केजरीवाल को कोर्ट से मिले 'Special Treatment' के पुख्ता सबूत; मीलॉर्ड ने कुछ और भी किया जो सुनीता भी कह रही है कि “वोट दोगे तो जेल नहीं जाना पड़ेगा”

सुभाष चन्द्र

यह लेख लिखने से पहले एक बात बड़े दुःख के साथ कहना चाहता हूं कि एक Youtuber अपना चैनल चलाते हैं “coffee with Sumeet Jain”, ये साहब कोर्ट से संबंधित मेरे कई लेख उठाकर अपने वीडियो youtube पर डाल रहे हैं और पैसा बना रहे है। ऐसा ही काम पिछले दिनों एक और चैनल ONLY NEWS 24x7 ने किया था और मेरे 17 से ज्यादा लेख चोरी कर अपने वीडियो बना कर youtube पर पोस्ट किये थे ऐसा करना उचित नहीं है क्योंकि मैं बहुत मेहनत से लेख लिखता हूं और कोई उन्हें चोरी करके पैसा कमाए तो मुझे दुःख तो होगा ही 

लेखक 
चर्चित यूटूबर 
मेरे अपने youtube channel का तो अभी monetization भी नहीं हुआ और न होने की उम्मीद है क्योंकि youtube मेरे views हर वीडियो में 15 से 35% तक कम कर देता है  @सुमीत जैन कृपया ऐसा करना बंद कीजिए कोई मुझे यह शिक्षा न दे कि वो मेरे विचारों को publicity दे रहे हैं ऐसा नहीं है, वो अपने नाम से वीडियो बना कर अपनी publicity करके पैसा कमा रहे हैं मुझे उम्मीद है जो गंभीर विषय में यहां लिख रहा हूं Sumeet Jain उसे भी उठा लेंगे 

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता द्वारा केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने पर उनके फैसले पर सोशल मीडिया पर निंदा होने के बाद और गृह मंत्री अमित शाह के कहने के बाद कि बहुत लोगों का मानना है कि केजरीवाल को special treatment मिला, जस्टिस खन्ना ने सफाई दी थी कि हमें जो सही लगा उसके अनुसार आर्डर दिया गया 

लेकिन सबसे बड़ा पुख्ता सबूत केजरीवाल को special treatment दिए जाने का और भी दिखाई देता है और वह यह है कि गिरफ़्तारी को अवैध कहने वाली उसकी याचिका को जनहित याचिका के रूप में दायर किया गया था और इसे खन्ना/दत्ता की बेंच ने PIL मान कर ही सुनवाई की थी जो सरासर कानूनी तौर पर गलत था और यही special treatment था

सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 32 में PIL दायर करते हुए याचिकाकर्ता को घोषित करना होता है कि वह याचिका स्वीकार होने पर मिलने वाले लाभ में किसी तरह भागीदार नहीं है, यह केवल जनहित का मामला है और मैं किसी तरह Interested Party नहीं हूं

केजरीवाल अपनी गिरफ़्तारी को चुनौती देने के लिए PIL कैसे दायर कर सकता है, उसमे जनहित का कोई विषय था ही नहीं, और हर तरह से वही “लाभार्थी” है फिर मीलॉर्ड का उसकी याचिका PIL की तरह admit करना ही एक और पुख्ता सबूत है उसके प्रति special treatment दिखाने का

मीलॉर्ड, कुछ तो हुआ लगता है जो पहले केजरीवाल कह रहा था कि “आप मुझे वोट दोगे तो मुझे वापस जेल नहीं जाना पड़ेगा” उसकी बात को खन्ना जी ने उड़ा दी यह कह कर कि यह केजरीवाल की सोच है, उसका हम कुछ नहीं कर सकते कल सुनीता केजरीवाल ने जनता से कहा कि “आप यदि ज्यादा से ज्यादा वोट देंगे तो केजरीवाल जी को जेल नहीं जाना पड़ेगा “ 

इसका मतलब यही निकलता है कि चुनाव के नतीजे 4 जून तक आने तक तो केजरीवाल Surrender नहीं करेगा जिसके लिए गोली जमानत मिलते हुए ही फिट हो गई थी, इंडी गठबंधन की जीत के बाद वो ऐलान कर ही चुका है कि 5 जून को जेल से बाहर आ जाएगा अब दाल में क्या काला था, यह या तो मीलॉर्ड जानते हैं, या सिंघवी जानता है और या केजरीवाल जानता है पर कुछ तो गड़बड़ जरूर हुई थी

अब मेट्रो में कोई कुछ लिखा गया, उस पर केजरीवाल की पार्टी चालू हो गई कि PMO में केजरीवाल की हत्या की साजिश हो रही है

 जबकि जो लिखा गया है, उसे देख कर लगता है इसकी पार्टी की खुद का ही षड़यंत्र है केजरीवाल की ऐसी क्या औकात है जो PM उसके लिए अपना समय बर्बाद करेंगे

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