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तेलंगाना :‘सनातन धर्म और हिंदीभाषियों के खिलाफ बयान पर चुनाव(राहुल) गाँधी चुप क्यों?’: पूर्व मुख्यमंत्री KCR की बेटी K कविता ने कहा – PR स्टंट थी ‘भारत जोड़ो यात्रा’

जब से I.N.D.I. गठबंधन हुआ है, तभी से गठबंधन में शामिल कोई न कोई पार्टी सनातन धर्म या हिन्दीभाषी राज्य/राज्यों के विरुद्ध बयानबाज़ी कर वोटों का ध्रुवीकरण कर भाजपा के लिए मैदान साफ कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में यह गठबंधन कितने दिन चलेगा? क्या यह 2014 चुनावों से पहले ही आत्महत्या कर लेगा?  
तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK सांसद दयानिधि मारन ने विवादस्पद टिप्पणी करते हुए उत्तर भारतीयों को शौचालय साफ़ करने से जोड़ा, जिसके बाद बवाल मचा हुआ है। अब इसे लेकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता K कविता ने राहुल गाँधी पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गाँधी की शुरू की गई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ एक पीआर स्टंट जैसी थी। इसके साथ ही बीआरएस महिला नेत्री ने डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म पर की गई टिप्पणियों पर राहुल गाँधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।

कांग्रेस और डीएमके विपक्षी इंडिया गुट में सहयोगी हैं। बीजेपी को हराने के लिए एकजुट हुआ ये गठबंधन खुद ही बिखरा हुआ नजर आ रहा है।

‘कांग्रेस पार्टी का डीएनए – जो बोलते है वो करते नहीं’

बीआरएस नेता के कविता ने कहा कि जब सनातन धर्म का अपमान किया जाता है कई करोड़ लोगों आहत होते हैं, पूरे देश में कई करोड़ लोगों की भावनाएँ आहत होती वो (राहुल गाँधी) कभी प्रतिक्रिया नहीं देते। वो इस देश के लोगों के लिए जवाबदेह हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री KCR की बेटी ने आगे कहा, “मैं उन्हें चुनाव गाँधी कहती हूँ क्योंकि वो केवल चुनावों के वक्त काम करते हैं। एक पार्टी के, एक नेता के तौर पर उनकी भारत जोड़ो यात्रा पीआर जैसी है। कांग्रेस पार्टी का डीएनए ऐसा है कि वो जो बोलते हैं वो करते नहीं।”
बीआरएस नेता के कविता ने यहाँ तक कह डाला कि अब देश की जनता को फैसला लेना है कि उन्हें कांग्रेस पार्टी का साथ देना है या नहीं। देश के कई पार्टियों के नेता के आपत्तिजनक बयान आए हैं और ये सब कुछ खास लोगों के वोट हासिल करना चाहते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वो इस तरह के बयान देते हैं जिनसे देश ऐसे बँट जाए जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। जब पार्टियाँ सनातन धर्म के बारे में बात करती हैं, जब पार्टियाँ कुछ राज्यों को ‘गौमूत्र राज्य’ कहती हैं। जब वो मजदूरों की बेइज्जती करते हैं जो टॉयलेट आदि में काम करते हैं। इस तरह के बयानों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
बीआरएस नेता के कविता ने कहा कि जब राहुल गाँधी भारत जोड़ो यात्रा की बात करते हैं वो देश को एक करने की बात करते हैं, लेकिन काश उन्होंने शुरू से ही ऐसे बयानों को संजीदगी से लिया होता जब सनातन धर्म की बेइज्जती की जा रही थी। राहुल गाँधी ने कभी प्रतिक्रिया नहीं दी अगर उन्होंने उस वक्त इस पर प्रतिक्रिया दी होती तो वो ऐसा बयान नहीं देते।
उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब इतने बड़े गठबंधन की पार्टी इस तरह के बयान दे रही है और इस गठबंधन के मुखिया राहुल गाँधी जो पूरा नेतृत्व कर रहे हैं वो कुछ नहीं बोल रहे हैं। वो इस देश के लोगों के लिए जवाबदेह हैं। उन्होंने कहा, “मैं उनसे अनुरोध करती हूँ कि लोकसभा चुनाव नज़दीक हैं आप लोगों को जवाब देना क्यों नहीं शुरू करते। कम से कम आपको लोगों को बताना चाहिए कि आप हिंदुओं के लिए अशिष्ट नहीं है। लोगों को बताइए कि आप मजदूरों के लिए अपमान नहीं करते।”

हिंदी पर क्या कहा था डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने

दरअसल डीएमके सांसद दयानिधि मारन द्वारा हिंदीभाषियों को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान का एक वीडियो क्लिप इन दिनों खास वायरल है। ये क्लिप साल 2019 के एक कार्यक्रम की बताई जा रही है।
डीएमके सांसद दयानिधि मारन इस कार्यक्रम के दौरान कहा था कि उत्तर प्रदेश और बिहार से जो हिंदी भाषी तमिलनाडु आते हैं। वो वहाँ निर्माण कार्य करते हैं या सड़कों और शौचालयों की सफाई करते हैं। इस क्लिप के सामने आने से खासा विवाद पैदा हो गया है।
पुरानी क्लिप में मारन ने अंग्रेजी शिक्षा के महत्व पर जोर दिया था। उन्होंने केवल अंग्रेजी और केवल हिंदी सीखने वाले लोगों की तुलना करते हुए कहा है कि जिन्होंने केवल अंग्रेजी सीखी वो इज्जतदार आईटी क्षेत्र में चले गए और जिन्होंने केवल हिंदी सीखी थी वो केवल छोटी नौकरियाँ ही पा सके।

रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाते ही सोनिया गाँधी बन गईं ‘तेलंगाना की माँ’

चाटुकारिता की भी एक सीमा होती है, लेकिन कांग्रेस हमेशा से सभी मापदंडों को पार करती रही है। कभी India is Indira, Indira is India कहते थे और अब विरोधी स्वरों के बीच कांग्रेस पार्टी ने घोषणा कर दी है कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वह भी परिवार को return gift देने में पीछे नहीं रहे। वो फ़िलहाल राज्य में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। मुख्यमंत्री पद का दायित्व मिलने की घोषणा के बाद रेवंत रेड्डी ने सोशल मीडिया के माध्यम से आलाकमान का धन्यवाद दिया। उन्होंने इस दौरान सोनिया गाँधी को ‘हम सब की प्रिय तेलंगाना की माँ’ तक बता दिया। वहीं उन्होंने प्रियंका गाँधी को करिश्माई नेता करार दिया। रेवंत रेड्डी ने इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी उनकी मेहनत के लिए धन्यवाद दिया।

रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना में चुनाव प्रचार के दौरान अपने भाषणों के माध्यम से जनता से संपर्क साधा और KCR की सरकार पर हमलावर रहे। उन्हें 1 दिन की जेल भी हुई थी। चेरलापल्ली सेन्ट्रल जेल से निकलने के बाद उन्होंने ऐलान किया था कि वो ये सुनिश्चित करेंगे कि मुख्यमंत्री KCR के लिए तेलंगाना में कोई राजनीतिक जमीन न बचे। रेवंत रेड्डी ने ABVP से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और 2017 में कांग्रेस में आने से पहले लंबे समय तक TDP में रहे।

2021 में उन्होंने पार्टी ने जब प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी तब संगठन में कई लोग उन्हें जानते तक नहीं थे। दिसंबर 2018 में जब उन्होंने केसीआर के कोसी दौरे के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया था तो उन्हें हाउस अरेस्ट में डाल दिया गया था। मार्च 2020 में KCR के बेटे KTR के नए-नए बने फार्महाउस के ऊपर से ड्रोन उड़ने के लिए उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में रखा गया। दिसंबर 2020 से लेकर मार्च 2023 तक 7 बार तेलंगाना पुलिस ने उन्हें हिरासत में रखा।

जुलाई 2021 में तेलंगाना में जमीनों के ई-ऑक्शन में 1000 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपों के बाद उन्होंने प्रदर्शन का ऐलान किया, तो उन्हें जुबली हिल्स स्थित उनके आवास में ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया। उसी साल दिसंबर में भूपलपल्ली में धान खरीद के मुद्दे पर किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया। मार्च 2022 में उन्हें ओस्मानिया यूनिवर्सिटी में जाने से रोक दिया गया। उस दौरान कई परीक्षाओं में हुए पेपर लीक के बाद राज्य में आंदोलन तेज़ था।

वित्तीय आयोग द्वारा ग्राम पंचायत को फंड न देने के बाद सरपंचों ने आंदोलन किया था, उसमें भी उन्हें रेवंत रेड्डी का साथ मिला और उस दौरान उन्हें फिर हाउस अरेस्ट किया गया। न सिर्फ BRS, बल्कि अपनी पार्टी के लोग भी उनके पीछे लगे थे। आलाकमान से शिकायत की गई कि वो एकतंत्रीय व्यवस्था चलाते हैं और अपने समर्थकों को आगे बढ़ाते हैं। कुछ नेताओं ने पार्टी छोड़ भी दी। कर्नाटक में जीत से भी तेलंगाना में कॉन्ग्रेस को फायदा मिला।

वहीं भाजपा ने जुलाई 2023 में अचानक से फायरब्रांड नेता बंदी संजय कुमार को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा कर उनकी जगह केंद्रीय मंत्री G किशन रेड्डी को भेज दिया। इससे भाजपा का चुनावी अभियान कमजोर पड़ा। रेवंत रेड्डी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और जनता पार्टी के नेता रहे जयपाल रेड्डी की भतीजी से शादी की है। छात्र नेता के रूप में ही उन्होंने महबूबनगर में गाँवों में पाँव जमाने शुरू कर दिए थे। TDP ने उन्हें कोदंगल में अपना आधार मजबूत करने का अवसर दिया। अब वो तेलंगाना के मुख्यमंत्री बन रहे हैं।