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मध्य प्रदेश : फराज को मिली थी बैचलर युवाओं के ब्रेनवॉश की जिम्मेदारी, नईम अब्दुल्ला से मिलकर शरिया लागू करने का था टारगेट: पढ़ें- भोपाल ATS ने और क्या बताया

           आरोपित फराज और नईम पर थी बैचलर्स के ब्रेन वॉश की जिम्मेदारी (फोटो साभार: MSN, एक्स)
मध्य प्रदेश के भोपाल के काजी कैंप इलाके से गिरफ्तार किए गए मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह से पूछताछ में जाँच एजेंसियों को कई ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनसे मामले की गंभीरता बढ़ गई है। जाँच एजेंसियों के अनुसार, फराज और नईम अब्दुल्ला साल 2047 तक देश में शरिया कानून लागू करने की कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे।

फराज को पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स की ओर से मध्य प्रदेश में नेटवर्क खड़ा करने, बैचलर युवकों का ब्रेन वॉश करने और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी सोच फैलाने की जिम्मेदारी दी गई थी। वह आर्थिक रूप से कमजोर, बेरोजगार, अविवाहित और आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को अपने प्रभाव क्षेत्र में लाने की कोशिश कर रहा था।

एजेंसियों का दावा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक पहुँच बनाकर उन्हें जिहादी बनाने की योजना पर काम किया जा रहा था।

सोशल मीडिया बना नेटवर्क का माध्यम, डिजिटल जाँच तेज

जाँच एजेंसियों की शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि फराज पिछले करीब चार वर्षों से टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय था। आरोप है कि वह अलग-अलग ग्रुप्स बनाकर युवाओं को जोड़ता था और उनमें वीडियो व अन्य सामग्री साझा करता था। इसी के जरिए युवाओं को प्रभावित करने और नेटवर्क तैयार करने की कोशिश की जा रही थी।

ATS ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और फोरेंसिक जाँच शुरू कर दी गई है। मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियाँ, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और संपर्क सूची की जाँच की जा रही है। साथ ही बैंकिंग रिकॉर्ड और विदेशी फंडिंग के पहलू भी जाँच के दायरे में हैं।

देवबंद कनेक्शन और नईम की गिरफ्तारी से खुलीं नई परतें

फराज की निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के देवबंद से नईम अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया गया। जाँच एजेंसियों के मुताबिक, नईम की भूमिका फराज को विदेशी संपर्कों तक पहुँचाने और विचारधारात्मक रूप से जोड़ने में अहम मानी जा रही है। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद 16 जून तक रिमांड पर भेजा गया है।

जाँच में यह भी सामने आया कि फराज ने देवबंद में मजहबी तालीम हासिल की थी और इसी दौरान उसकी मुलाकात नईम से हुई थी। बाद में दोनों संपर्क में बने रहे। ATS ने गुरुवार (11 जून 2026) की तड़के करीब 3:30 बजे भोपाल के काजी कैंप इलाके में फराज के घर पर कार्रवाई की।

करीब एक दर्जन अधिकारियों की टीम, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं, पहले घर के पास पहुँची और फिर अंदर जाकर उसे हिरासत में लिया। अगले दिन उसके घर और जिस क्लीनिक में वह काम करता था, दोनों जगह ताले लगे मिले। फराज लंबे समय से बैटरी रिपेयरिंग का काम करता था और साथ ही एक क्लीनिक में कंपाउंडर के रूप में भी कार्यरत था।

स्थानीय पहचान, पारिवारिक जीवन और गतिविधियों की पड़ताल जारी

स्थानीय लोगों के अनुसार, फराज इलाके में मजहबी गतिविधियों में सक्रिय माना जाता था। बताया गया कि वह घर पर बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाता था और परिवार के साथ रहता था। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि घर पर समय-समय पर मजहबी कक्षाएँ आयोजित होती थीं।

जाँच एजेंसियाँ अब उसके परिचितों, सामाजिक दायरे, कार्यस्थल और संपर्कों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही हैं। यह भी जाँच की जा रही है युवाओं तक पहुँच बनाने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया गया और वास्तव में उससे कितने लोग जुड़े थे। फिलहाल एजेंसियाँ पूरे मामले की अलग-अलग एंगल से जाँच कर रही हैं।

‘भोपाल में ईद से पहले भिड़े मुस्लिम गुट :पेशाब की बूँदें टपकती हैं तो नहीं पढ़वा सकते नमाज’: ‘प्रोस्टेट’ पर दारुल इफ्ता ने दिया फतवा

          ईद से पहले भिड़े मुस्लिम गुट, 'प्रोस्टेट' पर दारुल इफ्ता ने दिया फतवा (साभार : Aajtak & Bhaskar)
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ईद से ठीक पहले एक फतवे ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। दारुल इफ्ता की ओर से जारी एक मजहबी राय (फतवे) में कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति को प्रोस्टेट की बीमारी है या पेशाब टपकने की समस्या रहती है, तो वह इमामत नहीं कर सकता यानी दूसरों को नमाज नहीं पढ़ा सकता।

हालाँकि, इस दस्तावेज में किसी का नाम नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे सीधे तौर पर भोपाल के शहर काजी मुश्ताक अली नदवी से जोड़कर वायरल किया जा रहा है। मुस्लिम पर्व कमेटी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे शहर काजी की छवि खराब करने की साजिश बताया है और जाँच की माँग की है।

क्या है इस फतवे में?

यह पूरा विवाद 9 मार्च 2026 को नायब मुफ्ती सैयद अहमद खान कासमी द्वारा जारी किए गए एक जवाब से शुरू हुआ। फतवे में शरीयत के नियमों का हवाला देते हुए बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी ऐसी समस्या है जिसमें पेशाब की बूँदें अनियंत्रित रूप से टपकती हैं, तो वह व्यक्ति इमाम बनकर लोगों की नमाज की अगुवाई नहीं कर सकता। हालाँकि, वह अपनी नमाज खुद अदा कर सकता है। दारुल इफ्ता जामे एहतमाम मसाजिद कमेटी के नाम से निकले इस फतवे ने समाज के भीतर एक नई बहस छेड़ दी है।

शहर काजी को निशाना बनाने का आरोप

इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी इस विवाद में कूद पड़ी। कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन का कहना है कि ईद की नमाज से ठीक पहले इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करना समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश है।

शमशुल हसन ने सीधा आरोप लगाया कि यह फतवा शहर काजी मुश्ताक अली नदवी को निशाना बनाने के लिए जानबूझकर वायरल किया गया है। कमेटी के मुताबिक, फतवा जारी करने वाले मौलवी अब्दुल कलाम और इसके पीछे के लोगों की भूमिका संदिग्ध है। कमेटी ने मामले की पुलिस जाँच कराने के संकेत भी दिए हैं।

इस्लामिक जानकारों और संगठनों की राय

एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद ‘ताजुल मसाजिद’ में नमाज पढ़ाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में मुस्लिम समाज दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है। एक तरफ जहाँ त्योहार कमेटी इसे साजिश बता रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ इस्लामिक जानकारों का मानना है कि यह केवल शरीयत के नियमों की एक साधारण व्याख्या है।

उनके अनुसार, मौलवी द्वारा दिए गए ऐसे जवाब अक्सर नियमों को स्पष्ट करने के लिए होते हैं और इन्हें किसी खास व्यक्ति से जोड़कर देखना गलत है। फिलहाल, भोपाल में इस मुद्दे को लेकर तनावपूर्ण चर्चाएँ जारी हैं और पुलिस प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

मध्य प्रदेश : 36.04 लाख रूपए कैश, 2.6 किलो सोना, 5.5 किलो चाँदी… PWD के रिटायर्ड अधिकारी के ठिकानों से मिला 17 टन शहद

लोकायुक्त पुलिस ने PWD के मुख्य अभियंता जीपी मेहरा के ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में की छापेमारी (साभार: एनडीटीवी, आज तक)
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लोकायुक्त पुलिस ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा के ठिकानों पर छापा मारा। यह छापा आय से अधिक संपत्ति के मामले में मारा गया।

भोपाल और नर्मदापुरम जिले के चार ठिकानों पर एक साथ यह कार्रवाई हुई। छापे में करोड़ों रुपए की नकदी, सोना, लग्जरी गाड़ियाँ मिली हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उनके फार्महाउस से 17 टन शहद का विशाल भंडार मिला।

क्या-क्या मिला?

छापेमारी के दौरान मेहरा के ठिकानों से करोड़ों का खजाना जब्त किया गया। इसमें कुल 36.04 लाख रूपए कैश, लगभग 3.05 करोड़ रूपए का 2.6 किलो सोना, और 5.5 किलो चाँदी शामिल है। मेहरा के परिवार के नाम पर फोर्ड एंडेवर, स्कोडा स्लाविया समेत चार लग्जरी कारें भी मिली हैं। इसके अलावा, ₹56 लाख की एफडी, शेयर और इंश्योरेंस पॉलिसी के महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए।

मेहरा की सबसे बड़ी संपत्ति नर्मदापुरम में स्थित उनका विशाल फार्महाउस है, जहाँ 17 टन शहद का भंडार, 6 ट्रैक्टर, और 39 कॉटेज (7 तैयार और 32 निर्माणाधीन) मिले हैं। गोविंदपुरा स्थित एक फैक्ट्री को उनका बिजनेस फ्रंट माना जा रहा है। 

जब्त की गई संपत्ति का क्या होता है?

भ्रष्टाचार से जुड़ी करोड़ों की संपत्ति जब्त होने के बाद यह सवाल उठता है कि कानून के तहत इन संपत्तियों का आखिर क्या होता है। देश में ऐसी कार्रवाई मुख्य रूप से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जाती है।

जाँच के दौरान, संदेह होने पर संपत्ति को CRPC की धारा 102 या PMLA की धारा 5 के तहत जब्त किया जाता है। जब्त किया गया कैश, सोना और जेवर को बैंकों या सरकारी एजेंसियों के गोदाम में सुरक्षित रखा जाता है। जब तक यह मामला कोर्ट में चल रहा होता है, तब तक इन संपत्तियों को बेचा या निपटाया नहीं जाता है।

कोर्ट का फैसला आने के बाद

अगर कोर्ट में आरोपित पर भ्रष्टाचार के आरोप साबित हो जाते हैं, तो जब्त की गई संपत्ति पूरी तरह सरकार की हो जाती है। इसके बाद सरकार कानूनी प्रक्रिया के तहत इन संपत्तियों को नीलामी के जरिए बेच सकती है। नीलामी से जो पैसा मिलता है, वह सीधे सरकारी खजाने में जमा होता है। इस राशि का उपयोग सरकारी योजनाओं और जनकल्याण के कामों में किया जाता है। कई बार जब्त किए गए वाहन या अन्य सामानों को सरकारी उपयोग में भी लिया जा सकता है।

लेकिन अगर अदालत में आरोप साबित नहीं होते, तो जब्त की गई संपत्ति आरोपित को वापस कर दी जाती है। हालाँकि, इसके लिए आरोपित को यह साफ करना होता है कि उसने वह संपत्ति कैसे और किस स्रोत से कमाई थी।

कुल मिलाकर, जब्त की गई संपत्ति कोर्ट की निगरानी में रहती है। फैसला आने तक न तो उसे बेचा जा सकता है और न ही उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकार की यह भी जिम्मेदारी होती है कि वह जब्त किए गए हर सामान का पूरा लेखा-जोखा अदालत के सामने पेश करे। आरोप सिद्ध होने पर ही वह संपत्ति हमेशा के लिए सरकारी हो पाती है।

पाकिस्तान में आतंकी अड्डों को निशाना बनाकर ध्वस्त करने वाले मोदी जी भारत में बने पाकिस्तान में पल रहे आतंकियों पर Operation Sindoor कब? ग्वालियर और विदिशा के बाद झांसी में शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव, 4 दिनों में तीसरी घटना; उत्तर प्रदेश में वंदे भारत एक्सप्रेस फिर पत्थरबाजी का शिकार; 10 साल की बच्ची चोटिल, प्रयागराज में मुकदमा

पाकिस्तान में आतंकियों के अड्डों पर Operation Sindoor से बमबारी कर वाह-वाही लूटने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ही देश में बने पाकिस्तानों में पल रहे आतंकियों पर कब कार्यवाही होगी? कभी ट्रेन पर पत्थरबाज़ी, रेलवे ट्रैक पर रॉड या पत्थर रखना, हिन्दू त्यौहारों पर किसी न किसी बहाने दंगा करना और शोभा यात्राओं पर पत्थरबाज़ी करने वाले कोई शरारती तत्व नहीं आतंकियों के sleeper cell हैं। जिस तरह पाकिस्तान पर पानी बम फेंका है उसी तरह इन जेहादियों की हर सरकारी सुविधाएं छीन लेनी चाहिए साथ में इनके समर्थकों की भी। 

गौरतलब यह है कि अब मार्च में होली तक हिन्दुओं के त्यौहारों की लाइन है। केंद्र और राज्य सरकारों और अदालतों को इस समस्या की गंभीरता का संज्ञान लेना चाहिए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह पुलिस को सख्त दिशा और निर्देश देने चाहिए।        

उपद्रवियों ने तीसरी बार शताब्दी एक्सप्रेस(12001) पर पथराव किया। इससे खिड़की का शीशा टूट गया। गनीमत रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आई। ट्रेन में मौजूद आरपीएफ ने मौके पर पहुंच कर जांच-पड़ताल की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। टेप से शीशे को चिपका कर ट्रेन को रवाना कर दिया गया। घटना बुधवार को झांसी रेल मंडल के करारी की है. घटना के बाद से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

भोपाल से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस पर एक बार फिर पथराव की घटना सामने आई है। ट्रेन को बीना और झाँसी के रास्ते में निशाना बनाया गया। यहाँ उपद्रवियों ने ट्रेन की खिड़की पर पत्थर फेंके, जिससे काँच चटक गया। ट्रेन को रोककर रेलवे पुलिस (आरपीएफ) ने जाँच शुरू की। फिर कुछ देर बाद चटके हुए काँच पर टेप लगाकर ट्रेन को रवाना कर दिया गया।

घटना बुधवार(25 जून 2025) शाम करीब 6.30 बजे झाँसी रेल मंडल के करारी क्षेत्र की है। ट्रेन नंबर 12001 मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित रानी कमलापति स्टेशन से नई दिल्ली जा रही थी। तेज रफ्तार पकड़ती ट्रेन को झाँसी के करारी क्षेत्र में उपद्रवियों ने निशाना बनाया। उपद्रवियों ने कोच C-6 पर पथराव किया। इससे ट्रेन में सवार यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, शताब्दी एक्सप्रेस को पहले भी दो बार पत्थरबाजी हुई है। इसी ट्रेन को ग्वालियर और विदिशा में अज्ञात लोगों ने पथराव किया था। इसके बाद पुलिस चौकन्ना हो गई है। पुलिस ने घटना के बाद ट्रेन की सुरक्षा बढ़ा दी है। अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

आवाज से यात्री सहम गए। यात्रियों ने सुरक्षा बलों को सूचना दी। घटना में किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को रोककर टीम ने जांच-पड़ताल की। घटना के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई. पत्थर फेंकने वालों की तलाश के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। इससे पहले भी उपद्रवी दो बार शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव कर चुके हैं।

मध्य प्रदेश के विदिशा और फिर ग्वालियर के पास ट्रेन पर पत्थराव किए जा चुके हैं। इन घटनाओं में भी शीशे टूट गए थे। सुरक्षा टीमों की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की घटनाएं होने से यात्री खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।

झांसी रेलवे जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह ने बताया कि बुधवार की शाम को घटना की जानकारी मिली थी। सुरक्षा अधिकारियों ने यात्रियों से घटना की जानकारी ली थी। आरपीएफ ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

उत्तर प्रदेश में वंदे भारत एक्सप्रेस फिर पत्थरबाजी का शिकार; 10 साल की बच्ची चोटिल, प्रयागराज में मुकदमा 

2 जून को देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन देश के अलग-अलग स्थानों से वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की खबर सामने आती हैं। उत्तर प्रदेश में तो अमूमन हर माह वंदे भारत पर पत्थर फेंकने की घटनाएं हो रही हैं।

अब एक बार फिर इस ट्रेन पर पथराव किया गया है। रायबरेली के पास हुए पथराव में सी-1 कोच में परिवार के साथ सफर कर रही एक 10 साल की बच्ची चोटिल भी हो गई। यात्री ने इसकी शिकायत रेलवे में दर्ज कराई। बता दें कि लखनऊ प्रयागराज रूट की वंदे भारत पर चार माह में पांचवीं बार पथराव किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज से लखनऊ आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर रविवार को पत्थर फेंकने की घटना हुई। वंदे भारत एक्सप्रेस प्रयागराज से लखनऊ जा रही थी. रास्ते में रायबरेली स्टेशन के पास घटना हुई। यात्री अतुल कुमार गौतम ने रेलवे के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी शिकायत दर्ज कराई।

बताया कि पत्थर लगने से उनकी 10 साल की बेटी को गंभीर चोट आई है। प्रयागराज रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के इंस्पेक्टर आरबी सिंह ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस के सी-1 कोच में रविवार को रायबरेली में पथराव की सूचना मिली थी। ट्रेन के प्रयागराज पहुंचने पर कोच का निरीक्षण किया गया है। यात्रियों के बयान दर्ज किए गए हैं। अराजक तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।

वंदे भारत पर कब-कब फेंके गए पत्थर: इससे पहले 13 मई को भी प्रयागराज से लखनऊ जाते वक्त ऊंचाहार और लक्ष्मणपुर स्टेशनों के बीच सवांपुर नेवादा के पास वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की गई थी। 20 मई को भी रायबरेली में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंका गया था। इस घटना में ट्रेन के गार्ड का केबिन क्षतिग्रस्त हो गया था। पांच मार्च को भी रायबरेली और 27 फरवरी को बछरावां और उतरेटिया स्टेशनों के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की गई थी।

अवलोकन करें:-

आखिर कब तक जेहादी उर्फ़ आतंकी हिन्दू त्यौहारों पर उपद्रव करते रहेंगे? संत तुकाराम-संत ज्ञानेश्व

हर बार रेलवे एक्ट के तहत संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला लिखा जा रहा है। रेलवे के अधिकारी भी पत्थरबाजी की घटनाओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यही कारण है कि पत्थरबाजों के हौसले बुलंद हैं और आए दिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

लोकमाता अहिल्याबाई के सम्मान में मोदी ने 300 रुपए का सिक्का किया जारी, नारी शक्ति का जमकर बखान: ऑपरेशन सिंदूर पर बोले- बहादुर महिला सिपाहियों ने की देश की रक्षा

                              भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो साभार: X_NarendraModi)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लोकमाता देवी अहिल्याबाई महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में हिस्सा लिया, जो जंबूरी मैदान में आयोजित हुआ। जंबूरी मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को याद किया।

मोदी ने कहा, “लोकमाता अहिल्याबाई का नाम सुनते ही मन में श्रद्धा का भाव उमड़ पड़ता है। उनके महान व्यक्तित्व के बारे में बोलने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। 250-300 साल पहले, जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था, तब उन्होंने न सिर्फ अपने राज्य को समृद्ध किया, बल्कि देश की संस्कृति और परंपराओं को भी बचाया।”

पीएम ने बताया कि अहिल्याबाई ने काशी विश्वनाथ मंदिर सहित देश के कई मंदिरों और तीर्थ स्थलों का पुनर्निर्माण करवाया। उन्होंने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि जिस काशी में लोकमाता ने इतने विकास कार्य किए, वहाँ मुझे भी सेवा का मौका मिला। आज अगर आप काशी विश्वनाथ मंदिर जाएँगे, तो वहाँ आपको अहिल्याबाई की मूर्ति भी दिखेगी।”

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर लोकमाता अहिल्याबाई को समर्पित एक स्मारक डाक टिकट और 300 रुपये का विशेष सिक्का भी जारी किया। इस सिक्के पर अहिल्याबाई होलकर का चित्र अंकित है। साथ ही उन्होंने आदिवासी, लोक और पारंपरिक कलाओं में योगदान देने वाली महिला कलाकारों को राष्ट्रीय देवी अहिल्याबाई पुरस्कार से सम्मानित किया।

ऑपरेशन सिंदूर को बताया भारत की बहादुरी का प्रतीक

 मोदी ने अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “पहलगाम में आतंकियों ने न सिर्फ भारतीयों का खून बहाया, बल्कि हमारी संस्कृति और समाज को बाँटने की कोशिश की। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और सफल ऑपरेशन है। हमारी सेना ने उन आतंकी ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया, जहाँ पाकिस्तानी फौज ने सोचा भी नहीं था।”
उन्होंने जोर देकर कहा, “अब भारत का हर नागरिक कह रहा है कि अगर तुम गोली चलाओगे, तो गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा।” पीएम ने सिंदूर को नारी शक्ति और भारत की बहादुरी का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “हमारी संस्कृति में सिंदूर का विशेष महत्व है। हनुमान जी इसे लगाते हैं, शक्ति पूजा में इसका इस्तेमाल होता है। आज ऑपरेशन सिंदूर के जरिए यह भारत की ताकत का प्रतीक बन गया है।”
मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महिला शक्ति की अप्रतिम बहादुरी का भी बखान किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी फौज की भारी गोलाबारी के बीच भी बीएसएफ की बहादुर महिला सिपाहियों ने देश की रक्षा की।
पीएम मोदी ने कहा, “स्कूल से लेकर युद्ध के मैदान तक…. आज देश अपनी बेटियों के शौर्य पर अभूतपूर्व भरोसा कर रहा है। नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन हों या फिर सीमापार का आतंक हो… आज हमारी बेटियाँ भारत की सुरक्षा की ढाल बन रही हैं।”

महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर 

मोदी ने अपने भाषण में महिला सशक्तिकरण पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने तीन करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने का संकल्प लिया है, जिसमें से डेढ़ करोड़ से ज्यादा बहनें इस लक्ष्य को हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि गाँवों में बैंक सखियां और बीमा सखियाँ लोगों को बैंकिंग और बीमा की सुविधाओं से जोड़ रही हैं।

उन्होंने कहा, “आज हमारी बहनें और बेटियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। पहले नई टेक्नोलॉजी से महिलाओं को दूर रखा जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। हमारी सरकार महिलाओं को टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। आज महिलाएँ वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर और पायलट बन रही हैं।”

पीएम ने ‘नमो ड्रोन दीदी’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इससे गाँव की महिलाओं को नई पहचान और कमाई का जरिया मिल रहा है। उन्होंने चंद्रयान-3 मिशन का उदाहरण देते हुए बताया कि इसमें 100 से ज्यादा महिला वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने अहम भूमिका निभाई।

लोकमाता अहिल्याबाई के मूल्यों पर चल रही सरकार

पीएम ने कहा कि उनकी सरकार लोकमाता अहिल्याबाई के मूल्यों पर चल रही है। उन्होंने बताया कि अहिल्याबाई ने गवर्नेंस का ऐसा मॉडल अपनाया, जिसमें गरीबों और वंचितों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने खेती को बढ़ावा देने के लिए नहरों का जाल बिछाया और कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित किया। पीएम ने कहा, “आज हमारी सरकार भी ‘नागरिक देवो भवः’ के मंत्र के साथ काम कर रही है। हमारी हर योजना में महिलाएँ केंद्र में हैं।”

उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने लाखों महिलाओं को पहली बार अपने घर का मालिक बनाया है। साथ ही, स्टार्टअप और स्पेस मिशनों में भी महिलाएं अहम योगदान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री का यह दौरा लोकमाता अहिल्याबाई को समर्पित है। हम उनके दिखाए रास्ते पर चलकर महिला सशक्तिकरण के संकल्प को पूरा कर रहे हैं। पीएम मोदी जिस तरह से काम कर रहे हैं, वह अहिल्याबाई के आदर्शों को जीवंत कर रहा है।”

महिलाओं ने संभाली आयोजन की कमान 

इस आयोजन की एक और खास बात थी कि इसकी पूरी जिम्मेदारी महिलाओं ने संभाली। दतिया से भोपाल तक पीएम के विमान को महिला पायलट ने उड़ाया। इंदौर में मेट्रो की पहली ट्रिप में सिर्फ महिलाएँ सवार थीं। भोपाल में सुरक्षा, मंच संचालन और अन्य सभी काम महिलाओं ने बखूबी निभाए।

इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में महिलाएँ, बहनें और बेटियाँ शामिल हुईं, जिन्होंने पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया। भोपाल की सड़कों पर पीएम का भव्य रोड शो हुआ, जिसमें सिंदूरी रंग की साड़ियों में सजी महिलाओं ने उनका अभिवादन किया। इस दौरान पूरे शहर में तिरंगे लहराए और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े पोस्टर लगे दिखे।

प्रधानमंत्री के भोपाल पहुँचते ही एक शानदार रोड शो शुरू हुआ। उनके साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे। सड़कों के दोनों ओर खड़ी भीड़ ने तालियों और नारों के साथ पीएम का स्वागत किया। खास बात यह थी कि इस रोड शो में 15,000 से ज्यादा महिलाओं ने सिंदूर रंग की साड़ियाँ पहनकर पीएम का स्वागत किया। यह स्वागत ऑपरेशन सिंदूर के प्रति आभार जताने का एक अनोखा तरीका था। पूरे शहर में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े पोस्टर लगाए गए थे, जो भारत की बहादुरी और महिला शक्ति का प्रतीक बने।

रोड शो का समापन जंबूरी मैदान में हुआ, जहाँ पीएम ने विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस आयोजन की सबसे खास बात यह थी कि इसकी पूरी जिम्मेदारी महिलाओं ने सँभाली। सुरक्षा से लेकर मंच संचालन, साइट मैनेजमेंट और हेलीपैड तक हर काम महिला अधिकारियों और कर्मचारियों ने बखूबी निभाया। यह नजारा महिला सशक्तिकरण का एक जीता-जागता उदाहरण था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भोपाल दौरा न सिर्फ एक राजनैतिक आयोजन था, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण और भारत की ताकत का एक मजबूत संदेश भी था। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और लोकमाता अहिल्याबाई के योगदान को याद करते हुए पीएम ने देश की महिलाओं को प्रेरित किया। भोपाल की सड़कों पर लहराते तिरंगे और सिंदूरी रंग में सजी महिलाओं ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। यह दौरा नारी शक्ति और भारत की एकता का प्रतीक बनकर उभरा।

मध्य प्रदेश : जेब में ब्रा-पैंटी, स्कूटी पर घूम-घूम महिलाओं को छेड़ता था इजहार खान, पुलिस ने किया गिरफ्तार

   भोपाल में महिलाओं से छेड़खानी करने वाले इजहार खान की स्कूटी से बरामद हुई ब्रा और पैंटी (चित्र साभार- न्यूज़ 24)
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने मंगलवार (26 नवंबर, 2024) को लड़कियों से छेड़खानी करने वाले इजहार खान को गिरफ्तार किया है। इजहार खान पिछले एक महीने से शहर में कई महिलाओं को छेड़ चुका था। पुलिस ने इजहार खान की स्कूटी को भी सीज कर दिया है। स्कूटी की डिग्गी और इजहार की जेब से महिलाओं के कई अंडरगारमेंट्स बरामद हुए हैं। अब पुलिस अंडरगारमेंट्स इकट्ठा करने की वजह की पड़ताल कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला भोपाल के चूनाभट्टी इलाके का है। यहाँ के यशोदा विहार में रहने वाली कई महिलाएँ एक स्कूटी वाले की छेड़खानी से काफी दिनों से परेशान थीं। सोमवार (25 नवंबर) को 2 महिलाओं ने इस संबंध पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थीं।

इसी दिन शाम को एक और महिला ने अपने साथ हुई छेड़खानी पर शोर मचाया था। तब लोगों ने दौड़ा कर स्कूटी सवार एक व्यक्ति को पकड़ लिया था। बाद में उसको पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ में आरोपित ने अपना नाम इजहार खान बताया।

इजहार खान के अम्मी-अब्बा टीचर है। अम्मी-अब्बा ने दावा किया है कि उन्हें अपने बेटे की करतूत के बारे में कुछ पता ही नहीं था। इजहार ने अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने अपनी एक्टिवा स्कूटी के नंबर प्लेट पर कागज चिपका रखा था। स्कूटी की जाँच की गई तो उसकी डिग्गी के अंदर महिलाओं के कई अंडरगारमेंट्स (ब्रा-पैंटी) बरामद हुई।

इजहार खान ने पुलिस के आगे सोमवार को हुई दोनों छेड़खानी की वारदातों में अपने ही होने की बात कबूल कर ली। पुलिस उसके द्वारा की गई अन्य हरकतों की भी जाँच में जुटी है। पता चला है कि इजहार खान पीड़िताओं को धमकाता भी था। प्रथम दृष्टया पुलिस ने इजहार को साइको अपराधी माना है। वह पूछे जा रहे सवालों के भी उलटे-सीधे जवाब दे रहा है।

मध्य प्रदेश : जीतू पटवारी के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही गुंडई पर उतरे समर्थक: महाकाल मंदिर में तोड़ डाले दरवाजे

                         महाकाल मंदिर में जीतू पटवारी के समर्थकों ने की तोड़फोड़ (फोटो साभार: नई दुनिया)
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार (19 दिसंबर, 2023) को पद सँभाल लिया। भोपाल में 
कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने से पहले वो उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुँचे और पूजा-अर्चना के बाद भोपाल पहुँचकर अध्यक्ष पद की कुर्सी सँभाली। इस बीच, महाकाल मंदिर में जीतू पटवारी के समर्थक कांग्रेसियों ने जमकर दबंगई की और महाकाल के मंदिर में ही धक्कामुक्की करते हुए गेट का काँच ही तोड़ दिया। इस मामले में CCTV फुटेज के साथ मंदिर प्रबंधन ने जीतू पटवारी के समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को जीतू पटवारी अपने समर्थकों के साथ उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुँचे। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल के मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आए जीतू पटवारी के साथ ढोल-नगाड़े बजाने वालों तक की टीम थी और समर्थकों का बड़ा हुजूम भी। जब वो मंदिर में पूजा के लिए घुसने लगे, तो उनके समर्थकों ने भी मंदिर में घुसने की कोशिश की। उन्हें जब रोका गया, तब समर्थकों ने धक्का-मुक्की की और काँच से बना गेट भी तोड़ दिया। अब इस मामले में मंदिर प्रबंधन समिति ने महाकाल पुलिस थाने में केस दर्ज करवाया है।

महाकाल मंदिर के प्रशासक संदीप कुमार सोनी के हवाले से ‘नई दुनिया’ ने बताया है कि जीतू पटवारी के अलावा कुछ लोगों को दर्शन की विशेष अनुमति दी गई थी। उनके साथ कार्यकर्ताओं के आने का अनुमान भी था। इसे देखते हुए श्री महाकाल महालोक, वीआइपी गेट, काला गेट तथा नगाड़ा गेट पर भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त बल सुरक्षा बल तैनात किया गया था। इसमें पुलिस व मंदिर समिति के गार्ड शामिल थे। सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को भीतर प्रवेश करने से रोका, बावजूद इसके कुछ लोग नगाड़ा गेट तक पहुँच गए। इन लोगों ने गेट को पार करके नंदी हाल में प्रवेश करने का प्रयास किया, सुरक्षाकर्मियों ने इन्हें रोका। इस दौरान धक्का-मुक्की में गेट का काँच फूट गया।

इस मामले में सीसीटीवी की फुटेज के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। ‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नंदी हाल में सिर्फ 20 लोगों के प्रवेश की अनुमति थी, जबकि इससे कहीं ज्यादा लोग घुस गए। अब अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया कि महाकाल थाना पुलिस ने अज्ञात कांग्रेसियों पर धारा 294, 323, 506, 34 भादवी धारा 37 (च) (छ) महाकाल मंदिर अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में आरोपितों की पहचान की जा रही है, इसके बाद नामजद मामला दर्ज किया जाएगा।

इंदौर से उज्जैन फिर भोपाल पहुँचे जीतू

जीतू पटवारी के साथ बड़ा काफिला इंदौर से उज्जैन पहुँचा था। इसके बाद ये काफिला भोपाल पहुँचा। भोपाल में जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का पद संभाला। इसके बाद उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता भारतीय जनता पार्टी द्वारा किए गए चुनावी वादों को पूरा करवाना है। अगर बीजेपी सरकार ऐसा नहीं करेगी, तो जल्द ही भोपाल में 2 लाख से अधिक लोगों की रैली बुलाई जाएगी। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि कॉन्ग्रेस में अब कोई गुटबाजी नहीं रह गई है।

मध्य प्रदेश : 308 वर्ष बाद इस्लामनगर पुनः बना जगदीशपुर; हलाली नदी का भी नाम बदलने की तेज होती मांग; मोहम्मद खान ने हिन्दू राजा की हत्या कर बना दिया इस्लाम नगर

                                                   इस्लामनगर बना जगदीशपुर
मध्यप्रदेश के भोपाल से 14 किलोमीटर दूर एक गाँव ‘इस्लाम नगर‘ अब ‘जगदीशपुर’ नाम से जाना गया जाएगा। केंद्र सरकार ने गाँव का नाम बदलने की अनुमति दे दी है। पिछले 30 सालों से इसे आधिकारिक रूप से जगदीशपुर बनाने की कोशिश की जा रही थी, जिसके लिए समय-समय पर कोशिशें होती रहीं। लोगों का ऐसा मानना रहा कि जो जगदीशपुर कभी मुगल आक्रांताओं के धोखे से खून में लाल होकर इस्लाम नगर हुआ उसका नाम जगदीशपुर हो जाए तो वही बेहतर है।

 30 सालों से हो रही थी इस्लाम नगर का नाम जगदीशपुर रखने की माँग

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट बताती है कि इस्लाम नगर का नाम वापस जगदीशपुर करने के लिए ग्राम पंचायत प्रस्ताव पारित कर चुकी है जिसके बारे में 1993 में एक प्रतिवेदन में बता दिया गया था। पत्र में साफ था कि सभी ग्रामवासी गाँव का नाम बदलना चाहते हैं ताकि वहाँ तनाव की स्थिति न हो। ग्रामवासियों में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल है। इसके बाद साल 2008 में भी इस संबंध में एक प्रस्ताव को राज्य सरकार ने सहमति दी थी लेकिन तब कॉन्ग्रेस की यूपीए सरकार से इसके लिए एनओसी नहीं मिल पाई।

2014 में फिर केंद्र से एनओसी माँगी गई और 2021 में जाकर गृह मंत्रालय की ओर से सितंबर में एनओसी जारी कर दी गई। इसी क्रम में अब इस्लाम नगर का नाम जगदीशपुर किया गया। इस संबंध में मध्यप्रदेश के राजस्व विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई। लोगों ने इस फैसले के बाद यही कहा कि इस गाँव की पहचान हमेशा जगदीशपुर ही थी। गाँव के सभी लोग ये नाम चाहते थे।

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खून से नदी लाल करके बदला गया था जगदीशपुर का नाम

जिस जगदीशपुर को दोबारा जगदीशपुर बनाए जाने की जद्दोजहद 30 सालों से चल रही थी, उसका इतिहास जितना सुनहरा है उतना ही रौंगते खड़े करने वाला भी। आज भी इस जगह पर 11वीं सदी के परमार कालीन मंदिर के पत्थर मिलते हैं। इसके अलावा यहाँ एक गोंड महल भी है। गोंड शासन के बाद इस जगह पर राजपूतों का राज रहा। मगर 1715 में औरंगजेब के सैनिक दोस्त मोहम्मद खान ने धोखे से उनपर प्रहार कर दिया और जगदीशपुर को इस्लाम नगर बना कर रख दिया।
बताते हैं कि जब दोस्त मोहम्मद खान ने राजपूतों पर वार किया तो उनके खून से एक नदी लाल हो गई थी और उसके बाद से उसका नाम हलाली नदी (Halali Damn) पड़ गया। आज कई हिंदूवादी नेता इस नदी का नाम बदलने की कोशिशों में लगे हुए हैं क्योंकि ये नाम याद दिलाता है कि कैसे मित्रता का हाथ बढ़ाकर राजाओं का गला रेता गया।

दोस्त मोहम्मद खान ने भोज पर बुलाकर रेता राजपूत राजाओं का गला

बात सन् 1715 की है। जगदीशपुर के राजा देवरा चौहान का नाम पूरे भोपाल में होने लगा था। धीरे-धीरे दोस्त खान तक बात पहुँची और उसने दोस्ती का षड्यंत्र रचा। इसके बाद जगदीशपुर के राजा के आगे मित्रता का हाथ बढ़ाया गया, फिर उन्हें बेस नदी के किनारे भोज पर निमंत्रण दिया गया।
जब राजा ने ये निमंत्रण स्वीकारा तो दोनों तरफ के 16-16 लोग बेस नदी के किनारे भोज पर मिले। खाना आरंभ हुआ तभी दोस्त मोहम्मद खान पान खाने के बहाने वहाँ से निकला और टेंट काटकर उन सभी लोगों का गला रेत डाला जो वहाँ बैठकर भोज कर रहे थे। इस तरह दोस्त मोहम्मद खान ने जगदीशपुर पर कब्जा किया और उसका नाम इस्लामनगर कर दिया गया।
कुछ लोग ऐसे क्रूर दोस्त मोहम्मद खान को भोपाल का निर्माता बताते हैं। वहाँ के ऐतिहासिक धरोहरों का श्रेय उसको देते हैं, मगर हकीकत क्या है ये मात्र हलाली नदी और इस्लाम नगर जैसे नामों के इतिहास के पता किया जा सकता है। समय के साथ इसी इस्लाम नगर को जगदीशपुर बनाने की माँगे हमेशा उठीं क्योंकि लोगों ने कभी भुलाया ही नहीं कि किस प्रकार हिंदुओं के कत्लेआम के बाद गाँव का नया नामकरण हुआ। लोगों को जितना जगदीशपुर के इस्लामनगर बनने की कहानी के बारे में पता चलता था उतना ही वह इस बात को कहते थे कि जल्द से जल्द ग्राम का नाम बदला जाना चाहिए। तमाम प्रयासों के बाद 308 साल बाद ये संभव हो पाया कि जगदीशपुर दोबारा जगदीशपुर बना।

मध्य प्रदेश : ‘आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण, ख़त्म हो SC/ST एक्ट’: ‘करणी सेना’ का शक्ति प्रदर्शन

देश में आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर चर्चा होती रही है। अब इसी मुद्दे को लेकर ‘करणी सेना’ ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आंदोलन शुरू किया है। आर्थिक आधार पर आरक्षण सहित 21 माँगों को लेकर ‘करणी सेना’ के मुखिया जीवन सिंह शेरपुर सहित 5 लोग भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। आंदोलन कर रहे लोगों का कहना है कि माँगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 8 जनवरी, 2023 को करणी सेना ने भोपाल के जंबूरी मैदान में आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। इससे पहले करणी सेना ने माँगे पूरी नहीं होने पर विधानसभा घेराव की चेतावनी दी थी। हालाँकि, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बातचीत के लिए समय माँगे जाने के बाद विधानसभा घेराव को टाल दिया गया है। लेकिन, चेतावनी मिलने के बाद से विधानसभा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

इस आंदोलन को लेकर ‘करणी सेना’ के मुखिया जीवन सिंह का कहना है कि भूख हड़ताल पर सिर्फ 5 लोग बैठेंगे। उन्होंने आंदोलन में आए लोगों से हिंसा न करने की अपील करते हुए कहा है कि जिसे जाना हो वह खुशी से जा सकता है, लेकिन कहीं भी तोड़फोड़ और उद्दंडता नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा है कि माँगे पूरी करने के लिए 4 बजे तक का समय दिया गया था। लेकिन इसके लिए सरकार ने समय माँगा है। फिलहाल, अनशन शुरू कर रहे हैं। सब लोग यहीं बैठेंगे। जब तक माँगे पूरी नहीं होंगी, मैदान नहीं छोड़ेंगे। यदि माँगे नहीं मानी गईं तो राजनीति में उतरने से भी परहेज नहीं होगा। इस आंदोलन को सवर्णों और पिछड़ा वर्ग का साथ भी मिल रहा है। व्‍यवस्था में सुधार के लिए यह आंदोलन कर रहे हैं।

इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, हरियाणा छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से करणी सेना के कार्यकर्ता पहुँचे हैं। इस दौरान, प्रदर्शनकारी ‘माई के लाल’ और ‘जय भवानी’ के नारे लगाने के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करते नजर आए।