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दिल्ली : घोटाले दर घोटाले : आतिशी मार्लेना ने खोल दी शिक्षा की पोल, देखिए वीडियो

अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचार के कारनामे एक के बाद एक सामने आ रहे हैं। इससे केजरीवाल और उनकी पार्टी की कट्टर ईमानदारी तार-तार हो रही है। सत्ता में आने के बाद केजरीवाल सरकार ने घोटालों, विज्ञापनों और नेताओं के एशो आराम पर खूब पैसा लुटाया। यहां तक कि जनता के पैसे का इस्तेमाल पार्टी के प्रचार में लगाया। अब यही काम उनके गले की फांस बन रहा है। पिछले 9 सालों में क्लासरूम घोटाला, आबकारी घोटाला, विज्ञापन घोटाला, बस घोटाला, मार्शल घोटाला, मोहल्ला क्लीनिक घोटाला, शिक्षक नियुक्ति घोटाला, सैनिक स्कूल घोटाला जैसे अनगिनत घोटाले सामने आए। केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार की वजह से आज दिल्ली के लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। ईमानदारी की कसम खाकर राजनीति में आई आम आदमी पार्टी आज लुटेरों का अड्डा बन चुकी है।

दिल्ली में विज्ञापन घोटाला : केजरीवाल ने डकार लिए 164 करोड़ रुपये

आम आदमी पार्टी ने 2015-2016 के दौरान सरकारी विज्ञापनों की आड़ में राजनीतिक विज्ञापनों को प्रकाशित करवाया था, लेकिन अब उनकी चोरी पकड़ी गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने मुख्य सचिव को राजनीतिक विज्ञापनों के लिए आम आदमी पार्टी से 97 करोड़ रुपये वसूलने का निर्देश दिया था। वित्त वर्ष 2022-2023 में पुनर्मूल्यांकन के बाद आंकड़ा बढ़ा और ब्याज आदि मिलाकर 163,61,88,265 रुपये पहुंच गया। जिसके बाद दिल्ली सरकार के ही डीआईपी यानी डायरेक्टरेट ऑफ इनफॉर्मेशन एंड पब्लिसिटी सचिव ने अरविंद केजरीवाल को करीब 164 करोड़ रुपये का रिकवरी नोटिस जारी किया है। अगर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तय समय तक रकम का भुगतान नहीं करेंगे तो आम आदमी पार्टी की संपत्तियां भी कुर्क की जा सकती हैं।

काम से कई गुना ज्यादा विज्ञापनों पर खर्च, कहां से आता है केजरीवाल के पास इतना पैसा- यादव

दिल्ली से लेकर पंजाब और अब बिहार तक में नेताओं ने विज्ञापन वाली आप सरकार की आलोचना की है। बिहार की जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री काम तो मुश्किल से 40 करोड़ रुपये का करते हैं, लेकिन इसके विज्ञापन पर 400 करोड़ रूपये खर्च कर देते हैं। समझ में नहीं आता कि उनके पास इतना पैसा आता कहां से है। यादव ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जब भी गुजरात जाते हैं तो 40 लाख रुपये पंजाब का खर्च करवाते हैं।

एक हजार करोड़ से ज्यादा रुपये विज्ञापनों पर फूंके- कुमार

कांग्रेस नेता अजोय कुमार ने मुख्यमंत्री केजरीवाल पर अखबारों और चैनलों को करोड़ों के विज्ञापन देने के नाम पर हमला बोला था। कांग्रेस नेता कुमार ने कहा कि साल 2015 में AAP ने टीवी और अखबारों को 81 करोड़ रुपये का विज्ञापन दिया था। जबकि 2017-18 में 117 करोड़ रुपये का विज्ञापन दिया था। वहीं, 2019 में पार्टी ने 200 करोड़ और 2021-22 में 490 करोड़ रुपये के आसपास का विज्ञापन दिया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार और पंजाब सरकार ने अब तक विज्ञापन पर 1200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

68 लाख के काम के लिए विज्ञापन पर खर्च 23 करोड़ रुपये

दिल्ली के विवादास्पद मुख्यमंत्री ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो राजधानी में किसी भी नागरिक के गले नहीं उतर रहा। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार पराली की समस्या को दूर करने के लिए केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के किसानों के खेतों में बायो डी-कंपोजर छिड़काव पर दो साल में सिर्फ 68 लाख रुपए खर्च किए, लेकिन अपना नाम चमकाने के लिए इस दौरान विज्ञापन पर 23 करोड़ रुपए फूंक डाले। जबकि इस योजना से सिर्फ 955 किसानों को ही फायदा मिला।

2020-21 में खर्च किए 490 करोड़ रुपये

दिल्ली के 3 करोड़ लोगों के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार ने 2021-22 में 488.97 करोड़ रुपये का विज्ञापन दिया। केजरीवाल चुनाव के दौरान विज्ञापन पर कम खर्च करने का दावा तो करते हैं, लेकिन दिल्ली में उनकी सरकार ने कोरोना काल की महामारी के दौरान हर रोज लगभग एक करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च किए। यह जानकारी सूचना का अधिकार (आरटीआई) के जरिए सामने आ चुकी है। न्यूज़लॉन्ड्री ने आरटीआई के जरिए पूछा था कि दिल्ली सरकार द्वारा एक मार्च 2020 से 30 जुलाई 2021 तक विज्ञापन पर कितने रुपए खर्च किए गए हैं? इसके जवाब में सूचना एवं प्रचार निदेशालय ने बताया कि मार्च 2020 से जुलाई 2021 के दौरान विज्ञापन एवं प्रचार पर कुल 490 करोड़ रुपए खर्च किए गए।

‘फ़रिश्ते दिल्ली के’ में घोटाला, आरटीआई से नहीं मिला लाभार्थियों का ब्यौरा

केजरीवाल सरकार ने अक्टूबर 2019 में ‘फ़रिश्ते दिल्ली के’ नाम से एक योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य था रास्तों पर होने वाली दुर्घटना में घायल लोगों की जान बचाना। इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापन पर काफी खर्च किए गए। लेकिन यह योजना भी घोटालों की भेंट चढ़ गई है। आरटीआई के जरिए जब इस योजना के लाभार्थियों और उस पर हुए खर्च के बारे में जानकारी मांगी गई, तो आधी-अधूरी जानकारी दी गई। कुछ सवालों के जवाब के लिए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग से संपर्क करने को कहा गया। जब दिल्ली के कई पुलिस थानों में इस योजना से संबंधित जानकारी के लिए संपर्क किया गया, तो थानों ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। जबकि केजरीवाल सरकार ने 2020 में कहा था कि इस योजना के तहत अभी तक लगभग 7 करोड़ से ज़्यादा रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

दिल्ली में 25 हजार गेस्ट टीचर की नियुक्ति में बड़ा घोटाला

वर्ष 2022 में दिल्ली में 25 हजार गेस्ट टीचर की नियुक्ति में हेराफेरी का मामला सामने आया। कई शिक्षकों के स्कूल में नाम नहीं हैं फिर भी सैलरी बांटी गई। इस गोरखधंधे को लेकर उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने इंटरनल इनक्वायरी का आदेश दिया था। जांच के लिए उपराज्यपाल सचिवालय ने चीफ सेक्रेटरी को एक लेटर लिखा। इसमें फर्जी गेस्ट टीचर्स के नाम पर सैलरी गबन करने के मामले की भी जांच की जाएगी। सरकारी स्कूलों में नियुक्त किए गए गेस्ट टीचर्स की फिजिकल अटेंडेंस और सैलरी निकासी की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई।

साल 2021 में दिवाली पूजा के नाम पर 15 करोड़ खर्च किए

साल 2021 में पूजा के लिए दिल्ली सरकार ने 15 करोड़ खर्च किए लेकिन इनमें से सिर्फ तीन करोड़ रुपये पूजा में खर्च किए गए जबकि 12 करोड़ रुपये पूजा का मीडिया पर लाइव टेलीकास्ट करने के लिए तमाम मीडिया वालों को दिए गए। यानी पूजा को भी उन्होंने एक इवेंट बना दिया और मीडिया प्रचार पर पैसे लुटाए। पैसे लुटाने के इस खेल में केजरीवाल ने दोस्ती भी जमकर निभाई। उन्होंने इस इवेंट का ठेका विजक्राफ्ट कंपनी को दिया जो कि उनके ईसाई दोस्त सब्बास जोसफ की कंपनी है।

वर्ष 2020 में दिवाली पूजा पर 6 करोड़ खर्च हुए

वर्ष 2020 में दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा और उसके लाइव टेलीकास्ट कार्यक्रम पर 6 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। एक आरटीआई एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने आरटीआई के जरिये यह जानकारी जुटाई थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की AAP सरकार और अरविंद केजरीवाल द्वारा 14 नवंबर, 2020 को किए गए लक्ष्मी पूजा आयोजन और लाइव टेलीकास्ट पर करदाताओं के पैसे के 6 करोड़ खर्च कर दिए। साकेत गोखले ने कहा कि 30 मिनट की इस पूजा पर कुल 6 करोड़ खर्च, मतलब प्रति मिनट 20 लाख रुपये किए गए। दिवाली की रात मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके कैबिनेट मंत्रियों द्वारा दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर में अपने जीवनसाथियों के साथ भाग लेने वाले मेगा इवेंट का लाइव टेलीकास्ट किया गया था।

शराब घोटाले और सत्येंद्र जैन का केस लड़ने के लिए वकीलों पर खर्च किए 28 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके मंत्री अपनी अय्याशी पर करोड़ों रुपये लूटा रहे हैं। घोटालों से बचने के लिए जनता के पैसे पर महंगे वकीलों की सेवाएं लेते हैं और केस लड़ने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। इसी कड़ी में एक हैरान करने वाला खुलासा हुआ। सूत्रों के मुताबिक शराब घोटाले और जेल में बंद सत्येंद्र जैन का केस लड़ने के लिए दिल्ली सरकार 18 महीने के दरम्यान वकीलों की फीस के रूप में कुल 28.10 करोड़ रुपये लुटा चुकी है।

सत्येंद्र जैन का केस लड़ने के लिए वकील राहुल मेहरा को 5.30 करोड़ रुपये मिले

मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार मामले में तिहाड़ जेल में बंद केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के मामलों में अक्सर पेश होने वाले एक अन्य वकील राहुल मेहरा को 5.30 करोड़ रुपये मिले। दिल्ली सरकार की व्यय सूची में दिखा गया है कि 2020-21 में मेहरा को 2.4 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इसके बाद 2021-22 में भुगतान अचानक बढ़कर 3.9 करोड़ रुपये हो गया। 2022-23 में 1.3 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। सत्येंद्र जैन को 30 मई, 2022 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से वह तिहाड़ जेल में बंद हैं।

इलाज पर केजरीवाल और उनके मंत्रियों ने सरकारी खजाने से लुटाये 76 लाख रुपये

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रियों ने इलाज के नाम पर सरकारी खजाने से 76 लाख रुपये लुटाए। यह राशि सीएम केजरीवाल और उनके मंत्रियों ने अपने और अपने परिवार के इलाज पर खर्च किए। आरटीआई कार्यकर्ता विवेक पांडेय ने 11 जून 2022 को एक ऑनलाइन आरटीआई आवेदन दिल्ली सरकार के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट को दाखिल की थी। इसमें वर्ष 2015 से लेकर वर्ष 2022 के मध्य मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उनके मंत्रिमंडल के 6 अन्य मंत्रियों के इलाज पर खर्च किए गए सरकारी धन की जानकारी मांगी गई थी। इसके बाद आरटीआई से जो जवाब मिला, उससे सीएम केजरीवाल और उनके मंत्रियों के बारे में चौंकाने वाली जानकारी मिली।


‘काम खतम, पैसा हजम, मनीष सिसोदिया कौन हो तुम’: क्या केजरीवाल ने सिसोदिया को अकेले छोड़ा?

शराब घोटाला मामले को लेकर जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। एक ओर जहाँ कोर्ट ने उनकी रिमांड 5 दिन के लिए बढ़ा दी। वहीं, अब अरविंद केजरीवाल ने उनका बंगला भी आतिशी मार्लेना को आवंटित कर दिया है। उन्हें बंगला खाली करने के लिए 5 दिन का समय दिया गया है।

दिल्ली के शराब घोटाला मामले में सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से अब तक उन्हें जमानत नहीं मिल सकी है। जेल जाने के बाद मनीष सिसोदिया ने 28 फरवरी को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सिसोदिया के मंत्रालयों का प्रभार आतिशी मार्लेना को सौंप दिया था।

केजरीवाल ने जितनी जल्दी सिसोदिया से अपना पल्ला झाड़ा है, उसे देख कपिल मिश्रा, शाज़िया इल्मी, योगेंद्र यादव और कुमार विश्वास आदि बहुत खुश हो रहे होंगे। सूत्रों के अनुसार, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह जैसे अन्य नेताओं ने केजरीवाल से दूरी बनानी शुरू कर दी है। कहते हैं कि कुमार विश्वास को पार्टी से बाहर किया गया था, तभी से सिसोदिया को केजरीवाल का साथ छोड़ने की सलाह दी रही थी, लेकिन आज सिसोदिया को विश्वास की सलाह याद आ रही होगी। सत्येंद्र जैन इतने महीनों से जेल में होने के बावजूद न इस्तीफा लिया और न ही मंत्रालय, परन्तु सिसोदिया के जेल जाते ही इस्तीफा, जो इशारा करता है कि घोटाला बहुत ही मोटा होने की वजह से सिसोदिया जेल से बाहर आने वाला नहीं।  

वहीं, अब दिल्ली सरकार ने सिसोदिया को बड़ा झटका देते हुए उनका बंगला भी आतिशी मार्लेना को ही आवंटित कर दिया है। उन्हें यह बंगला 5 दिन के अंदर यानी 21 मार्च तक खाली करना होगा। मनीष सिसोदिया से सरकारी बंगला छीनकर आतिशी मार्लेना को देने के बाद से सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। वहीं, सरकार के इस कदम से भाजपा ने केजरीवाल पर निशाना साधा है।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि सीबीआई और इ डी को मनीष के बंगले को अपने कब्जे में लेना चाहिए, ताकि किसी कोने में छुपा कोई सबूत नष्ट न कर दिया जाए।  

भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्वीट कर कहा है, “26 फरवरी से जेल में बंद सिसोदिया से केजरीवाल ने महज 15 दिनों में पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया। सिसोदिया का बंगला आतिशी मार्लेना को दिया गया। उनकी माँ, पत्नी और बच्चे कहाँ जाएँगे?”

भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा है, “केजरीवाल का आदर्श वाक्य- काम खतम, पैसा हजम, मनीष सिसोदिया कौन हो तुम? मनीष सिसोदिया की सार्वजनिक रूप से अनदेखी करने के बाद अब मनीष सिसोदिया का सरकारी आवास, बंगला नंबर एबी-17, मथुरा रोड नई-नई मंत्री आतिशी को आवंटित सिसोदिया के परिवार को बंगला खाली करने के लिए 5 दिन का समय दिया गया है, यानी 21 मार्च तक। लगता है कि केजरीवाल मनीष को शराब घोटाला का बलि का बकरा बनाने की कोशिश कर रहे हैं और खुद को बचाने के लिए उनकी बलि दे रहे हैं?”

पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने ट्वीट कर कहा है, “दोस्त-दोस्त न रहा। अरविन्द केजरीवाल ने मनीष सिसोदिया का बंगला आतिशी को अलॉट किया।”

राजा सिंह सेवारा नामक यूजर ने कहा है, “कल तक केजरीवाल कह रहा था कि मनीष सिसोदिया की पत्नी बीमार है बूढ़ी माँ है। आज केजरीवाल ने सिसोदिया का बंगला अतिशी मार्लेना को अलॉट कर दिया और सिसोदिया के परिवार को तुरंत ही बंगला खाली करने का नोटिस दे दिया। अपनी इज्जत बचाने के लिए केजरीवाल ने सिसोदिया को दूध में पड़ी मक्खी की तरह फेंक दिया। अब मनीष सिसोदिया का भी फर्ज बनता है कि वह सरकारी गवाह बन जाए और केजरीवाल की पोल खोले।”

लेखक संदीप देव ने कहा है, “आनन-फानन में मनीष सिसोदिया का बंगला आतिशी मर्लेना को आवंटित करने के पीछे कोई साक्ष्य मिटाने का इरादा तो नहीं है? सिसोदिया की गैरहाजिरी में उसके परिवार का खयाल किए बिना केजरीवाल का यह जल्दबाजी भरा कदम उस बंगले में पहुँचने की आतुरता दिखाता था। ED की 5 दिन की हिरासत और बंगले में आनन-फानन मे़ घुसना। केस बड़ा है और दाल में कुछ न कुछ काला तो है।”

अतुल्य भारत नामक यूजर ने कहा है, “अंदर से तो केजरीवाल को भी मालूम है कि अब सिसोदिया को जल्दी तिहाड़ से बाहर नहीं आना है। तो आतिशी को ही क्यों नाराज करना अब पैसा तो आतिशी से ही मिलना है। लेकिन ये बंगला खाली करना ही केजरीवाल को तिहाड़ तक लेकर जाएगा। सिसोदिया और जैन अकेले क्यों सजा काटेंगे जब सबने मलाई चाटी है।”

17 मार्च 2023 को शराब घोटाले को लेकर गिरफ्तार किए गए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में पेश किया। ED ने कोर्ट को बताया था कि मनीष सिसोदिया ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया कि उन्होंने इतने फोन क्यों बदले।

प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट को बताया कि मनीष सिसोदिया ने अपने फोन को जानबूझकर नष्ट किया है। जाँच एजेंसी ने कोर्ट से 7 दिन की रिमांड की माँग की थी। हालाँकि, कोर्ट ने ED के आग्रह को स्वीकार करते हुए मनीष सिसोदिया को 7 दिन के बजाए 5 दिन के रिमांड पर भेज दिया। इसका मतलब यह है कि सिसोदिया को अब 22 मार्च दिन रिमांड में रहना होगा।


सिसोदिया के लिए सहानुभूति बटोरने AAP ने बनाया बच्चों को मोहरा…: NCPCR एक्शन में, आतिशी मार्लेना पर होगी कार्रवाई

दिल्ली के शराब घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद से आम आदमी पार्टी लगातार हँगामा कर रही है। यूँ तो राजनीति में आने के बाद से अब तक AAP का चेहरा कई बार बेनकाब हो चुका है। हालाँकि अब सिसोदिया मामले में सहानुभूति बटोरने के लिए आम आदमी पार्टी नेता छोटे-छोटे बच्चों का शोषण कर रहे हैं। आखिर इतने बड़े बड़े शराब घोटाले को शिक्षा से जोड़ क्यों शिक्षा मंत्री पद को बदनाम किया जा रहा है? अरविन्द केजरीवाल को जवाब देना होगा कि शिक्षा मंत्री को शराब मंत्री क्यों बनाया? क्या दूसरों के कंधों पर बंदूक रख घोटाले करवा अपने आपको ईमानदार साबित कर रहे हैं?  

राजनीतिक फायदे के लिए बच्चों का उपयोग करती रही है आम आदमी पार्टी

ऐसा पहली बार नहीं है जब आम आदमी पार्टी ने राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह के नाटक किए हों। इससे पहले भी अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए AAP ने बच्चों का शोषण किया है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बच्चों के नाम पर वोट माँगे थे। यही नहीं, केजरीवाल ने राजनीति का स्तर गिराते हुए माता-पिता से अपने बच्चों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में से किसी एक को चुनने के लिए कहा था।
इसी तरह दिल्ली के राजेंद्र नगर विधानसभा उपचुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार दुर्गेश पाठक के प्रचार में नाबालिगों का इस्तेमाल हुआ था। इसको लेकर जून 2022 में, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने FIR दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस को पत्र लिखा था।

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की शिक्षा टीम की प्रमुख सदस्य रहीं, AAP विधायक आतिशी मार्लेना ने शुक्रवार को ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों में बच्चे हाथ से लिखे हुए कार्ड लिए मनीष सिसोदिया से जल्द वापस आने के लिए कहते हुए दिखाई दे रहे हैं।

इस ट्वीट के साथ आतिशी मार्लेना ने लिखा, “भाजपा वालों: तुम कितने भी झूठे इल्जाम लगा लो, पर जो दिल्ली के बच्चों का मनीष सिसोदिया के लिए जो प्यार है, उसे तुम हिला नहीं सकते।”

आतिशी मार्लेना के अलावा आम आदमी पार्टी के कई अन्य कार्यकर्ता जनता से सहानुभूति हासिल करने और अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव डालने के लिए इसी तरह की हरकतों में लगे हुए हैं। खुद को अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य बताने वाले राजेन्द्र ठाकुर ने छोटे बच्चों की फोटो शेयर करते हुए कहा, “तुम एक मनीष सिसोदिया को रोकोगे तो दिल्ली के स्कूलों से 18 लाख मनीष सिसोदिया निकलेंगे। एड़ी-चोटी का जोर लगा लो, चाहे जितने तोता-मैना उड़ा लो शिक्षा क्रांति तो नहीं रुकने वाली।”

इसी तरह तारिषी शर्मा नामक आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता ने लिखा है, “एक नन्ही छात्रा का मोदी सरकार से सवाल-“आपने मनीष सर को जेल क्यों डाला? ये तो गलत है।”

खुद को दिल्ली सरकार के एजुकेशन टास्क फोर्स का सदस्य बताने वाले शैलेश ने ट्वीट कर कहा है, “समाज के लोगों ने आज दिल्ली में बहुत से स्कूलों के बाहर I Love Manish Sisodia डेस्क लगाई है। जिस पर दिल्ली के बच्चे इस बुरे समय में अपने शिक्षामंत्री के साथ खड़े है। और लेटर के माध्यम से अपना प्यार और सम्मान दिखा रहे हैं।”

मासूम बच्चों की भावनात्मक अपील का फायदा उठाते हुए AAP नेता सरिता सिंह ने एक वीडियो अपलोड किया। इसमें कई स्कूली बच्चे कुर्सियों पर कागज के टुकड़े लिए नजर आ रहे हैं। इन कागजों पर कुछ लिखा हुआ है, जो स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा। हालाँकि इन बच्चों के पीछे एक बड़ा बैनर लगा हुआ है। इस बैनर पर लिखा है, “आई लव मनीष सिसोदिया।” दिलस्चप बात यह है कि वीडियो के बैकग्राउंड में एक महिला इन बच्चों को कहती दिख रही है “कृपया हमारी भावनाएँ मनीष सर तक पहुँचाई जाएँ।” वीडियो से स्पष्ट है कि इन बच्चों को सच्चाई का पता नहीं है। ये मासूमियत के साथ वही दोहरा रहे हैं जो उन्हें कहने के लिए कहा जा रहा है।

इस पूरे मामले पर एनसीपीसीआर ने एक्शन लिया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राजनीतिक एजेंडे के लिए बच्चों का इस्तेमाल करने और ट्विटर पर ‘नाबालिग की तस्वीर’ पोस्ट करने के मामले में आप नेता आतिशी के खिलाफ जाँच और कार्रवाई करने के लिए दिल्ली के मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है।

आंदोलनजीवियों ने भी किया है बच्चों का दुरुपयोग

आंदोलनजीवियों के शाहीन बाग आंदोलन से लेकर तथाकथित किसान आंदोलन तक अपनी फायदे और राजनीतिक छवि चमकाने के लिए बच्चों का इस्तेमाल किया गया है। ‘किसान’ आंदोलन के समय ऐसे कई वीडियो सामने आए थे जिनमें छोटे बच्चों को बतौर आंदोलनकारी दिखाने की कोशिश की गई थी। इसी तरह नागरिक संशोधन कानून के विरोध को लेकर भी शाहीन बाग में बैठे आंदोलनजीवी 4 महीने के शिशु मोहम्मद जहाँ को लगभग हर दिन आंदोलन वाली जगह ले जाते थे।

राहुल और प्रियंका भी पीछे नहीं

2019 में हुए विधानसभा चुनावों से पहले प्रियंका गाँधी का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में प्रियंका गाँधी के कहने पर कुछ बच्चे “चौकीदार चोर है” का नारा लगाते हुए दिखाई दिए थे। वीडियो देखकर ऐसा लग रहा था जैसे प्रियंका छोटे बच्चों का मनोरंजन कर रहीं हैं और उन्हें देश को गौरवान्वित करने वाले पद में बैठे व्यक्ति की अस्मिता का कोई ध्यान ही नहीं है।
यही नहीं राहुल गाँधी भी बच्चों का उपयोग करने के मामले में कहीं पीछे नहीं हैं। राहुल ने साल 2020 में पुरानी दिल्ली में आयोजित अपनी चुनावी रैली के दौरान एक 10 वर्षीय बच्चे का उल्लेख करते हुए यह बताने की कोशिश की थी कि मोदी सरकार के चलते देश का माहौल खराब हो गया है। इसी तरह भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी उन्होंने एक 7-8 की उम्र के दिखने वाले बच्चे को ठंड में बिना कपड़ों के पैदल चलाते हुए राजनीतिक तमाशा बनाने की कोशिश की थी।

दिल्ली नगर निगम हंगामा: क्या आतिशी के इशारे पर केजरीवाल के नेताओं ने की मारपीट? देखिए वीडियो

दिल्ली वालों को, एक अपवाद पंजाब को छोड़कर, दूसरे राज्यों से सीखने की जरुरत हैं, जहाँ के मतदाता फ्री के चक्कर को लात मार रहे हैं। दिल्ली में जब से केजरीवाल सरकार ने डेरा डाला है, हिन्दुओं की जितनी हत्याएं हुई कभी कांग्रेस राज में नहीं हुईं। अरविन्द केजरीवाल दिल्ली से बाहर किसी मुसलमान की हत्या होने पर दौड़े-दौड़े जाते हैं, लेकिन दिल्ली में केजरीवाल के वोट बैंक द्वारा किसी हिन्दू की हत्या होने पर चुप्पी साधे रहते हैं, कभी दिल्ली वालों ने सोंचा। विधान सभा की तरह नगर निगम में भी केजरीवाल पार्टी को लाकर देखो, वह कांड हो रहे हैं, जो इतिहास बन रहा है। पहले नियम था कि किसी भी विदेशी के भारत आने पर एयरपोर्ट पर दिल्ली महापौर स्वागत करने जाते थे। लेकिन नगर निगम में भारतीय जनसंघ के होने कारण जनसंघ के महापौर द्वारा स्वागत करना तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने नियम ही बदल दिया, परन्तु कभी जनसंघ और कांग्रेस में कभी मनमुटाव नहीं हुआ। दिल्लीवासी अगर बीजेपी को वोट नहीं देना चाहते मत दे, कांग्रेस को दे दें। दिल्ली वालों की तरह पंजाब भी फ्री के मकड़जाल में फंस आज देखो पंजाब को आग में झोंक दिया है। 

फरवरी 24 को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों के चुनाव के दौरान जमकर हंगामा हुआ। परिणाम घोषित होने से ठीक पहले आम आदमी पार्टी और बीजेपी पार्षदों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान आप विधायक आतिशी मार्लेना के इशारे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेताओं ने निगम की मर्यादा को तार-तार कर दिया। ट्विटर पर आतिशी मार्लेना का कुछ इस तरह संधि विच्छेद--मार+लेना=मार्लेना-- किया जा रहा है। सदन में हंगामा के बीच नारेबाजी के बीच मारपीट तक हुई। दिल्ली की पूर्व मेयर आरती मेहरा ने आरोप लगाया कि आप मेयर ने अपने संगठन की गरिमा को तार-तार किया। वे आतिशी, दुर्गेश पाठक और पीछे से अरविंद केजरीवाल से निर्देश लेती रहीं। हमारे पास वीडियो है जिसमें आतिशी अपनी स्टैंडिंग कमेटी की सदस्य सरिता चौधरी को निर्देश दे रही हैं कि मारो और फिर एक के बाद एक लोग मारने के लिए आ जाते हैं।

आतिशी ने बोला और AAP की महिला पार्षद ने मारपीट शुरू कर दी, समझ में नही आ रहा यह आम आदमी पार्टी वाले जहा पहुंच जाते है वहाँ सभी जगह आरोप प्रत्यारोप की गन्दी राजनीति गाली-गलौज क्यो चालु हो जाती है। साफ सुथरी राजनीति करने आया केजरीवाल आज सर्वाधिक नकारा व भ्रष्टाचार में लिप्त है,
Aatishi Marlena instigating her bunch of clowns to fight like peacefool zombies!
आज के हालात यह है कि केजरीवाल सरकार नें दिल्ली को विश्व में अपराधियों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान बना दिया है सब कुछ फ्री में, देश विरोधियों का यह केजरीवाल सदैव समर्थन करता है, लाखो अवैध रोहंगियों, बांग्लादेशियो का आधारकार्ड व् वोटरआईडी कार्ड बनवा भारत का वैध नागरिक बना दिया इसने केवल दिल्ली की ही नहीं वरन सम्पूर्ण देश की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है, उन्हें मासिक पेंशन, फ्री राशन, बिजली पानी भी देता है।
सर्जिकल स्ट्राइक के इसने सेनाओं से सबूत मांगे, जेएनयू में टुकड़े गैंग को समर्थन, उन अपराधियों पर मुकदमा चलाने की स्वीकृति चुनाव आने पर दी, जितना पैसा दिल्ली को केंद्र व् राजधानी होने की वज़ह से टैक्स के रूप में मिलता है यदि उतना पैसा दिल्ली के विकास पर सही ईमानदारी से खर्च होता तो आज दिल्ली विश्वस्तरीय शहर होता, इस केजरीवाल के विधायक जिन्हें इसने ईमानदारी का सर्टिफिकेट दिया था वो भ्र्ष्टाचार में जेल में फिर भी केजरी उसकी पार्टी ईमानदार।

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने वीडियो जारी कर आप नेता आतिशी मार्लेना पर पार्टी नेताओं को मारपीट के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।

वीडियो में साफ दिख रहा है कि आतिशी एक महिला पार्षद के कान में कुछ कहती हैं। उसके बाद उस पार्षद ने दूसरे पार्षदों के साथ जमकर बवाल किया। वह महिला पार्षद आतिशी के निर्देश के बाद एक पुरुष से तू-तू, मैं-मैं करने लगती है, फिर थप्पड़ जड़ देती है।

आतिशी का मारपीट के लिए उकसाने वाला यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और केजरीवाल की पार्टी पर अराजकता का आरोप लग रहा है। केजरीवाल की पार्टी की इससे भारी किरकिरी हो रही है।

मोदी विरोधियों का क्राउड फंडिंग वेबसाइट ‘रहस्यमय’ ढंग से गायब: शेहला से लेकर साकेत गोखले तक ने किया इस्तेमाल

                 साकेत गोखले, कन्हैया कुमार और डॉ. कफील खान ने क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया
तृणमूल कांग्रेस नेता (TMC) साकेत गोखले अपनी जीविका चलाने के लिए जिन क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते थे उनमें से एक ourdemocracy.in है और यह अब इस प्लेफॉर्म का कोई अता-पता नहीं है। चूँकि, गोखले पूर्णकालिक नौकरी छोड़कर 10 रुपए खर्च करके आरटीआई डालने का काम करते थे, इसलिए उन्हें धन जुटाने के लिए क्राउडफंडिंग का सहारा लेना पड़ता था। नवंबर 2019 में गोखले ने क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म का एक लिंक ट्वीट कहा था कि उन्होंने ‘बीजेपी/आरएसएस से लड़ने’ के लिए अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने मोदी से नफरत करने लोगों से इकट्ठा होने और उन्हें पैसे देने का आग्रह किया था, इस लड़ाई के खर्चों का वे वहन कर सकें और इसके लिए उन्हें नौकरी ना करनी पड़े।

दरअसल, व्यक्तिगत जरूरतों के लिए भी क्राउडफंडिंग का सहारा लिया जाता है। क्राउडफंडिंग एक ऐसा तरीका है, जिसमें किसी काम के लिए पैसा इकट्ठा करने के लिए लोगों के समूह से मदद माँगी जाती है। क्राउडफंडिंग में जो भी लोग अपने पैसे देते हैं उन्हें मालूम होता है कि वह कहाँ और किस उद्देश्य के लिए फंड दे रहे हैं। हालाँकि, अब ना केवल क्राउडफंडिंग कैंपन, बल्कि ये पूरी वेबसाइट ही गायब है।

                                                                   यह वेबसाइट अब अस्तित्व में नहीं है

कैंपन शुरू करने के बमुश्किल 3 महीने बाद यानी फरवरी 2020 तक गोखले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नफरत करने वालों से 20 लाख रुपए से अधिक की राशि इकट्ठा कर ली थी।

                                                               क्राउडफंडिंग पर गोखले

गोखले ने स्वीकार किया था कि उन्होंने इस तरह 22 लाख रुपए से अधिक की राशि एकत्रित की थी। उन्होंने उस समय कहा था कि वह अपने व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करने के लिए और लोगों को भी शामिल करेंगे। उस समय पता चला कि OurDemocracy crowdfunding platform जुटाई गई राशि का कुल आँकड़ा नहीं दिखा रहा था। ऐसे में जिन लोगों ने योगदान दिया था, उन्हें यह नहीं पता चल पा रहा था कि गोखले कितना धन जुटा चुके हैं।

दिलचस्प बात यह है कि यह प्लेटफॉर्म अब रहस्यमय तरीके से गायब हो गया है। इसका इस्तेमाल पूर्व सीपीआई नेता और अब कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार, आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी मार्लेना और यहाँ तक ​​कि डॉ. कफील खान द्वारा भी किया गया था, जो 2017 में गोरखपुर ऑक्सीजन मामले का मुख्य आरोपित हैं।

आवर डेमोक्रेसी, क्राउडन्यूज़िंग और कॉन्ग्रेस कनेक्शन

ऑपइंडिया ने क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म की थोड़ी गहराई से पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि टाइम्स नाउ और WION जैसे चैनलों के साथ काम कर चुके एनडीटीवी के पूर्व पत्रकार बिलाल जैदी ने आनंद मंगनाले (Anand Mangnale) के साथ मिलकर 2017 में स्वतंत्र पत्रकारों के लिए ऑनलाइन क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म ‘क्राउडन्यूजिंग’ की शुरुआत की थी।
हालाँकि, 2019 के आम चुनावों से ठीक पहले उन्होंने इस प्लेटफॉर्म का विस्तार करने का फैसला किया और इसे ‘ourdemocracy’ में बदल दिया। इस पर कन्हैया कुमार, आतिशी मार्लेना जैसे नेताओं और साकेत गोखले जैसे बेरोजगार लोगों का स्वागत किया, जिन्होंने आरटीआई भरने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी थी। जब साकेत टीएमसी में शामिल हुए थे तब OurDemocracy प्लेटफॉर्म के को-फाउंडर ने उनकी सराहना की थी।
OurDemocracy प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वालों में गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी, दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और जेएनयू की पूर्व छात्रा और प्रदर्शनकारी शेहला रशीद भी शामिल हैं। इन्होंने OurDemocracy के पायलट (pilot) वर्जन क्राउडन्यूजिंग का इस्तेमाल किया था।
अब, क्राउडन्यूज़िंग के साथ-साथ OurDemocracy प्लेटफॉर्म बंद हो चुका है। लगभग एक महीने हो चुके हैं, लेकिन OurDemocracy के सोशल मीडिया हैंडल ने अभी तक इसकी कोई सार्वजनिक सूचना नहीं दी है। OurDemocracy के वैरिफाइड ट्विटर अकाउंट पर आखिरी ट्वीट 24 जून 2021 को डॉ. कफील खान के एक कैंपन में दान करने के लिए किया गया था। वहीं, क्राउडन्यूज़िंग का आखिरी ट्वीट 10 जून 2019 को किया गया था, जिसमें धन के दुरुपयोग के पुराने विवाद को लेकर एक खुद को और शेहला राशिद को क्लीन-चिट दी थी।
जिस प्लेटफॉर्म को बाद में गोखले ने इस्तेमाल किया, उसको लेकर शेहला राशिद पर कठुआ सामूहिक बलात्कार और हत्या के नाम पर एकत्रित किए गए धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगा था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि पीड़ित परिवार की मदद के नाम पर लाखों रुपए जमा किए गए, लेकिन फंड उन तक नहीं पहुँचा ही नहीं था। वहीं, राशिद ने इन आरोपों से इनकार किया था और बाद में कहा था कि पैसे देने में इसलिए देरी हुई, क्योंकि परिवार के पास ज्वॉइंट बैंक अकाउंट और पैन नहीं था। ध्यान दें कि क्राउडन्यूज़िंग के साथ-साथ OurDemocracy के सह-संस्थापक Anand Mangnale ने जनवरी 2020 में जेएनयू में हुई हिंसा के दौरान व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल थे, जहाँ कैंपस हिंसा को लेकर अपना कुतर्क रख रहे थे।
ग्रुप के सदस्यों से आनंद पूछ रहे थे कि जेएनयू के समर्थन में कुछ लोग मेन गेट पर आ रहे हैं, क्या उन्हें भी वहाँ कुछ करना चाहिए? यह मैसेज ‘यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट’ नामक समूह का था। बरखा दत्त ने अनजाने में ट्विटर पर जो नंबर शेयर किया वह आनंद (Anand Mangnale) का था। उस नंबर को Google पर खोजने से पता चला कि यह वही नंबर था, जिसे कॉन्ग्रेस ने क्राउडफंडिंग अभियान के लिए इस्तेमाल किया था।
                                                    कांग्रेस के कैंपन पर आनंद का नंबर
इस पेज को अब हटा लिया गया है। आनंद ने टीएमसी के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ पहले काम किया था। प्रशांत किशोर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के लिए भी रणनीतिकार के रूप में काम चुके हैं। हालाँकि, ऑपइंडिया इसकी पुष्टि नहीं कर सका कि आनंद मंगनाले राहुल गाँधी की छवि बदलने के लिए उस टीम का हिस्सा थे या नहीं।
                                                                      आनंद मंगनाले
आनंद ने तब छात्रों को सुरक्षित रखने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने की बात स्वीकार की थी। अंत में, एक पत्रकार बिलाल जैदी आनंद मंगनाले से मिलते हैं और दोनों ने 2017 में ‘क्राउडफंडिंग’ वेबसाइट क्राउडन्यूज़िंग शुरुआत की और 2019 में इसका विस्तार कर इसे ‘ourdemocracy.in’ बनाया।
क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल साकेत गोखले, जिग्नेश मेवानी, कन्हैया कुमार, शेहला राशिद, मनीष सिसोदिया, आतिशी मार्लेना, डॉ. कफील खान द्वारा किया गया। इनमें से कम-से-कम दो लोगों पर यहाँ से जुटाए गए पैसों को लेकर जानकारी साझा नहीं करने का आरोप लगा था। अब ये दोनों प्लेटफॉर्म गूगल पर नहीं हैं। ऑपइंडिया ने क्राउडन्यूजिंग के सह-संस्थापक और OurDemocracy के बिलाल जैदी से भी संपर्क किया है। उनसे जवाब मिलने के बाद हम इस रिपोर्ट को अपडेट करेंगे।