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‘2 दिन बाद दूँगा इस्तीफा, मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठूँगा’: केजरीवाल की घोषणा; क्या पत्नी सुनीता केजरीवाल होंगी मुख्यमंत्री?


बेल मिलने के बाद जेल से बाहर आए दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया ने इस्तीफा देने की घोषणा की है। भारतीय जनता पार्टी पर हमला करते हुए उन्होंने राजनीतिक चाल चली। 

चर्चा चल रही है कि अरविन्द अपनी पत्नी सुनीता को मुख्यमंत्री बनाए या आतिशी को पार्टी का छिन्नभिन्न होना तय है। क्योकि मनीष, संजय और अन्य कई नेता मुख्यमंत्री बनने की आस लगाए हुए हैं और अपना-अपना ग्रुप बनाये हुए हैं। दूसरे, केजरीवाल को जमानत मिलना कोई हैरानी की बात नहीं, पहले जब जमानत मिली थी, तब सोशल मीडिया पर कुछ ज्योतिषों ने एक बार और जमानत मिलने की बात कही थी। साथ में यह भी कहा था कि दूसरी बार जमानत मिलने के बाद जो जेल होगी फिर बाहर आना मुश्किल है। शायद यही कारण है कि केजरीवाल को मालूम है कि केस चलने पर जो जेल होगी तब कोई मनमानी नहीं चलने वाली।      

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा पर बोलते हुए केजरीवाल ने कहा – 

 “अगर देश की जनता को लगता है कि मैं बेईमान हूँ, तो मैं कुर्सी छोड़ दूँगा। अगर जनता को लगता है कि मैं ईमानदार हूँ, तो मुझे वोट देना। आप जब जिता दोगे तभी मैं मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठूँगा।”

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए अपने इस्तीफे की बात रखी। उन्होंने कहा कि वो 2 दिन बाद सीएम की कुर्सी से इस्तीफा देंगे।

केजरीवाल की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। इन कयासों में सबसे ज्यादा सुनीता केजरीवाल को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना बताई जा रही है।

बेल्ट दे दो, पैंट पकड़कर चलने में शर्म आती है: केजरीवाल की दिल्ली कोर्ट से डिमांड, सुनीता बोली- पहले सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना करती थी… अब विनाश हो

 


सीबीआई कस्टडी में जाने से पहले दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राउज एवेन्यू कोर्ट के आगे कुछ डिमांड की थी जिन्हें अदालत ने सुनवाई के दौरान मान लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली सीएम ने अदालत से कहा था कि उन्हें जेल में चश्मे , दवाइयों और घर के बने खाने की के साथ भगवद् गीता की प्रति की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने कहा था कि उन्हें हर रोज अपनी पत्नी और परिजनों से मिलने के लिए एक घंटे छूट चाहिए। उन्होंने अपने लिए एक बेल्ट भी माँगी थी और कहा था कि उन्होंने अपनी लिस्ट में बेल्ट नहीं लिखा है, मगर वो उनकी जरूरत है। तिहाड़ में उन्हें बेल्ट न होने की वजह से अपनी पैंट पकड़कर चलना पड़ता है जिसकी वजह से बहुत शर्म आती है।

अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाला मामले में आरोपित बनाए जाने के बाद 26 जून को तीन दिन सीबीआई कस्टडी में भेजा गया। अगली सुनवाई 29 जून को 7 बजे होगी। लेकिन उससे पहले सुनीता केजरीवाल के कुछ ट्वीट आए हैं। अपने एक ट्वीट में जहाँ उन्होंने केजरीवाल की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए तो वहीं दूसरे ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को तानाशाह कहकर निशाना साधा।

सुनीता और आम आदमी पार्टी को नहीं भूलना चाहिए कि अभी NIA भी लाइन में है, जब इसकी जाँच शुरू होगी, तब क्या होगा। मैडम केजरीवाल ही नहीं पार्टी भी लपेटे में आ सकती है। वैसे पार्टी चाहे जो मन में दूसरों पर कीजड़ फेंकती रहे, लेकिन सभी अच्छी तरह जानते हैं कि कांग्रेस की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजने के लिए जनता से वोट माँगा था, उसी कांग्रेस की शिकायत ने भ्रष्टाचार के आरोप में केजरीवाल को ही जेल में भेज दिया। फिर भी उसी कांग्रेस की गोदी में बैठा जा रहा है। सरकार जरूर बीजेपी की है परन्तु शिकायत तो कांग्रेस की है।  

उन्होंने कुछ देर पहले किए ट्वीट में लिखा, “अभी तक हमेशा यही प्रार्थना रही है कि ईश्वर सबको सदबुद्धि दे। लेकिन अब प्रार्थना रहेगी कि तानाशाह का विनाश हो।”

इससे पहले सुनीता केजरीवाल ने दिल्ली मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा था, “20 जून अरविंद केजरीवाल को बेल मिली। तुरंत ED ने स्टे लगवा दिया। अगले ही दिन CBI ने आरोपित बना दिया और आज गिरफ़्तार कर लिया। पूरा तंत्र इस कोशिश में है कि बंदा जेल से बाहर ना आ जाये। ये क़ानून नहीं है। ये तानाशाही है, इमरजेंसी है।”

अरविंद केजरीवाल के जेल जाने पर पहली बार नहीं है कि सुनीता केजरीवाल अपने ट्विटों के कारण चर्चा का कारण बन रही हों। मार्च में जब शराब घोटाला मामले में सीएम केजरीवाल गिरफ्तार हुए थे। उस समय सुनीता केजरीवाल ने अपने पति की कुर्सी पर बैठकर उन्हीं के अंदाज में विरोधियों को भला-बुरा कहा था। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा था कि अरविंद केजरीवाल का सिर्फ शरीर जेल में है लेकिन आत्मा जनता के पास हैं। उन्होंने लोगों से अरविंद केजरीवाल की ओर से अपील की थी कि वो आँख बंद करें तो अपने पास अरविंद केजरीवाल को महसूस करेंगे।

जजों की बात को स्क्रीन से रिकॉर्ड कर किया वायरल: सुनीता केजरीवाल पर FIR दर्ज की उठी माँग; जो औरत कोर्ट कार्यवाही का वीडियो वायरल कर सकती, किसी गोपनीय दस्तावेज का वीडियो बनाकर देश के दुश्मन को बेच सकती है

देश को नई दिशा और स्वच्छ राजनीति देने आए अरविन्द केजरीवाल खुद उस कीजड़ में सन गए जिसके विरुद्ध दिल्ली की जनता ने अपने सिर पर बैठाया था। आम आदमी पार्टी के राज में कितना अधिक भ्रष्टाचार हुआ है, पार्टी के सत्ता से बाहर होने से पहले ही सामने आने शुरू हो गए हैं। 

इसमें केजरीवाल को ही दोषी नहीं ठहराया जा सकता। क्योकि इनका लालन-पालन ही छल-कपट के आंचल में हुआ है। जिसका आदमी बाप ही अपनी बहन को संपत्ति हड़पने के लिए अपने पिता की पत्नी बता दे, संस्कारों का अनुभव यही से हो जाता है। जब घर से ऐसी छल-कपट की शिक्षा मिली हो, ऐसे आदमी की सौबत भी ऐसे ही कपटियों की होगी। और उसी दिशा में पूरा परिवार चल निकला है। जब पत्नी सुनीता कानून को ताक पर रख कोर्ट में वीडियो बना वायरल कर सकती है, यहीं से बच्चों की दूषित मानसिकता का अंदाजा लगाया जा सकता। क्या ऐसा छल-कपट वाले परिवार से देश तो दूर एक राज्य को भी चलाने की सोंचना मूर्खता होगी।  

जो औरत कोर्ट कार्यवाही का वीडियो बनाकर वायरल कर सकती है, देश के किसी गोपनीय मीटिंग की अथवा दस्तावेज का वीडियो बनाकर देश के दुश्मनों को बेच सकती है, इसलिए सुनीता पर राज्यपाल वी के सक्सेना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को गंभीरता से लेना चाहिए। यह बहुत गंभीर मामला है।    

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बाद अब उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खबर है कि उनके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका डालकर 
एफआईआर दर्ज करने की माँग हुई है। इस याचिका में आरोप है कि उन्होंने मार्च माह में एक कोर्ट सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल की जजों के साथ होती बातचीत को रिकॉर्ड किया था और बाद में वो वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आई थी।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट में इस याचिका को पेशे से वकील वैभव सिंह ने दायर किया है। इसमें अदालत के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का उल्लंघन करने के लिए कार्रवाई की माँग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि जब 28 मार्च, 2024 को दिल्ली के मुख्यमंत्री को ट्रायल कोर्ट में पेश किया गया था तो सुनीता केजरीवाल और अन्य ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को अवैध रूप से रिकॉर्ड किया।

बाद में ये रिकॉर्डिंग #MoneyTrailExposedByKejriwal हैशटैग के साथ प्रसारित हुई। लोगों ने इसे केजरीवाल की धमाकेदार वीडियो कहकर शेयर किया था और दावा किया था कि इससे ईडी के बाकी सारे दावों की धज्जियाँ उड़ गईं। मालूम हो कि अब इसी वीडियो को रिकॉर्ड करने के बाबत ये याचिका डाली गई है।

याचिका में कहा गया है जिन परिस्थितियों में वीडियो रिकॉर्डिंग वायरल की गई, उससे राजनीतिक दलों द्वारा न्यायपालिका की छवि खराब करने और इस देश के आम लोगों को गुमराह करने की बू आती है ताकि लोग इसे देख यह सोचें न्यायपालिका किसके इशारे पर काम कर रही है।

सोशल मीडिया पर प्रसारित होती वीडियो में दिख रहा था कि अरविंद केजरीवाल विशेष न्यायधीशों के सामने वीडियो सोशल मीडिया पर अपनी बात रख रहे थे। वीडियो में वो अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ कह रहे थे कि उन्हें किसी कोर्ट ने दोषी भी नहीं करार दिया फिर भी उन्हें पकड़ लिया गया


केजरीवाल को कोर्ट से मिले 'Special Treatment' के पुख्ता सबूत; मीलॉर्ड ने कुछ और भी किया जो सुनीता भी कह रही है कि “वोट दोगे तो जेल नहीं जाना पड़ेगा”

सुभाष चन्द्र

यह लेख लिखने से पहले एक बात बड़े दुःख के साथ कहना चाहता हूं कि एक Youtuber अपना चैनल चलाते हैं “coffee with Sumeet Jain”, ये साहब कोर्ट से संबंधित मेरे कई लेख उठाकर अपने वीडियो youtube पर डाल रहे हैं और पैसा बना रहे है। ऐसा ही काम पिछले दिनों एक और चैनल ONLY NEWS 24x7 ने किया था और मेरे 17 से ज्यादा लेख चोरी कर अपने वीडियो बना कर youtube पर पोस्ट किये थे। ऐसा करना उचित नहीं है क्योंकि मैं बहुत मेहनत से लेख लिखता हूं और कोई उन्हें चोरी करके पैसा कमाए तो मुझे दुःख तो होगा ही। 

लेखक 
चर्चित यूटूबर 
मेरे अपने youtube channel का तो अभी monetization भी नहीं हुआ और न होने की उम्मीद है क्योंकि youtube मेरे views हर वीडियो में 15 से 35% तक कम कर देता है।  @सुमीत जैन कृपया ऐसा करना बंद कीजिए। कोई मुझे यह शिक्षा न दे कि वो मेरे विचारों को publicity दे रहे हैं। ऐसा नहीं है, वो अपने नाम से वीडियो बना कर अपनी publicity करके पैसा कमा रहे हैं। मुझे उम्मीद है जो गंभीर विषय में यहां लिख रहा हूं Sumeet Jain उसे भी उठा लेंगे। 

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता द्वारा केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने पर उनके फैसले पर सोशल मीडिया पर निंदा होने के बाद और गृह मंत्री अमित शाह के कहने के बाद कि बहुत लोगों का मानना है कि केजरीवाल को special treatment मिला, जस्टिस खन्ना ने सफाई दी थी कि हमें जो सही लगा उसके अनुसार आर्डर दिया गया। 

लेकिन सबसे बड़ा पुख्ता सबूत केजरीवाल को special treatment दिए जाने का और भी दिखाई देता है और वह यह है कि गिरफ़्तारी को अवैध कहने वाली उसकी याचिका को जनहित याचिका के रूप में दायर किया गया था और इसे खन्ना/दत्ता की बेंच ने PIL मान कर ही सुनवाई की थी जो सरासर कानूनी तौर पर गलत था और यही special treatment था।

सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 32 में PIL दायर करते हुए याचिकाकर्ता को घोषित करना होता है कि वह याचिका स्वीकार होने पर मिलने वाले लाभ में किसी तरह भागीदार नहीं है, यह केवल जनहित का मामला है और मैं किसी तरह Interested Party नहीं हूं।

केजरीवाल अपनी गिरफ़्तारी को चुनौती देने के लिए PIL कैसे दायर कर सकता है, उसमे जनहित का कोई विषय था ही नहीं, और हर तरह से वही “लाभार्थी” है। फिर मीलॉर्ड का उसकी याचिका PIL की तरह admit करना ही एक और पुख्ता सबूत है उसके प्रति special treatment दिखाने का।

मीलॉर्ड, कुछ तो हुआ लगता है जो पहले केजरीवाल कह रहा था कि “आप मुझे वोट दोगे तो मुझे वापस जेल नहीं जाना पड़ेगा”। उसकी बात को खन्ना जी ने उड़ा दी यह कह कर कि यह केजरीवाल की सोच है, उसका हम कुछ नहीं कर सकते। कल सुनीता केजरीवाल ने जनता से कहा कि “आप यदि ज्यादा से ज्यादा वोट देंगे तो केजरीवाल जी को जेल नहीं जाना पड़ेगा “। 

इसका मतलब यही निकलता है कि चुनाव के नतीजे 4 जून तक आने तक तो केजरीवाल Surrender नहीं करेगा जिसके लिए गोली जमानत मिलते हुए ही फिट हो गई थी, इंडी गठबंधन की जीत के बाद वो ऐलान कर ही चुका है कि 5 जून को जेल से बाहर आ जाएगा। अब दाल में क्या काला था, यह या तो मीलॉर्ड जानते हैं, या सिंघवी जानता है और या केजरीवाल जानता है पर कुछ तो गड़बड़ जरूर हुई थी।

अब मेट्रो में कोई कुछ लिखा गया, उस पर केजरीवाल की पार्टी चालू हो गई कि PMO में केजरीवाल की हत्या की साजिश हो रही है।

 जबकि जो लिखा गया है, उसे देख कर लगता है इसकी पार्टी की खुद का ही षड़यंत्र है। केजरीवाल की ऐसी क्या औकात है जो PM उसके लिए अपना समय बर्बाद करेंगे।

‘परिवारवादी’ राजनीति भी करने लगी आम आदमी पार्टी, अरविंद केजरीवाल ने आतिशी और सौरभ का किया पत्ता साफ, तिहाड़ जेल से सुनीता केजरीवाल को आगे बढ़ाने में जुटे

आखिर तिहाड़ जेल जाने से पहले अरविन्द केजरीवाल ने आतिशी और सौरभ का नाम लेकर ED के निशाने पर ही नहीं लाये बल्कि शराब घोटाले में बराबर साझी होने के आरोप में शामिल कर अपनी पत्नी सुनीता के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ कर दिया, जो यह साबित कर रहा है, कि उन्हें पार्टी में किसी पर लेशमात्र भी विश्वास नहीं। जिस मुख्य को पार्टी के वरिष्ठ सहयोगियों पर भरोसा नहीं, उसे तानाशाह और परिवार समर्पित पार्टी ही कहना उचित होगा। 
इंडी गठबंधन की सहयोगी आम आदमी पार्टी भी अब कांग्रेस और अपने अन्य मित्र दलों की तरह परिवारवादी राजनीति की राह पर चल निकली है। दरअसल, दिल्ली के सबसे बड़े शराब घोटाले के मामले में जेल गए सीएम अरविंद केजरीवाल ने बड़ी चालाकी से पत्नी सुनीता को आगे किया है। इसके लिए केजरीवाल ने सुनीता की राह के कांटे बनने वाले सौरभ भारद्वाज और आतिशी को अपने बयानों से उलझा दिया है। उन्होंने कहा है कि विजय नायर उनको नहीं, बल्कि आतिशी और भारद्वाज को रिपोर्ट करता था। यानि यदि केजरीवाल को सीएम पद छोड़ना पड़े तो आतिशी और सौरभ दावेदार के रूप में न उभर आएं, इसलिए कोर्ट में उनका नाम लेकर उन्हें विवादित बना दिया है। दूसरी ओर आप के विधायकों और सुनीता केजरीवाल की मुलाकातें रणनीति के तहत बढ़ गई हैं। पार्टी में नंबर दो बनने के लिए सुनीता केजरीवाल ने पहली बार विधायकों की बैठक ली, जिसमें 55 विधायक मौजूद थे।

सुनीता केजरीवाल ने बिना किसी पद के ही आप विधायकों की बैठक ले डाली
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आबकारी नीति घोटाले में ईडी की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी (आप) में नंबर-2 के पोजिशन को लेकर चल रही कयासबाजी अब और तेज हो गई है। दरअसल, केजरीवाल ने असुरक्षा की भावना के चलते पार्टी में सैकेंड लाइन ही तैयार नहीं की है। पहली कतार के नेता मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सासंद संजय सिंह, सत्येंद्र जैन आदि जेल में हैं। ऐसे में केजरीवाल के भी जेल जाने के बाद पार्टी के अंदरूनी हलकों में ये चर्चा और तेज हो गई कि यदि विपरीत हालात बने तो नया सीएम कौन होगा? ऐसे ही कयासों के बीच सीएम अरविंद की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने किसी पद पर न होने के बावजूद विधायकों की बैठक ले डाली। इससे साफ हो गया कि आम आदमी पार्टी में भी परिवारवाद का ‘प्रभाव’ दिखाई देने लगा है। ये अलग बात है सालों पहले केजरीवाल, मनीष और संजय सिंह राजनीति में परिवारवाद के खिलाफ बोलते रहे हैं, लेकिन जब केजरीवाल फंसे तो उन्हें भी लालू की तरह परिवार और पत्नी की याद आ गई है।

केजरीवाल ने आतिशी और सौरभ का नाम रणनीति के तहत लिया
सीएम की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने आप विधायकों के साथ ऐसे समय बैठक की है, जब ईडी ने अरविंद केजरीवाल के हवाले से अदालत में दावा किया कि शराब घोटाले का मुख्य संदिग्ध विजय नायर आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था। हालांकि, ईडी ने अदालत में करोड़ों के शराब घोटाले का किंगपिन सीएम केजरीवाल को ही बताया है। राजनीतिक हलकों में ऐसा माना जा रहा है कि केजरीवाल ने आतिशी और सौरभ का नाम रणनीति के तहत लिया है। क्योंकि आप नेताओं के जेल जाने के बाद ये वरिष्ठ नेता हैं और सीएम पद की दावेदारी कर सकते हैं। इस बीच सीएम आवास पर सुनीता केजरीवाल ने विधायकों की बैठक ली। इसमें आतिशी, सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत और गोपाल राय सहित करीब 55 विधायक मौजूद रहे। सूत्र बताते हैं कि विधायकों ने अरविंद केजरीवाल के जेल से सरकार चलाने, इस्तीफा देने की स्थिति में सीएम चेहरा बनाने आदि के मुद्दों पर मंथन किया।

लालू के नक्शेकदम पर चलते हुए पत्नी सुनीता का आगे बढ़ा रहे केजरीवाल
साल 1996 में लालू यादव का नाम चारा घोटाले में आया तो बिहार में सियासी भूचाल पैदा हो गया। तमाम तरह की संभावनाओं के बीच लालू यादव ने दबाव में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। अटकलें लग रही थीं कि लालू के राजनीति सफर का अंत हो गया, लेकिन तभी लालू यादव ने राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बना दिया। लालू यादव की तरह दिल्ली के मुख्यमंत्री बड़े शराब घोटाले में फंसे हैं। आम आदमी पार्टी के सामने दो बड़े सवाल हैं- केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद चुनाव में पार्टी का चेहरा कौन होगा? और भ्रष्टाचार के आरोपों से पार्टी कैसे बाहर निकलेगी और इसके नुकसान की भरपाई हो सकेगी? आज हालात ये हैं कि आप पार्टी में सेकेंड लाइन में आम लोगों से जुड़ा कोई बड़ा नेता नहीं है, जिसे सामने किया जा सके। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद पार्टी इस पर विचार कर रही है कि केजरीवाल की पत्नी को पार्टी का चेहरा बनाया जाए। केजरीवाल को अगर जमानत नहीं मिलती है, तो सुनीता केजरीवाल पार्टी के लिए प्रचार कर सकती हैं।

आतिशी जैसी एक्टिविस्ट के लिए भाजपा में कोई वैकेंसी नहीं- पुरी
इस बीच दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उन्हें, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक और राघव चड्ढा को गिरफ्तार करेगी। आतिशी ने मीडिया में यह भी हवा-हवाई दावा किया कि भाजपा ने एक करीबी व्यक्ति से पार्टी में शामिल होने का संदेश भेजा है। इधर, आतिशी के आरोप पर भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि आतिशी इस बारे में सबूत दें या कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि आतिशी जैसी एक्टिविस्ट के लिए भाजपा में कोई वैकेंसी नहीं है।

करोड़ों के शीशमहल से एशिया की सबसे बड़ी तिहाड़ जेल तक का सफर
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कभी सरकारी बंगले को शीशमहल बनाने में 45 करोड़ खर्च किए थे, लेकिन बीती रात उन्हें तिहाड़ जेल में गुजारनी पड़ी। कोर्ट ने 15 अप्रैल तक जेल में भेजा है। बता दें कि केजरीवाल ने सरकारी बंगले के सुंदरीकरण पर 44 करोड़ 78 लाख रुपये खर्च किए थे। इस भारी-भरकम खर्च पर भी सवाल खड़े हुए थे। अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में तिहाड़ जेल पहुंच गए हैं। जेल में पहली रात बेचैनी में बीती। वह 14 गुणा 8 फीट की कोठरी में देर रात तक घूमते रहे। कुछ ही देर सोए। एशिया की सबसे बड़ी जेल में बंद भारत के पहले मौजूदा मुख्यमंत्री को बैरक नंबर दो में रखा गया है। मुख्यमंत्री को दोपहर में चाय दी गई और रात के खाने में घर का बना खाना परोसा गया। जेल की दीवारों के तनाव ने केजरीवाल का शुगर लेबल घटा दिया है।

लालू, जयललिता, सोरेन ने दिया था सीएम पर दे इस्तीफा, लेकिन केजरीवाल…
लोक प्रतिनिधि अधिनियम 1951 में इस बात का कहीं उल्लेख नहीं है कि जेल जाने पर किसी जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री या मंत्री को इस्तीफा देना पड़े। विधायक या सांसद जेल जाएं तो सरकारी कामकाज में बाधा नहीं पड़ती। मंत्रियों के जेल जाने पर भी उनके विभाग दूसरे मंत्रियों को दिए जा सकते हैं, लेकिन मद्रास हाईकोर्ट ने जेल जाने के बावजूद मंत्री पद से बर्खास्त नहीं करने पर राज्य सरकार की आलोचना की थी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ED की गिरफ्तारी से पहले अपना त्यागपत्र दे दिया था। चारा घोटाले में गिरफ्तारी से पहले लालू प्रसाद यादव ने भी इस्तीफा देकर अपनी पत्नी राबड़ी को CM बना दिया था। इसी तरह जयललिता ने भी गिरफ्तारी से पहले इस्तीफा दे दिया था। लेकिन केजरीवाल से सीएम पद का मोह छूट ही नहीं रहा है। वे इस जिद पर अड़े हैं कि वे जेल से सरकार चलाएंगे। लेकिन जेल जाने के बावजूद त्यागपत्र नहीं देने से राज्य सरकार के समक्ष संवैधानिक संकट हो सकता है।

मैं भरोसा देता हूं कि दिल्ली की सरकार जेल से नहीं चलेगी- उप राज्यपाल
जेल से सरकार चलाने के AAP के दावे पर उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने बुधवार को यह बड़ी बात कही। उनसे जब यह पूछा कि क्या दिल्ली की सरकार जेल से चलेगी? इस सवाल पर एलजी ने कहा कि ‘ मैं लोगों को भरोसा देता हूं कि दिल्ली की सरकार जेल से नहीं चलेगी।’ कार्यक्रम के पहले दिन एलजी ने देश में हर क्षेत्र में हो रही तरक्की का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकास कर रहा है। विकास की यह यात्रा आगे बढ़ती रहेगी। भारत को अब रोका नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उप राज्यपाल ने कहा कि पीएम देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं। एलजी ने जन धन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में इसके तहत 50 करोड़ बैंक खाते खुले और 50 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास अपने मोबाइल फोन हैं।

जेल से सरकार चलाना आसान नहीं, राजनीति में ऐसा कोई उदाहरण भी नहीं
दरअसल, पार्टी को वन मैन शो की तरह चला रहे अरविंद केजरीवाल ने कोई सैकंड लाइनअप ही तैयार नहीं किया। मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और सत्येंद्र जैसे कुछेक जो बड़े नेता थे, वे भी अब जेल की सलाखों के पीछे हैं। शराब घोटाले में गिरफ्तारी के बाद भी अरविंद केजरीवाल CM के पद पर हैं। पार्टी कह रही है कि वे जेल जाते हैं, तो वहीं से सरकार चलाएंगे। हालांकि पूर्व में इस तरह का कोई उदाहरण भी नहीं है, क्योंकि ये इतना आसान नहीं है। फाइलों पर साइन करने से लेकर कैबिनेट मीटिंग तक के लिए उन्हें बार-बार कोर्ट से परमिशन लेनी होगी। इसके अलावा लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में न सिर्फ दिल्ली की सरकार चलाने की चुनौती है, बल्कि पार्टी को चुनाव की तैयारी भी करनी है। इसका पहला असर 22 मार्च को ही दिख गया। दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की वजह से स्थगित करना पड़ा।

जेल से सरकार चलाना गलत, फिर तो हर कोई जेल से ऑफिस चलाने लगेगा
पॉलिटिकल एक्सपर्ट मानते हैं कि ‘केजरीवाल जेल से सरकार चलाने की बात कह रहे हैं, लेकिन इससे गलत मैसेज जाएगा। फिर किसी यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर किसी केस में जेल चला गया, तो वो भी वहीं से ऑफिस चलाने की बात कहेगा। अपराधी भी कोर्ट से डिमांड करेंगे कि हमें भी जेल से काम करने की परमिशन दी जाए।’ दरअसल सीएम अरविंद केजरीवाल ने अबतक अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। वह ईडी की कस्टडी से ही दिल्ली की सरकार चला रहे हैं। वह अब तक अपने मंत्रियों को दो निर्देश भी जारी कर चुके हैं। ऐसे में हर किसी के मन में एक सवाल उठ रहा है। क्या दिल्ली की सरकार ऐसे ही जेल से चलती रहेगी? दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने इसका साफ-साफ जवाब दे दिया कि ऐसा नहीं होगा।

केजरीवाल के जेल जाने के बाद मजबूरी में एक्टिव हुई पत्नी सुनीता
सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद सुनीता केजरीवाल एक्टिव दिख रही हैं। दरअसल, यह उसकी मजबूरी भी है, क्योंकि आप के पास अब कोई बड़ा चेहरा है भी नहीं। इसलिए सुनीता केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट की थी। X पर सुनीता केजरीवाल की ये पोस्ट करीब एक साल बाद आई है। बीते एक साल में उन्होंने सिर्फ पार्टी और दूसरे नेताओं की पोस्ट को ही री-पोस्ट किया है। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद उनकी पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा होने लगी कि सुनीता केजरीवाल पार्टी का चेहरा बन सकती हैं। केजरीवाल के जेल जाने के बाद उनकी पत्नी सुनीता दो बार कैमरे के सामने मैसेज दे चुकी हैं। वीडियो में वे उसी जगह बैठी दिख रही हैं, जहां से अरविंद केजरीवाल लोगों को मैसेज देते हैं। दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह कदम सुनीता को पार्टी का चेहरा बनाने के लिए तो नहीं है?


“शीश महल” के लिए कुछ भी करेगा ; चाहे चक्कू छुरियां चलें या पार्टी स्वाहा हो, केजरीवाल खुद फंसेगा तो किसी को नहीं छोड़ेगा

सुभाष चन्द्र

तिहाड़ जेल की यात्रा तो हर हाल में शुरू होनी थी, यह केजरीवाल को पता था लेकिन पिछले 10 दिन से जिस बात के लिए मुंह बंद किए बैठा था, वह अचानक जेल जाने से पहले कह दी।  शायद 28 मार्च को कोर्ट में यही खुलासा करने के लिए सुनीता केजरीवाल कह रही थी जो उस दिन न करके आज किया जब कल 31 मार्च को रामलीला ग्राउंड से सुनीता को “लांच” कर दिया। 

जिस विजय नायर के लिए केजरीवाल ने शराब घोटाले में लिप्त और मुख्य कर्ताधर्ताओं से कहा था कि “विजय नायर मेरा आदमी है, इस पर भरोसा करना” वह नायर भला कैसे हो सकता है कि केजरीवाल को कुछ रिपोर्ट न करता हो, Officially न करता हो, Informally तो करता ही रहा होगा और आज केजरीवाल ने पल्ला झाड़ लिया ये कह कर कि विजय नायर आतिशी मारलेना और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था मुझे नहीं।

लेखक 
इतना जरूर है कि केजरीवाल ने अप्रत्यक्ष रूप से शराब घोटाला हुआ है। आतिशी और सौरभ का नाम बड़ी सोंची-समझी रणनीति में केजरीवाल ने नाम लिया है, शायद इनके नाम लेने से तिहाड़ जाने से बच जाऊं। लेकिन सुबह से अटकलों का बाजार बहुत ज्यादा गर्म था कि आज केजरीवाल हरहाल में तिहाड़ जायेगा, जो सामने आ गया। 

दूसरे, अपने electronic devices के पासवर्ड न बताने का भी बहुत बड़ा कारण है, संभव है इन divices में केजरीवाल परिवार के घोटाले छुपे हो सकते हैं। बेटे के जिम घोटाले की बीच में चर्चा तो चली थी, लेकिन पता नहीं किस कारण से वह वह घोटाला दब गया या फिर दबवा दिया गया।   

केजरीवाल कुछ भी कहता रहे, सरकार का मुखिया होने के नाते हर काम की जिम्मेदारी उसी की मानी जाएगी और के कविता इसके बारे में खुलकर बता भी चुकी है।

आतिशी केजरीवाल के जेल जाने के समय से पापड़ बेल रही थी कि कब केजरीवाल Resign करे और कब मैं मुख्यमंत्री बन कर “शीश महल” से राज करूं लेकिन केजरीवाल अपनी पत्नी सुनीता को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जुगाड़ लगा रहा था और इसलिए ही त्यागपत्र नहीं दे रहा कि जैसे ही सुनीता गद्दीनशीन हो, “शीश महल” पर कब्ज़ा बरक़रार रहे। 

केजरीवाल के दिमाग में आतिशी और सौरभ ही कुछ हद तक दो ऐसे मंत्री हैं जो मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए सुनीता को चुनौती दे सकते हैं, बाकी तो जेल में हैं और इसलिए केजरीवाल ने इन दोनों का नाम लेकर कोर्ट में उन्हें फंसा दिया। अब इन दोनों को ED का निमंत्रण आना तय ही समझो।

आज प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और कुमार विश्वास भगवान को कह रहे होंगे कि अच्छा हुआ कज्जू ने हमें पार्टी से निकाल दिया, वरना हम भी तिहाड़ जाने की पंक्ति में खड़े होते। 

केजरीवाल की “malafide intention” को यदि आतिशी और सौरभ और पार्टी में तीसमारखाँ समझने वाले अब भी नहीं समझते तो उनसे बड़ा मूर्ख कोई हो नहीं सकता, हालांकि आतिशी ने कुछ खुलासा करने की बात कही है। हो सकता है वह केजरीवाल के खिलाफ कुछ न कहे बस इतना दावा करे कि विजय नायर मुझे रिपोर्ट करता था और वह रिपोटिंग केजरीवाल तक भेजने के लिए होती थी, मैं तो केजरीवाल और नायर बीच एक माध्यम थी और ऐसा ही सौरभ के साथ था।

इसके अलावा उसे और सौरभ को जो भी कहना है वो ED के सामने खुलकर कह सकते हैं क्योंकि ED के सामने दिया हुआ बयान एक गवाही होता है। 

प्रथम दृष्टया तो लग रहा है कि केजरीवाल की लंका में आग लगने वाली है। कम से कम 25 लोग ऐसे हैं जिनमें कई तो पार्टी के संस्थापक थे, जिन्हे केजरीवाल ने पार्टी से निपटा दिया। उनमे अब आतिशी और सौरभ का भी नाम जुड़ने वाला है। केजरीवाल कहता था कांग्रेस ने इतने घोटाले किए लेकिन हर मामले में मनमोहन सिंह को आगे कर दिया और माल पीछे वाले खा गए।

केजरीवाल ने भी यही किया कि सब घोटाले करके आगे अपने मंत्रियों को कर दिया खुद कहीं साइन नहीं किए और माल भी कमा गया पता नहीं कितना। कांग्रेस के बहुत लोगों पर मुक़दमे चले हैं मगर फिर भी बचे हुए हैं लेकिन केजरीवाल जल्दबाजी में मूर्खता कर गया जो मंत्रियों समेत लपेटे में आ गया। 

सीढ़ियों से आदमी बिल्डिंग की 10  मंजिल चढ़ने में समय लगाता है लेकिन यदि मंजिल पर पहुंच कर रपट जाए तो पृथ्वी पर आने में कुछ ही समय लगता है। केजरीवाल को यह समझ नहीं आया और भ्रष्टाचार से कमाने की लालसा ने उसे ऊपर तो पहुंचा दिया लेकिन उसे पता नहीं था कि उससे भी जल्दी नीचे आ जाएगा।

एक बात विचित्र है - सिसोदिया केजरीवाल के मंत्रिमंडल में No 2 पर था लेकिन है जेल No 1 में और केजरीवाल No 1 leader है परंतु रहेगा जेल No 2 में।  

8 दिन में तीसरी बार ‘CM की कुर्सी’ पर दिखीं सुनीता, INDI गठबंधन का प्रदर्शन रद्द

शराब घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गुरुवार (21 मार्च, 2024) को गिरफ्तार किया गया। वो 1 अप्रैल तक ED की कस्टडी में रिमांड पर रहेंगे। पहले उन्हें एक सप्ताह के लिए कस्टडी में भेजा गया था, फिर इसे 4 दिन बढ़ा दिया गया। अब उनकी उपस्थिति में उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने बिना किसी पद के पार्टी की कमान सँभाल रखी हैं। अरविंद केजरीवाल वाली कुर्सी पर बैठ कर उन्होंने फिर से एक संबोधन दिया है। पीछे दोनों तरफ तिरंगा झंडा लगा हुआ है, एक तरफ भगत सिंह तो दूसरी तरफ भीमराव आंबेडकर की तस्वीर है।

सुनीता केजरीवाल ने इस दौरान लोगों को अरविंद केजरीवाल का वो भाषण सुनने की अपील की, जो उन्होंने राउज एवेन्यू कोर्ट में दिया था। इस दौरान उन्होंने ED पर ही वसूली रैकेट चलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनके घर मंत्री-सचिव लोग आते रहते हैं, खुसुर-पुसुर करते रहते हैं, दस्तावेजों का अदन-प्रदान करते हैं, ऐसे में उन्हें क्या पता कि कौन क्या कर रहा है। अरविंद केजरीवाल ने ये भी कहा था कि ED उन्हें फँसा कर AAP को खत्म करने के मिशन पर काम कर रही है।

सुनीता केजरीवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने जो कुछ कोर्ट के सामने कहा उसके लिए बड़ी हिम्मत चाहिए, वो एक सच्चे राष्ट्रभक्त हैं, बिलकुल ऐसे ही हमारे स्वतंत्रता सेनानी अंग्रेजों की तानाशाही से लड़ते थे। सुनीता ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से वो उनके साथ हैं, देशभक्ति उनके रोम-रोम में भरी है, उन्होंने तानाशाही ताकतों को ललकारा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वो इस लड़ाई में अपने ‘भाई’/’बेटे’ का साथ नहीं देंगे? इस दौरान उन्होंने 8297324624 व्हाट्सएप्प नंबर भी जारी किया।

उन्होंने कहा, “हम एक अभियान शुरू कर रहे हैं – केजरीवाल को आशीर्वाद। इस व्हाट्सएप्प नंबर पर आप अपने अरविंद को आशीर्वाद दे सकते हैं, शुभकामनाएँ-दुआएँ-प्रार्थना दे सकते हैं। कई माताओं-बहनों ने उनके लिए मन्नत माँगी है, वो भी लिख कर भेजें। कइयों ने अरविंद केजरीवाल के लिए व्रत रखा है। ये सब लिख कर भेजिए। जो मन में आए, सब भेजिए। हर परिवार का हर सदस्य लिख कर भेजे, मैं आप सबके मैसेज उनको देकर आऊँगी और सब उन तक पहुँचेगा, उन्हें बहुत अच्छा लगेगा। आप किसी भी पार्टी से हों, कोई भी हों, सभी महिलाएँ-बच्चे-बुजुर्ग अमीर-गरीब सब उन्हें कुछ न कुछ लिख कर भेजें।”

अवलोकन करें:-

केजरीवाल की गिरफ्तारी में कांग्रेस का हाथ! फिर क्रेडिट क्यों नहीं ले रही पार्टी; शिकायत पर हुई क

उधर शुक्रवार (29 मार्च, 2024) को भाजपा दफ्तरों के सामने प्रस्तावित I.N.D.I. गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को रद्द कर दिया गया है। दिल्ली में शिक्षा, PWD और संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय सँभाल रहीं आतिशी मार्लेना सिंह ने कहा कि अब ये विरोध प्रदर्शन 31 मार्च को होगा। कई वरिष्ठ नेताओं के इस विरोध प्रदर्शन में आने की सूचना थी, लेकिन अब ये रद्द हो गया है। रामलीला मैदान में विरोध प्रदर्शन की योजना है। हालाँकि, अभी तक साफ़ नहीं है कि कौन सी पार्टियाँ और नेता इसमें शामिल होंगे।

शराब घोटाले का पैसा कहाँ गया, 28 मार्च को बताएँगे केजरीवाल: ‘CM की कुर्सी’ पर बैठ पत्नी सुनीता

       अरविंद केजरीवाल को लेकर वकीलों को दिल्ली उच्च न्यायालय की फटकार, सुनीता केजरीवाल का नया बयान
शराब घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वो फ़िलहाल ED (प्रवर्तन निदेशालय) की कस्टडी में रिमांड पर हैं। AAP के लीगल सेल ने इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि जो वकील विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वो करें, लेकिन अपने जोखिम पर। बता दें कि बुधवार (27 मार्च, 2024) को AAP के लीगल सेल ने दिल्ली की सभी जिला अदालतों में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था।

इसी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कद कार्रवाई की चेतावनी दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने इस पर सवाल उठाया कि आखिर अदालत परिसर में कैसे विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा सकता है। दोनों जजों ने कहा कि अगर कोर्ट परिसर में प्रदर्शन किया जाता है तो इसके परिणाम काफी भयंकर होंगे। एक वकील ने AAP के लीगल सेल द्वारा प्रदर्शन के खिलाफ शिकायत का जिक्र किया था, जिस पर ये टिप्पणी आई।

अपने रिस्क पर प्रदर्शन करें वकील: दिल्ली हाईकोर्ट

उक्त वकील ने आधी रात को शिकायत की प्रति ईमेल की थी और इस पर त्वरित सुनवाई की माँग की थी। कोर्ट ने कहा कि 1 दिन बाद इस पर सुनवाई होगी, लेकिन साथ ही प्रदर्शनकारी वकीलों को चेताया भी। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थापित नियम का पालन किया जाएगा। साथ ही कहा कि अदालत को बाधित नहीं किया जा सकता है, कोर्ट को नहीं रोका जा सकता। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को अदालत में रुकने से नहीं रोका जा सकता।
अधिवक्ता वैभव सिंह ने ये शिकायत दर्ज कराई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रदर्शन को लेकर कहा, “आप कोर्ट तक पहुँचने के किसी के मूलभूत अधिकारों को नहीं छीन सकते। यही स्थापित कानून है। अगर कोई ऐसा करता है तो वो अपने जोखिम पर करेगा और ज़रूरत पड़ी तो हम कार्रवाई करेंगे।” BCI (बार काउंसिल ऑफ इंडिया) भी AAP के लीगल सेल को आगाह कर चुका है कि वो प्रदर्शन न करें। संस्था ने कहा कि न्यायपालिका के फैसले का इंतज़ार करना चाहिए, तब तक विभाजनकारी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहिए।

केजरीवाल कोर्ट में बताएँगे कहाँ है तथाकथित शराब घोटाले का पैसा: पत्नी सुनीता

उधर अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा है कि गुरुवार को उनके पति अदालत को बताएँगे कि दिल्ली शराब घोटाले का पैसा कहाँ लगा है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने 2 दिन पहले ही जल मंत्री आतिशी को सन्देश भेजा था कि लोगों की सीवर की समस्या का समाधान हो, क्या गलत किया। सुनीता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को इससे बेहद पीड़ा हुई है कि इस आदेश का विरोध हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस तथाकथित शराब घोटाले का एक पैसा किसी भी छापे में नहीं मिला है।

सुनीता केजरीवाल ने कहा, “इस तथाकथित शराब घोटाले का ये पैसा है कहाँ? अरविंद जी ने कहा है कि 28 मार्च को कोर्ट के सामने इसका खुलासा करेंगे, सारे देश को सच-सच बताएँगे और इसका सबूत भी देंगे। अरविंद जी सबसे सच्चे, देशभक्त, निडर और साहसी व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा है कि मेरा शरीर जेल में है लेकिन आत्मा आप सबके बीच है। आँखें बंद करो तो मुझे अपने आसपास महसूस करोगे।” सुनीता केजरीवाल ने एक बार फिर से अपने पति वाली कुर्सी पर बैठ कर ही ये संबोधन दिया।

अपने ही जाल में फंस रहा केजरीवाल; पानी, अस्पतालों की समस्या एक दिन में बिगड़ गई क्या?

सुभाष चन्द्र

अरविन्द केजरीवाल ने एक बार कहा था कि "मै anarchy हूँ", पहले भी कई बार ऐसी हरकतें करता रहा है, और अब ED की हिरासत में रहकर। दिल्ली की जनता ने ऐसे उपद्रवी मानसिकता वाले को अपना मुखिया चुना, जो इन्ही का भविष्य घोर संकट में डाल रहा है। कहावत है 'हम तो डूबेंगे सनम, तुमको भी लेकर डूबेंगे' को साबित कर रहा है केजरीवाल। या कहा जाये कि 'जब सियार की मौत आती है, शहर की तरफ भागता है।     

केजरीवाल जैसी हरकतें कर रहा है ED की custody में रह कर वो उसी के लिए मुसीबत बन जाएगी इसमें कोई शक नहीं है। जो मोबाइल नहीं संभाल सका, उसने दिल्ली का क्या किया होगा। 

लेखक 
शीश महल पर रेड के बाद 21 मार्च को केजरीवाल गिरफ्तार हुआ और 22 मार्च को कोर्ट ने उसे ED की custody में भेज दिया 28 मार्च तक के लिए।

23 मार्च को केजरीवाल की पत्नी उसे ED की custody में मिलती है और अगले दिन 24 मार्च को केजरीवाल का पत्र जनता के नाम मीडिया के सामने केजरीवाल की मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ कर पढ़ती है जबकि न वो कोई मंत्री है और न किसी ओहदे पर है सरकार में।

24 मार्च को ही आतिशी मार्लेना केजरीवाल के Custody से उसके नाम जारी किया हुआ आदेश मीडिया में सुनाते हुए भावुक हो कर कहती है कि केवल केजरीवाल जी ही ऐसे व्यक्ति हैं जो कैद में रहते हुए भी जनता की चिंता कर सकते हैं। केजरीवाल ने आतिशी को कहा दिल्ली के कई इलाकों में लोगों को पानी की समस्या हो रही है जिसे तुरंत देखिए। 

26 मार्च को केजरीवाल का एक और कथित आदेश सौरभ भारद्वाज के नाम जारी हुआ जो खुद सौरभ ने पढ़ कर सुनाया कि मोहल्ला clinics और सरकारी अस्पतालों में दवाइयों और tests के गंभी समस्याएं हैं और इस पर तुरंत कार्रवाई करो जिससे जनता को कोई समस्या न हो। 

अब ये दोनों कार्यालय आदेश केजरीवाल ने sign नहीं किए जिससे साफ़ पता चलता है कि आतिशी और सौरभ ने खुद ये फर्जी पत्र केजरीवाल के नाम से बनाए क्योंकि केजरीवाल को कोई computer नहीं दिया गया और ये पत्र computer पर type किए गए हैं।

केजरीवाल हो सकता है सुनीता को दिया पत्र और आतिशी/सौरभ को दिए पत्र गिरफ्तार होने से पहले ही कह गया हो कि ऐसे पत्र जारी कर देना या जो बड़े बड़े नौकरशाह (रिटायर्ड) जो feed back unit में काम करते रहे हैं, उन्होंने लिखे हों लेकिन केजरीवाल यह भूल गया कि इन पत्रों को जारी करना तो Custody में रह कर ही माना जाएगा।

फिर केजरीवाल यह भी भूल गया कि पानी और अस्पतालों/मोहल्ला क्लीनिक की दुर्दशा बता कर वह अपने ही मंत्रियों को निकम्मा साबित कर रहा है क्योंकि उसके कहने का मतलब है कि 21 मार्च तक जब तक मैं था, तब तक कोई समस्या नहीं थी और 2 दिन में आतिशी ने पानी की व्यवस्था बिगाड़ दी और सौरभ ने 4 दिन में अस्पतालों का बेड़ा गर्क कर दिया।

पानी की समस्या इसलिए बता रहा है कि जेल जाने पर पता नहीं कैसा पानी मिले और फिर जाना भी सरकारी अस्पताल में पड़ेगा।

जेल से सरकार चलाने का भूत जल्दी उतरेगा क्योंकि सब पर जल्द जांच में धोखाधड़ी का केस बना देगी ED और सारे अपने ही जाल में फंस जाएंगे।

यह फर्जीवाड़ा Constitutional machinery का ध्वस्त होना माना जा सकता है और सरकार को बर्खास्त किया जा सकता है जबकि यदि केजरीवाल त्यागपत्र देता है और किसी को कुर्सी सौंप देता है तो “आप” की हुकूमत शायद चलती रहे।

एक मामला जो बहुत गंभीर मोड़ पर पहुँच सकता है वह है ED के अधिकारियों की जासूसी का जिसके लिए हो सकता है देशद्रोह का भी केस चल जाए। एक खबर के मुताबिक केजरीवाल ने अपनी FeedBack Unit में 15 से ज्यादा रिटायर्ड नौकरशाहों के जरिए यह जासूसी कराई थी और जिनकी जासूसी की गई उनमे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज, वकील, नौकरशाह, तीनो सेना के अधिकारी और विपक्ष के नेता शामिल थे। इसकी जांच CBI पहले ही कर रही है। मजे की बात है इस कलाकार CM ने इज़रायल को Military Grade Snooping Device का order भी दिया था खरीदने के लिए जो उस कंपनी ने देने से मना कर दिया था।

जो रिटायर्ड नौकरशाह इस  Feedback Unit में काम कर रहे थे, उन पर तुरंत रेड होनी चाहिए और मामले की गंभीरता को देखते हुए हो सके तो उनकी पेंशन रोक देनी चाहिए।

2022 में आम आदमी पार्टी रही ‘करप्ट पार्टी ऑफ द ईयर’


वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी ‘करप्ट पार्टी ऑफ द ईयर’ रही। देश से भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी खुद भ्रष्टाचार के दलदल में धंस गई है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन जेल की हवा खा रहे हैं। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर शराब घोटाले में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इसी बीच कट्टर ईमानदारी का प्रमाणपत्र देने वाले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी भ्रष्टाचार के मामले में खुद घिरते जा रहे हैं। केजरीवाल पर 25.93 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी की चोरी करने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस मामले में मुख्य सचिव को जांच का आदेश दिया है। आम आदमी पार्टी में एक के बाद एक कई नेताओं पर भ्रष्टाचार, रिश्वत और हिंसा फैलाने के आरोप लगे और इस मामले में गिरफ्तारी हुई और जेल की सजा भी हुई। 2022 की बात करें तो केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के 10 से अधिक नेताओं पर भ्रष्टाचार सहित अन्य आरोप लगे, गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई अथवा जेल की सजा हो चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को हवाला मामले में ED ने किया गिरफ्तार

मई 2022
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को हवाला लेनदेन मामले में मई 2022 में गिरफ्तार किया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार किया। प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े हवाला लेनदेन के मामले में स्वास्थ्य मंत्री को गिरफ्तार किया और फिलहाल वे जेल में हैं। ED के मुताबिक, जांच में पाया गया था कि 2015-16 के दौरान सत्येंद्र जैन एक लोकसेवक थे, तो उनके द्वारा लाभकारी स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों को हवाला के जरिए कोलकाता बेस्ड एंट्री ऑपरेटरों को नकद ट्रांसफर के बदले शेल कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। ईडी ने उल्लेख किया कि इस रकम का उपयोग जमीन की सीधी खरीद या दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की खरीद को लिए गए कर्ज की अदायगी के लिए किया गया था। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का ईडी का मामला अगस्त 2017 में सीबीआई द्वारा उनके और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दर्ज एफईआआर से उपजा है।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर समेत 31 ठिकानों पर सीबीआई का छापा
अगस्त 2022
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी घोटाले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया व आईएएस अधिकारी ए गोपीकृष्ण के घरों समेत 31 जगहों पर छापे मारे। इनमें कई कारोबारी संस्थान व गोपीकृष्ण के दो सहयोगी अफसरों के ठिकाने भी शामिल हैं। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की सिफारिश पर ब्यूरो ने इस घोटाले 
में 17 अगस्त को सिसोदिया समेत 15 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। दिल्ली के अलावा छह राज्यों में लखनऊ, गुरुग्राम, मुंबई, चंडीगढ़, हैदराबाद व बंगलूरू में छापे मारे गए। सिसोदिया पर राजकोष को नुकसान पहुंचाने व शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ देने के आरोप हैं। छापे की जद में आए दिल्ली के पूर्व आबकारी आयुक्त गोपीकृष्ण 2012 बैच के आईएएस अफसर हैं। दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर उपराज्यपाल ने दिल्ली की 2021-22 की आबकारी नीति में गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए नामजद अधिकारियों समेत 11 को निलंबित कर दिया था। आरोप है कि 2017-18 से 2021-22 के बीच शराब बिक्री से राजस्व में 567.98 करोड़ रुपये की कमी आई।
केजरीवाल ने पत्नी के जरिए भूखंड बेचने में किया भ्रष्टाचार, जांच के आदेश
सितंबर 2022
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी भ्रष्टाचार के मामले में खुद घिरते जा रहे हैं। केजरीवाल पर 25.93 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी की चोरी करने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को इस मामले में जांच का आदेश दिया है। दरअसल दिल्ली लोकायुक्त को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ एक शिकायत मिली है। इसमें दावा किया गया है कि केजरीवाल ने हरियाणा के भिवानी में स्थित तीन शहरी वाणिज्यिक भूखंडों (प्लॉटों) को 15 फरवरी, 2021 को 4.54 करोड़ रुपये में बेचा और कागजों पर इनकी कीमत मात्र 72.72 लाख रुपये दिखाया। साथ ही उन्होंने अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल की मदद से तीन भूखंडों को क्रमशः 1.53 करोड़ रुपये, 1.87 करोड़ रुपये और 1.14 करोड़ रुपये की बाजार दर पर बेचे, लेकिन बिक्री विलेख में उल्लिखित 8,300/वर्ग गज की दर से अधिक राशि नकद में प्राप्त की। 
दिल्ली के लोकायुक्त ने 28 अगस्त, 2022 को उपराज्यपाल सक्सेना को सीएम केजरीवाल के खिलाफ यह शिकायत भेजी थी। शिकायत में लिखा था कि केजरीवाल ने सरकारी खजाने को स्टांप ड्यूटी के मामले में 25.93 लाख और कैपिटल गैन टैक्स में 76.4 लाख रुपये का धोखा दिया है। शिकायतकर्ता ने तीन बिक्री के कागजात भी साथ में भेजे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह “दिल्ली के मुख्यमंत्री के खिलाफ स्टांप शुल्क, आयकर, पूंजीगत लाभ कर और जालसाजी की चोरी का स्पष्ट मामला है”। शिकायत में एलजी से संबंधित एजेंसियों की मदद से मामले की जल्द से जल्द जांच कराने का आग्रह किया गया है।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला भ्रष्टाचार में गिरफ्तार
मई 2022
मार्च 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और दो महीने बाद ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला को अपनी कैबिनेट से हटा दिया। उन पर रिश्वत लेने के आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया गया। इसके बाद पंजाब पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर डॉ. विजय सिंगला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। करीब 10 वर्ष पहले विजय सिंगला आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। इस बार के पंजाब विधानसभा चुनाव में डॉ. विजय सिंगला ने मानसा से प्रसिद्ध गायक और कांग्रेस उम्मीदवार सिद्धू मूसेवाला को 60,000 से अधिक वोटों से हराया था। सिंगला की गिरफ्तारी के बाद भगवंत मान ने अपने को पाक-साफ और ईमानदार बताते हुए कहा कि मेरे ध्यान में एक केस आया। इस केस में मेरी सरकार का मंत्री शामिल था। एक ठेके में मेरी सरकार का मंत्री 1 फीसदी कमीशन मांग रहा था। इस केस का सिर्फ मुझे पता था। इस केस को दबाया जा सकता था। लेकिन ऐसा करना पंजाब की जनता के साथ धोखा होता। इसलिए तुरंत एक्शन लिया गया।
40 करोड़ के बैंक घोटाले में आप विधायक जसवंत सिंह पर सीबीआई का छापा
मई 2022
सीबीआई ने पंजाब के AAP विधायक जसवंत सिंह गज्जन माजरा के परिसरों पर छापेमारी की। माजरा पर बैंक के साथ 40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। सीबीआई ने पंजाब के संगरूर में तीन जगहों पर आम आदमी पार्टी के विधायक जसवंत सिंह से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की। माजरा अमरगढ़ से विधायक हैं। बताया जाता है कि बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर जसवंत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। छापेमारी के दौरान सीबीआई ने 94 साइन किए हुए ब्लैंक चेक और कई आधार कार्ड बरामद किए हैं। 40 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी माजरा से जुड़े परिसरों से 16.57 लाख रुपये, 88 विदेशी नोट, संपत्ति के कुछ दस्तावेज, कई बैंक खाते और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए।
आप विधायक बलबीर सिंह को पत्नी, बेटी और बेटे समेत 3 साल की जेल
मई 2022
पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायक बलबीर सिंह, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे को कोर्ट ने तीन साल जेल की सजा सुनाई है। मामला 11 साल पुराना है। पंजाब के पटियाला (ग्रामीण) से विधायक बलबीर सिंह और अन्य पर उनकी एक रिश्तेदार पर हमला करने का आरोप है। हालांकि, अदालत ने बलबीर सिंह, उनकी पत्नी रुपिंदर कौर, बेटे राहुल और एक अन्य व्यक्ति को सजा सुनाने के बाद जमानत दे दी। आप विधायक के खिलाफ मामला 2011 में उनके परिवार और उनकी पत्नी की बहन परमजीत कौर के बीच झगड़े से संबंधित है, जिनका विधायक के परिवार के साथ भूमि विवाद था। चारों को आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने), धारा 324 (स्वेच्छा से खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने), धारा 325 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने) और आईपीसी की धारा 506 (आपराधिक धमकी) के अपराध के लिये सजा सुनाई गई।
दिल्ली पुलिस ने AAP के विधायक अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार किया
मई 2022
दिल्ली पुलिस ने ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार किया। उन्हें सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में गिरफ्तार किया गया। दरअसल दिल्ली के नगर निकायों ने विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया था। इस दौरान मदनपुर खादर इलाके में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध प्रदर्शन में अमानतुल्लाह खान भी मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि मदनपुर खादर इलाके में स्थानीय लोगों ने बुलडोजर को रोकने की कोशिश की और सुरक्षा कर्मियों पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने अमानतुल्लाह खान समेत कई अन्य को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने मदनपुर खादर और धीरसेन मार्ग पर से अवैध और अस्थायी ढांचों को हटाया जबकि उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) ने रोहिणी और करोल बाग इलाके में कार्रवाई की। दिल्ली के तीनों नगर निगमों- एसडीएमसी, एनडीएमसी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में बीजेपी का शासन है।
रिश्वत लेने के मामले में AAP की निगम पार्षद को CBI ने किया गिरफ्तार
फरवरी 2022
मकान की छत बनाने देने के बदले ₹20000 की रिश्वत ले रही पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी की निगम पार्षद गीता रावत को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उसके एक सहयोगी समेत गिरफ्तार किया है। सीबीआई के मुताबिक उसका सहयोगी उसके ऑफिस के पास ही मूंगफली बेचने का काम करता है। सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी के मुताबिक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उसमें पूर्वी दिल्ली की वार्ड संख्या दस ई की निगम पार्षद गीता रावत और उसका सहयोगी बिलाल शामिल है। सीबीआई के मुताबिक शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को शिकायत की थी कि उसे अपने मकान के ऊपर छत बनवानी थी। आरोप है कि इस छत को डालने देने के बदले निगम पार्षद गीता रावत ने 20000 रुपए की रिश्वत मांगी। यह भी आरोप है कि शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत की रकम न दिए जाने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। शिकायतकर्ता को कहा गया कि वह यह रकम उसके ऑफिस के पास मूंगफली आदि बेचने वाले बिलाल को दे दे। सूचना के आधार पर सीबीआई ने मामले की आरंभिक जांच की। इस जांच के दौरान जब आरंभिक तौर पर यह पाया गया कि वास्तव में रिश्वत की मांग की गई है तो सीबीआई ने रंग लगे नोट देकर शिकायतकर्ता को रिश्वत देने भेजा। इसके बाद रिश्वत ले रहे बिलाल और निगम पार्षद गीता रावत को गिरफ्तार कर लिया गया।
AAP की पूर्व पार्षद निशा सिंह को 7 साल की जेल
अप्रैल 2022
आम आदमी पार्टी से जुड़ी गुरुग्राम की पूर्व पार्षद निशा सिंह को एक अदालत ने 7 साल की सजा सुनाई। दरअसल निशा सिंह पर 2015 में एक भीड़ को भड़काने का आरोप है, जिसने पुलिस टीम पर पेट्रोल बम और पत्थरों से हमला कर दिया था। यह पुसिल टीम अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत शहर के सेक्टर-47 स्थित झीमर बस्ती गई हुई थी। 7 साल पहले हुई इस घटना में 17 लोगों को सजा सुनाई गई है, जिसमें 10 महिलाएं शामिल हैं। पार्षद निशा सिंह के अलावा बाकी सभी ग्रामीण महिलाएं हैं। पूर्व पार्षद निशा सिंह ने राजनीति में कदम रखने के लिए प्राइवेट नौकरी छोड़ दी थी। 2011 में उन्होंने गुरुग्राम नगर निगम का चुनाव निर्दलीय लड़ा और वार्ड नंबर 30 से पार्षद चुनी गईं। बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन कर लिया और 2016 तक पार्षद रहीं। 15 मई 2015 को हुई इस झड़प के बाद पार्षद सिंह को 18 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके बाद से ये लोग बेल पर बाहर थे, लेकिन अदालत के आदेश के बाद घटना के सभी आरोपियों को भोंडसी जेल भेज दिया गया।
पुलिसकर्मी को कार की बोनट पर घसीटने वाला AAP नेता युवराज सिंह जडेजा गिरफ्तार
अप्रैल 2022
ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी को कार की बोनट पर बिठाकर घसीटने के आरोप में गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता युवराज सिंह जडेजा को गिरफ्तार किया गया। जडेजा आप पार्टी के यूथ विंग के नेता हैं। हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उन्हें साबरमती जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी 5 अप्रैल 2022 को हुई। जडेजा की गिरफ्तारी गांधी नगर पुलिस ने की। पुलिस ने कोर्ट से आरोपित आप नेता का रिमांड नहीं मांगा। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में साबरमती जेल भेज दिया गया। जडेजा के साथ उनका एक साथी भी जेल भेजा गया। जडेजा पर IPC की धारा 332 (ऑन ड्यूटी स्टॉफ पर हमला करने) और 307 (जान से मारने के प्रयास) के तहत केस दर्ज किया गया।
अहमदाबाद नगर अध्यक्ष जयंतीलाल मेवाड़ा के खिलाफ कोर्ट में शिकायत
अगस्त 2022
आम आदमी पार्टी के अहमदाबाद शहर अध्यक्ष के खिलाफ अरावली कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई है। कलोल निवासी विरल गिरी गौस्वामी ने मोडासा कोड में शिकायत दर्ज कराई है। नगर अध्यक्ष जयंतीलाल मेवाड़ा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में शिकायतकर्ता ने कहा कि जयंतीलाल मेवाड़ा ने अपनी ड्यूटी के दौरान 300 करोड़ के भ्रष्टाचार के जरिए संपत्ति खरीदी। अरावली जिले के बैद तालुका में 24 संपत्तियां खरीदीं। जयंतीलाल मेवाड़ा एक सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक हैं। मोडासा कोर्ट में जयंतीलाल, उनकी पत्नी, बेटे और बेटी समेत 6 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। जयंतीलाल मेवाड़ा वर्तमान में आप की ओर से घोषित असरवा विधानसभा उम्मीदवार हैं।
केजरीवाल के भ्रष्टाचार, वृक्षारोपण की आड़ में घोटाला
सितंबर 2022
दिल्ली में एक के बाद एक कई घोटालों को अंजाम देने के बाद अब वृक्षारोपण घोटाला सामने आया है। इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में वृक्षारोपण में ‘वित्तीय अनियमितताओं’ पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए नोटिस जारी कर यह पूछा है कि पिछले पांच साल में कितने और किस प्रकार के पौधे लगाए गए और उन पर कितना खर्च हुआ है। अदालत को यह बताया गया कि सरकारी एजेंसियां केवल यह लक्ष्य रखती हैं कि पेड़ कितने लगाए गए जबकि पर्यावरण संबंधी लक्ष्य उनके एजेंडे से नदारद रहता है। यानी लगाए गए पौधे बचे हैं या नहीं और प्रदूषण को कम करने में इन पौधों का क्या रोल है, इसकी खोज खबर कोई नहीं लेता है। कैग की रिपोर्ट में भी दिल्ली में पौधारोपण में घोर अनियमितता और मृतप्राय दिल्ली ट्री अथारिटी पर प्रकाश डाला गया है।