आज कांग्रेस ने मोदी-योगी-अमित विरोध में इतना नीचे गिर गयी है कि गाली-गलोच पर उतर आयी है। क्या मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा विधानसभा में गालियां देना साबित करता है कि कांग्रेस एक राजनीतिक पार्टी नहीं गली-छाप पार्टी बन गयी है?
राजनीति में वैचारिक मतभेद होना आम बात है, लेकिन जब संवैधानिक कुर्सी पर बैठा व्यक्ति ‘गली-छाप’ भाषा पर उतर आए, तो समझ लीजिए कि लोकतंत्र खतरे में है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा जैसी पवित्र जगह पर जो किया, उसे सुनकर आप माथा पकड़ लेंगे। राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सदन के भीतर मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए विपक्षी नेताओं को सरेआम गंदी गालियां दीं।
शनिवार, 3 दिसंबर को विधानसभा सत्र के दौरान जब चर्चा नीति और विकास पर होनी चाहिए थी, तब सीएम रेवंत रेड्डी बीआरएस (BRS) नेताओं केटीआर और हरीश राव पर इस कदर भड़के कि उन्होंने अपनी भाषा का स्तर सड़क छाप बना लिया। मुख्यमंत्री ने ‘भ*#वा’ जैसे अपशब्दों का इस्तेमाल किया। सवाल यह उठता है कि क्या एक मुख्यमंत्री को इस तरह की धमकी और गाली-गलौज शोभा देती है?
𝐂𝐨𝐧𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬 𝐡𝐚𝐬 𝐭𝐮𝐫𝐧𝐞𝐝 𝐭𝐡𝐞 𝐓𝐞𝐥𝐚𝐧𝐠𝐚𝐧𝐚 𝐀𝐬𝐬𝐞𝐦𝐛𝐥𝐲 𝐢𝐧𝐭𝐨 𝐚 𝐬𝐭𝐫𝐞𝐞𝐭 𝐜𝐨𝐫𝐧𝐞𝐫. 🚫
— BJP ArunachalPradesh (@BJP4Arunachal) January 4, 2026
Telangana CM Revanth Reddy crossed every democratic limit, hurling abusive language at senior leaders K. T. Rama Rao and Harish Rao right on the floor of the… pic.twitter.com/8kT9sgiD9C
हैरानी की बात सिर्फ सीएम की गाली नहीं थी, बल्कि सदन का नजारा और भी विचित्र था। जब रेवंत रेड्डी पद की गरिमा को पैरों तले रौंद रहे थे, तब सामने बैठे एआईएमआईएम (AIMIM) विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी मुस्कुरा रहे थे। सदन में गाली-गलौज और उस पर ये हंसी… क्या हमारा लोकतंत्र अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है?
रेवंत रेड्डी का यह बर्ताव सिर्फ विपक्षी नेताओं का अपमान नहीं है, बल्कि यह तेलंगाना की उस जनता का भी अपमान है जिसने उन्हें चुनकर इस सम्मानित पद पर बिठाया है। मुख्यमंत्री पद की एक गरिमा होती है, लेकिन रेवंत रेड्डी ने दिखा दिया कि सत्ता के नशे में वह मर्यादा की हर दीवार गिराने को तैयार हैं।
सीएम रेवंत रेड्डी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग पूछ रहे हैं कि क्या राहुल गांधी अपने मुख्यमंत्रियों को यही संस्कार सिखा रहे हैं? एक तरफ कांग्रेस ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने का दावा करती है, तो दूसरी तरफ उनके मुख्यमंत्री सरेआम गुंडागर्दी वाली भाषा बोल रहे हैं। आप भी देखिए सोशल मीडिया पर लोग क्या कह रहे हैं…
Congress party has become a "Gaali Vali Party"
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) January 4, 2026
Now Telangana CM Revent Reddy uses "B#Hwa" word inside assembly.
This is Rahul Gandhi's culture; ingrained in "Dhamki" & "Abuse" pic.twitter.com/VPkjfiHFP0
Telangana CM Revent Reddy uses "B#Hwa" word inside assembly.
— Boiled Anda (@AmitLeliSlayer) January 4, 2026
This is Rahul Gandhi's culture; ingrained in "Dhamki" & "Abuse"#GaliWaliParty
pic.twitter.com/I0KTpN7ORt
This is Congress's Culture ingrained in Dhamki and Abuse
— Vikas Jha (@Iamvikasjha_) January 5, 2026
Telangana CM Revent Reddy uses B*HWA word inside Telangana Assembly.
Congress party has become a "Gaali baaz Party" pic.twitter.com/w0RuJvsXNX
शर्मनाक, तेलांगना काँग्रेस मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में दी गन्दी गालियाँ
— Apurva Singh (@iSinghApurva) January 4, 2026
ये कोई आम काँग्रेस कार्यकर्ता नहीं, मुख्यमंत्री है
विधानसभा में इनकी ये भाषा है, बिना कैमरे के पता नहीं कैसी भाषा होगी। pic.twitter.com/MIragHVk5B
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सदन में वरिष्ठ नेताओं के. टी. रामाराव और हरीश राव के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करके लोकतांत्रिक सीमाओं को पूरी तरह से पार कर दिया। यह कोई मामूली चूक नहीं थी। यह उनकी हताशा, अहंकार और असहिष्णुता का खुला प्रदर्शन था। यह भारतीय राष्ट्रीय… pic.twitter.com/MY9qDWmHKI
— Dr. Anil Patel (@DrAniLKPatelBJP) January 4, 2026
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