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‘दिल्ली की तरह पंजाब में भी हुआ शराब घोटाला’: चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री

पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर साधा निशाना
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल घोटालेबाज हैं। ये कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी ऐसा कह रही है। वही कांग्रेस पार्टी, जो I.N.D.I. गठबंधन में AAP (आम आदमी पार्टी) के साथ शामिल है। लेकिन, पंजाब में दोनों अलग-अलग लड़ रहे हैं। ठीक वैसे ही, जैसे केरल में कांग्रेस और वामदल लड़ रहे, पश्चिम बंगाल और कांग्रेस और TMC लड़ रहे। अरविंद केजरीवाल हाल ही में चुनाव प्रचार खत्म होने तक जमानत पर छूटे हैं।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, “अरविंद केजरीवाल शराब के बहुत बड़े घोटाले में नामजद हैं। मात्र 15 दिनों के लिए वो जेल से बाहर आए हैं। ऐसे व्यक्ति पर कैसे विश्वास किया जा सकता है? जैसे दिल्ली में बहुत बड़ा शराब घोटाला हुआ, वैसे ही पंजाब में भी हुआ है। पंजाब वाले मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दिल्ली में तो नई शराब नीति वापस भी ले ली गई, पंजाब में तो ऐसा नहीं हुआ। ऐसे शख्स का विरोध होना चाहिए।” दिल्ली शराब घोटाला भी कांग्रेस ने ही उछाला था, लेकिन कार्यवाही होने पर मोदी विरोध में श्रेय लेने की बजाए केजरीवाल के साथ खड़ी हो गयी। 

उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब को लूटा जा रहा है, पंजाब पर 80,000 करोड़ रुपए का कर्ज लाद दिया गया है और अरविंद केजरीवाल पंजाब के सरकारी विमान का इस्तेमाल कर रहे हैं। चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के जालंधर से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। बता दें कि दिल्ली में तो AAP-कांग्रेस का गठबंधन है, लेकिन पंजाब में नहीं। AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुवार (16 मई, 2024) को लुधियाना के जोधन में अपने प्रत्याशी अशोक पराशर पप्पी के समर्थन में रोडशो करेंगे।

उससे पहले दिल्ली CM का अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर और दुर्गियाना मंदिर में दर्शन करेंगे। लुधियाना से कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू सांसद हैं। अरविंद केजरीवाल के बाहर निकलने से पंजाब में कांग्रेस तनाव में आ गई है। इसका कारण ये है कि AAP ने ही राज्य की सत्ता से कांग्रेस को बेदखल कर जीत दर्ज की और भगवंत मान मुख्यमंत्री बने। दिल्ली के शराब घोटाले में पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी जेल में हैं। वहीं राज्यसभा सांसद संजय सिंह जमानत पर बाहर निकले हैं।

हाल ही में चरणजीत सिंह चन्नी ने जम्मू कश्मीर के पुँछ में भारतीय वायुसेना के जवानों पर हुए हमले को ‘भाजपा का चुनावी स्टंट’ बताया था। उन्होंने कहा था कि ये स्टंटबाजी हो रही है, हमले नहीं हो रहे। चन्नी ने पुलवामा में 40 CRPF जवानों के बल्दियन पर विवादित बयान देते हुए कहा था कि पिछली बार भी चुनाव आया तो ऐसे स्टंट खेले गए और बीजेपी को जिताने का काम किया गया। उन्होंने कहा था कि पहले से तैयारी करके हमले करवाए जाते हैं, यह भाजपा को जिताने का स्टंट होता है और इसमें कोई सच्चाई नहीं होती।

‘भाषण’ देना नहीं आया केजरीवाल के काम, कोर्ट ने 1 अप्रैल तक के लिए ED को सौंपा: ASG बोले – मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की हिरासत अवधि राउज एवेन्यू कोर्ट ने 4 दिन और बढ़ा दी है। हालाँकि, ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने उनकी 7 दिनों की रिमांड की माँग की थी। वो पिछले एक सप्ताह से ED की कस्टडी में हैं। अब सोमवार (1 अप्रैल, 2024) तक दिल्ली के मुख्यमंत्री ED की कस्टडी में रिमांड पर रहेंगे। उनके खिलाफ शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है। स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने उनकी रिमांड की अवधि बढ़ाने वाला आदेश दिया।

4 दिनों के लिए बढ़ाई गई अरविंद केजरीवाल की ED कस्टडी

ED पहले ही अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता बता चुकी है। आरोप है कि 2021-22 में शराब नीति बनाने के लिए दारू माफियाओं की ‘साउथ लॉबी’ से 100 करोड़ रुपए बतौर घूस लिए गए और इस रकम को गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किया गया। अरविंद केजरीवाल पर जाँच में सहयोग न करने का आरोप लगा है। ASG SV राजू ने कोर्ट में अरविंद केजरीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि आखिर शराब नीति को भाजपा से क्यों जोड़ा जा रहा है?
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल भाजपा के पास पैसे आने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इसका शराब नीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं है, वो एक आम आदमी है। उन्होंने बताया कि जाँच एजेंसी के पास कई सबूत हैं कि खुद दिल्ली के CM ने 100 करोड़ रुपए की घूस की माँग की थी। अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका डाली गई थी, लेकिन 22 मार्च को अगले ही दिन उसे वापस ले लिया गया।
अब अरविंद केजरीवाल को 1 अप्रैल, 2024 को सुबह के साढ़े 11 बजे कोर्ट में फिर से पेश किया जाएगा। हाईकोर्ट पहले ही उन्हें अंतरिम राहत देने की याचिका ठुकरा चुका है, और कह चुका है कि 3 अप्रैल को ED की प्रतिक्रिया जानने के बाद ही फैसला सुनाया जाएगा। AAP के गोवा के प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर को भी जाँच एजेंसी ने समन भेजा है। बता दें कि ED के 9 समन ठुकराने के बाद अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था।

शराब घोटाला: कोर्ट में क्या-क्या हुआ?

आतिशी, सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय जैसे दिल्ली के मंत्रीगण सुनवाई के दौरान मौजूद रहे। अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता भी इस दौरान वहाँ थीं। कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान मीडिया से अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी गिरफ़्तारी एक राजनीतिक षड्यंत्र है, जिसका जनता जवाब देगी। ASG (एडिशनल सॉलिसिटर जनरल) SV राजू ने ED की तरफ से पेश होते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल का बयान रिकॉर्ड किया जा चुका है, उन्होंने गोलमोल जवाब दिए हैं।
उन्होंने बताया कि ED अब उन्हें कुछ अन्य आरोपितों के साथ आमने-सामने बिठा कर पूछताछ करेगी। AAP के गोवा के 4 अन्य उम्मीदवारों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, उनके साथ भी दिल्ली सीएम को आमने-सामने बिठाया जाएगा। बता दें कि शराब घोटाले में माफियाओं की साउथ लॉबी से मिली 100 करोड़ रुपए की घूस को गोवा के चुनाव प्रचार में खर्च किया गया था। अब तक अरविंद केजरीवाल ने अपने गैजेट्स के पासवर्ड्स ही नहीं बताए हैं, जिस कारण ED उनका डिजिटल डेटा नहीं मिल पाया है।
बकौल ASG, अरविंद केजरीवाल कह रहे हैं कि वो अपने वकीलों से बात कर के तय करेंगे कि पासवर्ड्स देने हैं या नहीं। अगर वो पासवर्ड्स नहीं देते हैं तो ED गैजेट्स की छानबीन के लिए दूसरा रास्ता अख्तियार करेगी। बकौल ED, अरविंद केजरीवाल जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और अपने ITR (आयकर विवरण) भी नहीं दिखा रहे हैं। पंजाब के एक्साइज अधिकारियों को भी समन किया गया है। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने भी कोर्ट में अपनी बात रखी।
उन्होंने खुद बोलते हुए कहा कि वो ED अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहते हैं, ये मामला 2 वर्षों से चल रहा था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें अब तक अदालत ने दोषी साबित नहीं किया है, वो सिर्फ गिरफ्तार हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि 31,000 पन्ने CBI ने दायर किए हैं और 25,000 पन्नों के विवरण ED ने, लेकिन उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया इसका जवाब इनमें नहीं है। कोर्ट ने जब उनसे पूछा कि वो ये सब लिखित में क्यों नहीं दे रहे, तो दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि वो बोलना चाहते हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मेरा नाम 4 जगह आया है बस। एक C अरविंद है जिसने कहा है कि उसने मेरी उपस्थिति में कुछ दस्तावेज मनीष सिसोदिया को दिए। मेरे घर रोज विधायक आते रहते हैं। क्या एक वर्तमान CM को गिरफ्तार करने के लिए ये एक बयान काफी है? आरोपितों को बयान बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ED का मिशन है – केवल मुझे और मुझे फँसाना। अगर 100 करोड़ रुपए का शराब घोटाला शुरू हुआ तो पैसा किधर है? असली शराब घोटाला ED की जाँच के बाद शुरू हुआ। ED का मकसद है – AAP को खत्म करना।”
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे एक वसूली का रैकेट चलने के लिए ये सब किया जा रहा है, जिसके जरिए पैसे इकट्ठे किए जा रहे हैं। उन्होंने मामले के एक गवाह सार्थक रेड्डी पर भाजपा को 50 करोड़ रुपए गिरफ़्तारी के बाद दान देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ED जितने दिन मन उन्हें कस्टडी में रखे, वो रिमांड का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन ये घोटाला है। ASG ने आपत्ति जताते हुए कहा कि केजरीवाल को कैसे पता कि ED के पास कितने दस्तावेज हैं, ये सब उनकी कल्पना की उपज है।
अधिवक्ता रमेश गुप्ता जब अरविंद केजरीवाल के लिए बोलने उठे तो कोर्ट ने उनसे कहा कि उनके मुवक्किल तो पहले ही बोल चुके, इस पर भड़कते हुए वकील ने पूछा कि आखिर उन्हें बोलने से कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि वो पूरे एक घंटे बोलेंगे, जिस पर जज ने कहा, “ठीक है, आप शांत हो जाइए।” कोर्ट ने कहा कि ED ने रिमांड एप्लिकेशन दिया है और ये जज निर्णय करेंगे कि वो सही है या नहीं। इसके बाद ऑर्डर रिजर्व रख लिया गया। फिर कुछ देर बाद फैसला सुनाया कि आरोपित की रिमांड की अवधि 4 दिन बढ़ाई जाती है।

सिसोदिया के लिए सहानुभूति बटोरने AAP ने बनाया बच्चों को मोहरा…: NCPCR एक्शन में, आतिशी मार्लेना पर होगी कार्रवाई

दिल्ली के शराब घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद से आम आदमी पार्टी लगातार हँगामा कर रही है। यूँ तो राजनीति में आने के बाद से अब तक AAP का चेहरा कई बार बेनकाब हो चुका है। हालाँकि अब सिसोदिया मामले में सहानुभूति बटोरने के लिए आम आदमी पार्टी नेता छोटे-छोटे बच्चों का शोषण कर रहे हैं। आखिर इतने बड़े बड़े शराब घोटाले को शिक्षा से जोड़ क्यों शिक्षा मंत्री पद को बदनाम किया जा रहा है? अरविन्द केजरीवाल को जवाब देना होगा कि शिक्षा मंत्री को शराब मंत्री क्यों बनाया? क्या दूसरों के कंधों पर बंदूक रख घोटाले करवा अपने आपको ईमानदार साबित कर रहे हैं?  

राजनीतिक फायदे के लिए बच्चों का उपयोग करती रही है आम आदमी पार्टी

ऐसा पहली बार नहीं है जब आम आदमी पार्टी ने राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह के नाटक किए हों। इससे पहले भी अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए AAP ने बच्चों का शोषण किया है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बच्चों के नाम पर वोट माँगे थे। यही नहीं, केजरीवाल ने राजनीति का स्तर गिराते हुए माता-पिता से अपने बच्चों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में से किसी एक को चुनने के लिए कहा था।
इसी तरह दिल्ली के राजेंद्र नगर विधानसभा उपचुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार दुर्गेश पाठक के प्रचार में नाबालिगों का इस्तेमाल हुआ था। इसको लेकर जून 2022 में, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने FIR दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस को पत्र लिखा था।

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की शिक्षा टीम की प्रमुख सदस्य रहीं, AAP विधायक आतिशी मार्लेना ने शुक्रवार को ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों में बच्चे हाथ से लिखे हुए कार्ड लिए मनीष सिसोदिया से जल्द वापस आने के लिए कहते हुए दिखाई दे रहे हैं।

इस ट्वीट के साथ आतिशी मार्लेना ने लिखा, “भाजपा वालों: तुम कितने भी झूठे इल्जाम लगा लो, पर जो दिल्ली के बच्चों का मनीष सिसोदिया के लिए जो प्यार है, उसे तुम हिला नहीं सकते।”

आतिशी मार्लेना के अलावा आम आदमी पार्टी के कई अन्य कार्यकर्ता जनता से सहानुभूति हासिल करने और अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव डालने के लिए इसी तरह की हरकतों में लगे हुए हैं। खुद को अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य बताने वाले राजेन्द्र ठाकुर ने छोटे बच्चों की फोटो शेयर करते हुए कहा, “तुम एक मनीष सिसोदिया को रोकोगे तो दिल्ली के स्कूलों से 18 लाख मनीष सिसोदिया निकलेंगे। एड़ी-चोटी का जोर लगा लो, चाहे जितने तोता-मैना उड़ा लो शिक्षा क्रांति तो नहीं रुकने वाली।”

इसी तरह तारिषी शर्मा नामक आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता ने लिखा है, “एक नन्ही छात्रा का मोदी सरकार से सवाल-“आपने मनीष सर को जेल क्यों डाला? ये तो गलत है।”

खुद को दिल्ली सरकार के एजुकेशन टास्क फोर्स का सदस्य बताने वाले शैलेश ने ट्वीट कर कहा है, “समाज के लोगों ने आज दिल्ली में बहुत से स्कूलों के बाहर I Love Manish Sisodia डेस्क लगाई है। जिस पर दिल्ली के बच्चे इस बुरे समय में अपने शिक्षामंत्री के साथ खड़े है। और लेटर के माध्यम से अपना प्यार और सम्मान दिखा रहे हैं।”

मासूम बच्चों की भावनात्मक अपील का फायदा उठाते हुए AAP नेता सरिता सिंह ने एक वीडियो अपलोड किया। इसमें कई स्कूली बच्चे कुर्सियों पर कागज के टुकड़े लिए नजर आ रहे हैं। इन कागजों पर कुछ लिखा हुआ है, जो स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा। हालाँकि इन बच्चों के पीछे एक बड़ा बैनर लगा हुआ है। इस बैनर पर लिखा है, “आई लव मनीष सिसोदिया।” दिलस्चप बात यह है कि वीडियो के बैकग्राउंड में एक महिला इन बच्चों को कहती दिख रही है “कृपया हमारी भावनाएँ मनीष सर तक पहुँचाई जाएँ।” वीडियो से स्पष्ट है कि इन बच्चों को सच्चाई का पता नहीं है। ये मासूमियत के साथ वही दोहरा रहे हैं जो उन्हें कहने के लिए कहा जा रहा है।

इस पूरे मामले पर एनसीपीसीआर ने एक्शन लिया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राजनीतिक एजेंडे के लिए बच्चों का इस्तेमाल करने और ट्विटर पर ‘नाबालिग की तस्वीर’ पोस्ट करने के मामले में आप नेता आतिशी के खिलाफ जाँच और कार्रवाई करने के लिए दिल्ली के मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है।

आंदोलनजीवियों ने भी किया है बच्चों का दुरुपयोग

आंदोलनजीवियों के शाहीन बाग आंदोलन से लेकर तथाकथित किसान आंदोलन तक अपनी फायदे और राजनीतिक छवि चमकाने के लिए बच्चों का इस्तेमाल किया गया है। ‘किसान’ आंदोलन के समय ऐसे कई वीडियो सामने आए थे जिनमें छोटे बच्चों को बतौर आंदोलनकारी दिखाने की कोशिश की गई थी। इसी तरह नागरिक संशोधन कानून के विरोध को लेकर भी शाहीन बाग में बैठे आंदोलनजीवी 4 महीने के शिशु मोहम्मद जहाँ को लगभग हर दिन आंदोलन वाली जगह ले जाते थे।

राहुल और प्रियंका भी पीछे नहीं

2019 में हुए विधानसभा चुनावों से पहले प्रियंका गाँधी का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में प्रियंका गाँधी के कहने पर कुछ बच्चे “चौकीदार चोर है” का नारा लगाते हुए दिखाई दिए थे। वीडियो देखकर ऐसा लग रहा था जैसे प्रियंका छोटे बच्चों का मनोरंजन कर रहीं हैं और उन्हें देश को गौरवान्वित करने वाले पद में बैठे व्यक्ति की अस्मिता का कोई ध्यान ही नहीं है।
यही नहीं राहुल गाँधी भी बच्चों का उपयोग करने के मामले में कहीं पीछे नहीं हैं। राहुल ने साल 2020 में पुरानी दिल्ली में आयोजित अपनी चुनावी रैली के दौरान एक 10 वर्षीय बच्चे का उल्लेख करते हुए यह बताने की कोशिश की थी कि मोदी सरकार के चलते देश का माहौल खराब हो गया है। इसी तरह भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी उन्होंने एक 7-8 की उम्र के दिखने वाले बच्चे को ठंड में बिना कपड़ों के पैदल चलाते हुए राजनीतिक तमाशा बनाने की कोशिश की थी।

शराब घोटाले में बुरी फँसी AAP, 9वें आरोपित का दावा- धंधे के लिए केजरीवाल को भेजे गए पैसे :‘10 करोड़ रूपए लगाकर 150 रूपए करोड़ कमाए’

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व वाली दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार पर लगे शराब घोटाले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। भाजपा ने इस घोटाले के आरोपित नंबर 9 अमित अरोड़ा का एक वीडियो जारी है। भाजपा इसे स्टिंग ऑपरेशन बता रही है, जिसमें आरोपित शराब घोटाले के बारे में लोगों को बता रहा है।

इस आरोपित सामने वाले शख्स को बता रहा है कि दिल्ली सरकार की शराब पॉलिसी से किन-किन लोगों को लाभ पहुँचाने की कोशिश की गई और यह कैसे-कैसे अंजाम दिया गया। इसमें शख्स ने विस्तार से बताया है। उसने बताया कि इसमें आम आदमी पार्टी के नेताओं को कई सौ करोड़ रुपए का लाभ पहुँचा है। शख्स ने कहा कि जिनको फायदा पहुँचा है, उन सभी ने अरविंद केजरीवाल को पैसे दिए हैं। किसी ने 100 करोड़ दिए, किसी ने 60 करोड़ दिए तो किसी ने 30 करोड़।

वीडियो मे अमित अरोड़ा बताया जा रहा शख्स कहता है, “देखो जी ऐसा है, इंडो स्पिरिट वाला तो 100 करोड़ रुपए एडवांस देकर बैठे थे। वो तो कहते थे कि 100 रुपए की ज्वॉइनिंग की है। वो सबको बोलते थे कि सबसे बड़ा धंधा उसी के पास था। अब 100 रुपए की ज्वॉइनिंग में भी एक ये भी ब्लैक एंड ह्वाइट करने का धंधा है। भाई आज आप 100 रुपया किसी को एडवांस में किसी को दे दो और जब वापस मिलेगा तो सब ह्वाइट में। जो कैश दे रहा है वो तो ब्लैक को ह्वाइट ही कर रहा है। मैंने कैश दे दिया और आपने फिक्स मार्जिन दे दिया। उसके बाद अमन डल जो 60-70 करोड़ मार्केट में है, वो उसने दिए। क्योंकि, हर आदमी बोलता था कि हमें भी धंधा दे दो। वो इतने में दे देंगे किसी को। इतने पैसे देने की किसी की हिम्मत नहीं है। अब हमारे पास कहाँ से आ जाएँगे इतने पैसे?”

वीडियो में दिख रहा शख्स आगे कहता है, “ऐसे ही ये महादेव लिक्वर है। महादेव लिक्वर ने भी इतने ही पैसे दिए, 50 करोड़ रुपए। इसके बिना धंधा नहीं मिल सकता। वैसे ही वो दिवांस स्पिरिट है। उसका धंधा इनसे थोड़ा सा था तो उसने 30 करोड़ रुपए दिए। अमन डल और अनंत वाइन्स, दो आदमियों को 10,000 करोड़ रुपए का धंधा दिया गया। ये दो आदमियों को ही क्यों दिए गए? कंप्टीशन तो कस्टमर के अच्छी बात है। आज की डेट में अमन डल, प्रिंटको और अनंत पंजाब में किसी का धंधा बंद करवा सकते हैं। जिसको ये माल ना दें, उसकी दुकान बंद हो जाएगी। वो बेचारा पैसे देकर मर जाएगा।”

शख्स आगे कहता है, “पंजाब के किसी भी रिटेलर से जो बताने की हिम्मत करेगा, उससे पूछ पूछ लो। इसमें मेरा नाम इसलिए क्योंकि मैं रिटेलर हूँ और मैं दिनेश अरोड़ा को जानता था। मेरे को लोग दिनेश अरोड़ा बोलते हैं, लेकिन मेरा नाम अमित अरोड़ा है। मुझे एक परसेंट का भी धंधा नहीं मिला। मेरे पास रिटेल का धंधा है, जो मुझे हाईकोर्ट से मिला है। अब मेरा नाम डाल दिया। जब मेरा नाम डाल दिया तो मैंने इन्क्वायरी ज्वॉइन कर ली। पॉलिसी बनाने में सारा काम विजय नायर का था, समीर महेंद्रू का था, अमन डल का था, मैडम चड्ढा का था और एक अरुण पिल्लई थे।”

इस घोटाले में शामिल लोगों के नाम लेते हुए वह शख्स आगे कहता है, “ये जो अमन डल है वो ब्रिंडको का है और जो समीर महेंद्रू है वो इंडो स्पिरिट है, मैडम चड्ढा महादेव लिक्वर है। अगर कोई बंदा ड्रग्स भी बेचे तो इतना धंधा ना कमा पाए। 10 करोड़ रुपए लगाए हैं और 150-150 करोड़ रुपए कमाए हैं अभी तक। ये सिर्फ पैसा कमाने का तरीका नहीं था, ये एक और तरीका था। क्या किया का 100 करोड़ रुपए एडवांस दे दिया कैश में। इन्होंने 100 करोड़ रुपए लगा दिए इलेक्शन में कहीं भी। अब वो पैसा जब वापस आ रहा है तो… पहली पॉलिसी ऐसी है जिसके अंदर लिखा है कि इस पैसे का आपको 12 परसेंट देना ही पड़ेगा। ऐसा धंधा तो मैंने जिंदगी में नहीं देखा।”

दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए वह शख्स कहता है, “इनको किसी रिटेलर से पैसे नहीं मिल रहे थे। इनको पैसे मिल रहे थे होलसेल से। ये चाहते थे बहुत सारे होलसेल। इन्होंने यहाँ फिक्स किया कि जितनी मर्जी दारू बेचो, कोई कोटा फिक्स नहीं। ये जो 12 परसेेंट का कमीशन था, इनमें इनको 6 परसेंट मिलता था। इन्होंने ओबेरॉय होटल में बैठ के, लोधी होटल में बैठ के इन सबने पॉलिसी बनाई। इसके बाद इन्होंने 6 परसेंट का गेम खेला। इसमें 4-5 सौ करोड़ रुपए तो बनाया ही गया होगा।”

भाजपा ने लगाया आरोप

वीडियो को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु द्विवेदी ने गुरुवार (15 सितंबर 2022) को कहा कि नई राजनीति शुरू करने वालों की शराब पुरानी होने के साथ उनका असली चेहरा सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि इसके पहले भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दिल्ली सरकार की पोल खोली गई थी।
वहीं, दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के प्रत्येक काम में भ्रष्टाचार और अपने लोगों को लाभ होता है। दिल्ली के राजस्व को हानि पहुँचाकर 15,000 करोड़ की शराब की बिक्री होती थी। 165 प्रतिशत राजस्व को घटाकर एक प्रतिशत कर दिया गया।
गुप्ता ने कहा कि इससे पहले स्टिंग में स्पष्ट था कि किस तरह से दो प्रतिशत से कमीशन बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया, ताकि 6 प्रतिशत आम आदमी पार्टी के नेताओं को मिले। उन्होंने कहा कि शराब के ठेके उन ठेकेदारों को दिए गए, जो काली सूची में शामिल हैं। दिल्ली के बाद पंजाब में भी यही मॉडल अपनाया गया। दो कंपनियों को पूरे राज्य का ठेका दिया गया।
भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूंजीपति मित्रों के लाभ के लिए होटल में बैठकर नई आबकारी नीति बनाई। ठेकेदारों से छह प्रतिशत कमीशन एडवांस ले लिया गया और उन्हें फायदा पहुँचाया गया। इतना ही नहीं, काले धंधे का पैसा सफेद किया गया।

आम आदमी पार्टी ने आरोपों को नकारा

भाजपा के आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर, दफ्तर और पुश्तैनी घर समेत 30 से अधिक जगहों पर ED और CBI छापेमारी कर चुकी है। इन एजेंसियों को यहाँ कुछ नहीं मिला। अगर सबूत मिलता तो वह मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लेता।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि गुजरात में पार्टी की लोकप्रियता से भाजपा घबरा गई है। इसलिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करके आम आदमी पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को परेशान किया जा रहा है।