवैध पैथोलॉजिकल लैब को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी और इन्हें बंद करने की मांग की गई थी और नियम बनाने की मांग की गई थी। इस पर भारद्वाज की तरफ से कोर्ट की बैसाखी लेकर दलील दी गई कि कोर्ट की कृपा से सरकार को विधेयक को अधिनियमित करने में मदद मिलेगी। कोर्ट ने कहा कि अगर इससे आम लोगों को फायदा होगा तो हमें आपको जेल भेजने में कोई झिझक नहीं होगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने क्लिनिकल प्रतिष्ठानों को विनियमित करने के लिए कानून बनाने पर न्यायिक आदेशों का पालन नहीं करने पर आप नेता सौरभ भारद्वाज को चेतावनी दी। कोर्ट ने कहा कि आप सरकार के सेवक हैं। बड़ा अहंकार नहीं रख सकते।

हाई कोर्ट की चेतावनी- जेल भेज देंगे

दिल्ली हाई कोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने मंत्री सौरभ भारद्वाज को स्वास्थ्य सचिव या केंद्र सरकार के साथ विवादों में अदालतों को मोहरे के रूप में इस्तेमाल करने के खिलाफ आगाह किया। अदालत ने टिप्पणी की कि मंत्री और सचिव एक-वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अगर उसके आदेशों की अवहेलना जारी रही तो अदालत उनके आचरण को बर्दाश्त नहीं करेगी। कोर्ट ने चेतावनी दी “ऐसा मत करो, नहीं तो तुम दोनों जेल चले जाओगे।” अगर इससे आम आदमी को फायदा होता है तो हमें आप दोनों को जेल भेजने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी।”

कोर्ट को मोहरे की तरह इस्तेमाल नहीं करें

एसीजे मनमोहन ने भारद्वाज को चेतावनी देते हुए कहा कि सचिव और मंत्री के बीच विवाद में कोर्ट को मोहरे की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। पीठ ने मंत्री और सचिव से कहा कि वे एक साथ बैठें और याचिकाकर्ता और न्यायालय द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर करने का तरीका खोजें। मामले की अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी। भारद्वाज की यह दलील थी कि कोर्ट की कृपा से सरकार को विधेयक को अधिनियमित करने में मदद मिलेगी। इस पर कोर्ट नाराज हो गया और कहा, “आपको लगता है कि हम इस खेल में एक मोहरा हैं और आप इसे रणनीति के तौर पर इस्तेमाल करेंगे। हम किसी के प्यादे नहीं हैं।” इस ग़लतफ़हमी को दूर करो कि तुम अदालत की प्रक्रिया का उपयोग करोगे।” याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष तर्क दिया था कि शहर में पैथोलॉजिकल लैब अनियमित हैं और नागरिकों के जीवन के लिए खतरा हैं।

अनधिकृत डायग्नोस्टिक प्रयोगशालाओं को बंद करने की मांग

पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता बेजोन कुमार मिश्रा द्वारा दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए कड़ी चेतावनी जारी की, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में अयोग्य प्रयोगशाला तकनीशियनों द्वारा संचालित सभी अनधिकृत पैथोलॉजिकल और डायग्नोस्टिक प्रयोगशालाओं को बंद करने की मांग की गई है। कोर्ट बेजोन कुमार मिश्रा की 2018 की याचिका पर सुनवाई कर रहा था।

दिल्ली में 20 से 25 हजार अवैध लैब

इस याचिका में कहा गया है, “इस तरह की अवैध लैब दिल्ली-एनसीटी और उसके आसपास लगातार बढ़ती जा रही हैं और यह आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है कि ऐसी अवैध पैथोलॉजिकल और डायग्नोस्टिक लैब की कुल संख्या 20,000 से 25,000 के बीच हो सकती है, और राजधानी की हर सड़क पर ऐसी अवैध पैथोलॉजिकल लैब हैं।”

दिल्ली स्वास्थ्य विधेयक मंजूरी के लिए केंद्र को क्यों नहीं भेजा

अधिवक्ता शशांक देव सुधी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में अनधिकृत प्रयोगशालाएं और डायग्नोस्टिक केंद्र अयोग्य तकनीशियनों के साथ काम कर रहे थे और मरीजों को गलत रिपोर्ट दे रहे। इस पर मंत्री ने कहा कि दिल्ली स्वास्थ्य विधेयक को मई 2022 में ही अंतिम रूप दे दिया गया था। कोर्ट ने पूछा कि इसे अभी तक मंजूरी के लिए केंद्र के पास क्यों नहीं भेजा गया। कोर्ट ने कहा कि अगर इसमें समय लगेगा, तो दिल्ली सरकार को केंद्र सरकार के कानून- क्लिनिकल प्रतिष्ठान (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010 को लागू करने पर विचार करना चाहिए।

आम आदमी पार्टी के 15 मंत्री, विधायक और नेता भ्रष्टाचार के साथ ही अन्य मामलों में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

 AAP के 15 मंत्री, विधायक, नेता अब तक हो चुके गिरफ्तार

आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद से अब तक अरविंद केजरीवाल सहित पार्टी के 15 नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। आम आदमी पार्टी के अब तक छह मंत्रियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो मंत्री को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया और दो मंत्रियों को रिश्वत के मामले में पकड़ा गया। जबकि एक मंत्री को फर्जी डिग्री के मामले में आरेस्ट किया गया था। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के कई विधायक भी अलग-अलग मामलों में जेले भेजे गए या उनकी गिरफ्तारी हुई। दिल्‍ली कैबिनेट के 6 मंत्रियों में से दो अभी जेल में हैं।
1. अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में गिरफ्तार
भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष से अपना सार्वजनिक जीवन शुरू करने वाले इंडिया अगेंस्ट करप्शन के संयोजक रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 21 मार्च 2024 को भ्रष्टाचार के आरोपों में ही गिरफ्तार कर लिए गए। शराब घोटाले में अपनी सरकार के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की सीबीआइ द्वारा गिरफ्तारी के 390 दिन बाद केजरीवाल को इसी घोटाले से जुड़े मनी लान्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले करीब दो घंटे तक ईडी ने उनके आवास पर तलाशी ली और उनका मोबाइल फोन जब्त कर पूछताछ की। केजरीवाल गिरफ्तार होने वाले देश के पहले मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले देश के किसी भी राज्य में ऐसा मौका नहीं आया, जब मुख्यमंत्री के पद पर बैठे किसी राजनेता को गिरफ्तार किया गया हो।
2. शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह गिरफ्तार
शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को 4 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लंबी पूछताछ के बाद संजय सिंह को गिरफ्तार किया। शराब घोटाला मामले में जुलाई 2023 में गिरफ्तार हो चुके दिनेश अरोड़ा ने ईडी के सामने कई खुलासे किए हैं। जमानत पर जेल से बाहर आ चुके दिनेश अरोड़ा अब सरकारी गवाह बन गए हैं। अरोड़ा ने ईडी को जानकारी दी है कि साल 2020 में उनके पास संजय सिंह का फोन आया था। अरोड़ा ने बताया कि संजय सिंह ने उनसे कहा था कि विधानसभा चुनाव आ रहे हैं और पार्टी को अब पैसे की जरूरत है। संजय सिंह ने कहा था कि रेस्तरां मालिक से पैसे मांगने चाहिए। अरोड़ा ने बताया कि एक रेस्तरां में पार्टी के दौरान ही वो दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के संपर्क में आए थे। चार्जशीट के मुताबिक संजय सिंह के कहने पर दिनेश अरोड़ा ने कई रेस्तरां और बार के मालिकों से बात भी की थी। आरोड़ा ने बताया कि इस दौरान 82 लाख रुपए पार्टी फंड के तौर पर इकट्ठा हुए थे, जिसे मनीष सिसोदिया को सौंप दिया गया था। जिस पार्टी में ये पैसे सिसोदिया को दिए गए थे उसमें संजय सिंह और आप के कोषाध्याक्ष राजेंद्र गुप्ता मौजूद थे।
3. दिल्ली के 18 मंत्रालय संभालने वाले मनीष सिसोदिया शराब घोटाले में गिरफ्तार
दिल्ली के शिक्षा और आबाकारी मंत्री रहे मनीष सिसोदिया को शराब घोटाले में सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया। सीबीआई ने कहा कि सिसोदिया ने शराब घोटाले में आपराधिक साजिश रची और सबूतों को मिटाने की भी कोशिश की। दिल्ली सरकार में मनीष सिसोदिया सबसे प्रभावशाली मंत्री थे। AAP के नेता और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पास 18 मंत्रालय थे। सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद उनके मंत्रालय भी सिसोदिया के पास ही थे। दरअसल मनीष सिसोदिया जिस मामले में जेल में बंद है वो दिल्ली सरकार की नई शराब नीति से जुड़ा हुआ है। दिल्ली सरकार ने साल 2021 में नई एक्साइज पॉलिसी लागू की थी। केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति को लेकर दावा किया था कि इससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और माफिया राज खत्म होगा। हालांकि नई शराब नीति आने के बाद इसका उल्टा हुआ। दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव ने जुलाई 2022 में दिल्ली के उपराज्यपाल को एक रिपोर्ट सौंपी जिसमें राजस्व को नुकसान होने और शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाए जाने का जिक्र था।
4. दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को 30 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। सत्येंद्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज है। आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैन, उनकी पत्नी पूनम और अन्य पर केस दर्ज किया गया। सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली ने कई शेल कंपनियां बनाई और खरीदी थी। कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटर्स से 54 शेल कंपनियों के जरिए 16.39 करोड़ रुपए का काला धन भी ट्रांसफर किया। ईडी जैन की 4.81 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है।
5. AAP के विधायक अमानतुल्लाह खान गिरफ्तार
आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान को दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो ने 16 सितंबर 2022 को दिल्ली वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने आप विधायक के छह से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान एक पिस्टल, कई कारतूस और 24 लाख से अधिक नगद समेत कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले। अमानतुल्लाह खान के जामिया के गफूर नगर में रहने वाले सबसे करीबी हामिद अली खान के यहां से अवैध पिस्टल, कारतूस और 12 लाख रुपये बरामद हुए। एक अन्य जगह से भी 12 लाख रुपये नकद मिला।
6. पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला भ्रष्टाचार में गिरफ्तार
मार्च 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और दो महीने बाद ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला को अपनी कैबिनेट से हटा दिया। उन पर रिश्वत लेने के आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया गया। इसके बाद पंजाब पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने 24 मई 2022 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर डॉ. विजय सिंगला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। करीब 10 वर्ष पहले विजय सिंगला आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। इस बार के पंजाब विधानसभा चुनाव में डॉ. विजय सिंगला ने मानसा से प्रसिद्ध गायक और कांग्रेस उम्मीदवार सिद्धू मूसेवाला को 60,000 से अधिक वोटों से हराया था। सिंगला की गिरफ्तारी के बाद भगवंत मान ने अपने को पाक-साफ और ईमानदार बताते हुए कहा कि मेरे ध्यान में एक केस आया। इस केस में मेरी सरकार का मंत्री शामिल था। एक ठेके में मेरी सरकार का मंत्री 1 फीसदी कमीशन मांग रहा था। इस केस का सिर्फ मुझे पता था। इस केस को दबाया जा सकता था। लेकिन ऐसा करना पंजाब की जनता के साथ धोखा होता। इसलिए तुरंत एक्शन लिया गया।
7. आप विधायक बलबीर सिंह को पत्नी, बेटी और बेटे समेत 3 साल की जेल
पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायक बलबीर सिंह, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे को 23 मई 2022 को कोर्ट ने तीन साल जेल की सजा सुनाई है। मामला 11 साल पुराना है। पंजाब के पटियाला (ग्रामीण) से विधायक बलबीर सिंह और अन्य पर उनकी एक रिश्तेदार पर हमला करने का आरोप है। हालांकि, अदालत ने बलबीर सिंह, उनकी पत्नी रुपिंदर कौर, बेटे राहुल और एक अन्य व्यक्ति को सजा सुनाने के बाद जमानत दे दी। आप विधायक के खिलाफ मामला 2011 में उनके परिवार और उनकी पत्नी की बहन परमजीत कौर के बीच झगड़े से संबंधित है, जिनका विधायक के परिवार के साथ भूमि विवाद था। चारों को आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने), धारा 324 (स्वेच्छा से खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने), धारा 325 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने) और आईपीसी की धारा 506 (आपराधिक धमकी) के अपराध के लिये सजा सुनाई गई।
8. रिश्वत लेने के मामले में AAP की निगम पार्षद को CBI ने किया गिरफ्तार
मकान की छत बनाने देने के बदले ₹20000 की रिश्वत ले रही पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी की निगम पार्षद गीता रावत को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उसके एक सहयोगी समेत फरवरी 2022 को गिरफ्तार किया। सीबीआई के मुताबिक उसका सहयोगी उसके ऑफिस के पास ही मूंगफली बेचने का काम करता है। सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी के मुताबिक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उसमें पूर्वी दिल्ली की वार्ड संख्या दस ई की निगम पार्षद गीता रावत और उसका सहयोगी बिलाल शामिल है। सीबीआई के मुताबिक शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को शिकायत की थी कि उसे अपने मकान के ऊपर छत बनवानी थी। आरोप है कि इस छत को डालने देने के बदले निगम पार्षद गीता रावत ने 20000 रुपए की रिश्वत मांगी। यह भी आरोप है कि शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत की रकम न दिए जाने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। शिकायतकर्ता को कहा गया कि वह यह रकम उसके ऑफिस के पास मूंगफली आदि बेचने वाले बिलाल को दे दे। सूचना के आधार पर सीबीआई ने मामले की आरंभिक जांच की। इस जांच के दौरान जब आरंभिक तौर पर यह पाया गया कि वास्तव में रिश्वत की मांग की गई है तो सीबीआई ने रंग लगे नोट देकर शिकायतकर्ता को रिश्वत देने भेजा। इसके बाद रिश्वत ले रहे बिलाल और निगम पार्षद गीता रावत को गिरफ्तार कर लिया गया।
9. AAP की पूर्व पार्षद निशा सिंह को 7 साल की जेल
आम आदमी पार्टी से जुड़ी गुरुग्राम की पूर्व पार्षद निशा सिंह को एक अदालत ने 7 साल की सजा सुनाई। दरअसल निशा सिंह पर 2015 में एक भीड़ को भड़काने का आरोप है, जिसने पुलिस टीम पर पेट्रोल बम और पत्थरों से हमला कर दिया था। यह पुसिल टीम अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत शहर के सेक्टर-47 स्थित झीमर बस्ती गई हुई थी। 7 साल पहले हुई इस घटना में 17 लोगों को सजा सुनाई गई है, जिसमें 10 महिलाएं शामिल हैं। पार्षद निशा सिंह के अलावा बाकी सभी ग्रामीण महिलाएं हैं। पूर्व पार्षद निशा सिंह ने राजनीति में कदम रखने के लिए प्राइवेट नौकरी छोड़ दी थी। 2011 में उन्होंने गुरुग्राम नगर निगम का चुनाव निर्दलीय लड़ा और वार्ड नंबर 30 से पार्षद चुनी गईं। बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन कर लिया और 2016 तक पार्षद रहीं। 15 मई 2015 को हुई इस झड़प के बाद पार्षद सिंह को 18 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके बाद से ये लोग बेल पर बाहर थे, लेकिन अदालत के आदेश के बाद घटना के सभी आरोपियों को भोंडसी जेल भेज दिया गया।
10. पुलिसकर्मी को घसीटने वाला AAP नेता युवराज सिंह जडेजा गिरफ्तार
ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी को कार की बोनट पर बिठाकर घसीटने के आरोप में गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता युवराज सिंह जडेजा को अप्रैल 2022 में गिरफ्तार किया गया। जडेजा आप पार्टी के यूथ विंग के नेता हैं। हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उन्हें साबरमती जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी 5 अप्रैल 2022 को हुई। जडेजा की गिरफ्तारी गांधी नगर पुलिस ने की। पुलिस ने कोर्ट से आरोपित आप नेता का रिमांड नहीं मांगा। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में साबरमती जेल भेज दिया गया। जडेजा के साथ उनका एक साथी भी जेल भेजा गया। जडेजा पर IPC की धारा 332 (ऑन ड्यूटी स्टॉफ पर हमला करने) और 307 (जान से मारने के प्रयास) के तहत केस दर्ज किया गया।
11. सोमनाथ भारती गिरफ्तार, कहा था- यूपी के अस्पतालों में कुत्ते पैदा हो रहे
आप सरकार में मंत्री रहे सोमनाथ भारती को भी कई तरह के विवादों में फंसने के कारण इस्तीफा देना पड़ा था। जनवरी 2021 में उत्तर प्रदेश के दौरे पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। उनका घरेलू विवाद भी मीडिया की सुर्खियां बना रहा। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों पर विवादियत बयान देने वाले आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती को अमेठी पुलिस ने 11 जनवरी 2021 को गिरफ्तार कर लिया। आप विधायक ने जगदीशपुर में कहा था कि यूपी के अस्पतालों में बच्चे तो पैदा हो रहे हैं, लेकिन कुत्ते के बच्चे पैदा हो रहे हैं। इसके अलावा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के सुरक्षा कर्मचारियों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने के लिए AAP विधायक सोमनाथ भारती को 2016 के एक मामले में दोषी करार दिया गया था। उन्हें जो 2 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
12. फर्जी डिग्री के मामले में जेल गए मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर
2015 में आम आदमी पार्टी (आप) से जीत हासिल करने वाले जितेंद्र सिंह तोमर को अरविंद केजरीवाल ने अपनी कैबिनेट में कानून मंत्री बनाया था। इसके बाद तोमर पर अपनी शिक्षा को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लग गया। जांच के बाद पुलिस ने तोमर को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 2020 में दिल्ली हाईकोर्ट ने जितेंद्र सिंह तोमर के 2015 के चुनाव को रद्द कर दिया। तोमर दिल्ली की त्रिनगर विधानसभा से चुनाव जीतकर विधायक बने थे।
13. आप के मंत्री संदीप कुमार सीडी कांड में फंसे, गिरफ्तार
आप सरकार के एक अन्य मंत्री संदीप कुमार भी सीडी कांड में फंस गए थे। उनके पास महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय था। इस मामले में सितंबर 2016 में उन्हें जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा था। आप नेता को नवंबर 2016 में जमानत दे दी गई थी। उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
14. आसिम अहमद खान बिल्डर से 6 लाख रुपए घूस लेने के मामले में फंसे
साल 2018 में दिल्ली सरकार में मंत्री आसिम अहमद खान का नाम भी भ्रष्टाचार के मामले में सामने आया था। तब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने कैबिनेट मंत्री आसिम अहमद खान को हटा दिया था। आसिम पर 6 लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगा था। आसिम अहमद खान दिल्ली सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री थे। आसिम पर एक बिल्डर से 6 लाख रुपए घूस लेने का आरोप था। केजरीवाल ने कहा था- ‘शिकायत करने वाले ने आसिम से बातचीत की। ऑडियो रिकॉर्डिंग मेरे पास भेजी। इसके बाद मैंने मंत्री के ख‍िलाफ कार्रवाई की।’ हालांकि, आसिम अहमद खान ने केजरीवाल के आरोपों को झूठा बताया था। कहा था कि यह उनके खिलाफ साजिश है। केरीजवाल उनसे एक करोड़ रुपये मांग रहे थे, नहीं दिया तो उनपर इस तरह के आरोप लगाने लगे।
15. दिल्ली दंगा मामले में AAP नेता ताहिर हुसैन को ED ने किया गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 31 अगस्त 2020 को कहा कि उसकी टीम ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सस्पेंड नेता ताहिर हुसैन को इस साल फरवरी में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 (PMLA) के प्रावधानों के तहत ताहिर हुसैन को गिरफ्तार किया है।

Zee News महिला पत्रकार से AAP प्रवक्ता की बदजुबानी : ‘तुम, तुम्हारा, तुमसे… जैसे संजय सिंह ने सिखाया आज मैं सिखाऊँगा’

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री (Delhi Deputy CM) मनीष सिसोदिया की शराब घोटाले में गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता भड़क गए हैं। पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने एक टीवी एंकर के साथ बदतमीजी की। वे नाम के साथ ‘जी’ नहीं लगाने से भड़क गए थे।

हकीकत यह है कि India Against Corruption आंदोलन से जन्मी आम आदमी पार्टी में सिसोदिया पर सीबीआई कार्यवाही से इतनी अधिक बौखलाहट आ गयी, होश ही नहीं, क्या बोलना चाहिए और क्या नहीं। Zee News एंकर अदिति त्यागी से सौरभ बदतमीज़ी से पेश आए, तो News18 पर सांसद राघव चड्ढा तो और भी आगे पहुँच गए। दिल्ली भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा के सवाल के जवाब में बोल गए कि "covid से हमें क्या मतलब।" अब चर्चा यह भी हो रही है कि दिल्ली में फैले कोविद(Covid) को केजरीवाल सरकार ने गंभीरता से लेने की बजाए केवल नरेंद्र मोदी को ही बदनाम करने की गन्दी सियासत करते रहे। 

जहाँ तक आम आदमी पार्टी में महिला सम्मान की बात है तो संतोष कोली को भी नहीं भूलना चाहिए, राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में लिप्त विधायक, घरेलु हिंसा में आरोपित मंत्री भी नहीं भूले होंगे, एक नहीं अनेको उदाहरण है महिला उत्पीड़न के। इतना ही नहीं, इसी ब्लॉग पर लगभग 6 वर्ष पूर्व पंजाब इकाई में यौन उत्पीड़न के बारे में विस्तार से लिख चूका हूँ। गनीमत थी, Zee News अपने स्टूडियो में थी और सौरभ अपने ऑफिस/घर में थे।    

दरअसल, सिसोदिया की गिरफ्तारी को लेकर एंकर अदिति त्यागी शुक्रवार (19 अगस्त 2022) को जी न्यूज पर एक शो को होस्ट कर रही थीं। इस शो में भाजपा की तरफ से शहजाद पूनावाला और आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज को बुलाया गया था।

जब एंकर अदिति ने भारद्वाज से सवाल पूछा तो वह भड़क गए। लाइव शो के दौरान वह महिला एंकर के साथ के तू-तड़ाक करने लगे। बदतमीजी की सीमा को पार करते हुए भारद्वाज उन्हें सबक सिखाने तक की धमकी दे दी। यहाँ तक कि वे एंकर के परिजन तक पहुँच गए।

भारद्वाज ने त्यागी पर बदतमीजी करने का आरोप लगाया। दरअसल, अदिति ने उन्हें लाइव डिबेट के दौरान ‘सौरभ भारद्वाज’ कह दिया है। इससे भारद्वाज नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि त्यागी को बात करने की तमीज नहीं है और नाम के साथ ‘जी’ लगाकर बोलना चाहिए।

भारद्वाज ने कहा, “सुनो अदिति त्यागी, तुम्हें बात करने की तमीज नहीं है। क्या तुम अपने घरवालों से ऐसे ही बात करती हो? अपने भाई से ऐसे ही बात करती हो? चैनल के मालिक सुभाष चंद्रा से ऐसे ही बात करती हो।”

इस पर एंकर ने कहा कि उन्हें तमीज सिखाने की जरूरत नहीं है। इसके बाद AAP विधायक भारद्वाज ने कहा, “जैसे संजय सिंह ने तुम्हें सिखाई तमीज, वैसे मैं आज तुम्हें सिखा करके जाऊँगा।”

अदिति त्यागी ने कहा कि उनके सवाल का जवाब पार्टी के पास नहीं तो वह बदतमीजी के नाम से सवालों से कन्नी काट कर रही है। इतना ही नहीं, अदिति ने इस मामले को ट्वीट कर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) से शिकायत की है।

अदिति त्यागी ने अपने ट्वीट में लिखा, “माननीय मुख्यमंत्री @ArvindKejriwal जी, आज @AamAadmiParty के ‘जन प्रतिनिधि’ ने लाइव टीवी पर मुझे धमकाया। उन्होंने मुझे और मेरे ‘खानदान’ को कहा। इस घटना पर आपके reaction और action की प्रतीक्षा मेरे साथ देश की 65 करोड़ महिलाएँ कर रही हैं। #SatyamevJayate“

सौरभ भारद्वाज और अदिति त्यागी के इस मौखिक झड़प को लेकर सोशल मीडिया पर AAP की खूब आलोचना हो रही है। यूजर एक महिला एंकर के साथ बदतमीजी करने पर सौरभ भारद्वाज की आलोचना कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी भारद्वाज के व्यवहार की निंदा की है और कहा है कि AAP के आधिकारिक प्रवक्ता ने एक महिला एंकर के साथ बदतमीजी कर सारी सीमाएँ तोड़ दीं।