मुख्यमंत्री आवास के बाद AAP के दफ्तर में गुंडागर्दी : ‘टाइम्स नाउ’ के पत्रकारों से बदसलूकी, पीटा, धक्का दिया, कैमरे का स्क्रीन तोडा, गालियाँ बकी… 7 करोड़ रूपए की विदेशी फंडिंग पर पूछा था सवाल

                                       AAP के दफ्तर में 'टाइम्स नाउ' के पत्रकारों से बदसलूकी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बार-बार तानाशाह कहने वाला विपक्ष एक बार फिर से बेनकाब हो गया है। दिल्ली की सत्ताधारी ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के दफ्तर में मीडिया संस्थान ‘टाइम्स नाउ’ के पत्रकारों के साथ मारपीट की गई है। ‘टाइम्स नाउ’ के क्रू में शामिल मीडियाकर्मियों को न सिर्फ थप्पड़ जड़े गए, बल्कि उनके साथ धक्कामुक्की भी की गई। असल में आकांक्षा खजुरिया AAP को लेकर ED (प्रवर्तन निदेशालय) की रिपोर्ट को लेकर कवर करने गई थीं।
अब चर्चा है कि 'क्या मुख्यमंत्री आवास के बाद पार्टी ऑफिस को गुंडागर्दी का अड्डा बनाया जा रहा है?' केजरीवाल कब तक सफेदपोशी गुंडागर्दी करते रहेंगे? क्या सुप्रीम कोर्ट ने इसी गुंडागर्दी के लिए केजरीवाल को interim bail दी है? इस गंभीर मुद्दे INDI गठबंधन को खुलकर आना चाहिए। स्वाति मालीवाल कांड से केजरीवाल ने अपनी पार्टी और परिवार को दुर्गति के दरवाजे पर पहुंचा दिया है, क्या INDI गठबंधन केजरीवाल का हाथ थाम अपनी पार्टियों का भी यही हाल करना चाहते हैं। चुनाव आएंगे जायेंगे, कोई जीतेगा कोई हारेगा, लेकिन क्या मोदी विरोध में INDI गठबंधन अराजक पार्टी का साथ देते रहेंगे? इतना तो तय है मतदान समाप्त होते ही, सब अपना-अपना रास्ता नाप लेंगे, चुनाव परिणाम तक कोई नहीं रुकने वाला।   

AAP के ‘चीफ मीडिया कोऑर्डिनेटर’ विकास कुमार ने इस करतूत को अंजाम दिया है। असल में ये पत्रकार विदेशी फंडिंग के मामले में सवाल पूछ रहे थे, जो AAP नेताओं को पसंद नहीं आया। पत्रकारों को गालियाँ भी बकी गईं। साथ ही कैमरा के स्क्रीन को तोड़ डाला गया। ये सब कैमरे में कैद हो गया। बता दें कि AAP को 2014-22 के बीच 7.08 करोड़ रुपए की विदेशी फंडिंग मिली है। ED ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस संबंध में रिपोर्ट भी भेज दी है।

 इस रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने FCRA (विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम) का उल्लंघन किया है। साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (RPA), 1951 का भी उल्लंघन किया गया है। ‘टाइम्स नाउ’ की नाविका कुमार ने बताया कि दूसरी बार ऐसा हुआ है जब उनके चैनल के पत्रकारों के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है। उन्होंने बताया कि ‘शीशमहल’ घोटाले को उजागर करने के बाद उनकी पत्रकार भावना किशोर को जेल में बंद कर दिया गया था।

अरविंद केजरीवाल ने अपने आधिकारिक आवास को चमकाने में सरकारी खजाने से 45 करोड़ रुपए खर्च किए थे, वो भी कोरोना महामारी के भीषण दौर में। नाविका कुमार ने अरविंद केजरीवाल से कहा कि वो अपनी पार्टी के गुंडों को नियंत्रण में रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी रिपोर्टर या वीडियो जर्नलिस्ट को छुआ जाएगा तो दिल्ली की पूरी जनता के गुस्सा का सामना AAP को करना पड़ेगा। बता दें कि AAP को कनाडा, सऊदी अरब और ऑस्ट्रेलिया तक से फंडिंग आई है।

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