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क्या 6 जून को दिल्ली में दंगे की साज़िश? : ‘एयरपोर्ट से शुरू करेंगे हंगामा, हाथ में लाठी-पेपर स्प्रे लेकर आना’ : कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक सरेआम कर रहे हिंसा भड़काने का प्रयास, बोल रहे- इस बार नेपाल बना देंगे

   दिल्ली का माहौल बिगाड़ने के लिए CJP समर्थक लोगों को उकसा रहा (फोटो साभार : X_@AnkurSingh Video SS
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक 6 जून को प्रदर्शन के नाम पर हिंसा भड़काने की तैयारी में हैं। इसके लिए उन्होंने अभी से कोशिशें शुरू कर दी हैं। सोशल मीडिया पर एक Video वायरल हुई, जिसमें एक CJP समर्थक हर्षित उकसाऊ बातें करता सुनाई पड़ता है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनका मकसद जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का नहीं बल्कि माहौल बिगाड़ने का है।

Video में ये समर्थक साफ तौर पर धमकी देता दिख रहा है कि अगर अभिजीत डीपके को इमिग्रेशन पर रोका गया, तो एयरपोर्ट से ही भारी हंगामा खड़ा किया जाएगा… इस बार ‘आर-पार’ की लड़ाई होगी। Video में खुलेआम कहा गया कि ‘अब बहुत सह लिया, इस बार दिल्ली को नेपाल बना देंगे… अपने साथ लाठियाँ और पेपर स्प्रे लेकर आना।

गौरतलब है कि 6 जून को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के लिए कॉकरोच जनता पार्टी ने कहीं किसी से कोई परमिशन नहीं ली है। उलटा उसके प्रवक्ता इस बात पर गर्व कर रहे हैं कि वो इसी सिस्टम से लड़ने के लिए तो प्रदर्शन कर रहे हैं, तो परमिशन क्यों लेंगे?

कहने को तो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) इसे एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन बता रहा है, लेकिन अंदरूनी हकीकत कुछ और ही है। Video में साफ सुना जा सकता है कि लोगों से सुरक्षा के बहाने लाठियाँ, डंडे और पेपर स्प्रे खरीदकर लाने को कहा जा रहा है ताकि पुलिस का सामना किया जा सके।

दावा किया जा रहा है कि इस बड़ी साजिश में वामपंथी छात्र संगठन AISA और JNU गैंग भी शामिल हो रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि एक बार फिर दिल्ली को हिंसा की आग में झोंकने के लिए पूरी प्लानिंग कर ली गई है। प्रशासन को इस भड़काऊ Video पर तुरंत सख्त एक्शन लेना चाहिए।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के पीछे दंगे वाली पुरानी साजिश

सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने माना है कि 6 जून के प्रदर्शन के लिए कोई परमिशन नहीं ली गई है। अभिजीत फिलहाल अमेरिका में पढ़ाई कर रहा है। वह दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपित उमर खालिद का पुराना समर्थक है। CJP के प्रवक्ता सौरभ दास भी उमर खालिद का खुलकर साथ देते रहे हैं।

साल 2020 में दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगे अचानक नहीं हुए थे। वह उमर खालिद और उसके वामपंथी-इस्लामी ग्रुप की एक सोची-समझी साजिश थी। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के समय जानबूझकर हिंसा भड़काई गई थी।

अब यह संगठन एक बार फिर दिल्ली में वैसा ही माहौल बनाना चाहता है। Video में ‘नेपाल’ का जिक्र होना इसका बड़ा सबूत है। नेपाल में पिछले साल बेहद हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। ये लोग अब भारत की राजधानी में भी उसी हिंसा और अराजकता को दोहराना चाहते हैं।

उत्तर प्रदेश : कांग्रेस-सपा की घनघोर बेइज्जती : बिना भाषण दिए सभा छोड़ भागे राहुल गाँधी और अखिलेश यादव: जहाँ से सांसद रहे जवाहरलाल नेहरू


उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के पास स्थित फूलपुर में रविवार (19 मई 2024) को आयोजित राहुल गाँधी और अखिलेश यादव की संयुक्त रैली में हंगामा हो गया। दोनों नेताओं के मंच पर पहुँचते ही समर्थक बेकाबू हो गए और सुरक्षा घेरा तोड़ दिया। धक्का-मुक्की के दौरान पुलिस ने लाठी चलाई तो भगदड़ मच गई। इसके बाद दोनों नेता वहाँ से चले गए। इस हंगामे में कई लोग चोटिल हो गए हैं।

जब मंच पर राहुल गाँधी और अखिलेश यादव पहुँचे तो उनके समर्थक सुरक्षा घेरा तोड़कर मंच की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान अखिलेश ने समर्थकों से शांत रहने की भी अपील की, लेकिन उनकी बात का किसी ने ध्यान नहीं दिया। अखिलेश के साथ राहुल ने भी हाथ उठाकर लोगों से शांत रहने की अपील की। बेकाबू भीड़ को रोकने के दौरान पुलिस से भी धक्का-मुक्की की गई। इसके बाद लाठी भाँजनी पड़ी।

इतना ही नहीं, जब दोनों नेताओं की बात किसी ने नहीं सुनी तो अखिलेश यादव नाराज हो गए। वे उठे और मंच से जाने लगे। इस दौरान मंच पर मौजूद नेताओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे रूके नहीं और मंच के पीछे बने हेलिपेड की तरफ चल पड़े। अखिलेश यादव के साथ राहुल गाँधी भी मंच से उतर आए। दोनों नेता रैली को संबोधित किए बिना ही वहाँ से रवाना हो गए।

दरअसल, फूलपुर से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अमरनाथ मौर्य मैदान में हैं। उनके प्रचार के लिए अखिलेश यादव और राहुल गाँधी पडिला पहुँचे थे। वहीं, फूलपुर से भाजपा ने प्रवीण पटेल को चुनावी मैदान में उतारा है। इस बार INDI गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी और कांग्रेस  एक साथ मैदान में उतरी है। फूलपुर से कभी जवाहरलाल नेहरू सांसद चुने गए थे।

दोनों नेताओं की फूलपुर और प्रयागराज में संयुक्त रैली थी। फूलपुर से दोनों को बिना भाषण दिये ही वापस लौटना पड़ा। इसके बाद वे प्रयागराज पहुँचे और वहाँ दोनों ने सत्ताधारी भाजपा पर निशाना साधा। प्रयागराज से कांग्रेस के उज्ज्वल रमण सिंह खड़े हैं। उनके समर्थन में यमुना पार के कछार के मुंगारी गाँव में रैली का आयोजन किया गया था।

रोती महिला पुलिसकर्मी, धधकती आग, जलता थाना, टूटी गाड़ियाँ…अवैध अतिक्रमण हटाने पर उग्र हुई कट्टर इस्लामी भीड़; जिन नेताओं और अधिकारीयों के कार्यकाल में हुए अवैध निर्माण उन पर कार्यवाही कब?

उत्तराखंड हो या अन्य राज्य आखिर ये अवैध निर्माण अथवा अतिक्रमण कैसे और क्यों होते हैं? जब सरकार ने घर अथवा दुकान में मरम्मत, छत पलटवाने, प्लास्टर आदि करने की छूट दी हुई है, फिर भी पुलिस एवं नगर निगम भवन विभाग के लोग रूपए वसूलने पहुँच जाते हैं, नहीं देने पर मिस्त्री और मकान स्वामी को धमकाने लगते हैं, यह कटु सच्चाई है, जिससे कोई इंकार नहीं कर सकता। स्पष्ट है पुलिस और अधिकारियों की मिली भगत से अवैध निर्माण और अतिक्रमण होते हैं, उन पर कार्यवाही कब और क्यों नहीं होती। कुछ दिन पहले दिल्ली में आज़ाद पुर फ्लाईओवर पर कबर बना दी गयी, उसको हटाने की कार्यवाही होने पर जो कुछ हुआ रिकॉर्ड पर है। सरकार को इस बात को अच्छी तरह समझना होगा अवैध निर्माण हो या अतिक्रमण मुफ्त नहीं होता, जनता को रिश्वत देने पड़ती है। 

दूसरे, सरकार द्वारा पारिवारिक घरों को बिना नक़्शे में बदलाव किये, मरम्मत आदि करवाने की छूट देने के बावजूद पुलिस/भवन अधिकारी वसूली करने से नहीं चूकते। रूपए वसूलने के लिए कोई न कोई कमी बता वसूली की जाती है और जब स्वामी रिश्वत देता है, उसी आड़ में अवैध निर्माण और अतिक्रमण होते है। जब तक सरकार जड़ को नहीं पकड़ेगी, तब तक ये धंधे चलते रहेंगे और उपद्रवी अपना काम कर बेगुनाह सुरक्षाकर्मी और अधिकारिओं को निशाना बनाते रहेंगे। कुछ वर्ष पूर्व घरेलू मरम्मतों पर कोई हस्तक्षेप नहीं करता था, लेकिन जब से वसूली का धंधा शुरू हुआ है तभी से अवैध निर्माण और अतिक्रमण शुरू हुए है। 

उत्तराखंड के हल्द्वानी में बवाल हो गया है, जहाँ कट्टर इस्लामी भीड़ ने पुलिस पर धावा बोल दिया। थाना घेर लिया गया, गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया और जम कर पत्थरबाजी की गई। कारण – वहाँ स्थित एक अवैध मस्जिद व मदरसे पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया था। मामला बनभूलपुरा क्षेत्र का है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे मामले पर बड़ी बैठक की है, दंगाइयों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी कर दिया गया है। हल्द्वानी सरकारी जमीन, रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण के कारण भी चर्चा में आया था।

उत्तराखंड के हल्द्वानी में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। ये अभियान कई दिनों से सरकारी जमीनों पर हो चुके अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहा था, जिसमें अवैध मकानों और अवैध धार्मिक स्थलों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है। इसी क्रम में गुरुवार (8 फरवरी 2024) को बनफूलपुरा थाना इलाके के ‘मालिक के बगीचे’ में पहुँची और अवैध रूप से बनी मस्जिद और मदरसे पर बुलडोजर चलाया। इसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिस वालों पर हमला बोल दिया। इस हमले में कई पुलिसवाले घायल भी हो गए। इस बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई है।

सीएम की मीटिंग के बाद लगा कर्फ्यू, देखते ही गोली मारने के आदेश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के हालात पर चर्चा के लिए हाई लेवर मीटिंग बुलाई। बैठक में शासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इसी के साथ नैनीताल जिला प्रशासन ने दंगा प्रभावित क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया है। इसके साथ ही उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी कर दिया गया है।

अवैध मस्जिद और मदरसे पर चला बुलडोजर को घेर लिया थाना

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक भीड़ ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाने को चारों ओर से घेर लिया और जमकर पथराव किया। इस भीड़ में पुरुषों के साथ महिलाएँ भी शामिल रही। कट्टरपंथियों की भीड़ ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। यही नहीं, ट्रांसफॉर्मर को आग के हवाले करके उन्होंने बिजली आपूर्ति भी रोक दी है। इस बवाल में पुलिस प्रशासन के साथ ही पत्रकार भी फंस गए। भीड़ को रोकने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी, तो गैस के गोले भी दागने पड़े। हल्द्वानी के हिंसाग्रस्त इलाके में कई थानों की पुलिस फोर्स पहुँची है।

जिस मदरसे और मस्जिद को लेकर कट्टर मुस्लिम भीड़ सड़क पर उतरी है, वो मलिका बगीचा में स्थित है। उत्तराखंड पुलिस प्रवक्ता और IG नीलेश भरने ने जानकारी दी है कि कई जिलों की पुलिस फ़ोर्स और पैरामिलिट्री को भी हल्द्वानी में लगाया गया है। साथ ही शुक्रवार (9 फरवरी, 2024) को सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद हो रही थी।

पुलिस-प्रशासन के कई अधिकारी घायल हुए हैं। कर्फ्यू लगा दिया गया है। सीएम धामी ने आश्वासन दिया है कि तोड़फोड़ व हिंसा करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। महिला पुलिसकर्मियों तक को नहीं छोड़ा, उनमें से कई घायल होकर अस्पताल पहुँच गईं। मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक के अलावा ख़ुफ़िया विभाग को भी मुख्यमंत्री ने तलब किया। अवैध मदरसा और नमाज स्थल को सील कर दिया गया था। 3 एकड़ जमीन प्रशासन ने अपने नियंत्रण में ली थी।

नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय का कहना है कि पत्थरबाजों को चिह्नित किया जा रहा है, उन पर कार्रवाई की जाएगी। घायलों में SDM भी शामिल हैं। DCP अभिनव कुमार ने बताया कि अराजक तत्वों ने गोलीबारी भी की है। इलाके में 4000 से अधिक मकान अवैध अतिक्रमण कर के बनाए गए हैं। घायल पुलिसकर्मियों की संख्या 20 से अधिक बताई जा रही है। JCB का शीशा तोड़ डाला गया। ट्रैक्टर पलट दिया गया। टायर जला कर रास्ता बंद कर दिया गया। थाने में आग लगा दी गई।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने बताया अवैध मदरसे से एवं नमाज वाले जगह पूरी तरह अवैध है। जिसके पास एक तीन एकड़ जमीन पर नगर निगम ने कब्जा पूर्व में ले लिया था, लेकिन अवैध मदरसे एवं नमाज स्थल को सील कर दिया था और अब इसे ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी और लोग घायल हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है।

कुमाऊँ मंडल के नैनीताल जनपद में स्थित हल्द्वानी में अगले आदेश तक कर्फ्यू लगा रहेगा।

मध्य प्रदेश : जीतू पटवारी के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही गुंडई पर उतरे समर्थक: महाकाल मंदिर में तोड़ डाले दरवाजे

                         महाकाल मंदिर में जीतू पटवारी के समर्थकों ने की तोड़फोड़ (फोटो साभार: नई दुनिया)
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार (19 दिसंबर, 2023) को पद सँभाल लिया। भोपाल में 
कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने से पहले वो उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुँचे और पूजा-अर्चना के बाद भोपाल पहुँचकर अध्यक्ष पद की कुर्सी सँभाली। इस बीच, महाकाल मंदिर में जीतू पटवारी के समर्थक कांग्रेसियों ने जमकर दबंगई की और महाकाल के मंदिर में ही धक्कामुक्की करते हुए गेट का काँच ही तोड़ दिया। इस मामले में CCTV फुटेज के साथ मंदिर प्रबंधन ने जीतू पटवारी के समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को जीतू पटवारी अपने समर्थकों के साथ उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुँचे। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल के मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आए जीतू पटवारी के साथ ढोल-नगाड़े बजाने वालों तक की टीम थी और समर्थकों का बड़ा हुजूम भी। जब वो मंदिर में पूजा के लिए घुसने लगे, तो उनके समर्थकों ने भी मंदिर में घुसने की कोशिश की। उन्हें जब रोका गया, तब समर्थकों ने धक्का-मुक्की की और काँच से बना गेट भी तोड़ दिया। अब इस मामले में मंदिर प्रबंधन समिति ने महाकाल पुलिस थाने में केस दर्ज करवाया है।

महाकाल मंदिर के प्रशासक संदीप कुमार सोनी के हवाले से ‘नई दुनिया’ ने बताया है कि जीतू पटवारी के अलावा कुछ लोगों को दर्शन की विशेष अनुमति दी गई थी। उनके साथ कार्यकर्ताओं के आने का अनुमान भी था। इसे देखते हुए श्री महाकाल महालोक, वीआइपी गेट, काला गेट तथा नगाड़ा गेट पर भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त बल सुरक्षा बल तैनात किया गया था। इसमें पुलिस व मंदिर समिति के गार्ड शामिल थे। सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को भीतर प्रवेश करने से रोका, बावजूद इसके कुछ लोग नगाड़ा गेट तक पहुँच गए। इन लोगों ने गेट को पार करके नंदी हाल में प्रवेश करने का प्रयास किया, सुरक्षाकर्मियों ने इन्हें रोका। इस दौरान धक्का-मुक्की में गेट का काँच फूट गया।

इस मामले में सीसीटीवी की फुटेज के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। ‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नंदी हाल में सिर्फ 20 लोगों के प्रवेश की अनुमति थी, जबकि इससे कहीं ज्यादा लोग घुस गए। अब अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया कि महाकाल थाना पुलिस ने अज्ञात कांग्रेसियों पर धारा 294, 323, 506, 34 भादवी धारा 37 (च) (छ) महाकाल मंदिर अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में आरोपितों की पहचान की जा रही है, इसके बाद नामजद मामला दर्ज किया जाएगा।

इंदौर से उज्जैन फिर भोपाल पहुँचे जीतू

जीतू पटवारी के साथ बड़ा काफिला इंदौर से उज्जैन पहुँचा था। इसके बाद ये काफिला भोपाल पहुँचा। भोपाल में जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का पद संभाला। इसके बाद उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता भारतीय जनता पार्टी द्वारा किए गए चुनावी वादों को पूरा करवाना है। अगर बीजेपी सरकार ऐसा नहीं करेगी, तो जल्द ही भोपाल में 2 लाख से अधिक लोगों की रैली बुलाई जाएगी। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि कॉन्ग्रेस में अब कोई गुटबाजी नहीं रह गई है।

दिल्ली नगर निगम हंगामा: क्या आतिशी के इशारे पर केजरीवाल के नेताओं ने की मारपीट? देखिए वीडियो

दिल्ली वालों को, एक अपवाद पंजाब को छोड़कर, दूसरे राज्यों से सीखने की जरुरत हैं, जहाँ के मतदाता फ्री के चक्कर को लात मार रहे हैं। दिल्ली में जब से केजरीवाल सरकार ने डेरा डाला है, हिन्दुओं की जितनी हत्याएं हुई कभी कांग्रेस राज में नहीं हुईं। अरविन्द केजरीवाल दिल्ली से बाहर किसी मुसलमान की हत्या होने पर दौड़े-दौड़े जाते हैं, लेकिन दिल्ली में केजरीवाल के वोट बैंक द्वारा किसी हिन्दू की हत्या होने पर चुप्पी साधे रहते हैं, कभी दिल्ली वालों ने सोंचा। विधान सभा की तरह नगर निगम में भी केजरीवाल पार्टी को लाकर देखो, वह कांड हो रहे हैं, जो इतिहास बन रहा है। पहले नियम था कि किसी भी विदेशी के भारत आने पर एयरपोर्ट पर दिल्ली महापौर स्वागत करने जाते थे। लेकिन नगर निगम में भारतीय जनसंघ के होने कारण जनसंघ के महापौर द्वारा स्वागत करना तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने नियम ही बदल दिया, परन्तु कभी जनसंघ और कांग्रेस में कभी मनमुटाव नहीं हुआ। दिल्लीवासी अगर बीजेपी को वोट नहीं देना चाहते मत दे, कांग्रेस को दे दें। दिल्ली वालों की तरह पंजाब भी फ्री के मकड़जाल में फंस आज देखो पंजाब को आग में झोंक दिया है। 

फरवरी 24 को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों के चुनाव के दौरान जमकर हंगामा हुआ। परिणाम घोषित होने से ठीक पहले आम आदमी पार्टी और बीजेपी पार्षदों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान आप विधायक आतिशी मार्लेना के इशारे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेताओं ने निगम की मर्यादा को तार-तार कर दिया। ट्विटर पर आतिशी मार्लेना का कुछ इस तरह संधि विच्छेद--मार+लेना=मार्लेना-- किया जा रहा है। सदन में हंगामा के बीच नारेबाजी के बीच मारपीट तक हुई। दिल्ली की पूर्व मेयर आरती मेहरा ने आरोप लगाया कि आप मेयर ने अपने संगठन की गरिमा को तार-तार किया। वे आतिशी, दुर्गेश पाठक और पीछे से अरविंद केजरीवाल से निर्देश लेती रहीं। हमारे पास वीडियो है जिसमें आतिशी अपनी स्टैंडिंग कमेटी की सदस्य सरिता चौधरी को निर्देश दे रही हैं कि मारो और फिर एक के बाद एक लोग मारने के लिए आ जाते हैं।

आतिशी ने बोला और AAP की महिला पार्षद ने मारपीट शुरू कर दी, समझ में नही आ रहा यह आम आदमी पार्टी वाले जहा पहुंच जाते है वहाँ सभी जगह आरोप प्रत्यारोप की गन्दी राजनीति गाली-गलौज क्यो चालु हो जाती है। साफ सुथरी राजनीति करने आया केजरीवाल आज सर्वाधिक नकारा व भ्रष्टाचार में लिप्त है,
Aatishi Marlena instigating her bunch of clowns to fight like peacefool zombies!
आज के हालात यह है कि केजरीवाल सरकार नें दिल्ली को विश्व में अपराधियों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान बना दिया है सब कुछ फ्री में, देश विरोधियों का यह केजरीवाल सदैव समर्थन करता है, लाखो अवैध रोहंगियों, बांग्लादेशियो का आधारकार्ड व् वोटरआईडी कार्ड बनवा भारत का वैध नागरिक बना दिया इसने केवल दिल्ली की ही नहीं वरन सम्पूर्ण देश की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है, उन्हें मासिक पेंशन, फ्री राशन, बिजली पानी भी देता है।
सर्जिकल स्ट्राइक के इसने सेनाओं से सबूत मांगे, जेएनयू में टुकड़े गैंग को समर्थन, उन अपराधियों पर मुकदमा चलाने की स्वीकृति चुनाव आने पर दी, जितना पैसा दिल्ली को केंद्र व् राजधानी होने की वज़ह से टैक्स के रूप में मिलता है यदि उतना पैसा दिल्ली के विकास पर सही ईमानदारी से खर्च होता तो आज दिल्ली विश्वस्तरीय शहर होता, इस केजरीवाल के विधायक जिन्हें इसने ईमानदारी का सर्टिफिकेट दिया था वो भ्र्ष्टाचार में जेल में फिर भी केजरी उसकी पार्टी ईमानदार।

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने वीडियो जारी कर आप नेता आतिशी मार्लेना पर पार्टी नेताओं को मारपीट के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।

वीडियो में साफ दिख रहा है कि आतिशी एक महिला पार्षद के कान में कुछ कहती हैं। उसके बाद उस पार्षद ने दूसरे पार्षदों के साथ जमकर बवाल किया। वह महिला पार्षद आतिशी के निर्देश के बाद एक पुरुष से तू-तू, मैं-मैं करने लगती है, फिर थप्पड़ जड़ देती है।

आतिशी का मारपीट के लिए उकसाने वाला यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और केजरीवाल की पार्टी पर अराजकता का आरोप लग रहा है। केजरीवाल की पार्टी की इससे भारी किरकिरी हो रही है।

बिहार की सामान्य चेकिंग में मजहब किसने ठूँसा?

                                                                                                            साभार: Zee News
जहाँ एक ओर इस्लामिक देश ईरान में महिलाएँ हिजाब का विरोध कर रहीं हैं। वहीं, दूसरी ओर भारत में हिजाब के समर्थन में ‘तमाशा’ देखने को मिल रहा है। बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित MDDM कॉलेज में परीक्षा के दौरान हिजाब पहने हुए छात्राओं से शिक्षक द्वारा कान दिखाने के लिए कहने पर छात्राओं ने जमकर बवाल मचाया है।

बिहार के मुजफ्फरपुर के MDDM कॉलेज में मुस्लिम छात्राओं द्वारा मचाए गए बवाल पर अब हर जगह चर्चा हो रही है कि कर्नाटक से लेकर बिहार तक किसी न किसी बहाने देश का माहौल ख़राब करने वाले/वालियों इन शांतिप्रिय, गरीब और मजलूमों के परिवारों की आर्थिक स्थिति एवं बैंक खातों की गहन जाँच करवानी चाहिए। हिजाबी छात्राओं ने आरोप लगाए कि टीचर ने उन्हें देशद्रोही कहा जबकि शिक्षक का कहना था कि वो बस कान में ब्लूटूथ चेक कराने को बोल रहे थे।

अब इस पूरे मामले को देखने के बाद स्कूल प्रिंसिपल मुस्लिम छात्राओं के ऐसे रवैये से बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि ये हैरान करने वाला है कि ग्याहरवीं की छात्राएँ ये सब कर रही हैं। ऐसा लगता है कि इन्हें कोई मजहब और हिजाब के नाम पर गलत राह दिखा रहा है। स्कूल में मजहब और जाति के नाम पर कोई भेदभाव होता ही नहीं है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कैसे लड़कियों ने कान न दिखाने के बदले पेपर छोड़ने की ठान ली थी और फिर बात मजहब पर ले आईं।

इससे पहले कॉलेज प्रिंसिपल ने घटना को बेहद शर्मनाक कहा था। उन्होंने बताया कि छात्राओं की यह हरकत यहाँ का माहौल बिगाड़ने की एक साजिश है। इस कॉलेज का इतिहास काफी पुराना है। ये छात्राएँ इंटर की हैं। सभी लोगों को मोबाइल हटाने और ब्लूटूथ हटाने को कहा गया था। लेकिन इन लोगों ने इसे एक अलग ही मामला बना लिया और धर्म से जोड़कर बवाल करने लगीं।

उन्होंने ये भी जानकारी दी थी कि छात्राओं की अटेंडेंस भी 75% से कम है। अब तो शिक्षा मंत्री और यूनिवर्सिटी का भी निर्देश है कि कम अटेंडेंस पर्सेंट वाली छात्राओं को फाइनल एग्जाम में बैठने नहीं दिया जाए। ये लोग बेवजह का दबाव बना रहे हैं। ताकि कॉलेज प्रशासन इनके सामने झुक जाए। हिजाब की कोई बात नहीं थी। ये जिस शिक्षक पर आरोप लगा रही हैं, उन्होंने देशद्रोही और पाकिस्तान जाने जैसी कोई बात नहीं कही थी। ये लोग मनगढ़ंत बातें बनाकर बेवजह मामले को तूल दे रही हैं।

मुजफ्फरपुर का हिजाब विवाद

बिहार के एमडीडीएम कॉलेज में हिजाब को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब परीक्षा चल रही थी। क्लासरूम में परीक्षा के दौरान शशिभूषण नाम के टीचर को शक हुआ कि मुस्लिम छात्रा ने हिजाब के अंदर कान में ब्लूटूथ लगा रखा है। जैसे ही उन्होंने उस लड़की से चेकिंग कराने को कहा वैसे ही छात्रा भड़क गई और मजहब को बीच में लाकर बवाल शुरू हो गया।
मुस्लिम छात्राओं ने आरोप लगाया कि टीचर ने उन्हें देशद्रोही कहा और बोला कि वह पाकिस्तान चली जाएँ। छात्राओं ने बताया कि टीचर ने उन्हें ये भी कहा कि या तो वह अपना हिजाब हटाकर चेकिंग कराएँ वरना क्लास से बाहर जाएँ। हालाँकि टीचर का पक्ष है कि लड़की ने ये कहा था कि वो परीक्षा छोड़ सकती है लेकिन अपना कान कभी नहीं दिखाएगी।

अखिलेश यादव की सभा में सपा कार्यकर्ताओं का हुड़दंग, कुर्सियों को चूर-चूर कर डाला

                                   देवरिया में अखिलेश यादव के कार्यक्रम में सपा कार्यकर्ताओं का हंगामा
उत्तर प्रदेश के देवरिया में समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव की सभा में उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा किया। उत्तर प्रदेश में पाँच चरणों का चुनाव हो चुका है और ऐसे में अंतिम दोनों चरणों के लिए सारी राजनीतिक पार्टियाँ पूरा जोर लगा रही हैं। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी 27 फरवरी, 2022 देवरिया पहुँचे थे। इस कार्यक्रम में सपा कार्यकर्ताओं ने इतना हुड़दंग किया कि पुलिस को लाठियाँ भी चटकानी पड़ी।

बेकाबू हुई सपा की भीड़ ने अखिलेश यादव का सम्बोधन शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया। सपा कार्यकर्ताओं में आपस में आगे आने की होड़ लग गई और इसके बाद उन्होंने बैरिकेडिंग को भी तोड़ डाला। सपा कार्यकर्ताओं ने कुर्सियाँ भी चलाई और आपस में ही भिड़ गए। इस दौरान वहाँ रखीं दर्जनों कुर्सियाँ टूट गईं और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। पहले तो पुलिस ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कुछ भी सुनने-समझने से इनकार कर दिया।

जनसभा के बाद जब मैदान खाली हुआ तो वहाँ कई टूटी-फूटी कुर्सियाँ पड़ी हुई थीं। इस जनसभा में अखिलेश यादव ने ‘गर्मी निकालने वालों का भाप निकालने’ की बात की। उनका कहना था कि सपा कार्यकर्ता ‘गर्मी निकालने वालों का भाप निकालेंगे।’ उधर चुनाव आयोग ने अपने आँकड़े में बताया है कि शाम 5 बजे तक पाँचवें चरण की 61 सीटों पर 53.93% मतदान हुआ। चित्रकूट में सबसे ज्यादा 59.50% तो प्रतापगढ़ में सबसे कम 50.20% मतदान हुआ है।

वहीं आज देवरिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी जनसभा हुई, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में दोबारा प्रचंड बहुमत से भाजपा की सरकार बनने की बात कही। वहीं पीएम मोदी ने कहा कि हर तरफ ‘आएगी तो भाजपा ही, आएँगे तो योगी ही’ का ही नारा लग रहा है। उन्होंने कहा कि घोर परिवारवादियों ने भी सिर्फ अपनी ज़रूरतों पर ही ध्यान दिया। भोजपुरी में भाषण की शुरुआत करने वाले पीएम मोदी ने लोगों को ‘राम-राम’ भी किया और याद दिलाया कि कैसे दिमागी बुखार से होने वाली मौतों को भाजपा सरकार ने नियंत्रित किया है।