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दिल्ली शराब घोटाला: सिसोदिया- संजय सिंह का हाल देख डर गए केजरीवाल! ईडी के सामने फिर नहीं होंगे पेश

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का भ्रम कि 'खाता न बही, केजरीवाल जो कहे वही सही' बहुत जल्दी दूर होने वाला है। जो ईमानदारी का चोला पहने घूम जनता को धूर्त समझ रखा था, जिस दिन ये चोला उतरा, केजरीवाल से अधिक भ्रष्ट कोई नेता नहीं मिलेगा। यही कारण है कि प्रवर्तन निदेशालय से बचने बार-बार नौटंकी की जा रही है। अगर वास्तव में केजरीवाल ईमानदार और बेकसूर है फिर क्यों पूछताछ से पीछे भाग रहे हैं, मतलब दाल में कुछ काला नहीं बल्कि सारी ही दाल काली है। मनीष सिसोदिया को भी भगत सिंह कहा जा रहा था यानि अपनी भ्रष्टता को छिपाने स्वतंत्रता सेनानियों को बदनाम करने में तनिक भी शर्म नहीं की। 
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने एक बार फिर पेश नहीं होंगे। ईडी ने शराब नीति घोटाला मामले में उन्हें 21 दिसंबर को पूछताछ के लिए समन भेजा था। लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल समन की तारीख से एक दिन पहले बुधवार 20 दिसंबर, 2023 को विपश्यना शिविर के लिए दिल्ली से रवाना हो गए। आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल 10 दिवसीय विपश्यना शिविर में 30 दिसंबर तक रहेंगे। ईडी ने केजरीवाल को पूछताछ के लिए दूसरी बार समन भेजा था। इससे पहले ईडी ने 2 नवंबर को केजरीवाल को तलब किया था, लेकिन उस समय भी ईडी के पास नहीं गए थे।

गिरफ्तारी के डर से नहीं हो रहे पेश 
बताया जा रहा है कि पूछताछ के समय गिरफ्तारी के डर से केजरीवाल ईडी के सामने पेश नहीं हो रहे हैं। आप नेताओं के पूछताछ के दौरान गिरफ्तारी का इतिहास रहा है। शराब घोटाले व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आप के तीन नेता गिरफ्तार होने के बाद जेल में हैं। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आप सांसद संजय सिंह को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। यही वजह है कि उन्हें भी गिरफ्तार होने की आशंका खाए जा रही है।

केजरीवाल की भविष्यवाणी सच साबित होती दिख रही
केजरीवाल ने एक बार कहा था- ”कल को अगर मनीष सिसोदिया चोरी करेंगे तो मनीष सिसोदिया केजरीवाल का कुछ नहीं लगता, उसको जेल जाना पड़ेगा। कल अगर कोई और मंत्री चोरी करेगा, ये मेरे कोई सगे नहीं लगते, इनको जेल जाना पड़ेगा। कल को कोई हमारा विधायक चोरी करेगा, कोई हमारा सगा नहीं लगता, जेल जाना पड़ेगा। और मनीष कल को अगर मैं चोरी करूंगा तो मैं भी तुम्हारा सगा नहीं लगता, मेरे को भी जेल जाना पड़ेगा।”

पूछताछ से बचने के लिए समन को ही बता दिया गैरकानूनी
इसके पहले केजरीवाल को 2 नवंबर को ईडी के सामने पेश होना था। लेकिन पेशी से पहले उन्होंने ईडी को चिट्ठी लिखकर समन को गैरकानूनी करार दे दिया। ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर जोगेंदर को लिखे पत्र में कहा गया है कि ”समन स्पष्ट नहीं है। मुझे गवाह या संदिग्ध के तौर पर समन किया गया है, ये साफ नहीं है। समन में स्पष्ट कारण नहीं दिया गया है कि मुझे क्यों बुलाया गया है। समन में यह नहीं बताया गया है कि मुझे व्यक्तिगत हैसियत से या दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में या आम आदमी पार्टी के संयोजक के रूप में बुलाया गया है। ईडी का राजनीति से प्रेरित है, जो केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर भेजा गया है। नोटिस यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा गया है कि मैं पांच राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए न जा पाऊं। ईडी को तुरंत नोटिस वापस लेना चाहिए।” यानि ईडी की पूछताछ से बचने के लिए उन्होंने तरह-तरह के कुतर्क दिए।


क्या केजरीवाल शराब घोटाले में गवाह बनेंगे?
केजरीवाल ने जो ईडी को चिट्ठी लिखी उसमें सबसे पहला प्वाइंट है- मैं गवाह हूं या संदिग्ध। इसके मायने यह निकाला जा रहा है कि क्या केजरीवाल गवाह बनना चाहते हैं? चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था इस मामले में आम आदमी पार्टी को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए। और ईडी ने आरोपी बना दिया है। अब ऐसे में यह तो साफ है कि पार्टी के संयोजक होने के नाते केजरीवाल को संदिग्ध के तौर पर ही ईडी का समन भेजा गया था। इस बात केजरीवाल भी भलीभांति परिचित हैं। ऐसे में कयास यह लगाए जा रहे हैं कि केजरीवाल इस मुद्दे पर मंथन के लिए कुछ समय चाहते हैं इसीलिए वह 2 नवंबर की तरह 21 दिसंबर को भी ईडी के सामने पेश नहीं हो रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केजरीवाल शराब घोटाले में गवाह बनेंगे?

CBI ने केजरीवाल से पूछे थे 56 सवाल
इसी मामले में सीबीआई ने अप्रैल 2023 में अरविंद केजरीवाल से नौ घंटे से ज्यादा देर तक पूछताछ की थी। उस दौरान सीबीआई ने शराब घोटाले से संबंधित लगभग 56 सवाल पूछे थे। पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल ने पूरे मामले को ‘मनगढ़ंत’और आप को खत्म करने का प्रयास करार दिया था।

दिल्ली शराब घोटाले में आ चुका राघव चड्ढा का नाम
दिल्ली शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी (AAP) नेता राघव चड्ढा का नाम भी आरोपी के रूप में सामने आ चुका है। ईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आप सांसद का नाम शामिल किया गया है। पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के पीए ने राघव चड्ढा का नाम लिया था। अब सांसद का नाम आना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

केजरीवाल के बाद भगवंत मान भी आएंगे जांच के घेरे में
शराब घोटाले में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार बुरी तरह फंस चुकी है। आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह पहले ही इस मामले में जेल में हैं, अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता हुआ दिखाई पड़ रहा है। लेकिन शराब घोटाले का मामला केवल दिल्ली तक ही नहीं रुकेगा। माना जा रहा है कि इसकी जांच की आंच में पंजाब सरकार भी झुलस सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि आम आदमी पार्टी के मोहाली से विधायक कुलवंत सिंह के घर और कार्यालय पर भी छापेमारी हो चुकी है। हालांकि, कुलवंत सिंह ने इसे सामान्य जांच का हिस्सा बताया है, लेकिन जानकारों की मानें, तो इसकी आंच में कुलवंत सिंह के साथ-साथ पंजाब सरकार के कुछ अन्य रसूखदार लोग भी सामने आ सकते हैं।

शराब घोटाले आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह गिरफ्तार
शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को 4 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लंबी पूछताछ के बाद संजय सिंह को गिरफ्तार किया। शराब घोटाला मामले में जुलाई 2023 में गिरफ्तार हो चुके दिनेश अरोड़ा ने ईडी के सामने कई खुलासे किए हैं। जमानत पर जेल से बाहर आ चुके दिनेश अरोड़ा अब सरकारी गवाह बन गए हैं। अरोड़ा ने ईडी को जानकारी दी है कि साल 2020 में उनके पास संजय सिंह का फोन आया था। अरोड़ा ने बताया कि संजय सिंह ने उनसे कहा था कि विधानसभा चुनाव आ रहे हैं और पार्टी को अब पैसे की जरूरत है। संजय सिंह ने कहा था कि रेस्तरां मालिक से पैसे मांगने चाहिए। अरोड़ा ने बताया कि एक रेस्तरां में पार्टी के दौरान ही वो दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के संपर्क में आए थे। चार्जशीट के मुताबिक संजय सिंह के कहने पर दिनेश अरोड़ा ने कई रेस्तरां और बार के मालिकों से बात भी की थी। आरोड़ा ने बताया कि इस दौरान 82 लाख रुपए पार्टी फंड के तौर पर इकट्ठा हुए थे, जिसे मनीष सिसोदिया को सौंप दिया गया था। जिस पार्टी में ये पैसे सिसोदिया को दिए गए थे उसमें संजय सिंह और आप के कोषाध्याक्ष राजेंद्र गुप्ता मौजूद थे।

दिल्ली के 18 मंत्रालय संभालने वाले मनीष सिसोदिया शराब घोटाले में गिरफ्तार
दिल्ली के शिक्षा और आबाकारी मंत्री रहे मनीष सिसोदिया को शराब घोटाले में सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया। सीबीआई ने कहा कि सिसोदिया ने शराब घोटाले में आपराधिक साजिश रची और सबूतों को मिटाने की भी कोशिश की। दिल्ली सरकार में मनीष सिसोदिया सबसे प्रभावशाली मंत्री थे। AAP के नेता और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पास 18 मंत्रालय थे। सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद उनके मंत्रालय भी सिसोदिया के पास ही थे। दरअसल मनीष सिसोदिया जिस मामले में जेल में बंद है वो दिल्ली सरकार की नई शराब नीति से जुड़ा हुआ है। दिल्ली सरकार ने साल 2021 में नई एक्साइज पॉलिसी लागू की थी। केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति को लेकर दावा किया था कि इससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और माफिया राज खत्म होगा। हालांकि नई शराब नीति आने के बाद इसका उल्टा हुआ। दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव ने जुलाई 2022 में दिल्ली के उपराज्यपाल को एक रिपोर्ट सौंपी जिसमें राजस्व को नुकसान होने और शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाए जाने का जिक्र था।

दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को 30 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। सत्येंद्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज है। आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैन, उनकी पत्नी पूनम और अन्य पर केस दर्ज किया गया। सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली ने कई शेल कंपनियां बनाई और खरीदी थी। कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटर्स से 54 शेल कंपनियों के जरिए 16.39 करोड़ रुपए का काला धन भी ट्रांसफर किया। ईडी जैन की 4.81 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है।

AAP के विधायक अमानतुल्लाह खान गिरफ्तार
आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान को दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो ने 16 सितंबर 2022 को दिल्ली वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने आप विधायक के छह से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान एक पिस्टल, कई कारतूस और 24 लाख से अधिक नगद समेत कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले। अमानतुल्लाह खान के जामिया के गफूर नगर में रहने वाले सबसे करीबी हामिद अली खान के यहां से अवैध पिस्टल, कारतूस और 12 लाख रुपये बरामद हुए। एक अन्य जगह से भी 12 लाख रुपये नकद मिला।

शराब घोटाले की फांस के बीच अरविंद केजरीवाल को डिग्री विवाद में गुजरात हाईकोर्ट से झटका!

शराब घोटाले की फांस के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पीएम मोदी की डिग्री मामले में कोर्ट से झटका लगा है। गुजरात हाईकोर्ट ने 9 नवंबर को केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के गुजरात विश्वविद्यालय को दिए गए निर्देश को रद्द करने के आदेश पर समीक्षा करने की अपील की थी। इस मामले में कोर्ट ने केजरीवाल पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था। उच्च न्यायालय गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा दायर मानहानि मामले पर रोक लगाने के अरविंद केजरीवाल के अनुरोध को पहले ही खारिज कर चुका है। वहीं इससे पहले अगस्त 2023 में सर्वोच्च न्यायालय ने पीएम मोदी की डिग्री से जुड़े विवाद में गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली केजरीवाल की याचिका खारिज कर दी थी। इस तरह शराब घोटाले से लेकर पीएम डिग्री मामले में केजरीवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही है।

पीएम डिग्री मामले में केजरीवाल को गुजरात हाईकोर्ट से झटका
प्रधानमंत्री की डिग्री के विवाद में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को झटका लगा है। दरअसल गुजरात हाईकोर्ट ने पीएम मोदी की डिग्री के विवाद में सीएम केजरीवाल की समीक्षा याचिका 9 नवंबर 2023 को खारिज कर दी। जस्टिस बीरेन वैष्णव ने अपने पूर्व के आदेश को बरकरार रखा। न्यायाधीश वैष्णव ने यह कहा कि कोर्ट सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की ओर से दी गई दलील से सहमत रखती है। साथ ही यह भी अवलोकन किया कि जिस तरीके से पुनर्विचार याचिका दायर की गई है वह सार्वजनिक जीवन में उचित नहीं दिखता। हाईकोर्ट ने यह भी माना कि पुनर्विचार कानून में विकल्प है लेकिन मौजूदा याचिका के आधार व दलीलों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता है कि याचिकाकर्ता ने विकल्प का इस्तेमाल पूरी तरह कानूनी समाधान को लेकर किया है।

केजरीवाल को अगस्त में सुप्रीम कोर्ट भी नहीं मिली राहत
इससे पहले अगस्त 2023 में उच्चतम न्यायालय ने पीएम मोदी की डिग्री से जुड़े विवाद में गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका को खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय ने गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा दायर मानहानि मामले पर रोक लगाने के अरविंद केजरीवाल के अनुरोध को खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एस.वी.एन. भट्टी की पीठ ने कहा कि वह याचिका पर नोटिस जारी नहीं कर रही है क्योंकि मामला गुजरात उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है और 29 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। पीठ ने कहा कि गुजरात विश्वविद्यालय और केजरीवाल अपनी शिकायतें उच्च न्यायालय के समक्ष उठा सकते हैं।

मोदी की डिग्री को लेकर दिया था ‘व्यंग्यात्मक’ बयान
आप के दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिग्री के सिलसिले में ‘व्यंग्यात्मक’ एवं ‘अपमानजनक’ बयान दिया था जिसे लेकर गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक मानहानि मामले का सामना कर रहे हैं। केजरीवाल और सिंह ने इस मामले की त्वरित सुनवाई का अनुरोध किया क्योंकि अदालत ने आगे की सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तारीख तय की। उनके वकील ओम कोतवाल ने अदालत से अनुरोध किया कि गुजरात हाई कोर्ट में 29 अगस्त और मेट्रोपोलिटन अदालत में 31 अगस्त को संबंधित मामलों की सुनवाई होने से पहले वह इस विषय पर आगे बढे़। लेकिन निचली अदालत ने 22 अगस्त को त्वरित सुनवाई की अर्जी खारिज कर दी। इस बीच मेट्रोपोलिटन अदालत ने इन दोनों को समन को लेकर 30 अगस्त को उसके सामने पेश होने का समय दिया।

हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से किया था इनकार
केजरीवाल और संजय सिंह ने सत्र अदालत में अपने पुनरीक्षण आवेदन का निस्तारण होने तक अपने विरूद्ध आपराधिक मानहानि सुनवाई पर स्थगन का अनुरोध करते हुए गुजरात हाई कोर्ट का रूख किया था। हाई कोर्ट ने 11 अगस्त को राज्य सरकार और गुजराज विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पीयूष पटेल को नोटिस जारी कर 29 अगस्त तक जवाब मांगा था। साथ ही, उसने केजरीवाल और सिंह को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।

केजरीवाल और संजय के खिलाफ पहले भी जारी हुए थे समन
गुजरात यूनिवर्सिटी की मानहानि से जुड़े मामले में केजरीवाल और संजय सिंह को निचली अदालत से एक बार पहले समन जारी किए जा चुके हैं। जिस पर दोनों बार नेताओं ने पेशी से छूट ली थी। गुजरात यूनिवर्सिटी ने पिछली सुनवाई पर दोनों नेताओं को वारंट जारी करने की मांग की थी। तब मेट्रोपॉलिटन कोर्ट ने इस पर सुनवाई करने के लिए 31 अगस्त की तारीख निर्धारित की थी। मानहानि केस में कानूनी दांवपेंच का सामना कर रहे अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह ने निचली कोर्ट मानहानि की कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया था। 11 अगस्त की सुनवाई में हाई कोर्ट ने दोनों नेताओं के रोक लगाने की मांग से इनकार कर दिया और सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख रखी थी।

सात साल पुराना है यह केस, केजरीवाल पर लग चुका 25 हजार जुर्माना
पीएम मोदी की डिग्री से जुड़ा यह पूरा मामला सात साल पुराना है। अप्रैल, 2016 में केंद्रीय सूचना आयोग ने केजरीवाल से उनके चुनावी फोटो पहचान पत्र के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में केजरीवाल ने कहा था कि वह सीआईसी को जानकारी देने के लिए तैयार हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री का खुलासा करने के लिए कहा जाना चाहिए। केजरीवाल के जवाब को आरटीआई का आवेदन मानते हुए सीआईसी ने एक ऑर्डर पास किया था। इसमें गुजरात यूनिवर्सिटी को पीएम मोदी की डिग्री का ब्योरा देने का निर्देश दिया था। इस ऑर्डर के खिलाफ गुजरात यूनिवसिर्टी हाई कोर्ट चली गई थी। हाई कोर्ट ने इस 31 मार्च, 2023 को फैसला सुनाते हुए सीआईसी को ऑर्डर को रद्द कर दिया था और केजरीवाल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया था। केजरीवाल ने हाई कोर्ट के फैसले के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस की थी। गुजरात यूनिवर्सिटी का आरोप है कि इसमें केजरीवाल ने विश्वविद्यालय की मानहानि की। इसके बाद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार की तरफ से केस दाखिल किया गया, जिसमें केजरीवाल के साथ-साथ संजय सिंह मानहानि के आरोपी हैं।

दिल्ली : अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करेगी ED: मंत्री आतिशी ने बाँच दिया ‘भविष्य’, शराब घोटाले में होनी है पूछताछ

                                                                                       साभार: News18 & Telegraph India
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने दावा किया है कि 2 नवम्बर 2023 को आम आदमी पार्टी के मुखिया एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) गिरफ्तार कर लेगी। उन्होंने यह दावा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया है। दरअसल, केजरीवाल को ED ने 2 नवम्बर 2023 को घराब घोटालेे में पूछताछ के लिए बुलाया है।

PMLA (प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत ED द्वारा जारी किए गए समन पर आतिशी ने कहा, “2 नवम्बर को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल को समन किया है। हर तरफ से खबर आ रही है कि 2 नवम्बर को जब अरविन्द केजरीवाल को बुलाएँगे, तब ED उन्हें भी गिरफ्तार करके जेल में डाल देगी।”

आतिशी ने आगे कहा, “आज भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाहते हैं। यही कारण है कि झूठे आरोप बनाकर और केस लगाकर आम आदमी पार्टी के नेताओं को एक-एक करके गिरफ्तार किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि केजरीवाल को इसलिए गिरफ्तार किया जाएगा, क्योंकि वो प्रधानमंत्री के खिलाफ बोलते हैं।

आतिशी ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ED अरविन्द केजरीवाल को गिरफ्तार करने के बाद I.N.D.I.A गठबंधन के अन्य नेता जैसे कि झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, केरल के सीएम पिनाराई विजय और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के लिए ED और CBI का दुरुपयोग किया जाएगा।

हालाँकि, अभी आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई सूचना नहीं है कि अरविद केजरीवाल को गिरफ्तार किया जाएगा। उनके विरुद्ध कोई वारंट भी नहीं जारी हुआ है। उन्हें ED शराब घोटाला मामले में हुई पैसों की हेराफेरी को लेकर पूछताछ करने के लिए बुला रही है। हालाँकि, आतिशी गिरफ्तार की आशंका को देखते हुए पहले ही आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं।

शराब घोटाले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को पहले ही ED गिरफ्तार कर चुकी है। मनीष सिसोदिया को शराब घोटाला मामले में 9 मार्च 2023 को लम्बी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से वह जेल में बंद हैं। तब से कोर्ट भी उन्हें जमानत देने से इनकार करता आ रहा है।