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कोर्ट ने दिखा दिया आईना, लेकिन केजरीवाल पर कुछ असर नहीं, कुछ चमचे ढोल पीट रहे हैं और कुछ गली गली भौंक रहे हैं ; हाय हाय हत्या की साजिश हो रही है ; जबकि लापरवाही है बेगम साहिबा की

सुभाष चन्द्र 

“दिल्ली के राजा” केजरीवाल के जेल जाने के एक महीना पूरे होने पर 2 अदालतों के 2 फैसले आए और केजरीवाल को चारों खाने चित कर दिया। केजरीवाल के बारे में कुछ बात की जाए उससे पहले एक बात पर हंसी आनी लाजमी है कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी को केजरीवाल ने एक “Trial Court” का वकील बना कर छोड़ दिया और इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ हो नहीं सकता।

रविवार(अप्रैल 21) को केजरीवाल गिरोह की खूब हाय तौबा मचाने के बाद केजरीवाल की Video Conferencing से 40 मिनट AIIMS के वरिष्ठ विशेषज्ञ से करा दी गई लेकिन उसने डॉक्टर से एक बार भी Insulin के बारे में बात नहीं की और न ही डॉक्टर ने Insulin लेने की सलाह दी लेकिन फिर आतिशी मार्लेना रोना रोती रही कि शुगर 50 के नीचे चली जाए तो खतरा हो सकता है और इसलिए केजरीवाल को Insulin की जरूरत है जो नहीं दी जा रही। ये लोग लगता है सबको मूर्ख समझते हैं। कोई सुनीता से नहीं पूछ रहा कि 'जब अरविन्द मधुमेह रोगी है तो तले पकवान और मीठा क्यों भेजा जा रहा है? क्या बदपरहेजी खाना भेज कौन-सा षड़यंत्र कर रही है? क्या एक तीर से दो निशाने मार रही है?

आम आदमी पार्टी घोटालों से ध्यान भटकाने के लिए मधुमेह पर क्यों शोर मचा रही है? इस पूरे प्रकरण में मजे की बात यह है कि राघव चड्डा वापस भारत क्यों नहीं आ रहा? और अरविन्द अपनी जमानत के लिए कोर्ट नहीं जा रहे, क्यों? लोक सभा चुनावों में पार्टी नेताओं को दरकिनार कर सुनीता केजरीवाल क्यों भाषण देने जा रही हैं? क्या अरविन्द और सुनीता को पार्टी में किसी पर विश्वास नहीं? चर्चा यह भी है कि लोक सभा चुनाव मतदान के बाद पार्टी टूट सकती है। राघव भारत आने से पूर्व बीजेपी में शामिल होने की घोषणा भी कर सकता है और अगर बीजेपी राघव को पार्टी में लेती है, बीजेपी की भयंकर भूल होगी। यह भी शंका व्यक्त की जा रही है कि राघव वहां बैठ नयी पार्टी बनाने में व्यस्त है। केजरीवाल जानते हैं कि जिस दिन राघव चड्डा भारत आ गया, कोई गिरफ्तार होने से नहीं रोक सकता, जो जरा सी सख्ती होते ही घोटालों के कई राज एकदम खोल देगा। जो केजरीवाल के लिए ही नहीं कई मुश्किलें बढ़ाएगी, पार्टी के कई नेता जेल जाते नज़र आएंगे और शंका है कि केजरीवाल के समस्त परिवार को भी जेल का रास्ता देखना पड़ सकता है। शराब घोटाले के चलते इसके लड़के का जिम घोटाला दब गया है। कहते हैं, अरविन्द के बाद घोटालों का दूसरा सबसे बड़ा राजदार राघव चड्डा ही है।

      

कल Rouse Avenue कोर्ट ने भी फैसले में साफ़ कहा है कि केजरीवाल के घर से Diet Chart में बताए गए खाने से हट कर खाना दिया गया। जो चीजें Diet Chart में नहीं थीं वे दी जा रही थीं जिन पर जेल प्रशासन को ध्यान देना चाहिए था। विशेष न्यायाधीश कावेरी बवेजा ने साफ़ कहा कि जेल प्रशासन के पास बंदियों के लिए अच्छी तरह से विकसित बुनियादी व्यवस्था है और CM के लिए विशेष व्यवहार नहीं हो सकता, सबके लिए एक ही व्यवस्था होती है क्योंकि कानून सबके लिए समान है। 

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अदालत ने अब चिक चिक दूर करने के लिए Special Medical Board का गठन कर दिया जिसमे AIIMS के डॉक्टर होंगे और बोर्ड द्वारा तय किया हुआ भोजन ही घर से दिया जाएगा और जब तक नया Diet Chart नहीं बनता, तब तक केजरीवाल के डॉक्टर के चार्ट के अनुसार ही घर से भोजन आएगा जिस पर जेल प्रशासन ध्यान देगा। अदालत ने यह भी साफ़ कहा कि केजरीवाल की मर्जी से उसे Insulin नहीं दिया जा सकता।

“आप” नेता संजय सिंह और आतिशी समेत एक ही आरोप लगाया जा रहा है कि केजरीवाल की हत्या की साजिश हो रही Insulin न देकर जबकि सत्य यह लगता है “आप” और सुनीता केजरीवाल ही CM की हत्या की साजिश कर रहे लगते हैं उसे वह खाना देकर जो उसे नुकसान पहुंचा सकता है। केजरीवाल के डाइटीशियन के चार्ट के अनुसार ही उसे भोजन दिया, जेल प्रशासन ने अपना कोई डाइटीशियन नहीं तय किया था लेकिन आतिशी फिर भी कह रही है कि एक डाइटीशियन के चार्ट पर जेल प्रशासन दावा कर रहा है। यानी अपने डाइटीशियन पर भी भरोसा नहीं है।

कोर्ट के आदेश के बावजूद Insulin को लेकर केजरीवाल ने जेल अधीक्षक को पत्र लिख कर उन पर Insulin को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। आखिर केजरीवाल को जेल में रह कर पत्र लिखने का सामान कैसे मिल जाता है कि वह formal letter लिख सके।

दूसरे केस में दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल के 4 सिरफिरे  दीवानों की उसे असाधारण अंतरिम जमानत देने की याचिका खारिज करते हुए उन पर 75,000 का जुर्माना लगा दिया। कोर्ट ने याचिका ख़ारिज करते हुए जिस तरह उनकी धज्जियाँ उड़ाई वो काबिलेतारीफ हैं। कोर्ट ने उन्हें पूछा कि आप कौन होते हैं जमानत मांगने वाले, वो खुद मांग सकते हैं, आप क्या UN सदस्य हो और आपके पास क्या वीटो पावर है। 

अवलोकन करें:-

दिल्ली : शराब और पानी घोटाले के बाद अब शुगर घोटाला : क्या घोटालों की जानकारी न दिए जाने पर सख्ती स

केजरीवाल के वकील ने बेशक याचिका का विरोध किया लेकिन याचिका तो केजरीवाल की मदद के लिए ही थी। याचिकाकर्ता इतने समझदार थे कि दलील दे रहे थी कि अतीक अहमद और गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की मौत पुलिस कस्टडी में हुई थी। इसका मतलब यह भी निकाला जा सकता है कि वो केजरीवाल को अतीक और टिल्लू ताजपुरिया की श्रेणी में मान रहे थे।

K कविता को अब CBI ने किया गिरफ्तार, तिहाड़ जेल में हैं बंद

दिल्ली शराब नीति घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बीआरएस नेता और तेलंगाना की एमएलएसी के. कविता को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे सीबीआई ने जेल में पूछताछ की थी, इसके बाद कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी की अनुमति माँगी थी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद सीबीआई ने के. कविता को गिरफ्तार कर लिया है। वो फिलहाल ईडी की न्यायिक हिरासत में हैं और तिहाड़ जेल में बंद हैं। सीबीआई उन्हें कोर्ट में पेश करेगी और फिर अपनी हिरासत में ले लेगी।

के.कविता मनी लॉन्ड्रिंग के केस में ईडी द्वारा गिरफ्तार की गईं थी। अभी वो तिहाड़ जेल में बंद हैं। पिछले शनिवार (06 अप्रैल 2024) को सीबीआई ने उनसे जेल के अंदर पूछताछ की थी। जिसके बाद अब सीबीआई ने यह एक्शन लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई ने शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) को उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड की माँग करेगी। बता दें कि सीबीआई ने बुधवार (10 अप्रैल 2024) को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दाखिल कर के. कविता को गिरफ्तार करने की अनुमति माँगी थी। कोर्ट ने सीबीआई को गिरफ्तारी की अनुमति दे दी थी, जिसके बाद अब कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने उन्हें आपराधिक षड़यंत्र, पैसों की हेराफेरी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है।

23 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में हैं के कविता

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार (09 अप्रैल 2024) के. कविता की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी थी। इससे पहले, शुक्रवार (05 अप्रैल 2024) को ही विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को तिहाड़ जेल में उनसे पूछताछ करने की अनुमति दे दी थी।

हैदराबाद जाकर ईडी ने हिरासत में लिया था

ईडी ने दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में के कविता को 15 मार्च को हैदराबाद से हिरासत में लिया और अगले दिन दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जहाँ से उन्हें सात दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया था और 23 मार्च को अदालत ने केंद्रीय एजेंसी को उनकी तीन और दिनों की हिरासत दी थी। के. कविता पर ईडी का आरोप है कि उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में लाभ पाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ साजिश रची।

दिल्ली शराब घोटाले : केजरीवाल-सिसोदिया के साथ मिलकर के. कविता ने रची थी साजिश, AAP को दिए थे 100 करोड़ रुपये

               अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया और बीआरएस नेता के कविता (फोटो साभार: NDTV)
दिल्ली के सबसे बड़े शराब घोटाले की जांच कर रही एजेंसियों को कड़ी से कड़ी जोड़ने पर इसके तार सुदूर तेलंगाना से जुड़े मिले। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रहे के.चंद्रशेखर राव की बेटी और साउथ ग्रुप नाम की शराब लॉबी की मुख्य लीडर के.कविता पर दिल्ली के आप नेताओं को सौ करोड़ रुपये देने के प्रमाण प्रवर्तन निदेशालय की टीम को मिले हैं। इससे ईडी से एक ही मामले में नौ समन पा चुके दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। CBI ने कविता के अकाउंटेंट बुचीबाबू गोरंतला को गिरफ्तार किया। ईडी ने भी बुचीबाबू से पूछताछ की थी। फिर ईडी ने हैदराबाद के व्यवसायी अरुण रामचंद्रन पिल्लई को 7 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया। पिल्लई ने पूछताछ में बताया था कि कविता और आम आदमी पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत 100 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जिससे कविता की कंपनी ‘इंडोस्पिरिट्स’ को दिल्ली के शराब कारोबार में एंट्री मिली।

कविता ने दिल्ली के आप नेताओं के साथ मिलकर घोटाले की साजिश रची
दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में गिरफ्तार BRS नेता के.कविता ने ED के समन के खिलाफ अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली है। कविता 23 मार्च तक ED की रिमांड में भेज दी गई हैं। जांच एजेंसी को पड़ताल में यह तथ्य मिले हैं कि के.कविता ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी के निर्माण और लागू करने में लाभ पाने के लिए AAP के सीनियर लीडर्स के साथ साजिश रची। एजेंसी का दावा है कि इसके लिए दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल और डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को 100 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। कविता ने 18 मार्च को अपनी गिरफ्तारी के विरोध में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिका वापस लेने के बाद उनके वकील ने कहा के वे कानून के अनुसार ही मामले से निपटने के लिए जरूरी नियमों का सहारा लेंगे।

प्रवर्तन निदेशालय का दावा- एहसान के बदले 100 करोड़ का भुगतान
प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि के.कविता को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी बनाने और लागू करने में AAP नेताओं की मदद मिली। इस एहसान के बदले उन्हें 100 करोड़ रुपए का भुगतान के.कविता ने किया है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच के दौरान इन बातों का पता चला है। जांच एजेंसी का कहना है कि शराब के होलसेलर्स के जरिए आम आदमी पार्टी के लिए रिश्वत ली गई थी। इसके अलावा कविता और उसके सहयोगियों को AAP को अग्रिम भुगतान की गई राशि की वसूली करनी थी। उन्हें प्रॉफिट कमाना था। ईडी ने कहा है कि 23 मार्च तक सात दिन की रिमांड में के.कविता से इस मामले में पूछताछ की जाएगी। इस मामले में ED ने अब तक दिल्ली, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई और अन्य स्थानों सहित देश भर में 245 स्थानों पर रेड मारी है।

साल 2023 में कविता को भेजे गए थे तीन समन, इस साल 2 भेजे
शराब घोटाले के मामले में अब तक AAP के मनीष सिसौदिया, संजय सिंह और विजय नायर समेत कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी अब तक 5 सप्लिमेंट्री कंप्लेंट और एक प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल कर चुकी है। साथ ही अपराध से प्राप्त आय में से अब तक 128.79 करोड़ रुपए की संपत्ति का पता लगाया गया है। इसे 24 जनवरी 2023 और 3 जुलाई 2023 के वाइड प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए से अटैच किया गया है। ईडी ने शराब नीति मामले में पूछताछ के लिए कविता को साल 2023 में 3 समन भेजे थे। इस साल 2 समन भेजे गए, लेकिन उन्होंने SC की कार्रवाई का हवाला देते हुए पेश होने से इनकार कर दिया।

दिल्ली के सबसे बड़े शराब घोटाले में कविता का नाम कब आया?
दिल्ली शराब घोटाले केस में ईडी ने गुरुग्राम से कारोबारी अमित अरोड़ा को 30 नवंबर, 2022 में गिरफ्तार किया था। ईडी के मुताबिक अमित ने अपने बयानों में TRS नेता के. कविता के नाम का लिया था। जांच एजेंसी ने दावा किया था कि कविता ‘साउथ ग्रुप’ नाम की एक शराब लॉबी की एक मुख्य लीडर थीं। उन्होंने विजय नायर के माध्यम से दिल्ली में AAP सरकार के नेताओं को 100 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया। फरवरी 2023 में CBI ने कविता के अकाउंटेंट बुचीबाबू गोरंतला को गिरफ्तार किया। ईडी ने भी बुचीबाबू से पूछताछ की थी। फिर ईडी ने हैदराबाद के व्यवसायी अरुण रामचंद्रन पिल्लई को 7 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया। पिल्लई ने पूछताछ में बताया था कि कविता और आम आदमी पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत 100 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जिससे कविता की कंपनी ‘इंडोस्पिरिट्स’ को दिल्ली के शराब कारोबार में एंट्री मिली।

साउथ ग्रुप दक्षिण के राजनेताओं, कारोबारियों और नौकरशाहों का है ग्रुप
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक पिल्लई ने ये भी बताया कि एक मीटिंग हुई थी, जिसमें वो, कविता, विजय नायर और दिनेश अरोड़ा मौजूद थे। इस मीटिंग में दी गई रिश्वत की वसूली पर चर्चा हुई थी। साउथ ग्रुप दक्षिण के राजनेताओं, कारोबारियों और नौकरशाहों का ग्रुप है। इसमें अरबिंदो फार्मा के प्रमोटर सरथ रेड्डी, वाईएसर कांग्रेस के लोकसभा सांसद एम. श्रीनिवासुलु रेड्डी, उनके बेटे राघव मगुंटा और कविता शामिल थे। इस ग्रुप का प्रतिनिधित्व अरुण पिल्लई, अभिषेक बोइनपल्ली और बुचीबाबू ने किया था। तीनों को ही शराब घोटाले में गिरफ्तार किए गए हैं।

शराब घोटाला मामला: अभी तक कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?
कोरोना काल के बीच दिल्ली सरकार ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 लागू की थी। इस शराब नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायतें आईं जिसके बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके साथ ही दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 सवालों के घेरे में आ गई। दिल्ली शराब नीति अनियमितता मामले की जांच कर रही दोनों एजेंसियां सीबीआई और ईडी अब तक 15 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, विजय नायर, समीर महेंद्रू, अरुण रामचंद्रन, राजेश जोशी, गोरन्तला बुचिबाबू, अमित अरोड़ा, बेनॉय बाबू (फ्रांसीसी शराब कंपनी पर्नोड रिकार्ड के महाप्रबंधक), पी सरथ चंद्र रेड्डी, अरबिंदो फार्मा के पूर्णकालिक निदेशक और प्रमोटर, व्यवसायी अमनदीप धाल और व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली शामिल हैं।

केजरीवाल को शराब घोटाले में नौवां और जल बोर्ड घोटाले में पहला समन
दिल्ली में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं। शराब घोटाले के बाद अब दिल्ली जल बोर्ड का घोटाला सुर्खियों में है। इन दोनों घोटालों की आंच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक आ चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाले में नौवां और जल बोर्ड घोटाले में पहला समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया। लेकिन अरविंद केजरीवाल इन दोनों समन पर ईडी कार्यालय में पेश नहीं हुए। शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार के कई मंत्री जेल में बंद हैं। वहीं दूसरी तरफ जल बोर्ड में टेंडर बांटने में गबन का आरोप लग रहा है। इसी मामले में ईडी दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

जल बोर्ड घोटाला: ठेके का मूल्य 38 करोड़, खर्च किए 17 करोड़ बाकि का गबन
प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि दिल्ली जल बोर्ड का ठेका बढ़ी हुई दरों पर दिया गया। ताकि ठेकेदारों से रिश्वत वसूली जा सके। ठेके का मूल्य 38 करोड़ रुपये था और इस पर सिर्फ 17 करोड़ रुपये खर्च किए गए और शेष राशि गबन कर ली गई। इस तरह के फर्जी खर्च रिश्वत और चुनावी कोष के लिए किए गए थे। कथित तौर पर जल बोर्ड के पूर्व मुख्य अभियंता जगदीश कुमार अरोड़ा ने एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 38 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। यह ठेका इलेक्ट्रोमेग्नेटिक फ्लो मीटर्स की आपूर्ति, स्थापना और परीक्षण के लिए दिया गया था। इस मामले में आरोप लगाया गया है कि बोर्ड और एनबीसीसी के अधिकारियों ने रिश्वत के लिए एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर का पक्ष लिया। ईडी ने इस मामले में गत 31 जनवरी को जगदीश कुमार अरोड़ा और ठेकेदार अनिल कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। उधर ईडी ने मामले से जुड़ी मनी ट्रेल की जांच करते हुए आरोप लगाया है कि एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर को अनुबंध दिए जाने के बाद अरोड़ा को नकद और बैंक खाते में रिश्वत प्राप्त हुई थी। यह पैसा अलग-अलग पार्टियों को देने का आरोप लगाया गया। वहीं आम आदमी पार्टी को चुनावी फंड के तौर पर भी पैसा दिया गया। बीते दिनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक विभव कुमार, आम आदमी पार्टी के कोषाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता और अन्य लोगों के यहां छापेमारी की थी।

तेलंगाना :‘सनातन धर्म और हिंदीभाषियों के खिलाफ बयान पर चुनाव(राहुल) गाँधी चुप क्यों?’: पूर्व मुख्यमंत्री KCR की बेटी K कविता ने कहा – PR स्टंट थी ‘भारत जोड़ो यात्रा’

जब से I.N.D.I. गठबंधन हुआ है, तभी से गठबंधन में शामिल कोई न कोई पार्टी सनातन धर्म या हिन्दीभाषी राज्य/राज्यों के विरुद्ध बयानबाज़ी कर वोटों का ध्रुवीकरण कर भाजपा के लिए मैदान साफ कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में यह गठबंधन कितने दिन चलेगा? क्या यह 2014 चुनावों से पहले ही आत्महत्या कर लेगा?  
तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK सांसद दयानिधि मारन ने विवादस्पद टिप्पणी करते हुए उत्तर भारतीयों को शौचालय साफ़ करने से जोड़ा, जिसके बाद बवाल मचा हुआ है। अब इसे लेकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता K कविता ने राहुल गाँधी पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गाँधी की शुरू की गई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ एक पीआर स्टंट जैसी थी। इसके साथ ही बीआरएस महिला नेत्री ने डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म पर की गई टिप्पणियों पर राहुल गाँधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।

कांग्रेस और डीएमके विपक्षी इंडिया गुट में सहयोगी हैं। बीजेपी को हराने के लिए एकजुट हुआ ये गठबंधन खुद ही बिखरा हुआ नजर आ रहा है।

‘कांग्रेस पार्टी का डीएनए – जो बोलते है वो करते नहीं’

बीआरएस नेता के कविता ने कहा कि जब सनातन धर्म का अपमान किया जाता है कई करोड़ लोगों आहत होते हैं, पूरे देश में कई करोड़ लोगों की भावनाएँ आहत होती वो (राहुल गाँधी) कभी प्रतिक्रिया नहीं देते। वो इस देश के लोगों के लिए जवाबदेह हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री KCR की बेटी ने आगे कहा, “मैं उन्हें चुनाव गाँधी कहती हूँ क्योंकि वो केवल चुनावों के वक्त काम करते हैं। एक पार्टी के, एक नेता के तौर पर उनकी भारत जोड़ो यात्रा पीआर जैसी है। कांग्रेस पार्टी का डीएनए ऐसा है कि वो जो बोलते हैं वो करते नहीं।”
बीआरएस नेता के कविता ने यहाँ तक कह डाला कि अब देश की जनता को फैसला लेना है कि उन्हें कांग्रेस पार्टी का साथ देना है या नहीं। देश के कई पार्टियों के नेता के आपत्तिजनक बयान आए हैं और ये सब कुछ खास लोगों के वोट हासिल करना चाहते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वो इस तरह के बयान देते हैं जिनसे देश ऐसे बँट जाए जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। जब पार्टियाँ सनातन धर्म के बारे में बात करती हैं, जब पार्टियाँ कुछ राज्यों को ‘गौमूत्र राज्य’ कहती हैं। जब वो मजदूरों की बेइज्जती करते हैं जो टॉयलेट आदि में काम करते हैं। इस तरह के बयानों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
बीआरएस नेता के कविता ने कहा कि जब राहुल गाँधी भारत जोड़ो यात्रा की बात करते हैं वो देश को एक करने की बात करते हैं, लेकिन काश उन्होंने शुरू से ही ऐसे बयानों को संजीदगी से लिया होता जब सनातन धर्म की बेइज्जती की जा रही थी। राहुल गाँधी ने कभी प्रतिक्रिया नहीं दी अगर उन्होंने उस वक्त इस पर प्रतिक्रिया दी होती तो वो ऐसा बयान नहीं देते।
उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब इतने बड़े गठबंधन की पार्टी इस तरह के बयान दे रही है और इस गठबंधन के मुखिया राहुल गाँधी जो पूरा नेतृत्व कर रहे हैं वो कुछ नहीं बोल रहे हैं। वो इस देश के लोगों के लिए जवाबदेह हैं। उन्होंने कहा, “मैं उनसे अनुरोध करती हूँ कि लोकसभा चुनाव नज़दीक हैं आप लोगों को जवाब देना क्यों नहीं शुरू करते। कम से कम आपको लोगों को बताना चाहिए कि आप हिंदुओं के लिए अशिष्ट नहीं है। लोगों को बताइए कि आप मजदूरों के लिए अपमान नहीं करते।”

हिंदी पर क्या कहा था डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने

दरअसल डीएमके सांसद दयानिधि मारन द्वारा हिंदीभाषियों को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान का एक वीडियो क्लिप इन दिनों खास वायरल है। ये क्लिप साल 2019 के एक कार्यक्रम की बताई जा रही है।
डीएमके सांसद दयानिधि मारन इस कार्यक्रम के दौरान कहा था कि उत्तर प्रदेश और बिहार से जो हिंदी भाषी तमिलनाडु आते हैं। वो वहाँ निर्माण कार्य करते हैं या सड़कों और शौचालयों की सफाई करते हैं। इस क्लिप के सामने आने से खासा विवाद पैदा हो गया है।
पुरानी क्लिप में मारन ने अंग्रेजी शिक्षा के महत्व पर जोर दिया था। उन्होंने केवल अंग्रेजी और केवल हिंदी सीखने वाले लोगों की तुलना करते हुए कहा है कि जिन्होंने केवल अंग्रेजी सीखी वो इज्जतदार आईटी क्षेत्र में चले गए और जिन्होंने केवल हिंदी सीखी थी वो केवल छोटी नौकरियाँ ही पा सके।