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दिल्ली : घोटाले ही घोटाले : उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली महिला आयोग के 223 कर्मचारियों को नौकरी से हटाया

अरविन्द केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट की पीठ को गुमराह कर अपने electronic devices के पासवर्ड नहीं बताने का कारण सामने आने शुरू हो रहे हैं। पीठ ED को पासवर्ड तोड़ने का आदेश क्यों नहीं दे रही? शराब घोटाला, जल बोर्ड घोटाला, वक़्फ़ बोर्ड घोटाला और जो दिल्ली महिला आयोग में घोटाला सामने आया है, इससे भी भयंकर घोटाले बाहर आने को बेचैन हो रहे हैं। केजरीवाल भी महिला आयोग में हुए घोटालों से इंकार नहीं कर सकता। Too many heads to roll. 

दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली महिला आयोग के 223 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है। इनकी नियुक्तियाँ दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने गलत तरीके से की थी। दिल्ली महिला आयोग के पास सिर्फ 40 कर्मचारियों का कोटा है, लेकिन स्वाति मालीवाल ने नियमों को अनदेखा करते हुए बिना उपयुक्त मंजूरी के ही इनकी नियुक्ति की थी।

इस मामले का खुलासा वेतन देते समय हुआ था, जब एक महिला कर्मचारी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपना वेतन माँगा था। अब एलजी ने जाँच के बाद इस पर एक्शन लिया है और गलत तरीके से की गई सभी भर्तियों को रद्द कर दिया है। इस भर्ती घोटाले का समय 2016 का है, जब दिल्ली के वक्फ बोर्ड में भर्ती घोटाले को अंजाम दिया गया था। उस मामले में वक्फ बोर्ड के दो बार अध्यक्ष रहे ओखला से आम आदमी पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान को जेल भी जाना पड़ा था। वक्फ बोर्ड में 2016 में फर्जी नियुक्तियों के बाद 2019 में भी अवैध तरीके से 32 नियुक्तियाँ की गई थी।

वहीं, दिल्ली महिला आयोग में 223 लोगों को अवैध तरीके से भर्तियाँ की गई थी, जिन्हें दिल्ली के एलजी ने नौकरी से निकाल दिया है। दिल्ली प्रशासन द्वारा जारी एलजी के आदेश पत्र में सभी बिंदुओं को विस्तार से बताया गया है। इन कर्मचारियों को स्वाति मालीवाल द्वारा वित्त विभाग/दिल्ली एलजी की मंजूरी के बिना नियुक्त किया गया था। यही नहीं, दिल्ली महिला आयोग के पास इन 223 लोगों को संविदा कर्मचारियों के रूप में नियुक्त करने की शक्ति भी नहीं थी, और न ही इतनी नियुक्तियों की जगह ही थी। दिल्ली महिला आयोग अधिनियम द्वारा इस विभाग में 40 पदों का ही सृजन किया गया था। ऐसे में स्वाति मालीवाल ने नियमों को अनदेखा कर इनकी नियुक्तियाँ की थी।

इस मामले में दिल्ली महिला आयोग के जुड़े सचिव ने उन्हें चेताया भी था और स्वाति मालीवाल को बताया भी था कि वो बिना वित्त विभाग की मंजूरी के नियुक्तियाँ नहीं कर सकती। पहले इसके लिए पद का सृजन होना चाहिए। लेकिन स्वाति मालीवाल ने सलाह को दरकिनार करते हुए ये भर्तियाँ की। इन भर्तियों की शिकायत सचिव ने की थी, साथ ही ये मामला दिल्ली हाई कोर्ट में भी गया था, जब वेतन न मिलने पर एक महिला कर्मचारी ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

स्वाति मालीवाल साल 2015 में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बनी थी और अगले ही साल उन्होंने ये नियुक्तियाँ की थी। दिल्ली महिला आयोग नें 223 नियुक्तियों के बाद से वेतन का मामला लगातार उठता रहा था और कर्मचारियों को हाई कोर्ट की शरण में जाने के बाद वेतन मिल रहा था। इस मामले की जाँच के बाद ही अब एलजी ने ये कदम उठाया है। कुछ लोग इस मामले में भ्रष्टाचार का अंदेशा भी जता रहे हैं कि कहीं इन नियुक्तियों की आड़ में दिल्ली वक्फ बोर्ड की तरह भ्रष्टाचार तो नहीं किया गया।

वक्फ बोर्ड घोटाला क्या है?

जिस समय स्वाति मालीवाल ने दिल्ली महिला आयोग में भर्तियाँ की, ठीक उसी समय दिल्ली वक्फ बोर्ड के पहली बार अध्यक्ष रहे आप नेता और ओखला से विधायक अमनातुल्लाह खान ने वक्फ बोर्ड में नियुक्तियाँ की थी। उस मामले में सीबीआई की जाँच चल रही है। वहीं, साल 2018 में वक्फ बोर्ड का दोबारा अध्यक्ष बनने के बाद अमानतुल्लाह खान की अगुवाई में 32 लोगों की भर्तियाँ वक्फ बोर्ड में की गई। इन भर्तियों में अमानतुल्लाह खान के करीबी रिश्तेदार और ओखला से ही 24 लोगों को चुना गया। यही नहीं, अमानतुल्लाह के पैतृक गाँव से जुड़े लोगों को भी नौकरियाँ दी गई थी। कॉन्ग्रेस ने बाकायदा इन भर्तियों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया था।
अमानतुल्लाह खान को इस मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार भी किया था और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। यही नहीं, वित्त विभाग ने पत्र जारी कर अमानतुल्लाह खान पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद अमानतुल्ला खान को वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष का पद भी छोड़ना पड़ा था। अमानतुल्लाह खान ने वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष रहते और भी कई गंभीर आपराधिक कामों को अंजाम दिया, जिसमें उन्होंने वक्फ की संपत्तियों को अवैध तरीके से किराए पर देकर पैसे कमाए। वहीं, भर्तियों के माध्यम से भी उन पर पैसे बनाकर रियल इस्टेट में निवेश का आरोप है। सीबीआई के बाद अब ईडी ने अमानतुल्लाह खान को समन जारी किया है।

लद्दाख के LG ब्रिगेडियर मिश्रा ने राहुल गाँधी के दावों पर दिया करारा जवाब, बोले – हमारे जवान पूरी तरह तैयार

            लद्दाख के उप-राज्यपाल ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) बीडी मिश्रा ने राहुल गाँधी के जवाब का दिया करारा जवाब
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने दावा किया था कि चीन ने भारत की जमीन कब्जा ली है, जिसके बाद लद्दाख के राज्यपाल ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) BD मिश्रा ने उन्हें कराया जवाब दिया है। राहुल गाँधी के बयान पर प्रतिक्रिया माँगे जाने पर उप-राज्यपाल ने कहा कि वो किसी के बयान पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन वो तथ्य बताएँगे जो कि उन्होंने खुद अपनी आँखों से देखा है। उन्होंने साफ़-साफ़ कहा कि चीन ने भारत की 1 वर्ग इंच की जमीन पर भी कब्ज़ा नहीं किया है।

ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) बीडी मिश्रा ने कहा कि सन् 1964 में क्या हुआ वो उस समय की बात थी, लेकिन आज के समय में भारत अंतिम इंच तक अपनी जमीन को नियंत्रण में रखे हुए है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वो नेताओं के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देंगे, जो तथ्य है बस वही बता रहे हैं। LG ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल किसी भी प्रकार की घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई कुछ भी गड़बड़ी करता है तो उस पर कड़ा जवाब दिया जाएगा।

25 अगस्त, 2023 को राहुल गाँधी कारगिल पहुँचे थे। वहाँ एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि ये एक स्ट्रैटेजिक लोकेशन है, ऐसे में एक चीज स्पष्ट है कि चीन ने भारत की जमीन कब्जाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी झूठ बोलने का आरोप लगा दिया था। उन्होंने कहा था कि ये जमीन का मसला है और चीन हमारी और जमीन ले लेना चाहता है। लद्दाख में राहुल गाँधी ने बाइक भी चलाई थी। अब LG ने उनके इन आरोपों को नकार दिया है।

इतना ही नहीं, मुंबई में हुई विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. की बैठक के बाद हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी राहुल गाँधी ने अपने इस आरोप को दोहराया था कि चीन ने भारत की जमीन कब्जाई है। साथ ही उन्होंने भारत सरकार पर चीन के साथ इसके लिए समझौता करने तक के आरोप लगा दिए थे। उन्होंने केंद्र सरकार पर लद्दाख की जनता से धोखा का आरोप मढ़ा था। भाजपा ने भी उन पर हमला बोलते हुए पूछा था कि वो चीन के प्रवक्ता की तरह व्यवहार क्यों कर रहे हैं?

2022 में आम आदमी पार्टी रही ‘करप्ट पार्टी ऑफ द ईयर’


वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी ‘करप्ट पार्टी ऑफ द ईयर’ रही। देश से भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी खुद भ्रष्टाचार के दलदल में धंस गई है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन जेल की हवा खा रहे हैं। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर शराब घोटाले में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इसी बीच कट्टर ईमानदारी का प्रमाणपत्र देने वाले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी भ्रष्टाचार के मामले में खुद घिरते जा रहे हैं। केजरीवाल पर 25.93 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी की चोरी करने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस मामले में मुख्य सचिव को जांच का आदेश दिया है। आम आदमी पार्टी में एक के बाद एक कई नेताओं पर भ्रष्टाचार, रिश्वत और हिंसा फैलाने के आरोप लगे और इस मामले में गिरफ्तारी हुई और जेल की सजा भी हुई। 2022 की बात करें तो केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के 10 से अधिक नेताओं पर भ्रष्टाचार सहित अन्य आरोप लगे, गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई अथवा जेल की सजा हो चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को हवाला मामले में ED ने किया गिरफ्तार

मई 2022
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को हवाला लेनदेन मामले में मई 2022 में गिरफ्तार किया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार किया। प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े हवाला लेनदेन के मामले में स्वास्थ्य मंत्री को गिरफ्तार किया और फिलहाल वे जेल में हैं। ED के मुताबिक, जांच में पाया गया था कि 2015-16 के दौरान सत्येंद्र जैन एक लोकसेवक थे, तो उनके द्वारा लाभकारी स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों को हवाला के जरिए कोलकाता बेस्ड एंट्री ऑपरेटरों को नकद ट्रांसफर के बदले शेल कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। ईडी ने उल्लेख किया कि इस रकम का उपयोग जमीन की सीधी खरीद या दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की खरीद को लिए गए कर्ज की अदायगी के लिए किया गया था। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का ईडी का मामला अगस्त 2017 में सीबीआई द्वारा उनके और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दर्ज एफईआआर से उपजा है।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर समेत 31 ठिकानों पर सीबीआई का छापा
अगस्त 2022
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी घोटाले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया व आईएएस अधिकारी ए गोपीकृष्ण के घरों समेत 31 जगहों पर छापे मारे। इनमें कई कारोबारी संस्थान व गोपीकृष्ण के दो सहयोगी अफसरों के ठिकाने भी शामिल हैं। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की सिफारिश पर ब्यूरो ने इस घोटाले 
में 17 अगस्त को सिसोदिया समेत 15 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। दिल्ली के अलावा छह राज्यों में लखनऊ, गुरुग्राम, मुंबई, चंडीगढ़, हैदराबाद व बंगलूरू में छापे मारे गए। सिसोदिया पर राजकोष को नुकसान पहुंचाने व शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ देने के आरोप हैं। छापे की जद में आए दिल्ली के पूर्व आबकारी आयुक्त गोपीकृष्ण 2012 बैच के आईएएस अफसर हैं। दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर उपराज्यपाल ने दिल्ली की 2021-22 की आबकारी नीति में गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए नामजद अधिकारियों समेत 11 को निलंबित कर दिया था। आरोप है कि 2017-18 से 2021-22 के बीच शराब बिक्री से राजस्व में 567.98 करोड़ रुपये की कमी आई।
केजरीवाल ने पत्नी के जरिए भूखंड बेचने में किया भ्रष्टाचार, जांच के आदेश
सितंबर 2022
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी भ्रष्टाचार के मामले में खुद घिरते जा रहे हैं। केजरीवाल पर 25.93 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी की चोरी करने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को इस मामले में जांच का आदेश दिया है। दरअसल दिल्ली लोकायुक्त को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ एक शिकायत मिली है। इसमें दावा किया गया है कि केजरीवाल ने हरियाणा के भिवानी में स्थित तीन शहरी वाणिज्यिक भूखंडों (प्लॉटों) को 15 फरवरी, 2021 को 4.54 करोड़ रुपये में बेचा और कागजों पर इनकी कीमत मात्र 72.72 लाख रुपये दिखाया। साथ ही उन्होंने अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल की मदद से तीन भूखंडों को क्रमशः 1.53 करोड़ रुपये, 1.87 करोड़ रुपये और 1.14 करोड़ रुपये की बाजार दर पर बेचे, लेकिन बिक्री विलेख में उल्लिखित 8,300/वर्ग गज की दर से अधिक राशि नकद में प्राप्त की। 
दिल्ली के लोकायुक्त ने 28 अगस्त, 2022 को उपराज्यपाल सक्सेना को सीएम केजरीवाल के खिलाफ यह शिकायत भेजी थी। शिकायत में लिखा था कि केजरीवाल ने सरकारी खजाने को स्टांप ड्यूटी के मामले में 25.93 लाख और कैपिटल गैन टैक्स में 76.4 लाख रुपये का धोखा दिया है। शिकायतकर्ता ने तीन बिक्री के कागजात भी साथ में भेजे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह “दिल्ली के मुख्यमंत्री के खिलाफ स्टांप शुल्क, आयकर, पूंजीगत लाभ कर और जालसाजी की चोरी का स्पष्ट मामला है”। शिकायत में एलजी से संबंधित एजेंसियों की मदद से मामले की जल्द से जल्द जांच कराने का आग्रह किया गया है।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला भ्रष्टाचार में गिरफ्तार
मई 2022
मार्च 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और दो महीने बाद ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला को अपनी कैबिनेट से हटा दिया। उन पर रिश्वत लेने के आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया गया। इसके बाद पंजाब पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर डॉ. विजय सिंगला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। करीब 10 वर्ष पहले विजय सिंगला आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। इस बार के पंजाब विधानसभा चुनाव में डॉ. विजय सिंगला ने मानसा से प्रसिद्ध गायक और कांग्रेस उम्मीदवार सिद्धू मूसेवाला को 60,000 से अधिक वोटों से हराया था। सिंगला की गिरफ्तारी के बाद भगवंत मान ने अपने को पाक-साफ और ईमानदार बताते हुए कहा कि मेरे ध्यान में एक केस आया। इस केस में मेरी सरकार का मंत्री शामिल था। एक ठेके में मेरी सरकार का मंत्री 1 फीसदी कमीशन मांग रहा था। इस केस का सिर्फ मुझे पता था। इस केस को दबाया जा सकता था। लेकिन ऐसा करना पंजाब की जनता के साथ धोखा होता। इसलिए तुरंत एक्शन लिया गया।
40 करोड़ के बैंक घोटाले में आप विधायक जसवंत सिंह पर सीबीआई का छापा
मई 2022
सीबीआई ने पंजाब के AAP विधायक जसवंत सिंह गज्जन माजरा के परिसरों पर छापेमारी की। माजरा पर बैंक के साथ 40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। सीबीआई ने पंजाब के संगरूर में तीन जगहों पर आम आदमी पार्टी के विधायक जसवंत सिंह से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की। माजरा अमरगढ़ से विधायक हैं। बताया जाता है कि बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर जसवंत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। छापेमारी के दौरान सीबीआई ने 94 साइन किए हुए ब्लैंक चेक और कई आधार कार्ड बरामद किए हैं। 40 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी माजरा से जुड़े परिसरों से 16.57 लाख रुपये, 88 विदेशी नोट, संपत्ति के कुछ दस्तावेज, कई बैंक खाते और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए।
आप विधायक बलबीर सिंह को पत्नी, बेटी और बेटे समेत 3 साल की जेल
मई 2022
पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायक बलबीर सिंह, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे को कोर्ट ने तीन साल जेल की सजा सुनाई है। मामला 11 साल पुराना है। पंजाब के पटियाला (ग्रामीण) से विधायक बलबीर सिंह और अन्य पर उनकी एक रिश्तेदार पर हमला करने का आरोप है। हालांकि, अदालत ने बलबीर सिंह, उनकी पत्नी रुपिंदर कौर, बेटे राहुल और एक अन्य व्यक्ति को सजा सुनाने के बाद जमानत दे दी। आप विधायक के खिलाफ मामला 2011 में उनके परिवार और उनकी पत्नी की बहन परमजीत कौर के बीच झगड़े से संबंधित है, जिनका विधायक के परिवार के साथ भूमि विवाद था। चारों को आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने), धारा 324 (स्वेच्छा से खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने), धारा 325 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने) और आईपीसी की धारा 506 (आपराधिक धमकी) के अपराध के लिये सजा सुनाई गई।
दिल्ली पुलिस ने AAP के विधायक अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार किया
मई 2022
दिल्ली पुलिस ने ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार किया। उन्हें सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में गिरफ्तार किया गया। दरअसल दिल्ली के नगर निकायों ने विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया था। इस दौरान मदनपुर खादर इलाके में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध प्रदर्शन में अमानतुल्लाह खान भी मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि मदनपुर खादर इलाके में स्थानीय लोगों ने बुलडोजर को रोकने की कोशिश की और सुरक्षा कर्मियों पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने अमानतुल्लाह खान समेत कई अन्य को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने मदनपुर खादर और धीरसेन मार्ग पर से अवैध और अस्थायी ढांचों को हटाया जबकि उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) ने रोहिणी और करोल बाग इलाके में कार्रवाई की। दिल्ली के तीनों नगर निगमों- एसडीएमसी, एनडीएमसी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में बीजेपी का शासन है।
रिश्वत लेने के मामले में AAP की निगम पार्षद को CBI ने किया गिरफ्तार
फरवरी 2022
मकान की छत बनाने देने के बदले ₹20000 की रिश्वत ले रही पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी की निगम पार्षद गीता रावत को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उसके एक सहयोगी समेत गिरफ्तार किया है। सीबीआई के मुताबिक उसका सहयोगी उसके ऑफिस के पास ही मूंगफली बेचने का काम करता है। सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी के मुताबिक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उसमें पूर्वी दिल्ली की वार्ड संख्या दस ई की निगम पार्षद गीता रावत और उसका सहयोगी बिलाल शामिल है। सीबीआई के मुताबिक शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को शिकायत की थी कि उसे अपने मकान के ऊपर छत बनवानी थी। आरोप है कि इस छत को डालने देने के बदले निगम पार्षद गीता रावत ने 20000 रुपए की रिश्वत मांगी। यह भी आरोप है कि शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत की रकम न दिए जाने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। शिकायतकर्ता को कहा गया कि वह यह रकम उसके ऑफिस के पास मूंगफली आदि बेचने वाले बिलाल को दे दे। सूचना के आधार पर सीबीआई ने मामले की आरंभिक जांच की। इस जांच के दौरान जब आरंभिक तौर पर यह पाया गया कि वास्तव में रिश्वत की मांग की गई है तो सीबीआई ने रंग लगे नोट देकर शिकायतकर्ता को रिश्वत देने भेजा। इसके बाद रिश्वत ले रहे बिलाल और निगम पार्षद गीता रावत को गिरफ्तार कर लिया गया।
AAP की पूर्व पार्षद निशा सिंह को 7 साल की जेल
अप्रैल 2022
आम आदमी पार्टी से जुड़ी गुरुग्राम की पूर्व पार्षद निशा सिंह को एक अदालत ने 7 साल की सजा सुनाई। दरअसल निशा सिंह पर 2015 में एक भीड़ को भड़काने का आरोप है, जिसने पुलिस टीम पर पेट्रोल बम और पत्थरों से हमला कर दिया था। यह पुसिल टीम अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत शहर के सेक्टर-47 स्थित झीमर बस्ती गई हुई थी। 7 साल पहले हुई इस घटना में 17 लोगों को सजा सुनाई गई है, जिसमें 10 महिलाएं शामिल हैं। पार्षद निशा सिंह के अलावा बाकी सभी ग्रामीण महिलाएं हैं। पूर्व पार्षद निशा सिंह ने राजनीति में कदम रखने के लिए प्राइवेट नौकरी छोड़ दी थी। 2011 में उन्होंने गुरुग्राम नगर निगम का चुनाव निर्दलीय लड़ा और वार्ड नंबर 30 से पार्षद चुनी गईं। बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन कर लिया और 2016 तक पार्षद रहीं। 15 मई 2015 को हुई इस झड़प के बाद पार्षद सिंह को 18 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके बाद से ये लोग बेल पर बाहर थे, लेकिन अदालत के आदेश के बाद घटना के सभी आरोपियों को भोंडसी जेल भेज दिया गया।
पुलिसकर्मी को कार की बोनट पर घसीटने वाला AAP नेता युवराज सिंह जडेजा गिरफ्तार
अप्रैल 2022
ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी को कार की बोनट पर बिठाकर घसीटने के आरोप में गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता युवराज सिंह जडेजा को गिरफ्तार किया गया। जडेजा आप पार्टी के यूथ विंग के नेता हैं। हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उन्हें साबरमती जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी 5 अप्रैल 2022 को हुई। जडेजा की गिरफ्तारी गांधी नगर पुलिस ने की। पुलिस ने कोर्ट से आरोपित आप नेता का रिमांड नहीं मांगा। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में साबरमती जेल भेज दिया गया। जडेजा के साथ उनका एक साथी भी जेल भेजा गया। जडेजा पर IPC की धारा 332 (ऑन ड्यूटी स्टॉफ पर हमला करने) और 307 (जान से मारने के प्रयास) के तहत केस दर्ज किया गया।
अहमदाबाद नगर अध्यक्ष जयंतीलाल मेवाड़ा के खिलाफ कोर्ट में शिकायत
अगस्त 2022
आम आदमी पार्टी के अहमदाबाद शहर अध्यक्ष के खिलाफ अरावली कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई है। कलोल निवासी विरल गिरी गौस्वामी ने मोडासा कोड में शिकायत दर्ज कराई है। नगर अध्यक्ष जयंतीलाल मेवाड़ा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में शिकायतकर्ता ने कहा कि जयंतीलाल मेवाड़ा ने अपनी ड्यूटी के दौरान 300 करोड़ के भ्रष्टाचार के जरिए संपत्ति खरीदी। अरावली जिले के बैद तालुका में 24 संपत्तियां खरीदीं। जयंतीलाल मेवाड़ा एक सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक हैं। मोडासा कोर्ट में जयंतीलाल, उनकी पत्नी, बेटे और बेटी समेत 6 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। जयंतीलाल मेवाड़ा वर्तमान में आप की ओर से घोषित असरवा विधानसभा उम्मीदवार हैं।
केजरीवाल के भ्रष्टाचार, वृक्षारोपण की आड़ में घोटाला
सितंबर 2022
दिल्ली में एक के बाद एक कई घोटालों को अंजाम देने के बाद अब वृक्षारोपण घोटाला सामने आया है। इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में वृक्षारोपण में ‘वित्तीय अनियमितताओं’ पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए नोटिस जारी कर यह पूछा है कि पिछले पांच साल में कितने और किस प्रकार के पौधे लगाए गए और उन पर कितना खर्च हुआ है। अदालत को यह बताया गया कि सरकारी एजेंसियां केवल यह लक्ष्य रखती हैं कि पेड़ कितने लगाए गए जबकि पर्यावरण संबंधी लक्ष्य उनके एजेंडे से नदारद रहता है। यानी लगाए गए पौधे बचे हैं या नहीं और प्रदूषण को कम करने में इन पौधों का क्या रोल है, इसकी खोज खबर कोई नहीं लेता है। कैग की रिपोर्ट में भी दिल्ली में पौधारोपण में घोर अनियमितता और मृतप्राय दिल्ली ट्री अथारिटी पर प्रकाश डाला गया है।