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दिल्ली शराब घोटाले : केजरीवाल-सिसोदिया के साथ मिलकर के. कविता ने रची थी साजिश, AAP को दिए थे 100 करोड़ रुपये

               अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया और बीआरएस नेता के कविता (फोटो साभार: NDTV)
दिल्ली के सबसे बड़े शराब घोटाले की जांच कर रही एजेंसियों को कड़ी से कड़ी जोड़ने पर इसके तार सुदूर तेलंगाना से जुड़े मिले। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रहे के.चंद्रशेखर राव की बेटी और साउथ ग्रुप नाम की शराब लॉबी की मुख्य लीडर के.कविता पर दिल्ली के आप नेताओं को सौ करोड़ रुपये देने के प्रमाण प्रवर्तन निदेशालय की टीम को मिले हैं। इससे ईडी से एक ही मामले में नौ समन पा चुके दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। CBI ने कविता के अकाउंटेंट बुचीबाबू गोरंतला को गिरफ्तार किया। ईडी ने भी बुचीबाबू से पूछताछ की थी। फिर ईडी ने हैदराबाद के व्यवसायी अरुण रामचंद्रन पिल्लई को 7 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया। पिल्लई ने पूछताछ में बताया था कि कविता और आम आदमी पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत 100 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जिससे कविता की कंपनी ‘इंडोस्पिरिट्स’ को दिल्ली के शराब कारोबार में एंट्री मिली।

कविता ने दिल्ली के आप नेताओं के साथ मिलकर घोटाले की साजिश रची
दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में गिरफ्तार BRS नेता के.कविता ने ED के समन के खिलाफ अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली है। कविता 23 मार्च तक ED की रिमांड में भेज दी गई हैं। जांच एजेंसी को पड़ताल में यह तथ्य मिले हैं कि के.कविता ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी के निर्माण और लागू करने में लाभ पाने के लिए AAP के सीनियर लीडर्स के साथ साजिश रची। एजेंसी का दावा है कि इसके लिए दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल और डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को 100 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। कविता ने 18 मार्च को अपनी गिरफ्तारी के विरोध में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिका वापस लेने के बाद उनके वकील ने कहा के वे कानून के अनुसार ही मामले से निपटने के लिए जरूरी नियमों का सहारा लेंगे।

प्रवर्तन निदेशालय का दावा- एहसान के बदले 100 करोड़ का भुगतान
प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि के.कविता को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी बनाने और लागू करने में AAP नेताओं की मदद मिली। इस एहसान के बदले उन्हें 100 करोड़ रुपए का भुगतान के.कविता ने किया है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच के दौरान इन बातों का पता चला है। जांच एजेंसी का कहना है कि शराब के होलसेलर्स के जरिए आम आदमी पार्टी के लिए रिश्वत ली गई थी। इसके अलावा कविता और उसके सहयोगियों को AAP को अग्रिम भुगतान की गई राशि की वसूली करनी थी। उन्हें प्रॉफिट कमाना था। ईडी ने कहा है कि 23 मार्च तक सात दिन की रिमांड में के.कविता से इस मामले में पूछताछ की जाएगी। इस मामले में ED ने अब तक दिल्ली, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई और अन्य स्थानों सहित देश भर में 245 स्थानों पर रेड मारी है।

साल 2023 में कविता को भेजे गए थे तीन समन, इस साल 2 भेजे
शराब घोटाले के मामले में अब तक AAP के मनीष सिसौदिया, संजय सिंह और विजय नायर समेत कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी अब तक 5 सप्लिमेंट्री कंप्लेंट और एक प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल कर चुकी है। साथ ही अपराध से प्राप्त आय में से अब तक 128.79 करोड़ रुपए की संपत्ति का पता लगाया गया है। इसे 24 जनवरी 2023 और 3 जुलाई 2023 के वाइड प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए से अटैच किया गया है। ईडी ने शराब नीति मामले में पूछताछ के लिए कविता को साल 2023 में 3 समन भेजे थे। इस साल 2 समन भेजे गए, लेकिन उन्होंने SC की कार्रवाई का हवाला देते हुए पेश होने से इनकार कर दिया।

दिल्ली के सबसे बड़े शराब घोटाले में कविता का नाम कब आया?
दिल्ली शराब घोटाले केस में ईडी ने गुरुग्राम से कारोबारी अमित अरोड़ा को 30 नवंबर, 2022 में गिरफ्तार किया था। ईडी के मुताबिक अमित ने अपने बयानों में TRS नेता के. कविता के नाम का लिया था। जांच एजेंसी ने दावा किया था कि कविता ‘साउथ ग्रुप’ नाम की एक शराब लॉबी की एक मुख्य लीडर थीं। उन्होंने विजय नायर के माध्यम से दिल्ली में AAP सरकार के नेताओं को 100 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया। फरवरी 2023 में CBI ने कविता के अकाउंटेंट बुचीबाबू गोरंतला को गिरफ्तार किया। ईडी ने भी बुचीबाबू से पूछताछ की थी। फिर ईडी ने हैदराबाद के व्यवसायी अरुण रामचंद्रन पिल्लई को 7 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया। पिल्लई ने पूछताछ में बताया था कि कविता और आम आदमी पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत 100 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जिससे कविता की कंपनी ‘इंडोस्पिरिट्स’ को दिल्ली के शराब कारोबार में एंट्री मिली।

साउथ ग्रुप दक्षिण के राजनेताओं, कारोबारियों और नौकरशाहों का है ग्रुप
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक पिल्लई ने ये भी बताया कि एक मीटिंग हुई थी, जिसमें वो, कविता, विजय नायर और दिनेश अरोड़ा मौजूद थे। इस मीटिंग में दी गई रिश्वत की वसूली पर चर्चा हुई थी। साउथ ग्रुप दक्षिण के राजनेताओं, कारोबारियों और नौकरशाहों का ग्रुप है। इसमें अरबिंदो फार्मा के प्रमोटर सरथ रेड्डी, वाईएसर कांग्रेस के लोकसभा सांसद एम. श्रीनिवासुलु रेड्डी, उनके बेटे राघव मगुंटा और कविता शामिल थे। इस ग्रुप का प्रतिनिधित्व अरुण पिल्लई, अभिषेक बोइनपल्ली और बुचीबाबू ने किया था। तीनों को ही शराब घोटाले में गिरफ्तार किए गए हैं।

शराब घोटाला मामला: अभी तक कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?
कोरोना काल के बीच दिल्ली सरकार ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 लागू की थी। इस शराब नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायतें आईं जिसके बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके साथ ही दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 सवालों के घेरे में आ गई। दिल्ली शराब नीति अनियमितता मामले की जांच कर रही दोनों एजेंसियां सीबीआई और ईडी अब तक 15 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, विजय नायर, समीर महेंद्रू, अरुण रामचंद्रन, राजेश जोशी, गोरन्तला बुचिबाबू, अमित अरोड़ा, बेनॉय बाबू (फ्रांसीसी शराब कंपनी पर्नोड रिकार्ड के महाप्रबंधक), पी सरथ चंद्र रेड्डी, अरबिंदो फार्मा के पूर्णकालिक निदेशक और प्रमोटर, व्यवसायी अमनदीप धाल और व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली शामिल हैं।

केजरीवाल को शराब घोटाले में नौवां और जल बोर्ड घोटाले में पहला समन
दिल्ली में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं। शराब घोटाले के बाद अब दिल्ली जल बोर्ड का घोटाला सुर्खियों में है। इन दोनों घोटालों की आंच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक आ चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाले में नौवां और जल बोर्ड घोटाले में पहला समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया। लेकिन अरविंद केजरीवाल इन दोनों समन पर ईडी कार्यालय में पेश नहीं हुए। शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार के कई मंत्री जेल में बंद हैं। वहीं दूसरी तरफ जल बोर्ड में टेंडर बांटने में गबन का आरोप लग रहा है। इसी मामले में ईडी दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

जल बोर्ड घोटाला: ठेके का मूल्य 38 करोड़, खर्च किए 17 करोड़ बाकि का गबन
प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि दिल्ली जल बोर्ड का ठेका बढ़ी हुई दरों पर दिया गया। ताकि ठेकेदारों से रिश्वत वसूली जा सके। ठेके का मूल्य 38 करोड़ रुपये था और इस पर सिर्फ 17 करोड़ रुपये खर्च किए गए और शेष राशि गबन कर ली गई। इस तरह के फर्जी खर्च रिश्वत और चुनावी कोष के लिए किए गए थे। कथित तौर पर जल बोर्ड के पूर्व मुख्य अभियंता जगदीश कुमार अरोड़ा ने एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 38 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। यह ठेका इलेक्ट्रोमेग्नेटिक फ्लो मीटर्स की आपूर्ति, स्थापना और परीक्षण के लिए दिया गया था। इस मामले में आरोप लगाया गया है कि बोर्ड और एनबीसीसी के अधिकारियों ने रिश्वत के लिए एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर का पक्ष लिया। ईडी ने इस मामले में गत 31 जनवरी को जगदीश कुमार अरोड़ा और ठेकेदार अनिल कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। उधर ईडी ने मामले से जुड़ी मनी ट्रेल की जांच करते हुए आरोप लगाया है कि एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर को अनुबंध दिए जाने के बाद अरोड़ा को नकद और बैंक खाते में रिश्वत प्राप्त हुई थी। यह पैसा अलग-अलग पार्टियों को देने का आरोप लगाया गया। वहीं आम आदमी पार्टी को चुनावी फंड के तौर पर भी पैसा दिया गया। बीते दिनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक विभव कुमार, आम आदमी पार्टी के कोषाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता और अन्य लोगों के यहां छापेमारी की थी।

दिल्ली शराब घोटाला: सिसोदिया- संजय सिंह का हाल देख डर गए केजरीवाल! ईडी के सामने फिर नहीं होंगे पेश

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का भ्रम कि 'खाता न बही, केजरीवाल जो कहे वही सही' बहुत जल्दी दूर होने वाला है। जो ईमानदारी का चोला पहने घूम जनता को धूर्त समझ रखा था, जिस दिन ये चोला उतरा, केजरीवाल से अधिक भ्रष्ट कोई नेता नहीं मिलेगा। यही कारण है कि प्रवर्तन निदेशालय से बचने बार-बार नौटंकी की जा रही है। अगर वास्तव में केजरीवाल ईमानदार और बेकसूर है फिर क्यों पूछताछ से पीछे भाग रहे हैं, मतलब दाल में कुछ काला नहीं बल्कि सारी ही दाल काली है। मनीष सिसोदिया को भी भगत सिंह कहा जा रहा था यानि अपनी भ्रष्टता को छिपाने स्वतंत्रता सेनानियों को बदनाम करने में तनिक भी शर्म नहीं की। 
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने एक बार फिर पेश नहीं होंगे। ईडी ने शराब नीति घोटाला मामले में उन्हें 21 दिसंबर को पूछताछ के लिए समन भेजा था। लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल समन की तारीख से एक दिन पहले बुधवार 20 दिसंबर, 2023 को विपश्यना शिविर के लिए दिल्ली से रवाना हो गए। आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल 10 दिवसीय विपश्यना शिविर में 30 दिसंबर तक रहेंगे। ईडी ने केजरीवाल को पूछताछ के लिए दूसरी बार समन भेजा था। इससे पहले ईडी ने 2 नवंबर को केजरीवाल को तलब किया था, लेकिन उस समय भी ईडी के पास नहीं गए थे।

गिरफ्तारी के डर से नहीं हो रहे पेश 
बताया जा रहा है कि पूछताछ के समय गिरफ्तारी के डर से केजरीवाल ईडी के सामने पेश नहीं हो रहे हैं। आप नेताओं के पूछताछ के दौरान गिरफ्तारी का इतिहास रहा है। शराब घोटाले व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आप के तीन नेता गिरफ्तार होने के बाद जेल में हैं। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आप सांसद संजय सिंह को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। यही वजह है कि उन्हें भी गिरफ्तार होने की आशंका खाए जा रही है।

केजरीवाल की भविष्यवाणी सच साबित होती दिख रही
केजरीवाल ने एक बार कहा था- ”कल को अगर मनीष सिसोदिया चोरी करेंगे तो मनीष सिसोदिया केजरीवाल का कुछ नहीं लगता, उसको जेल जाना पड़ेगा। कल अगर कोई और मंत्री चोरी करेगा, ये मेरे कोई सगे नहीं लगते, इनको जेल जाना पड़ेगा। कल को कोई हमारा विधायक चोरी करेगा, कोई हमारा सगा नहीं लगता, जेल जाना पड़ेगा। और मनीष कल को अगर मैं चोरी करूंगा तो मैं भी तुम्हारा सगा नहीं लगता, मेरे को भी जेल जाना पड़ेगा।”

पूछताछ से बचने के लिए समन को ही बता दिया गैरकानूनी
इसके पहले केजरीवाल को 2 नवंबर को ईडी के सामने पेश होना था। लेकिन पेशी से पहले उन्होंने ईडी को चिट्ठी लिखकर समन को गैरकानूनी करार दे दिया। ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर जोगेंदर को लिखे पत्र में कहा गया है कि ”समन स्पष्ट नहीं है। मुझे गवाह या संदिग्ध के तौर पर समन किया गया है, ये साफ नहीं है। समन में स्पष्ट कारण नहीं दिया गया है कि मुझे क्यों बुलाया गया है। समन में यह नहीं बताया गया है कि मुझे व्यक्तिगत हैसियत से या दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में या आम आदमी पार्टी के संयोजक के रूप में बुलाया गया है। ईडी का राजनीति से प्रेरित है, जो केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर भेजा गया है। नोटिस यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा गया है कि मैं पांच राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए न जा पाऊं। ईडी को तुरंत नोटिस वापस लेना चाहिए।” यानि ईडी की पूछताछ से बचने के लिए उन्होंने तरह-तरह के कुतर्क दिए।


क्या केजरीवाल शराब घोटाले में गवाह बनेंगे?
केजरीवाल ने जो ईडी को चिट्ठी लिखी उसमें सबसे पहला प्वाइंट है- मैं गवाह हूं या संदिग्ध। इसके मायने यह निकाला जा रहा है कि क्या केजरीवाल गवाह बनना चाहते हैं? चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था इस मामले में आम आदमी पार्टी को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए। और ईडी ने आरोपी बना दिया है। अब ऐसे में यह तो साफ है कि पार्टी के संयोजक होने के नाते केजरीवाल को संदिग्ध के तौर पर ही ईडी का समन भेजा गया था। इस बात केजरीवाल भी भलीभांति परिचित हैं। ऐसे में कयास यह लगाए जा रहे हैं कि केजरीवाल इस मुद्दे पर मंथन के लिए कुछ समय चाहते हैं इसीलिए वह 2 नवंबर की तरह 21 दिसंबर को भी ईडी के सामने पेश नहीं हो रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केजरीवाल शराब घोटाले में गवाह बनेंगे?

CBI ने केजरीवाल से पूछे थे 56 सवाल
इसी मामले में सीबीआई ने अप्रैल 2023 में अरविंद केजरीवाल से नौ घंटे से ज्यादा देर तक पूछताछ की थी। उस दौरान सीबीआई ने शराब घोटाले से संबंधित लगभग 56 सवाल पूछे थे। पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल ने पूरे मामले को ‘मनगढ़ंत’और आप को खत्म करने का प्रयास करार दिया था।

दिल्ली शराब घोटाले में आ चुका राघव चड्ढा का नाम
दिल्ली शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी (AAP) नेता राघव चड्ढा का नाम भी आरोपी के रूप में सामने आ चुका है। ईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आप सांसद का नाम शामिल किया गया है। पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के पीए ने राघव चड्ढा का नाम लिया था। अब सांसद का नाम आना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

केजरीवाल के बाद भगवंत मान भी आएंगे जांच के घेरे में
शराब घोटाले में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार बुरी तरह फंस चुकी है। आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह पहले ही इस मामले में जेल में हैं, अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता हुआ दिखाई पड़ रहा है। लेकिन शराब घोटाले का मामला केवल दिल्ली तक ही नहीं रुकेगा। माना जा रहा है कि इसकी जांच की आंच में पंजाब सरकार भी झुलस सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि आम आदमी पार्टी के मोहाली से विधायक कुलवंत सिंह के घर और कार्यालय पर भी छापेमारी हो चुकी है। हालांकि, कुलवंत सिंह ने इसे सामान्य जांच का हिस्सा बताया है, लेकिन जानकारों की मानें, तो इसकी आंच में कुलवंत सिंह के साथ-साथ पंजाब सरकार के कुछ अन्य रसूखदार लोग भी सामने आ सकते हैं।

शराब घोटाले आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह गिरफ्तार
शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को 4 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लंबी पूछताछ के बाद संजय सिंह को गिरफ्तार किया। शराब घोटाला मामले में जुलाई 2023 में गिरफ्तार हो चुके दिनेश अरोड़ा ने ईडी के सामने कई खुलासे किए हैं। जमानत पर जेल से बाहर आ चुके दिनेश अरोड़ा अब सरकारी गवाह बन गए हैं। अरोड़ा ने ईडी को जानकारी दी है कि साल 2020 में उनके पास संजय सिंह का फोन आया था। अरोड़ा ने बताया कि संजय सिंह ने उनसे कहा था कि विधानसभा चुनाव आ रहे हैं और पार्टी को अब पैसे की जरूरत है। संजय सिंह ने कहा था कि रेस्तरां मालिक से पैसे मांगने चाहिए। अरोड़ा ने बताया कि एक रेस्तरां में पार्टी के दौरान ही वो दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के संपर्क में आए थे। चार्जशीट के मुताबिक संजय सिंह के कहने पर दिनेश अरोड़ा ने कई रेस्तरां और बार के मालिकों से बात भी की थी। आरोड़ा ने बताया कि इस दौरान 82 लाख रुपए पार्टी फंड के तौर पर इकट्ठा हुए थे, जिसे मनीष सिसोदिया को सौंप दिया गया था। जिस पार्टी में ये पैसे सिसोदिया को दिए गए थे उसमें संजय सिंह और आप के कोषाध्याक्ष राजेंद्र गुप्ता मौजूद थे।

दिल्ली के 18 मंत्रालय संभालने वाले मनीष सिसोदिया शराब घोटाले में गिरफ्तार
दिल्ली के शिक्षा और आबाकारी मंत्री रहे मनीष सिसोदिया को शराब घोटाले में सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया। सीबीआई ने कहा कि सिसोदिया ने शराब घोटाले में आपराधिक साजिश रची और सबूतों को मिटाने की भी कोशिश की। दिल्ली सरकार में मनीष सिसोदिया सबसे प्रभावशाली मंत्री थे। AAP के नेता और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पास 18 मंत्रालय थे। सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद उनके मंत्रालय भी सिसोदिया के पास ही थे। दरअसल मनीष सिसोदिया जिस मामले में जेल में बंद है वो दिल्ली सरकार की नई शराब नीति से जुड़ा हुआ है। दिल्ली सरकार ने साल 2021 में नई एक्साइज पॉलिसी लागू की थी। केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति को लेकर दावा किया था कि इससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और माफिया राज खत्म होगा। हालांकि नई शराब नीति आने के बाद इसका उल्टा हुआ। दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव ने जुलाई 2022 में दिल्ली के उपराज्यपाल को एक रिपोर्ट सौंपी जिसमें राजस्व को नुकसान होने और शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाए जाने का जिक्र था।

दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को 30 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। सत्येंद्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज है। आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैन, उनकी पत्नी पूनम और अन्य पर केस दर्ज किया गया। सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली ने कई शेल कंपनियां बनाई और खरीदी थी। कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटर्स से 54 शेल कंपनियों के जरिए 16.39 करोड़ रुपए का काला धन भी ट्रांसफर किया। ईडी जैन की 4.81 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है।

AAP के विधायक अमानतुल्लाह खान गिरफ्तार
आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान को दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो ने 16 सितंबर 2022 को दिल्ली वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने आप विधायक के छह से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान एक पिस्टल, कई कारतूस और 24 लाख से अधिक नगद समेत कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले। अमानतुल्लाह खान के जामिया के गफूर नगर में रहने वाले सबसे करीबी हामिद अली खान के यहां से अवैध पिस्टल, कारतूस और 12 लाख रुपये बरामद हुए। एक अन्य जगह से भी 12 लाख रुपये नकद मिला।