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| आतंकी साकिब नाचन बना रहा था ISIS का सेंटर (चित्र साभार- इंडियन एक्सप्रेस) |
भारत की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई के बारे में पत्रकार पंकज प्रसून ने एक नई रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट में मुंबई से 50 किलोमीटर दूर बैकवाटर के पडघा में आतंकी सगंठन ISIS की गतिविधियाँ संचालित होने का दावा किया गया है। इन आतंकी गतिविधियों का मास्टरमाइंड साकिब नाचन नाम का आतंकवादी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पडघा को ISIS के सेंटर बनाने की साजिश के चलते ही उसका नाम बदल कर अल शाम कर दिया गया है।पंकज प्रसून की इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब अल शाम नाम से जानी जाने वाली पडघा नाम की जगह शरिया कानून लागू करने की साजिश रची जा रही है। यह जगह अब भारत के कानूनों को मानने के बजाय एक स्वतंत्र क्षेत्र की तरह काम कर रही है। इस जगह को आतंकवाद का केंद्र आतंकवादी साकिब नाचन ने बनाया है। कभी पडघा एक शाँत जगह हुआ करती थी लेकिन अब यहाँ अपरिचित और संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही लगी रहती है। यहाँ रहने वाले लोगों में कट्टरपंथ भी तेजी से पनपा है।
साल 2023
में ‘राष्ट्रीय जाँच एजेंसी’ (NIA) ने पडघा में छापा मारा था। तब 44 ऐसे ड्रोन का पता चला था जिनका प्रयोग मुंबई में हमले के लिए किया जाना था। इन आधुनिक उपकरणों को हासिल करने में आतंकियों को निश्चित तौर पर बाहर से सहयोग मिलने का अनुमान लगाया गया था। पर सिर्फ ड्रोन ही चिंता क विषय नहीं थे। इसके साथ आतंकी ठिकाने से कट्टरपंथी साहित्य और इजरायल के झंडे भी बरामद हुए थे। इन वस्तुओं से यह अनुमान लगाया गया कि आतंकियों के मंसूबे काफी खतरनाक थे।
महानगर मुंबई के इतने पास ऐसे आतंकी केंद्र का सामने आना सुरक्षा को ले कर गंभीर खतरे की तरफ इशारा करता है। साथ ही इस खतरे को खत्म करने की दिशा में सोचने के लिए भी विवश करता है।
कौन है साकिब नाचन
साकिब नाचन भारत में ISIS की जड़ें जमाने में जुटा मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। वह मूल रूप से प्रतिबंधित आतंकी संगठन SIMI से जुड़ा है। साकिब पर दिसंबर 2002 में मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर हुए विस्फोट का भी आरोप था। इस विस्फोट में 25 लोग घायल हुए थे। एक माह बाद मुंबई के विले पार्ले एरिया में भी ब्लास्ट हुआ था। इस धमाके में 1 व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि 25 अन्य घायल हुए थे। इस धमाके का भी मास्टरमाइंड साकिब नाचन बताया गया था। मार्च 2003 में मुलुंड में हुए बम विस्फोट में भी साकिब नाचन ही मुख्य साजिशकर्ता बताया गया था। इस ब्लस्ट में 11 लोग मारे गए थे जबकि 82 अन्य घायल हुए थे।
साकिब को अप्रैल 2003 में गिरफ्तार कर लिया गया था। वह 7 साल से अधिक समय तक जेल में रहा था। 2011 में साकिब को जमानत मिल गई। हालाँकि कुछ ही महीने बाद उसे हत्या के प्रयास में एक बार फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। तब साकिब ने विश्व हिन्दू परिषद कार्यकर्ता और वकील मनोज रायचा की हत्या की कोशिश की थी। साकिब को मार्च 2016 में अदालत ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत हथियार रखने का दोषी माना। तब साकिब को 10 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। हालाँकि साकिब ने महज 1 साल 8 महीने ही जेल में बिताए। नवंबर 2017 में उसे जमानत मिल गई और वो रिहा हो गया।
बेहद खरतनाक है साकिब के इरादे
सिमी के पूर्व पदाधिकारी साकिब नाचन ने मुंबई से सटे पडघा को एक अलग राज्य बनाने की साजिश रची। अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए उसने रणनीतिक ढंग से नए रंगरूटों को बसाया। खुफिया सूत्रों की मानें तो नाचन ने युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए कई ट्रेनिंग और कार्यक्रम आयोजित करवाए। इन कार्यक्रमों के लिए विदेशों से फंडिंग की हुई। साकिब अपने द्वारा तैयार किए गए रंगरूटों से 26/11 से भी बड़ा आतंकी हमला भारत में करना चाहता था। उसकी मंशा पूरे देश में बम धमाके करने की थी।
साकिब नाचन जिन भी युवाओं को अपनी टीम में भर्ती करता था उनको जिहाद की कसम दिलाई जाती थी। इस पूरी आतंकी टीम को विदेशी आकाओं से निर्देश मिला करते थे। पद्घा (अल-शाम) गाँव में साकिब अपनी टीम के सदस्यों को IED बनाने से ले कर हमले की ट्रेनिंग दिया करता था। आर्थिक रूप से कमजोर मुस्लिम युवकों को साकिब लालच दे कर अपने साथ मिलाने की कोशिश करता था। ISIS का भारत में बेस बन रहे पद्घा में NIA ने दिसंबर 2023 में दबिश दी। तब NIA ने नाचन सहित कुल 15 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था।
साकिब की गिरफ्तार से कुछ महीने पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसके बेटे शामिल नाचन को पकड़ा था। साकिब के बेटे पर भी अपने अब्बा के नक्शे कदम पर चल कर आतंकी हरकतों को संचालित करने का आरोप है।
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