इमरजेंसी में जिस तरह प्रेस और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने गला घोंटा था उसका तेलंगाना कांग्रेस सरकार द्वारा जीवंत उदाहरण पेश कर रही है। फिर शोर मचाते हैं मोदी सरकार में लोकतंत्र और संविधान खतरे में हैं। जनता को गुमराह करती है कांग्रेस। हकीकत में लोकतंत्र और संविधान कांग्रेस राज में ही खतरे में रहे हैं। अपने राज में कांग्रेस ने संविधान में इतने ज्यादा संशोधन कर संविधान की मूलभावना को ही चकनाचूर कर दिया। सुप्रीम कोर्ट तक चुपचाप बैठे देखती रही।
कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी राष्ट्रीय स्तर पर खुद को अभिव्यक्ति की आजादी का सबसे बड़ा चैंपियन बताते हैं। वे अक्सर भाजपा सरकार पर ‘आवाज दबाने’ का आरोप लगाते हैं, लेकिन तेलंगाना में उनकी अपनी सरकार का रवैया कुछ और ही कहानी बयाँ कर रहा है। तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार अब सोशल मीडिया पर आलोचना करने वालों के खिलाफ देश के सबसे कड़े कानून ‘यूएपीए’ (UAPA) का इस्तेमाल कर रही है।
X हैंडल पर UAPA लगाने का क्या है पूरा मामला?
दरअसल, तेलंगाना पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग के डीआईजी (CI Cell) आर. भास्करन का एक आधिकारिक पत्र सामने आया है। 18 अप्रैल 2026 को जारी इस पत्र में एक्स कॉर्प (X Corp) को संबोधित करते हुए एक ट्विटर हैंडल @TeluguScribe के खिलाफ कार्रवाई की माँग की गई है। इस पत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 94 और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 43F का हवाला दिया गया है।
पुलिस ने अपने आधिकारिक पत्र में लिखा, “हम आपसे इस विशिष्ट एक्स (X) खाते से संबंधित निम्नलिखित विवरण प्रदान करने का अनुरोध करते हैं: खाता पंजीकरण की जानकारी, उपयोग लॉग और गतिविधि विवरण, तथा कोई भी अन्य प्रासंगिक डेटा जो हमारी जाँच में सहायता कर सके। यह जानकारी मामले की गहन जाँच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
Congress govt in Telangana invoking the stringent UAPA against a Twitter user for his alleged critical remark against the government. This is how the Congress restores the freedom of expression when it is in power. pic.twitter.com/wsdGRUaMKk
हैरानी की बात यह है कि UAPA जैसा सख्त कानून, जो आमतौर पर आतंकवाद और देश विरोधी गंभीर गतिविधियों को रोकने के लिए बनाया गया है, उसे महज कुछ ट्वीट्स के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। पत्र के अनुसार, उक्त हैंडल पर आपत्तिजनक भाषा और कथित तौर पर ‘पब्लिक फिगर’ की छवि खराब करने वाले ट्वीट किए गए थे। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या किसी सरकार या नेता की आलोचना करना अब आतंकवाद की श्रेणी में आता है?
कांग्रेस और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर उठते सवाल
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा इस कार्रवाई से कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करती है। एक तरफ राहुल गाँधी ‘संविधान बचाने’ और ‘बोलने की आजादी’ का नारा देते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी सरकार असहमति की आवाज को कुचलने के लिए UAPA जैसे दमनकारी प्रावधानों का सहारा ले रही है।
इस मामले को देखें तो साफ है कि तेलंगाना में सत्ता मिलते ही कांग्रेस की ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ वाली परिभाषा बदल गई है। क्या रेवंत रेड्डी सरकार इतनी डर गई है कि उसे साधारण ट्वीट्स से राज्य की सुरक्षा को खतरा महसूस होने लगा है? यह सीधे तौर पर लोकतंत्र में विपक्ष और जनता की आवाज को खामोश करने की एक तानाशाही कोशिश नजर आती है।
आज कांग्रेस ने मोदी-योगी-अमित विरोध में इतना नीचे गिर गयी है कि गाली-गलोच पर उतर आयी है। क्या मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा विधानसभा में गालियां देना साबित करता है कि कांग्रेस एक राजनीतिक पार्टी नहीं गली-छाप पार्टी बन गयी है?
राजनीति में वैचारिक मतभेद होना आम बात है, लेकिन जब संवैधानिक कुर्सी पर बैठा व्यक्ति ‘गली-छाप’ भाषा पर उतर आए, तो समझ लीजिए कि लोकतंत्र खतरे में है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा जैसी पवित्र जगह पर जो किया, उसे सुनकर आप माथा पकड़ लेंगे। राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सदन के भीतर मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए विपक्षी नेताओं को सरेआम गंदी गालियां दीं।
शनिवार, 3 दिसंबर को विधानसभा सत्र के दौरान जब चर्चा नीति और विकास पर होनी चाहिए थी, तब सीएम रेवंत रेड्डी बीआरएस (BRS) नेताओं केटीआर और हरीश राव पर इस कदर भड़के कि उन्होंने अपनी भाषा का स्तर सड़क छाप बना लिया। मुख्यमंत्री ने ‘भ*#वा’ जैसे अपशब्दों का इस्तेमाल किया। सवाल यह उठता है कि क्या एक मुख्यमंत्री को इस तरह की धमकी और गाली-गलौज शोभा देती है?
Telangana CM Revanth Reddy crossed every democratic limit, hurling abusive language at senior leaders K. T. Rama Rao and Harish Rao right on the floor of the… pic.twitter.com/8kT9sgiD9C
हैरानी की बात सिर्फ सीएम की गाली नहीं थी, बल्कि सदन का नजारा और भी विचित्र था। जब रेवंत रेड्डी पद की गरिमा को पैरों तले रौंद रहे थे, तब सामने बैठे एआईएमआईएम (AIMIM) विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी मुस्कुरा रहे थे। सदन में गाली-गलौज और उस पर ये हंसी… क्या हमारा लोकतंत्र अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है?
रेवंत रेड्डी का यह बर्ताव सिर्फ विपक्षी नेताओं का अपमान नहीं है, बल्कि यह तेलंगाना की उस जनता का भी अपमान है जिसने उन्हें चुनकर इस सम्मानित पद पर बिठाया है। मुख्यमंत्री पद की एक गरिमा होती है, लेकिन रेवंत रेड्डी ने दिखा दिया कि सत्ता के नशे में वह मर्यादा की हर दीवार गिराने को तैयार हैं।
सीएम रेवंत रेड्डी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग पूछ रहे हैं कि क्या राहुल गांधी अपने मुख्यमंत्रियों को यही संस्कार सिखा रहे हैं? एक तरफ कांग्रेस ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने का दावा करती है, तो दूसरी तरफ उनके मुख्यमंत्री सरेआम गुंडागर्दी वाली भाषा बोल रहे हैं। आप भी देखिए सोशल मीडिया पर लोग क्या कह रहे हैं…
Congress party has become a "Gaali Vali Party"
Now Telangana CM Revent Reddy uses "B#Hwa" word inside assembly.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सदन में वरिष्ठ नेताओं के. टी. रामाराव और हरीश राव के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करके लोकतांत्रिक सीमाओं को पूरी तरह से पार कर दिया। यह कोई मामूली चूक नहीं थी। यह उनकी हताशा, अहंकार और असहिष्णुता का खुला प्रदर्शन था। यह भारतीय राष्ट्रीय… pic.twitter.com/MY9qDWmHKI
कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं की हिंदू धर्म, हिंदू देवी-देवताओं में कोई आस्था नहीं है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी के समय में यह चरम पर है। अब राहुल गांधी के करीबी कांग्रेस नेता और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मर्यादा की हर सीमा पार करते हुए हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ जहर उगला है। कांग्रेस के हिंदू-विरोधी डीएनए को उजागर करते हुए रेवंत रेड्डी ने एक कार्यक्रम में सार्वजनिक मंच से हिंदू आस्था का मजाक उड़ाते हुए कहा कि ‘हिंदू कितने देवताओं में विश्वास करते हैं? तीन करोड़? इतने सारे क्यों? अविवाहितों के लिए एक भगवान हनुमान। जो दो बार शादी करते हैं उनका दूसरा देवता होता है। शराब पीने वालों के लिए एक और। शराब और मुर्गे की बलि के लिए एक। शाकाहारी चावल के लिए एक।’
देखो कांग्रेस का दोगलापन: प्रियंका वाड्रा जब उत्तरी भारत में जाती है हाथ में कलेवा और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में कलावा गायब हिन्दू धर्म को कांग्रेस और इसके समर्थक दलों ने अपमानित कर अपने मुस्लिम वोट बैंक को खुश कर कुर्सी हथियाने का लॉलीपॉप समझ रखा था। जितनी कमियां ये सनातन विरोधी सनातन में निकालते हैं उसकी सिर्फ 1% ईसाई और इस्लाम में निकालकर दिखाएं कोई घर से बाहर नहीं निकल पाएगा। इस्लाम की अनगिनत कमियों को जानना है तो ExMuslims से पूछो या फिर अनवर शेख और अली सीना की किताबों को पढ़ो। नूपुर शर्मा द्वारा हदीस में लिखी बात को कहने पर कट्टरपंथियों का "सर तन से जुदा" गुंडों का गैंग हरकत में आ गया लेकिन इनके खिलाफ मुंह खोलने के लिए किसी ने माँ का दूध नहीं पिया।
हकीकत यह है कि कांग्रेस के DNA में ही हिन्दू विरोध है। केन्द्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अयोध्या में विवादित बाबरी को लेकर रहस्योघाटन किया है, कोई नई बात नहीं। अभी देश तो वास्तविक इतिहास खुलना बाकी है। जिस दिन वास्तविक इतिहास खुलेगा आज हिन्दू को गाली देने वाला मुसलमान हिन्दू के आगे शर्मिंदा होकर कांग्रेस, मुस्लिम तुष्टिकरण करने वाली पार्टियां और अपने ही मुल्ला, मौलवी और उलेमाओं को सच्चाई छुपाने के लिए लठ लेकर मारेगा।
CM Revanth Reddy has once again crossed every line of decency by spewing venom against Hindu deities and exposing the Congress party’s inherent Hinduphobic DNA.
From a public platform, he shamelessly mocked Hindu faith, saying: “How many gods do Hindus believe in? Three crore?… pic.twitter.com/41OGvelzhn
कांग्रेस के सीनियर लीडर का यह बयान कोई मजाक नहीं है ना यह जबान फिसलना है। यह कांग्रेस की एक सोची-समझी टिप्पणी है, जिसका मकसद हिंदू परंपराओं को नीचा दिखाना और उनका अपमान करना है। असल में आजादी के बाद से ही कांग्रेस देश में मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करती आई हैं। कांग्रेस ने अपने 60 साल के शासनकाल में मुस्लिम तुष्टिकरण का ऐसा बीज बोया जो आज देश की एकता और सामाजिक संतुलन के लिए चुनौती बन चुका है। क्योंकि हाल ही में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जुबली हिल्स उपचुनाव के दौरान कहा कि कांग्रेस है तो मुसलमानों की इज्जत है, कांग्रेस नहीं तो आप कुछ नहीं हैं।
‘Congress hai toh Musalman hai, Congress nahi toh aap Kuch nahi’ 🚨
So the Congress CM now believes the worth & ijjat of Muslims exists only through Congress? How insulting is that!
A community’s dignity, faith & existence don’t depend on any political party. This isn’t… pic.twitter.com/l9i06qZDPP
कांग्रेस पार्टी और इसके नेता किस हद तक हिंदू धर्म के विरोधी हैं
कांग्रेस के डीएनए में है हिंदू विरोध दरअसल में हिंदू विरोध की भावना कांग्रेस के डीएनए में है। 17 दिसंबर, 2010… विकीलीक्स ने राहुल गांधी की अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोमर से 20 जुलाई, 2009 को हुई बातचीत का एक ब्योरा दिया। राहुल ने अमेरिकी राजदूत से कहा था, ‘भारत विरोधी मुस्लिम आतंकवादियों और वामपंथी आतंकवादियों से बड़ा खतरा देश के हिन्दू हैं।’ अमेरिकी राजदूत के सामने दिया गया उनका ये बयान कांग्रेस की बुनियादी सोच को ही दर्शाता है। ये कहा जा सकता है कि कांग्रेस हमेशा ही देश की 20 करोड़ की आबादी को खुश करने के लिए 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ करती रही है।
राहुल गांधी ने भगवान राम को बताया पौराणिक पात्र पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे राहुल गांधी किसी ना किसी बहाने हिंदू धर्म के प्रति अपनी नफरत जाहिर करते रहते हैं। इस्लामी आतंकवाद के बचाव के लिए देश में हिंदू आतंकवाद का शब्द गढ़ने वाली कांग्रेस के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर हिंदू विरोधी बयान दिया है। हाल में की गई राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने भगवान राम को काल्पनिक और पौराणिक व्यक्ति बताया। राहुल गांधी ने ब्राउन यूनिवर्सिटी में संवाद के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए भगवान राम सहित भारतीय देवताओं को पौराणिक बताया। राहुल ने जोर देकर कहा कि सभी पौराणिक पात्र हैं। भगवान राम उस समय के थे, जिसमें वह क्षमाशील थे, दयालु थे।
Rashtra Drohi Congress Ab Ram Drohi Congress
Rahul Gandhi says Prabhu Ram is mythological or kalpanik
This is how and why they opposed Ram Mandir and even doubted existence of Prabhu Ram… pic.twitter.com/doyXugs8Jm
— Shehzad Jai Hind (Modi Ka Parivar) (@Shehzad_Ind) May 3, 2025
जो खुद को हिंदू कहते हैं, वे हिंसा करते हैं- राहुल गांधी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 01 जुलाई 2024 को हिंदू धर्म को बदनाम करने के लिए लोकसभा में कहा कि हिंदू हिंसा करते हैं। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लीक से हटकर राहुल गांधी ने अपने भाषण में हिंदुओं को निशाना बनाते हुए कहा कि हमारे सारे महापुरुषों ने अहिंसा और भय खत्म करने की बात कही है। शिवजी कहते हैं कि डरो मत, डराओ मत। अभय मुद्रा दिखाते हैं। मगर, जो लोग अपने आपको हिंदू कहते हैं, वे चौबीसों घंटे हिंसा, हिंसा, हिंसा करते हैं।’ राहुल गांधी के इस बयान पर टोकते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा भी कि विषय बहुत गंभीर है। पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना एक गंभीर विषय है।
— Dr Akshay sharma 🇮🇳 (@draksharma1967) July 1, 2024
कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है- राहुल गांधी जम्मू कश्मीर में छपने वाले उर्दू दैनिक अखबार “इंकलाब” ने 12 जुलाई, 2018 को बहुत बड़ा खुलासा किया। फ्रंट पेज पर खबर छापी कि 11 जुलाई को राहुल गांधी ने मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ ‘सीक्रेट मीटिंग’ में कहा कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है। इसके साथ यह खबर भी छपी है कि राहुल ने कहा कि उनका और उनकी मां का कमिटमेंट है कि मुसलमानों को उनका हक मिलना चाहिए और इससे वो कोई समझौता नहीं कर सकते।
गुजरात में मंदिर दर्शन के लिए राहुल ने मांगी माफी 12 तुगलक लेन स्थित अपने निवास पर राहुल गांधी ने लगभग 2 घंटे तक मुस्लिमों से बातचीत की। इस दौरान मुस्लिम नेताओं ने राहुल से आपत्त्ति दर्ज कराई और कहा कि आप तो सिर्फ मंदिर जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने तो मुसलमानों को भुला ही दिया है। मुस्लिम नेताओं की बात सुनकर राहुल गांधी ने कहा कि मैं कर्नाटक में कई मस्जिदों में भी गया हूं। अब मस्जिदों में लगातार जा रहा हूं। खबर ये भी है कि उन्होंने कहा कि गुजरात में मंदिरों में गया था उसके लिए माफी मांगता हूं।
शरिया अदालत लागू करने का राहुल ने किया वादा सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मांगें भी मान ली थी। बताया गया कि उस समय राहुल गांधी ने ये वादा किया कि अगर वे 2019 में देश के प्रधानमंत्री बने तो देश के हर जिले में शरिया अदालत बनाने की मांग पूरी कर देंगे।
राहुल के आदेश से हिंदुओं को ‘गाली’ देते कांग्रेसी! पिछले दिनों कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हिंदुओं को कट्टरपंथी बताते हुए ‘हिंदू पाकिस्तान’ की बात कही। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने हिंदुओं को कट्टरपंथी कहा और भारत के पाकिस्तान बन जाने की बात कही। खबर है कि यह सब राहुल गाधी के आदेश से किया जा रहा है। गौरतलब है कि 11 जुलाई, 2018 को ही राहुल गांधी ने मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाकात की थी और मुलाकात से पहले और बाद वह यही संदेश देना चाहते हैं कि मुस्लिमों की असल हितैषी कांग्रेस है।
मणिशंकर अय्यर ने भगवान राम के अस्तित्व पर उठाए सवाल हिंदू धर्म में आस्था और जनेऊधारी हिंदू बनने का ढोंग करने वाले राहुल गांधी के खासमखास वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने हाल ही में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया था। दिल्ली में राष्ट्र विरोधी संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित ‘एक शाम बाबरी मस्जिद के नाम’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने भगवान राम, अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि स्थल सभी को कठघरे में खड़ा कर दिया। मस्जिद और मुसलमानों के प्रेम में डूबे अय्यर ने कहा कि राजा दशरथ एक बहुत बड़े राजा थे, उनके महल में 10 हजार कमरे थे, लेकिन भगवान राम किस कमरे में पैदा हुए ये बताना बड़ा ही मुश्किल है। इसलिए ये दावा करना कि राम वहीं पैदा हुए थे, यह ठीक नहीं है।
#WATCH Mani Shankar Aiyar, Congress, speaks on #RamMandir at 'Ek Shaam Babri Masjid Ke Naam' programme organised by Social Democratic Party of India in Delhi pic.twitter.com/QtckaUdW70
कांग्रेसी सांसद केतकर ने राम को बताया काल्पनिक कांग्रेसा सांसद कुमार केतकर ने 2 अगस्त,2020 को जी न्यूज पर एक चर्चा के दौरान भगवान श्रीराम को काल्पनिक बताया। केतकर ने कहा कि रामायण की वजह से राम का अस्तित्व है। हालांकि, इस निष्कर्ष पर पहुंचना अभी बाकी है कि राम इतिहास या साहित्य की रचना है या नहीं। वाल्मीकि ने एक महान महाकाव्य लिखा था और इसका प्रभाव भारत और विदेशों दोनों में महसूस किया गया था। लेकिन, मुझे नहीं पता कि वह इतिहास में मौजूद है या नहीं।
दिग्विजय ने राम मंदिर भूमिपूजन के मुहूर्त पर उठाए सवाल अयोध्या में श्रीराम मंदिर भूमिपूजन के समय राहुल गांधी के करीबी कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने मुहूर्त पर सवाल उठाए। दिग्विजिय ने ट्वीट किया कि अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास के अशुभ मुहूर्त में कराये जाने पर हमारे हिंदू (सनातन) धर्म के द्वारका व जोशीमठ के सबसे वरिष्ठ शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज का संदेश व शास्त्रों के आधार पर प्रमाणित तथ्यों पर वक्तव्य अवश्य देखें। उन्होंने यह भी कहा कि इस देश में 90 प्रतिशत से भी ज्यादा हिन्दू ऐसे होंगे जो मुहूर्त, ग्रह दशा, ज्योतिष, चौघड़िया आदि धार्मिक विज्ञान को मानते हैं। मैं तटस्थ हूं इस बात पर कि 5 अगस्त को शिलान्यास का कोई मुहूर्त नही है ये सीधे-सीधे धार्मिक भावनाओं और मान्यताओं से खिलवाड़ है।
जनेऊधारी पंडित राहुल गांधी ने साधी चुप्पी राम मंदिर निर्माण पर सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा ने कुछ नहीं कहा। खुद को जनेऊधारी हिंदू बताने वाले और चुनाव के समय मंदिरों में चक्कर लगाने वाले राहुल गांधी ने भी चुप्पी साध ली। जब राम मंदिर मामला सुप्रीम कोर्ट में था तो कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता ही राम मंदिर के विरोध में दलीलें देते रहते थे। यहां तक कि यूपीए शासन के दौरान इसी कांग्रेस पार्टी ने भगवान राम के अस्तिव पर भी सवाल उठा दिए थे।
भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका के अस्तित्व को नकारा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में भगवान श्रीकृष्ण की पौराणिक नगरी द्वारका के अस्तित्व को नकारने का काम किया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के फरवरी 2024 में भगवान श्रीकृष्ण के जलमग्न शहर द्वारका के अवशेषों की पूजा करने पर मजाक उड़ाते हुए कहा कि ‘कभी वो आपको समुद्र के नीचे दिखेंगे पूजा करते हुए। वहां पर… मतलब मजाक बना रखा है। पूजा हो रही है, पंडित भी नहीं है। अकेले बैठे हैं समुद्र के नीचे आर्मी वालों के साथ।’
From denying Lord Ram to now questioning the existence of Dwarka, @RahulGandhi's disregard for Hindu sentiments is blatant.
प्रधानमंत्री मोदी ने 25 फरवरी 2024 को गुजरात के द्वारका में समुद्र में गहरे पानी के अंदर भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के दर्शन किए थे। श्री कृष्ण की द्वारका नगरी जहां जलमग्न हुई थी वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने गोता लगा समुद्र में जाकर द्वारका जी के दर्शन-पूजा किए। प्रधानमंत्री पानी के नीचे श्रीकृष्ण को अर्पित करने के लिए अपने साथ मोर पंख ले गए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा था, ‘पानी में डूबी द्वारिका नगरी में प्रार्थना करना बहुत ही दिव्य अनुभव था। मुझे आध्यात्मिक वैभव और शाश्वत भक्ति के एक प्राचीन युग से जुड़ाव महसूस हुआ। भगवान श्री कृष्ण हम सभी को आशीर्वाद दें।’
To pray in the city of Dwarka, which is immersed in the waters, was a very divine experience. I felt connected to an ancient era of spiritual grandeur and timeless devotion. May Bhagwan Shri Krishna bless us all. pic.twitter.com/yUO9DJnYWo
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ये भी कहा कि समुद्र के अंदर कोई मंदिर भी नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राम मंदिर के बाद द्वारका के अस्तित्व को भी नकारने का काम किया है।
Rahul Gandhi thinks doing Pooja in Shri Krishnaji’s Dwarka is a joke
हिंदू विरोधी कांग्रेस सरकार कर्नाटक में मंदिरों से वसूलेगी जजिया कर कांग्रेस पार्टी कितनी हिंदू विरोधी है इसे देश ने कांग्रेस के 60 साल से अधिक के शासनकाल में झेला है। अब कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने एक और हिंदू विरोधी काम किया है। कर्नाटक सरकार ने 21 फरवरी, 2024 को विधानसभा में हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती विधेयक (Karnataka Hindu Religious Institutions and Charitable Endowments Bill 2024) पारित किया। इसके मुताबिक, जिन मंदिरों का राजस्व एक करोड़ रुपये से ज्यादा है, सरकार उनकी आय का 10 प्रतिशत टैक्स लेगी और मंदिर ट्रस्ट में गैर हिंदू भी शामिल हो सकेंगे। यानि जिस तरह मुगल काल में मुगल आक्रमणकारी हिंदुओं से जजिया वसूलते थे कांग्रेस भी उसी तरह हिंदुओं से जजिया टैक्स वसूल रही है।
मंदिरों से मिले 450 करोड़, मुस्लिम और ईसाई को दिए 330 करोड़ कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार कितनी हिंदू विरोधी है उसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि 16 फरवरी, 2024 को राज्य का बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राजस्व घाटे का बजट पेश करने के बावजूद सीएम सिद्धारमैया ने खुलकर अल्पसंख्यकों के धार्मिक कार्यों के लिए पैसा लुटाया। 3.71 लाख रुपये के इस बजट में वक्फ संपत्तियों के लिए 100 करोड़ रुपये और भव्य हज हाउस के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। इसी तरह ईसाई समुदाय के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। यानि कांग्रेस सरकार ने अपने बजट में मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लिए 330 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। जबकि कर्नाटक के करीब 400 मंदिरों से हिंदू भक्तों द्वारा दिया जाने वाला सालाना औसतन दान 450 करोड़ रुपये सरकार के खजाने में जाता है। यानि हिंदुओं के 450 करोड़ में से 330 करोड़ रुपये मुस्लिम और ईसाई समुदाय को दे दिए गए।
हिंदू मंदिरों का अध्यक्ष मुस्लिम-ईसाई को बनाने का षडयंत्र एक तरफ जहां भाजपा की सरकार मंदिरों का कायाकल्प करने का काम निरंतर कर रही है, वहीं कांग्रेस की कर्नाटक सरकार मंदिरों पर टैक्स लगाने का धर्म विरोधी निर्णय ले रही है। टीपू शैतान के नक्शेकदम पर कर्नाटक में कांग्रेस सरकार जजिया टैक्स लगा रही है और हिंदू मंदिरों का अध्यक्ष मुस्लिम व ईसाई बनाने का षड्यंत्र रच रही है। दिलचस्प बात यह है कि कर्नाटक सरकार ने केवल मंदिरों पर ही यह नियम लागू किया है, चर्च और मस्जिदों पर नहीं। इससे इनकी मंशा समझी जा सकती है।
हिंदू क्यों कांग्रेस का विरोध नहीं करते ?
जबकि कांग्रेस तो स्वयं हिंदू विरोधी ही है
Congress की कर्नाटक सरकार हिन्दू मन्दिरों पर 10% जजिया लगा रही है।
1950 में आर्टिकल 25 जिससे धर्मपरिवर्तन को मान्यता दे दी गई।
राहुल के सामने पादरी पोन्नैया ने हिंदू देवी-देवताओं का किया अपमान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान 9 सितंबर 2022 को हिंदू विरोधी टिप्पणियों के लिए कुख्यात पादरी जॉर्ज पोन्नैया से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान हुई एक चर्चा की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें देखा जा सकता है कि जीसस के बारे में पूरी चर्चा हो रही है। पादरी राहुल गांधी को समझा रहे हैं कि यीशु ही असल में ईश्वर हैं। पोन्नैया ने हिंदू धर्म में पूजा की जाने वाली निराकार शक्ति को ईश्वर मानने से इनकार करते हुए कहा- भगवान खुद को असली इंसान के रूप में पेश करते हैं… शक्ति के रूप में नहीं… इसलिए हम व्यक्ति के तौर पर भगवान को देख पाते हैं। खुद को जनेऊधारी बताने वाले राहुल गांधी को हिंदू देवताओं के ऐसे अपमान पर वीडियो में चुपचाप बैठे पादरी की बातों को सुनते देखा जा सकता है। पादरी ये दर्शाते रहते हैं कि जीसस ही असली भगवान हैं जबकि हिंदू देवता काल्पनिक हैं। लेकिन राहुल इस पर कुछ नहीं बोलते।
कांग्रेस के इतिहास को खंखालने पर एक बात साफ हो जाती है कि कांग्रेस के DNA में ही हिन्दू विरोध और इस्लाम प्रेम है। और इस्लाम प्रेम को निभाने कांग्रेस किसी भी निचले स्तर पर जाने को रहती है। कांग्रेस ने जितने बदलाव हिन्दू धर्म में किए हैं इस्लाम या ईसाई मजहबों में करने की हिम्मत नहीं। हिन्दू धर्म में होते बदलावों को अशिक्षित बने शिक्षित हिन्दू कांग्रेस को बहुत उदारवादी मान इसके पांव चूमती रही। जबकि अन्य मजहबों में इतनी कमियां है उन्हें दूर करने की हिम्मत नहीं। इतना खुलकर अगर कोई हिन्दू इस मजहबी कांग्रेस को वोट देता है उसके हिन्दू होने पर शक होना स्वाभाविक है।
इस्लाम मजहब में कितनी कमियां है इनको जगजाहिर कर रहे इस्लाम छोड़ चुके Ex-Muslim, जिस तरह इस्लाम छोड़ चुके ये Ex-Muslim इस्लाम पर हमले कर रहे हैं उनका किसी भी सुरमा भोपाली बन घूम रहे इस्लाम के ठेकेदारों के पास कोई जवाब नहीं। जो ज्वलंत सवाल ये पूछते हैं उसका 1/10 हिस्सा भी किसी हिन्दू पूछ लिया होता कट्टरपंथियों ने अपने "सिर तन से जुदा" गुंडा गैंग को सडकों पर उतार दिया होता और हमारी अदालतें भी हिन्दू को ही कसूरवार बताते। कहते हैं न लोहा ही लोहे को काटता है यानि इस्लाम को आईना दिखा रहे हैं ये Ex-Muslim। इनके सोशल मीडिया पर वीडियो देख नतीजा निकाला जा सकता है कि जिस दिन इनकी संख्या कम से कम 50% हो गयी तब मुस्लिम कट्टरपंथी और तुष्टिकरण करने वाले दिखाई नहीं पड़ेंगे।
देखिए वीडियो:-
आजादी के बाद से ही कांग्रेस देश में मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करती आई हैं। कांग्रेस ने अपने 60 साल के शासनकाल में मुस्लिम तुष्टिकरण का ऐसा बीज बोया जो आज देश की एकता और सामाजिक संतुलन के लिए चुनौती बन चुका है। देश के पहले प्रधानमंत्री ने जहां अल्पसंख्यकों की विशेष देखभाल की बात कही, वहीं आगे चलकर कांग्रेस नेताओं ने इसे वोट बैंक की राजनीति में बदल दिया। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तो यहां तक कह दिया था कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुस्लिमों का है। इतना ही नहीं इंदिरा गांधी के पोते राहुल गांधी ने मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ एक ‘सीक्रेट मीटिंग’ में कहा था कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है। उसी सोच की ताजा झलक अब तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान में दिख रही है।
कांग्रेस है तो मुसलमानों की इज्जत है- रेवंत रेड्डी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पार्टी की उसी लाइन पर चलते हुए जुबली हिल्स उपचुनाव में कहा कि कांग्रेस है तो मुसलमानों की इज्जत है, कांग्रेस नहीं तो आप कुछ नहीं हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस की कथित ‘मुस्लिम वोट बैंक’ नीति पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
‘Congress hai toh Musalman hai, Congress nahi toh aap Kuch nahi’ 🚨
So the Congress CM now believes the worth & ijjat of Muslims exists only through Congress? How insulting is that!
A community’s dignity, faith & existence don’t depend on any political party. This isn’t… pic.twitter.com/l9i06qZDPP
कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति और मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति को आगे बढ़ाते हुए सीएम रेड्डी ने यह भी कहा कि कांग्रेस मतलब मुसलमान और मुसलमान मतलब कांग्रेस।
Very big admission by Telangana CM, He says - "Muslims means Congress, Congress means Muslims".
When we say the same thing, Congress ecosystem abuses us but now their own leader accepts it.
राहुल गांधी से लेकर अब रेवंत रेड्डी तक कांग्रेस नेताओं का मुस्लिम प्रेम बार-बार उजागर होता रहा है। जब-जब चुनाव आता है, कांग्रेस को केवल मुस्लिम वोट बैंक की याद आती है, जबकि हिंदू समाज की भावनाओं को नजरअंदाज किया जाता है। इससे यह भी साफ है कि मंच पर संविधान का कॉपी लहराने वाली कांग्रेस खुलकर धर्म की राजनीति खेलती रही है।
एक नजर डालते हैं कांग्रेस के मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति पर…
इंदिरा ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए बनाया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB)
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) बनाया था। जवाहर लाल नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी भारत को अपनी जागीर समझती थी, घटती लोकप्रियता और विपक्ष की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान होकर, उन्होंने सेक्युलर भारत में मुसलमानों के तुष्टिकरण के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की 1973 में स्थापना की। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के लिए इंदिरा गांधी ने विशेष नियम भी बनाया। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुसमानों के पक्ष में अपनी आवाज उठाता रहा। लेकिन यह भी आश्चर्य की बात है कि 95 प्रतिशत मुसलमानों को तो ये भी नहीं पता कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड असल में है क्या? ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने देश में मुसलमानों की इबादतगाहों को कथित रूप से निशाना बनाए जाने पर अपना विरोध दर्ज करता ही रहता है। लेकिन वह इतिहास पढ़ने और मुसलमानों को यह बताने को तैयार नहीं है कि जिन विवादित धार्मिक स्थलों को वह मुसलमानों के पवित्र इबादतगाह बता रहे हैं, दरअसल उसे मुगल शासकों ने हिन्दुओं के प्रमुख मंदिरों को तोड़कर इबादतगाह में बदला था, जो पूरी तरह से गैर इस्लामी कदम था। कायदे से बोर्ड को मुसलमानों को इस बात को लेकर शिक्षित करना चाहिए। बोर्ड अपनी स्थापना के बाद से हिंदू हित के कार्य में बाधा खड़ी करता रहा है। वर्ष 2019 में जब राममंदिर मामले में निर्णय आया तो सभी ने एक स्वर में इसे स्वीकार किया, लेकिन निर्णय के विरुद्ध AIMPLB कोर्ट पहुंच गया और हिंदू हित में बाधा खड़ी करने की कोशिश की।
आतंकवादियों के लिए सोनिया गांधी के निकले आंसू सितंबर 19, 2008 को दिल्ली के जामिया नगर इलाके में मुठभेड़ हुई। इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकवादी मारे गए। दो अन्य भाग गए, जबकि जीशान को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मुठभेड़ में दिल्ली पुलिस निरीक्षक मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए। कांग्रेस ने इसे फर्जी बताने की पूरी कोशिश की। 2012 में यूपी चुनाव के दौरान सलमान खुर्शीद ने मुसलमानों से कहा, “आपके दर्द से वाकिफ हूं। जब बाटला हाउस कांड की तस्वीर सोनिया गांधी को दिखाई थी। तस्वीरें देखकर उनकी आंखों में आंसू आ गए थे।”
बालाकोट एयर स्ट्राइल पर सवाल, पाकिस्तान का बचाव पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने कहा कि पुलवामा हमले के लिए पूरे पाकिस्तान को दोषी ठहराना ठीक नहीं है। बालाकोट एयर स्ट्राइल पर सवाल उठाते हुए इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पित्रोदा ने कहा कि हमले के लिए पूरा पाकिस्तान जिम्मेदार नहीं है। सैम पित्रोदा ने पुलवामा हमले के बारे में कहा, “हमले के बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं जानता। यह हर तरह के हमले की तरह है। मुंबई में भी ऐसा हुआ था। हमने इस बार रिएक्ट किया और कुछ जहाज भेज दिए, लेकिन यह सही तरीका नहीं है। मुंबई में (26/11 आतंकी हमला) 8 लोग आते हैं और हमला कर देते हैं। इसके लिए पूरे देश (पाकिस्तान) पर आरोप नहीं लगा सकते है।”
Sam Pitroda,Indian Overseas Congress Chief on #PulwamaAttack:Don’t know much about attacks,it happens all the time,attack happened in Mumbai also,we could have then reacted and just sent our planes but that is not right approach.According to me that’s not how you deal with world. pic.twitter.com/QZ6yXSZXb2
राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर खड़े किए सवाल 28-29 सितंबर, 2016 की रात पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सेना द्वारा किया गया सर्जिकल स्ट्राइक देश के लिए गौरव का विषय था, लेकिन देशद्रोह पर उतर आई कांग्रेसी नेताओं ने इस पर भी सवाल खड़े कर दिए।कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सवाल खड़े करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर ‘खून की दलाली’ करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि हमारे जिन जवानों ने जम्मू-कश्मीर में अपनी जान दी, सर्जिकल स्ट्राइक की। आप उनके खून की दलाली कर रहे हो, ये बिल्कुल गलत है।
कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है- राहुल गांधी जम्मू कश्मीर में छपने वाले उर्दू दैनिक अखबार “इंकलाब” ने 12 जुलाई, 2018 को बहुत बड़ा खुलासा किया। फ्रंट पेज पर खबर छापी कि 11 जुलाई को राहुल गांधी ने मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ ‘सीक्रेट मीटिंग’ में कहा कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है। इसके साथ यह खबर भी छपी है कि राहुल ने कहा कि उनका और उनकी मां का कमिटमेंट है कि मुसलमानों को उनका हक मिलना चाहिए और इससे वो कोई समझौता नहीं कर सकते।
गुजरात में मंदिर दर्शन के लिए राहुल ने मांगी माफी
12 तुगलक लेन स्थित अपने निवास पर राहुल गांधी ने लगभग 2 घंटे तक मुस्लिमों से बातचीत की। इस दौरान मुस्लिम नेताओं ने राहुल से आपत्त्ति दर्ज कराई और कहा कि आप तो सिर्फ मंदिर जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने तो मुसलमानों को भुला ही दिया है। मुस्लिम नेताओं की बात सुनकर राहुल गांधी ने कहा कि मैं कर्नाटक में कई मस्जिदों में भी गया हूं। अब मस्जिदों में लगातार जा रहा हूं। खबर ये भी है कि उन्होंने कहा कि गुजरात में मंदिरों में गया था उसके लिए माफी मांगता हूं।
शरिया अदालत लागू करने का राहुल ने किया वादा सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मांगें भी मान ली थी। बताया गया कि उस समय राहुल गांधी ने ये वादा किया था कि अगर वे 2019 में देश के प्रधानमंत्री बने तो देश के हर जिले में शरिया अदालत बनाने की मांग पूरी कर देंगे।
देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का- मनमोहन सिंह कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि देश का संपत्ति पर पहला हक मुसलमानों का है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यह कहते सुनाई देते हैं कि ‘हमें यह सुनिश्चित करने के लिए इनोवेटिव योजनाएं बनानी होंगी जिससे अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से मुस्लिम अल्पसंख्यकों को विकास का समान लाभ मिले। संसाधनों पर पहला हक उनके पास होना चाहिए।’
"We will have to devise innovative plans to ensure that minorities, particularly the Muslim minority, are empowered to share equitably in the fruits of development. They must have the first claim on resources."
कांग्रेस ने इस बयान से कन्नी काटने की पूरी कोशिश की लेकिन सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का आज एक और वीडियो वायरल हो गया। अप्रैल 2009 के इस वीडियो में मनमोहन सिंह अपने पुराने बयान पर कायम रहने की बात कर रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है। इस वीडियो में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह अपने 2006 के बयान के बारे में कह रहे हैं कि मैंने कहा कि अल्पसंख्यक और विशेषकर मुस्लिम अल्पसंख्यक, अगर वह गरीब हैं तो उनका देश के संसाधनों पर पहला दावा बनता है, मैंने कहा कि सब तरह के अल्पसंख्यक और साथ में जोड़ा कि विशेषकर मुस्लिम अल्पसंख्यक का हक है, मैं अपने इस बयान पर कायम हूं।
एक और सबूत - पूर्व प्रधानमंत्री ने 2009 के लोकसभा चुनावों के समय फिर से दोहराया था कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है, ये बात उन्होंने मुंबई में प्रेस कान्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में दोबारा कही थी. https://t.co/Nc6WP9Vfky
मुस्लिम तुष्टिकरण को लेकर दिए गए इस बयान पर सीनियर जर्नलिस्ट दिलीप मंडल ने कहा था कि ‘मुसलमानों का देश के संसाधनों पर पहला हक वाला मनमोहन सिंह का बयान अचानक नहीं आया था। ठीक इसी दौरान कोशिश हो रही थी कि शिड्यूल्ड कास्ट की लिस्ट में मुसलमानों को भी घुसाया जाए। मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में अलग से 15 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। ओबीसी आरक्षण को धर्म के आधार पर बांट कर मुसलमानों को 6 प्रतिशत अलग दिया जाए। धर्म परिवर्तन करने पर भी एससी का दर्जा सुरक्षित रहे।’ उन्होंने एक्स पर लिखा है कि कांग्रेस सरकार रंगनाथ मिश्रा आयोग की रिपोर्ट के हवाले से दलितों का हक छीन कर मुस्लिमों को देना चाहती थी। उन्होंने यह भी लिखा है कि रंगनाथ मिश्रा धर्मांतरण का रास्ता साफ करने की कोशिश कर रहे थे और सरकार की शह उनको हासिल थी।
मुसलमानों का देश के संसाधनों पर पहला हक वाला मनमोहन सिंह का बयान अचानक नहीं आया था. ठीक इसी दौरान कोशिश हो रही थी कि:
1. शिड्यूल्ड कास्ट की लिस्ट में मुसलमानों को भी घुसाया जाए 2. मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में अलग से 15% आरक्षण दिया जाए 3. ओबीसी आरक्षण को धर्म के आधार पर बांट… pic.twitter.com/zrxfSAe6xC
हिंदू विरोधी कांग्रेसी सरकार में कर्नाटक में मंदिरों से जजिया कर कांग्रेस पार्टी कितनी हिंदू विरोधी है इसे देश ने कांग्रेस के 60 साल से अधिक के शासनकाल में झेला है। पिछले दिनों कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने एक और हिंदू विरोधी काम किया। कर्नाटक सरकार ने 21 फरवरी, 2024 को विधानसभा में हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती विधेयक (Karnataka Hindu Religious Institutions and Charitable Endowments Bill 2024) पारित किया। इसके मुताबिक, जिन मंदिरों का राजस्व एक करोड़ रुपये से ज्यादा है, सरकार उनकी आय का 10 प्रतिशत टैक्स लेगी और मंदिर ट्रस्ट में गैर हिंदू भी शामिल हो सकेंगे। यानि जिस तरह मुगल काल में मुगल आक्रमणकारी हिंदुओं से जजिया वसूलते थे कांग्रेस भी उसी तरह हिंदुओं से जजिया टैक्स वसूल रही है।
मंदिरों से मिले 450 करोड़, मुस्लिम और ईसाई को दिए 330 करोड़ कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार कितनी हिंदू विरोधी है उसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि 16 फरवरी, 2024 को राज्य का बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राजस्व घाटे का बजट पेश करने के बावजूद सीएम सिद्धारमैया ने खुलकर अल्पसंख्यकों के धार्मिक कार्यों के लिए पैसा लुटाया। 3.71 लाख रुपये के इस बजट में वक्फ संपत्तियों के लिए 100 करोड़ रुपये और भव्य हज हाउस के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। इसी तरह ईसाई समुदाय के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। यानि कांग्रेस सरकार ने अपने बजट में मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लिए 330 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। जबकि कर्नाटक के करीब 400 मंदिरों से हिंदू भक्तों द्वारा दिया जाने वाला सालाना औसतन दान 450 करोड़ रुपये सरकार के खजाने में जाता है। यानि हिंदुओं के 450 करोड़ में से 330 करोड़ रुपये मुस्लिम और ईसाई समुदाय को दे दिए गए।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की आलोचना की, तो भाजपा की तेलंगाना इकाई ने कड़ा जवाब दिया। भाजपा ने रेड्डी के बयानों को अजीब और गैर-जिम्मेदार बताया, जो पाकिस्तान के प्रचार से मिलते-जुलते हैं।
भाजपा के तेलंगाना प्रमुख प्रवक्ता एनवी सुभाष ने शनिवार (31 मई 2025) को कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी जानबूझकर ऐसे बयान दे रहे हैं, जो भारतीयों की भावनाओं को ठेस पहुँचाते हैं। उन्होंने रेड्डी की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर टिप्पणी की निंदा की और कहा कि यह सेना का अपमान है।
जो कांग्रेस तत्कालीन सेना प्रमुख बिपिन रावत को सड़क का गुंडा कह दे उस पार्टी से देशभक्ति और सेना के सम्मान की उम्मीद नहीं की जा सकती। दूसरे, इनके ही राज में जब पाकिस्तान पोषित आतंकवादी बेगुनाहों को अकाल मृत्यु के गाल में डाल थे डोसियर डोसियर खेल देश को गुमराह कर पाकिस्तान के चरणों में नतमस्तक होते रहे और जनता पाकिस्तान का नाम लेने से सहम जाती थी। लेकिन 2014 में सत्ता परिवर्तन होने के बाद से वही पाकिस्तान डरा-डरा रहता है। Operation Sindoor ने तो पाकिस्तान को दुनियां के सामने बेनकाब कर दिया। इसके मंत्री और फ़ौज अधिकारीयों का आतंकवादियों के जनाजे में शामिल होना साबित करता है कि पाकिस्तान की दाल-रोटी ही आतंकवाद है। दूसरे, राहुल और सोनिया से पूछो कि चीन के साथ क्या MoU साइन किया है, राष्ट्र जानना चाहता है?
सुभाष ने कहा, “रेड्डी वही झूठे दावे दोहरा रहे हैं, जो एक अखबार ने छापे थे, लेकिन रक्षा मंत्रालय के खंडन के बाद वापस लिए गए। फिर भी, रेड्डी इन्हें दोहरा रहे हैं, शायद कॉन्ग्रेस के राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी को खुश करने के लिए।”
सवाल किया कि क्या रेड्डी को भारतीय सेना पर भरोसा नहीं है। सुभाष ने AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही ओवैसी भाजपा के आलोचक हैं, लेकिन वे पाकिस्तान के धोखे को समझते हैं। मगर रेड्डी का रवैया पाकिस्तान के दावों का समर्थन करता दिखता है।
सुभाष ने रेड्डी पर राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज कर सुर्खियों में रहने का आरोप लगाया। उन्होंने तंज कसा, “रेड्डी देश के साथ एकजुटता दिखाने की बजाय मिस वर्ल्ड के साथ अखबार के पहले पन्ने पर छपना ज्यादा जरूरी समझते हैं।”
दरअसल, कांग्रेस की ‘जय हिंद यात्रा’ में रेड्डी ने कहा था कि मोदी अब ‘अमान्य 1000 रुपये के नोट’ जैसे हैं और देश को राहुल गाँधी जैसे नेता की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि राहुल अगर प्रधानमंत्री होते, तो इंदिरा गाँधी से प्रेरणा लेकर पीओके वापस ले चुके होते। उन्होंने यह भी पूछा था कि ऑपरेशन सिंदूर में कितने पाकिस्तानी लड़ाकू विमान मारे गए।
रेड्डी ने कहा कि मोदी सरकार बलूचिस्तान को आजाद कराने और पीओके पर कब्जा करने में नाकाम रही। भाजपा ने इन बयानों को गैर-ज़िम्मेदाराना कहते हुए, राष्ट्रविरोधी करार दिया है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (साभार: डेक्कन हेराल्ड) तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर दो महिला पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है। अब मुख्यमंत्री रेड्डी ने खुलकर धमकी दी है। कांग्रेस सरकार के मुखिया रेड्डी ने कहा कि उनके खिलाफ अपशब्द वाली टिप्पणी करने वालों को ‘नंगा कर पीटा जाएगा और उसका परेड निकाला जाएगा’। उन्होंने पत्रकारों को दंडित करने के लिए विधानसभा में बिल लाने की भी बात कही है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा, “यह मत सोचिए कि मैं चुप हूँ, क्योंकि मैं मुख्यमंत्री हूँ। मैं आपको नंगा कर दूँगा और आपको पीटूँगा। ऐसे लाखों लोग हैं, जो मेरे आह्वान पर आपको पीटने के लिए सड़कों पर उतर आएँगे। लेकिन, मैं अपने पद के कारण सहनशील बना हुआ हूँ।” हालाँकि, अपनी धमकी को कानूनी जामा पहनाते हुए उन्होंने कहा, “मैं जो भी करूँगा, कानून के दायरे में रहकर करूँगा।”
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने वाले डिजिटल मीडिया पत्रकारों, विशेष रूप से यूट्यूब चैनल चलाने वालों को दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं जानना चाहता हूँ कि पत्रकार कौन है? क्या कोई ‘ट्यूब’ (यूट्यूब चैनल) शुरू कर सकता है और किसी की आलोचना करना शुरू कर सकता है? क्या उन्हें पत्रकार माना जा सकता है?”
शनिवार (15 मार्च) को विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि इसके लिए एक विधेयक लाया जाएगा। रेवंत रेड्डी ने कहा, “हम सार्वजनिक जीवन में हैं और आलोचना के लिए तैयार हैं, लेकिन हमारे परिवार के सदस्यों को क्यों निशाना बनाया जा रहा है?” रेवंत रेड्डी ने घोषणा की है कि पत्रकारिता की आड़ में सोशल मीडिया पर अपमानजनक सामग्री फैलाने की संस्कृति पनपने तक वे चुप नहीं रहेंगे।
BRS पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “मेरे और मेरे परिवार के सदस्यों के बारे में अपमानजनक भाषा पोस्ट की थी। मेरे परिवार की महिलाओं के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा पर मेरा खून खौल रहा है। अगर BRS के नेताओं की माताओं, बहनों और पत्नियों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जाए तो क्या वे चुप रहेंगे?”
पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की पार्टी BRS पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा, “वे (बीआरएस) अपने पार्टी कार्यालय में पैसे लेकर आए कलाकारों को लाए, इसे रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। अब, वे परेशान हैं क्योंकि दो महिलाओं के खिलाफ पुलिस केस दर्ज किया गया है।” इन महिलाओं की गिरफ्तारी का BRS ने विरोध किया है।
दरअसल, रेड्डी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने 10 मार्च को पोगदादंडा रेवती और उनकी सहकर्मी संध्या उर्फ तन्वी यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद 12 मार्च को पुलिस ने ‘पल्स न्यूज‘ नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाली दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि दोनों महिलाओं ने BRS ऑफिस में वीडियो शूट किया था।
कहाँ है पाखंडी विपक्ष, राहुल और प्रियंका? तेलंगाना में संविधान खतरे में है। मीडियाकर्मी कृप्या
जिस वीडियो को लेकर रेड्डी पत्रकारों को धमकी दे रहे हैं, उस वीडियो में एक किसान ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ टिप्पणियाँ की थीं। अब चूँकि इस इंटरव्यू को ‘पल्स न्यूज’ द्वारा रिकॉर्ड किया गया था, इसीलिए माना गया कि ये सब ‘पल्स न्यूज’ ने मुख्यमंत्री की छवि को खराब करने के उद्देश्य से किया है। इसके बाद कांग्रेस के सोशल मीडिया सेल के प्रदेश सचिव ने इसको लेकर शिकायत दर्ज कराई।