क्या 6 जून को दिल्ली में दंगे की साज़िश? : ‘एयरपोर्ट से शुरू करेंगे हंगामा, हाथ में लाठी-पेपर स्प्रे लेकर आना’ : कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक सरेआम कर रहे हिंसा भड़काने का प्रयास, बोल रहे- इस बार नेपाल बना देंगे

   दिल्ली का माहौल बिगाड़ने के लिए CJP समर्थक लोगों को उकसा रहा (फोटो साभार : X_@AnkurSingh Video SS
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक 6 जून को प्रदर्शन के नाम पर हिंसा भड़काने की तैयारी में हैं। इसके लिए उन्होंने अभी से कोशिशें शुरू कर दी हैं। सोशल मीडिया पर एक Video वायरल हुई, जिसमें एक CJP समर्थक हर्षित उकसाऊ बातें करता सुनाई पड़ता है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनका मकसद जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का नहीं बल्कि माहौल बिगाड़ने का है।

Video में ये समर्थक साफ तौर पर धमकी देता दिख रहा है कि अगर अभिजीत डीपके को इमिग्रेशन पर रोका गया, तो एयरपोर्ट से ही भारी हंगामा खड़ा किया जाएगा… इस बार ‘आर-पार’ की लड़ाई होगी। Video में खुलेआम कहा गया कि ‘अब बहुत सह लिया, इस बार दिल्ली को नेपाल बना देंगे… अपने साथ लाठियाँ और पेपर स्प्रे लेकर आना।

गौरतलब है कि 6 जून को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के लिए कॉकरोच जनता पार्टी ने कहीं किसी से कोई परमिशन नहीं ली है। उलटा उसके प्रवक्ता इस बात पर गर्व कर रहे हैं कि वो इसी सिस्टम से लड़ने के लिए तो प्रदर्शन कर रहे हैं, तो परमिशन क्यों लेंगे?

कहने को तो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) इसे एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन बता रहा है, लेकिन अंदरूनी हकीकत कुछ और ही है। Video में साफ सुना जा सकता है कि लोगों से सुरक्षा के बहाने लाठियाँ, डंडे और पेपर स्प्रे खरीदकर लाने को कहा जा रहा है ताकि पुलिस का सामना किया जा सके।

दावा किया जा रहा है कि इस बड़ी साजिश में वामपंथी छात्र संगठन AISA और JNU गैंग भी शामिल हो रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि एक बार फिर दिल्ली को हिंसा की आग में झोंकने के लिए पूरी प्लानिंग कर ली गई है। प्रशासन को इस भड़काऊ Video पर तुरंत सख्त एक्शन लेना चाहिए।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के पीछे दंगे वाली पुरानी साजिश

सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने माना है कि 6 जून के प्रदर्शन के लिए कोई परमिशन नहीं ली गई है। अभिजीत फिलहाल अमेरिका में पढ़ाई कर रहा है। वह दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपित उमर खालिद का पुराना समर्थक है। CJP के प्रवक्ता सौरभ दास भी उमर खालिद का खुलकर साथ देते रहे हैं।

साल 2020 में दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगे अचानक नहीं हुए थे। वह उमर खालिद और उसके वामपंथी-इस्लामी ग्रुप की एक सोची-समझी साजिश थी। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के समय जानबूझकर हिंसा भड़काई गई थी।

अब यह संगठन एक बार फिर दिल्ली में वैसा ही माहौल बनाना चाहता है। Video में ‘नेपाल’ का जिक्र होना इसका बड़ा सबूत है। नेपाल में पिछले साल बेहद हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। ये लोग अब भारत की राजधानी में भी उसी हिंसा और अराजकता को दोहराना चाहते हैं।

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