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‘बंगाली बोलने के कारण महिला और उसके बच्चे का उत्पीड़न’: दिल्ली पुलिस ने ममता बनर्जी का ‘फैक्ट’ किया दुरुस्त, बताया कैसे बीबी सजनूर ने गढ़ी झूठी कहानी

                                                               साभार- ममता बनर्जी के फेसबुक से
पश्चिम बंगाल के मालदा से दिल्ली के गीता कॉलोनी में रहने आए एक बंगाली प्रवासी परिवार ने सोशल मीडिया पर लाइक्स और चर्चा में आने के लिए एक ऐसा वीडियो बनाया जिसके कारण राजनीतिक उठापटक मच गई। इसके बाद पुलिस जाँच हुई तो मामले की सच्चाई सामने आ गई।

शनिवार (26 जुलाई 2025) को एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें मुख्तार खान अपने छोटे से बच्चे के कान और चेहरे के साथ अपनी पत्नी सजनूर बीबी के चेहरे को भी दिखलाकर बंगाली भाषा में यह कहता नजर आ रहा है कि उन दोनों के साथ मारपीट की गई है और साधारण कपड़ों में आए कुछ पुलिस वालों ने उनसे 25,000 रुपए भी वसूले हैं। वीडियो में जीपीएस ट्रैक में लिखा है कि यह वीडियो नई दिल्ली के गीता कॉलोनी में बनाया गया है।

ममता ने लपका मौका

 सोशल मीडिया में वायरल होते ही पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधने का मौका नहीं छोड़ा। 27 जुलाई 2025 को वीडियो को साझा करते हुए ममता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भयानक, बेहद भयावह! देखिए मालदा के चंचल से दिल्ली आए एक प्रवासी परिवार के बच्चे और उसकी माँ को दिल्ली पुलिस ने कितनी बुरी तरह से मारा है।”

ममता बनर्जी ने आगे लिखा, “देखिए किस तरह बच्चों तक को हिंसा की क्रूरता से बक्शा नहीं जा रहा है। भाषाई आतंक के दौर में बीजेपी ने देश के बंगालियों के खिलाफ हिंसा शुरू कर दी है। हमारा देश किस दिशा में जा रहा है?”

पुलिस ने की पड़ताल

टीएमसी सुप्रीमो के इस ट्वीट के बाद पूर्वी दिल्ली के डीसीपी अभिषेक धनिया ने इस मामले की पूरी पड़ताल करवाई। सीसीटीवी फुटेज और परिवार से कड़ाई से पूछताछ की। पूरी जाँच के बाद डीसीपी ने अपना बयान जारी किया।

उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला ही झूठा था और महिला ने मालदा जिले में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के कहने पर भी झूठा वीडियो बनाया था। यह रिश्तेदार एक राजनीतिक कार्यकर्ता है जिसने जानबूझकर इस तरह का वीडियो बनवाया जिससे वह किसी तरह का राजनीतिक लाभ उठा सके।

डीसीपी अभिषेक ने कहा, “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने ‘X’ पर एक पोस्ट किया, जिसमें कहा गया कि दिल्ली पुलिस ने एक बंगाली भाषी महिला और उसके बच्चे के साथ मारपीट की। जानकारी मिलते ही हमने जाँच शुरू की और पता चला कि महिला का नाम सजनूर बीबी है। वह अपने पति मुख्तार खान और दो बच्चों के साथ पश्चिम विनोद नगर के मजबूर नगर में रहती है। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि 26 जुलाई की रात लगभग 10:30 बजे चार पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में उनके घर आए और उन्हें एक सुनसान जगह ले जाकर पीटा, साथ ही ₹25,000 की माँग की, जो उन्होंने बाद में दे दिए।”

डीसीपी ने आगे कहा, “मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने कई टीमें गठित कीं। तकनीकी और स्थानीय इंटेलिजेंस के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमने कई सबूत इकट्ठा किए। उन सबूतों के आधार पर हमें यह ज्ञात हुआ कि महिला द्वारा बताई गई पूरी कहानी निराधार है। महिला अपनी मर्जी से दोपहर 12:03 बजे दोनों बच्चों के साथ घर से निकली। उसके साथ किसी के भी होने की बात CCTV फुटेज में सामने नहीं आई।”

डीसीपी अभिषेक ने बताया कि पूछताछ में महिला ने यह भी बताया कि वह रास्ता भटक गई थी। किसी स्थानीय की मदद से उसने अपने मामा को फोन किया। वह पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में रहता है और एक राजनीतिक कार्यकर्ता है। उसके कहने पर ही उसने यह झूठा वीडियो बनाया और उसे भेजा, जिसे बाद में स्थानीय मीडिया में प्रसारित किया गया।

डीसीपी ने कहा, “गहन जाँच और पूछताछ के बाद ये बात सामने आई है कि पूरा वीडियो झूठा और मनगढ़ंत है। इस वीडियो को जानबूझकर सोशल मीडिया पर फैलाया गया ताकि दिल्ली पुलिस की छवि को नुकसान पहुँचाया जा सके। आगे की जाँच अभी भी जारी है।”

यूजर्स ने भी ममता ‘दीदी’ को लताड़ा

पुलिस के बयान के बाद एक्स पर कई यूजर्स ने TMC सुप्रीमो और कोलकाता पुलिस को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने कहा कि कोलकाता पुलिस ने फेक न्यूज़ फैलाने के एवज में ममता बनर्जी का अकाउंट सस्पेंड नहीं किया, उन्हें कोई नोटिस जारी नहीं किया। लेकिन इसी जगह कोई दूसरा होता तो उसका अकाउंट अब तक बंद हो चुका होता। समानता सभी नागरिकों के लिए एक जैसी होनी चाहिए। जय हिंद।

एक अन्य यूजर ने दिल्ली पुलिस के लिए लिखा कि दिल्ली पुलिस को निराधार आरोप लगाने के लिए ममता बनर्जी पर मुकदमा करना चाहिए। एक यूजर ने लिखा, “हम सभी को पता है कि अब चुनाव होने वाले हैं तो बंगाल की ओर से इस तरह के अनगिनत ड्रामा देखने को मिलेंगे।”

उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अपमान पर जाटों के सबसे बड़े खाप ने बुलाई पंचायत: ‘किसान मोर्चा’ करेगा प्रदर्शन

उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अपमान पर भाजपा का किसान मोर्चा करेगा प्रदर्शन, जाटों के खाप ने बुलाई पंचायत
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी के उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अपमान पर जाट समुदाय क्रोधित है। जाटों ने एक पंचायत बुला कर इस मामले में कल्याण बनर्जी से माफ़ी की माँग की है। वहीं भाजपा सांसदों ने उप-राष्ट्रपति के समर्थन में राज्यसभा में खड़े रह कर विरोध प्रदर्शन किया है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी उप-राष्ट्रपति से मुलाक़ात की है। गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नकल उतारी थी। उन्होंने उप-राष्ट्रपति के हावभाव की नक़ल उतारते हुए अभद्र तरीके से उनकी मिमिक्री की। इस दौरान राहुल गाँधी उनका वीडियो बनाते रहे जबकि अन्य सांसद भी उनका साथ देकर ठहाके लगाते रहे।

इस मामले में भाजपा के राज्यसभा सांसद उप-राष्ट्रपति के समर्थन में राज्यसभा में 20 दिसम्बर, 2023 को एक घंटा खड़े रहे। इसके द्वारा उन्होंने उप-राष्ट्रपति के साथ एकजुटता दिखाई। इस एक घंटे में सदन की कार्रवाई में भाजपा और इसके गठबंधन दलों के सांसद चलती हुई कार्रवाई में खड़े होकर हिस्सा लेते रहे।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी (प्रहलाद जोशी) ने कहा, “दूसरे सदन के सदस्य राहुल गाँधी ने उप-राष्ट्रपति का अपमान किया है। पहली बार विपक्ष इस स्तर जा रहे हैं कि कोई हद ही नहीं है।” प्रल्हाद जोशी से कल्याण बनर्जी से माफ़ी की माँग भी की।

वहीं उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अपमान पर जाट समुदाय भी आक्रोशित हो गया है। देश की सबसे बड़ी खाप पंचायत के उपाध्यक्ष प्रधान सुरेन्द्र सोलंकी ने इस मामले पर पंचायत बुलाई है। उन्होंने कहा है कि कल्याण बनर्जी ने उप-राष्ट्रपति का अपमान करके किसान समुदाय का अपमान किया है। उन्हें जल्द ही माफ़ी माँगनी होगी वर्ना तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों के घरों का घेराव किया जाएगा। उन्होंने राहुल गाँधी के व्यवहार की आलोचना भी की है। उन्होंने आगे बड़ी पंचायतों और विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद उप-राष्ट्रपति धनखड़ के साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी मुलाक़ात की। उन्होंने कल्याण बनर्जी की हरकत पर दुःख जताया। उन्होंने राहुल गाँधी द्वारा इस घटना की वीडियो बनाए जाने पर भी आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि यह नया निचला स्तर है लोकतंत्र में विश्वास करने वाले लोग इसकी कभी प्रशंसा नहीं करेंगे।

वहीं कल्याण बनर्जी ने अपने इस कृत्य पर माफ़ी माँगने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा, “मिमिक्री एक कला है, इसीलिए मैं माफ़ी नहीं माँगूँगा।” उन्होंने कहा कि मेरा उनकी भावनाएँ आहत करने का इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि मिमिक्री एक कला है इसलिए वो माफ़ी नहीं माँगेंगे।

भाजपा ने इस मामले पर विपक्ष को घेरने का भी इरादा बना लिया है। भाजपा का किसान मोर्चा इस मामले में अब प्रदर्शन करेगा और कल्याण बनर्जी का पुतला फूँकेगा।

पश्चिम बंगाल : TMC छोड़ कांग्रेस ज्वाइन करने पर सत्ताधारी दल के गुंडों ने महिला को नंगा कर पीटा

मुर्शिदाबाद में TMC के गुंडों ने महिला नेत्री को नग्न कर पीटा (चित्र साभार: आज तक बांग्ला)
मणिपुर पर हंगामा बड़पाने वाले, बंगाल, राजस्थान, झाड़खंड पर चुप्पी साधे हैं? क्या इन प्रदेशों में महिला का कोई सम्मान नहीं? जितना अधिक महिलाओं का शोषण हंगामा करने वालों के राज्यों में हो रहा है, उतना शायद किसी अन्य राज्य में नहीं। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गुंडों पर एक महिला को नग्न कर पीटने का आरोप लगा है। घटना रविवार (23 जुलाई 2023) की बताई जाती है। कथित तौर पर पीड़ित महिला पहले टीएमसी में ही थी। कांग्रेस ज्वाइन करने के कारण उसे पीटा गया। महिला को बचाने की कोशिश करने पर कांग्रेस के दो अन्य कार्यकर्ताओं की पिटाई करने की भी बात कही जा रही। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शुक्र मनाइए कि महेंद्र कपूर का गाया हुआ एवं मनोज कुमार पर फिल्माया हुआ फ़िल्म "यादगार" का ये गीत आज नहीं बना। न जाने कितने ही लोगों की भावनाएँ आहत हो जाती, मामला न्यायालय में पहुँच जाता। वो दौर कुछ और था जब ऐसे गीत बना करते थे, लोकप्रिय भी होते थे। किसी की भावना पर चोट लगने जैसी कोई बात ही नही होती थी, सभी गीत और सिनेमा को एन्जॉय करते थे।
एक तारा बोले तुन तुन
क्या कहे ये तुमसे सुन सुन
एक तारा बोले तुन तुन
क्या कहे ये तुमसे सुन सुन
बात है लम्बी मतलब गोल
खोल न दे ये सबकी पोल
तो फिर उसके बाद
एक तारा बोले
तुन तुन सुन सुन सुन
एक तारा बोले तुन तुन
क्या कहे ये तुमसे सुन सुन
एक तारा बोले
तुन तुन तुन तुन तुन
मंदिर से लोग घबराते हैं
मंदिर से लोग घबराते हैं
और रोज़ क्लब में जाते हैं
लोग भक्ति भजन सब भूल गए
और फ़िल्मी गाने गाते हैं
और फ़िल्मी गाने गाते हैं
जब धर्म नहीं और शर्म नहीं
कोई भी अच्छा कर्म नहीं
तो फिर उसके बाद
एक तारा बोले
तुन तुन तुन तुन तुन
एक तारा बोले तुन तुन
कहे ये तुमसे सुन सुन
एक तारा बोले
तुन तुन तुन तुन तुन
दो किस्म के नेता होते हैं
इक देता है इक पाता है
हो हो एक देश को लूट के खाता है
इक देश पे जान लुटाता है
हो हो एक ज़िंदा रह कर मरता है
इक मर कर जीवन पाता है
इक मारा तो नामो निशान ही नहीं
इक यादगार बन जाता है
इक यादगार बन जाता है
भगवान् करे मेरे देश के
सब नेता ही बन जाएँ ऐसे
थोड़े से लाल बहादुर हों
थोड़े से हों नेहरू जैसे
थोड़े से हों नेहरू जैसे
राम न करे मेरे देश को
राम न करे मेरे देश को
कभी भी ऐसा नेता मिले
जो आप भी डूबे देश भी डूबे
जनता को भी ले डूबे
अरे जनता को भी ले डूबे
वोट लिया और खिसक गया
जब कुर्सी से चिपक गया
तो फिर उसके बाद उसके बाद
एक तारा बोले तुन तुन तुन तुन
क्या कहे ये तुमसे सुन सुन
एक तारा बोले तुन तुन तुन तुन
आज तक बांग्ला के मुताबिक घटना मुर्शिदाबाद के गाँव बुरवान की है। बताया जा रहा है कि पीड़िता पहले तृणमूल कांग्रेस की सदस्य थी। इस बार पंचायत चुनाव में उसे टिकट नहीं मिला। इसके चलते महिला ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। थोड़े समय बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गई। जब इसकी जानकारी TMC के गुंडों को हुई तो उन्होंने महिला को बेरहमी से मारा। आज तक बांग्ला से पीड़िता ने कहा कि पिटाई से पहले आरोपितों ने उन्हें नंगा कर दिया था।

 

पीड़ित महिला के मुताबिक उन पर हमले के बाद अफरातफरी का माहौल बन गया था। लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुँच कर स्थिति को नियंत्रित किया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमित मालवीय ने इस घटना को लेकर ममता सरकार को घेरा है। उन्होंने लिखा, “एक और दिन। पश्चिम बंगाल के बुरवान (मुर्शिदाबाद) में एक और महिला के साथ मारपीट की गई और उसे निर्वस्त्र किया गया।” अमित मालवीय ने भी महिला पर TMC गुंडों के हमले की वजह पीड़िता का कांग्रेस को समर्थन करना बताया है।

अमित मालवीय ने इस घटना पर ममता बनर्जी और राहुल गाँधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। बताते चलें कि यह घटना तब घटी है, जब मणिपुर के वायरल वीडियो में 2 महिलाओं के साथ हुई निर्ममता से देश विचलित है।

BJP कार्यकर्ता के यौन उत्पीड़न का भी आरोप

इससे पहले पश्चिम बंगाल में भाजपा की ग्राम सभा उम्मीदवार ने TMC गुंडों पर नग्न कर पूरे गाँव में घुमाने का आरोप लगाया था। ANI के मुताबिक घटना 8 जुलाई 2023 (शनिवार) को हावड़ा जिले के दक्षिण पंचला में घटी थी। तब पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा की महिला नेत्री ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्टी के हेमंत रॉय पर अपने 40-50 साथियों के साथ हमला करने का आरोप लगाया था। शिकायत में पीड़िता ने हेमंत के अलावा नूर आलम, संजू दास, रणबीर पांजा, सुकमल पांजा और अल्फी एसके को भी नामजद किया था।
शिकायत में पीड़िता ने बताया था, “उन्होंने मेरी छाती और सिर पर लाठियों से वार किया। बाद में मुझे मतदान केंद्र से बाहर धकेल दिया। टीएमसी ग्राम सभा उम्मीदवार ने सुकमल पांजा और अली शेख को मेरी साड़ी और अंतः वस्त्रों को फाड़ने के लिए उकसाया। सबके आगे छेड़छाड़ की गई और मुझे नग्न होने के लिए मजबूर किया गया।”
21 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमित मालवीय ने महिला उत्पीड़न की एक अन्य घटना का भी जिक्र किया। यह घटना पश्चिम बंगाल के डोमजूर इलाके की है। यहाँ उन्होंने पीड़िता द्वारा दर्ज शिकायत के स्क्रीनशॉट को भी शेयर किया था, जिसमें पीड़िता ने टीएमसी के अरुण ठाकुर और शुवंकर मलिक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। शिकायत में पीड़िता ने कहा था, “उन्होंने काउंटिंग के दिन मेरे प्राइवेट पार्ट्स छुआ और मुझे पीटा।”
भाजपा की महिला कार्यकर्ता ने अपनी शिकायत पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। शिकायत में घटनास्थल के CCTV फुटेज की भी जाँच करवाने की माँग की गई थी।

एग्जिट पोल्स : त्रिपुरा और नागालैंड में सत्ता बचा लेगी भाजपा, मेघालय में कड़ी टक्कर

मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा में चुनाव संपन्न हो चुके हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि किस राज्य में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती हुई दिख रही हैं। ऐसे में बात करते हैं ‘जन की बात’ एग्जिट पोल्स की, जिसमें हर राज्य में सीटों को लेकर सर्वे किया गया है। इस सर्वे की मानें तो मेघालय में भाजपा पिछड़ती हुई दिख रही है। राज्य में उसे मात्र 3-7 सीटें मिलती हुई दिख रही हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस 9-14 सीटें जीत कर बड़ी ताकत बन कर उभर सकती है। लेकिन कांग्रेस इन राज्यों में भी सत्ता के निकट तक नहीं दिख रही। राहुल गाँधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' का भी गुजरात की तरह इन चुनावों पर कोई असर नहीं दिखा। 

वहीं मेघालय में भी UDP को 10-14 सीटें मिलती हुई दिख रही हैं। प्रदीप भंडारी की ‘जन की बात’ एग्जिट पोल के अनुसार, मेघालय में NPP 11-16 सीटें जीत कर सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरने वाली है। वहीं त्रिपुरा चुनाव की बात करें तो वहाँ भाजपा 29-40 सीटें जीत कर अपनी सत्ता बचाती हुई दिख रही है। वामपंथी दल यहाँ 9-16 पर सिमट जाएँगे। नई पार्टी TIPRA भी 10-14 सीटें जीत कर एक बड़ी ताकत के रूप में उभरेगी।

अब आते हैं नागालैंड विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल पर। यहाँ भी भाजपा अपनी सत्ता बचाती हुई दिख रही है। भाजपा को 35-45 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं NPF मात्र 1-16 सीटों पर सिमट जाएगी। यहाँ अन्य दलों को भी 9-16 सीटें मिलने का अनुमान है। ‘टाइम्स’ के एग्जिट पोल की मानें तो नागालैंड में भाजपा को 39-45, ‘Zee News’ के हिसाब से 35-45 और ‘इंडिया टुडे’ की मानें तो 38-48 सीटें मिल सकती हैं।

अन्य एग्जिट पोल्स की बात करें तो मेघालय में ‘टाइम्स’ ने भाजपा को 3-6 सीटें, ‘Zee News’ ने 6-11 सीटें और ‘इंडिया टुडे’ ने 4-8 सीटें दी हैं। ‘टाइम्स नाउ’ ने नागालैंड में राजग को 44 सीटें आने का अनुमान लगाया है। ‘एक्सिस माय इंडिया’ ने राज्य में भाजपा को 43 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। त्रिपुरा में ‘Zee News’ ने भाजपा को 29-36 सीटें दी हैं। इस तरह भाजपा उत्तर-पूर्व के दो राज्यों में अपनी सत्ता बचाती हुई दिख रही है, जबकि एक में कड़ी टक्कर है।

मोदी विरोधियों का क्राउड फंडिंग वेबसाइट ‘रहस्यमय’ ढंग से गायब: शेहला से लेकर साकेत गोखले तक ने किया इस्तेमाल

                 साकेत गोखले, कन्हैया कुमार और डॉ. कफील खान ने क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया
तृणमूल कांग्रेस नेता (TMC) साकेत गोखले अपनी जीविका चलाने के लिए जिन क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते थे उनमें से एक ourdemocracy.in है और यह अब इस प्लेफॉर्म का कोई अता-पता नहीं है। चूँकि, गोखले पूर्णकालिक नौकरी छोड़कर 10 रुपए खर्च करके आरटीआई डालने का काम करते थे, इसलिए उन्हें धन जुटाने के लिए क्राउडफंडिंग का सहारा लेना पड़ता था। नवंबर 2019 में गोखले ने क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म का एक लिंक ट्वीट कहा था कि उन्होंने ‘बीजेपी/आरएसएस से लड़ने’ के लिए अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने मोदी से नफरत करने लोगों से इकट्ठा होने और उन्हें पैसे देने का आग्रह किया था, इस लड़ाई के खर्चों का वे वहन कर सकें और इसके लिए उन्हें नौकरी ना करनी पड़े।

दरअसल, व्यक्तिगत जरूरतों के लिए भी क्राउडफंडिंग का सहारा लिया जाता है। क्राउडफंडिंग एक ऐसा तरीका है, जिसमें किसी काम के लिए पैसा इकट्ठा करने के लिए लोगों के समूह से मदद माँगी जाती है। क्राउडफंडिंग में जो भी लोग अपने पैसे देते हैं उन्हें मालूम होता है कि वह कहाँ और किस उद्देश्य के लिए फंड दे रहे हैं। हालाँकि, अब ना केवल क्राउडफंडिंग कैंपन, बल्कि ये पूरी वेबसाइट ही गायब है।

                                                                   यह वेबसाइट अब अस्तित्व में नहीं है

कैंपन शुरू करने के बमुश्किल 3 महीने बाद यानी फरवरी 2020 तक गोखले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नफरत करने वालों से 20 लाख रुपए से अधिक की राशि इकट्ठा कर ली थी।

                                                               क्राउडफंडिंग पर गोखले

गोखले ने स्वीकार किया था कि उन्होंने इस तरह 22 लाख रुपए से अधिक की राशि एकत्रित की थी। उन्होंने उस समय कहा था कि वह अपने व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करने के लिए और लोगों को भी शामिल करेंगे। उस समय पता चला कि OurDemocracy crowdfunding platform जुटाई गई राशि का कुल आँकड़ा नहीं दिखा रहा था। ऐसे में जिन लोगों ने योगदान दिया था, उन्हें यह नहीं पता चल पा रहा था कि गोखले कितना धन जुटा चुके हैं।

दिलचस्प बात यह है कि यह प्लेटफॉर्म अब रहस्यमय तरीके से गायब हो गया है। इसका इस्तेमाल पूर्व सीपीआई नेता और अब कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार, आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी मार्लेना और यहाँ तक ​​कि डॉ. कफील खान द्वारा भी किया गया था, जो 2017 में गोरखपुर ऑक्सीजन मामले का मुख्य आरोपित हैं।

आवर डेमोक्रेसी, क्राउडन्यूज़िंग और कॉन्ग्रेस कनेक्शन

ऑपइंडिया ने क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म की थोड़ी गहराई से पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि टाइम्स नाउ और WION जैसे चैनलों के साथ काम कर चुके एनडीटीवी के पूर्व पत्रकार बिलाल जैदी ने आनंद मंगनाले (Anand Mangnale) के साथ मिलकर 2017 में स्वतंत्र पत्रकारों के लिए ऑनलाइन क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म ‘क्राउडन्यूजिंग’ की शुरुआत की थी।
हालाँकि, 2019 के आम चुनावों से ठीक पहले उन्होंने इस प्लेटफॉर्म का विस्तार करने का फैसला किया और इसे ‘ourdemocracy’ में बदल दिया। इस पर कन्हैया कुमार, आतिशी मार्लेना जैसे नेताओं और साकेत गोखले जैसे बेरोजगार लोगों का स्वागत किया, जिन्होंने आरटीआई भरने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी थी। जब साकेत टीएमसी में शामिल हुए थे तब OurDemocracy प्लेटफॉर्म के को-फाउंडर ने उनकी सराहना की थी।
OurDemocracy प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वालों में गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी, दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और जेएनयू की पूर्व छात्रा और प्रदर्शनकारी शेहला रशीद भी शामिल हैं। इन्होंने OurDemocracy के पायलट (pilot) वर्जन क्राउडन्यूजिंग का इस्तेमाल किया था।
अब, क्राउडन्यूज़िंग के साथ-साथ OurDemocracy प्लेटफॉर्म बंद हो चुका है। लगभग एक महीने हो चुके हैं, लेकिन OurDemocracy के सोशल मीडिया हैंडल ने अभी तक इसकी कोई सार्वजनिक सूचना नहीं दी है। OurDemocracy के वैरिफाइड ट्विटर अकाउंट पर आखिरी ट्वीट 24 जून 2021 को डॉ. कफील खान के एक कैंपन में दान करने के लिए किया गया था। वहीं, क्राउडन्यूज़िंग का आखिरी ट्वीट 10 जून 2019 को किया गया था, जिसमें धन के दुरुपयोग के पुराने विवाद को लेकर एक खुद को और शेहला राशिद को क्लीन-चिट दी थी।
जिस प्लेटफॉर्म को बाद में गोखले ने इस्तेमाल किया, उसको लेकर शेहला राशिद पर कठुआ सामूहिक बलात्कार और हत्या के नाम पर एकत्रित किए गए धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगा था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि पीड़ित परिवार की मदद के नाम पर लाखों रुपए जमा किए गए, लेकिन फंड उन तक नहीं पहुँचा ही नहीं था। वहीं, राशिद ने इन आरोपों से इनकार किया था और बाद में कहा था कि पैसे देने में इसलिए देरी हुई, क्योंकि परिवार के पास ज्वॉइंट बैंक अकाउंट और पैन नहीं था। ध्यान दें कि क्राउडन्यूज़िंग के साथ-साथ OurDemocracy के सह-संस्थापक Anand Mangnale ने जनवरी 2020 में जेएनयू में हुई हिंसा के दौरान व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल थे, जहाँ कैंपस हिंसा को लेकर अपना कुतर्क रख रहे थे।
ग्रुप के सदस्यों से आनंद पूछ रहे थे कि जेएनयू के समर्थन में कुछ लोग मेन गेट पर आ रहे हैं, क्या उन्हें भी वहाँ कुछ करना चाहिए? यह मैसेज ‘यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट’ नामक समूह का था। बरखा दत्त ने अनजाने में ट्विटर पर जो नंबर शेयर किया वह आनंद (Anand Mangnale) का था। उस नंबर को Google पर खोजने से पता चला कि यह वही नंबर था, जिसे कॉन्ग्रेस ने क्राउडफंडिंग अभियान के लिए इस्तेमाल किया था।
                                                    कांग्रेस के कैंपन पर आनंद का नंबर
इस पेज को अब हटा लिया गया है। आनंद ने टीएमसी के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ पहले काम किया था। प्रशांत किशोर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के लिए भी रणनीतिकार के रूप में काम चुके हैं। हालाँकि, ऑपइंडिया इसकी पुष्टि नहीं कर सका कि आनंद मंगनाले राहुल गाँधी की छवि बदलने के लिए उस टीम का हिस्सा थे या नहीं।
                                                                      आनंद मंगनाले
आनंद ने तब छात्रों को सुरक्षित रखने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने की बात स्वीकार की थी। अंत में, एक पत्रकार बिलाल जैदी आनंद मंगनाले से मिलते हैं और दोनों ने 2017 में ‘क्राउडफंडिंग’ वेबसाइट क्राउडन्यूज़िंग शुरुआत की और 2019 में इसका विस्तार कर इसे ‘ourdemocracy.in’ बनाया।
क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल साकेत गोखले, जिग्नेश मेवानी, कन्हैया कुमार, शेहला राशिद, मनीष सिसोदिया, आतिशी मार्लेना, डॉ. कफील खान द्वारा किया गया। इनमें से कम-से-कम दो लोगों पर यहाँ से जुटाए गए पैसों को लेकर जानकारी साझा नहीं करने का आरोप लगा था। अब ये दोनों प्लेटफॉर्म गूगल पर नहीं हैं। ऑपइंडिया ने क्राउडन्यूजिंग के सह-संस्थापक और OurDemocracy के बिलाल जैदी से भी संपर्क किया है। उनसे जवाब मिलने के बाद हम इस रिपोर्ट को अपडेट करेंगे।

‘TMC घोर सांप्रदायिक पार्टी, हिंदुओं और ईसाइयों के बीच विभाजन की कोशिश’: गोवा के पूर्व विधायक लवू मामलेदार ने छोड़ा ममता बनर्जी का साथ

गोवा में दूसरे दलों के नेताओं को लगातार पार्टी में शामिल करा रही तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) को एक झटका लगा है। लगभग तीन महीने पहले ही तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) में शामिल हुए गोवा के एक पूर्व विधायक ने पार्टी पर घोर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है। टीएमसी छोड़ने का ऐलान करने वाले पूर्व विधायक लवू मामलेदार (Lavoo Mamledar) ने कहा कि टीएमसी राज्य विधानसभा चुनाव से पहले वोटों के लिए हिंदुओं और ईसाइयों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है। 

उन्होंने कहा, “मैं सितंबर में टीएमसी में शामिल हुआ क्योंकि मैं ममता जी के 2021 के विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन और हाई-कमांड संस्कृति के प्रति उनके रूख से प्रभावित था। लेकिन पाँच नवंबर को TMC और MGP (महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी) के बीच गठबंधन के बाद हमने इसका घोर सांप्रदायिक रूप देखा।”

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि योजनाओं के लिए जानकारी एकत्र करने के नाम पर पार्टी लोगों का डाटा भी जुटा रही है। पिछले 15-20 दिन में उन्होंने जो कुछ देखा है उससे पूरी तरह साफ है कि टीएमसी भाजपा से भी खराब है।

लवू मामलेदार ने आगे कहा, “TMC ने ‘लक्ष्मी भंडार’ स्कीम लॉन्च किया। इसके तहत उन्होंने पश्चिम बंगाल की महिलाओं को हर महीने 500 रुपए देने का वादा किया। लेकिन गोवा में उन्होंने 5,000 रुपए देने का वादा किया, जो कि लगभग असंभव है। जब कोई पार्टी खुद को हारा हुआ महसूस करती है तो वह झूठे वादे करती है।”

पोंडा से पूर्व विधायक लवू मामलेदार सितंबर के अंतिम सप्ताह में तृणमूल कॉन्ग्रेस में शामिल हुए थे। वह राज्य के उन शुरुआती नेताओं में से एक थे जिन्होंने टीएमसी से जुड़ने का फैसला किया था। इस साल बंगाल में जीत से भाजपा को करारा झटका देने वाली टीएमसी ने फरवरी 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश की सभी 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। इसके लिए उसने भाजपा की पूर्व सहयोगी एमजीपी के साथ हाथ मिलाया है।

आतंकियों के लिए सुप्रीम कोर्ट आधी रात को खुल सकता है लेकिन बंगाल हिंसा के खिलाफ याचिका लिस्ट तक नहीं हो रही- इंडिक कलेक्टिव

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद से ही हिंसा जारी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के गुंडे बीजेपी कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति काफी खराब है। इसे लेकर 3 मई को ‘इंडिक कलेक्टिव’ नामक ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इंडिक कलेक्टिव ने इसे सुनवाई के लिए तुरंत लिस्ट करने की मांग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब देने के बाद भी लिस्ट नहीं हो पाई।

इंडिक कलेक्टिव के अनुसार उसकी तरफ से सीनियर एडवोकेट पिंकी आनंद और जे साईं दीपक ने वकील सुविदत्त सुंदरम के साथ मिल कर जस्टिस यूयू ललित के समक्ष इस मामले को 6 मई 2021 को उठाने के लिए मौखिक रूप से आग्रह किया, जिसे सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा अस्वीकार कर दिया गया।

6 मई को ट्रस्ट के एक और पत्र को अस्वीकार कर दिया गया। इंडिक कलेक्टिव ने कहा है कि यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि सजायाफ्ता आतंकियों के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट आधी रात को खुलता है, लेकिन पश्चिम बंगाल हिंसा के खिलाफ याचिका लिस्ट नहीं की जा रही है, जबकि अब भी जानें जा रही हैं। साफ है कुछ लोग औरों से ज्यादा बराबर हैं।

ट्र्स्ट ने आगे ट्वीट किया है कि 28 जून तक गर्मी छुट्टी से पहले आज सुप्रीम कोर्ट के कामकाज का अंतिम दिन है। हम एक बार फिर से वेकेशन बेंच के सामने याचिका की अर्जेन्ट लिस्टिंग के लिए आग्रह करने जा रहे हैं। हम अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। इस बीच बंगाल हिंसा की कई तस्वीरें और वीडियो हमारी टीम को मिली हैं।

दरअसल पश्चिम बंगाल में टीएमसी के गुंडे सीएम ममता बनर्जी की जीत का खूनी जश्न मना रहे हैं। टीएमसी के गुंडे हिंसा, लूट, अग्निकांड और बलात्कार को अंजाम दे रहे हैं। बीजेपी नेता और समर्थकों के घरों, दुकानों, मंदिरों, बस्तियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है। हिंसा में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन इन सब मामलों में स्थानीय पुलिस-प्रशासन मूक दर्शक बन तमाशा देख रहा है। ऐसे में बीजेपी समर्थक राज्य से पलायन कर असम और अन्य राज्यों में शरण ले रहे हैं। देखिए कुछ ट्वीट-


बंगाल हिंसा : विदेश मंत्री (MoS) पर हमला: लुंगी पहने लोगों ने लगातार बरसाए डंडे-पत्थर

                                      विदेश मंत्री (MoS) वी मुरलीधरन के काफिले पर हमला
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा अब भयावह रूप ले चुकी है। भाजपा समर्थक और आम जनता के बाद अब तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन पर भी हमला बोल दिया। मुरलीधरन ने अपने ट्विटर पर घटना की वीडिया जारी करके यह जानकारी दी।

वी मुरलीधरन ने अपने ट्वीट पर लिखा, “TMC गुंडों ने पश्चिम मिदनापुर में मेरे काफिले पर हमला किया, गाड़ी के शीशे तोड़े और पर्सनल स्टाफ को भी निशाना बनाया।”

58 सेकेंड की वीडियो में देख सकते हैं कि वी मुरलीधरन के काफिले पर लुंगी पहने लोगों ने लगातार डंडे-पत्थर बरसाए। ड्राइवर ने इस बीच गाड़ी पीछे की, लेकिन काफिले को चारों ओर से घिरा देख गाड़ी में बैठे सब लोगों को अपने बचाव में नीचे झुकना पड़ा। वीडियो में गाड़ी के काँच टूटने की आवाज और गाड़ी में पेड़ की मोटी छाल स्पष्ट रूप से देख सकते हैं। 

                                                            घटना में क्षतिग्रस्त हुई गाड़ी
समाचार एजेंसी एएनआई ने भी इस घटना की वीडियो को शेयर किया है। पूरा मामला वेस्ट मिदनापुर के पंचखुड़ी का है, जहाँ स्थानीय लोगों ने केंद्रीय मंत्री के काफिले पर हमला बोला। जानकारी के अनुसार, यह घटना आज दोपहर 1 बजे के आसपास की है। विदेश राज्यमंत्री (Union Minister of State for External Affairs) वी मुरलीधरन के ड्राइवर राहुल सिन्हा को घटना में चोट आई है। इसके अलावा काफिले के साथ चल रहे 2 और लोगों के घायल होने की खबर है।

                                                            घटना के बाद की तस्वीरें
ये पहली दफा नहीं है जब किसी मंत्री या नेता पर इस तरह बंगाल में हमला बोला गया हो। पिछले वर्ष भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमला हुआ था। उस समय भी उपद्रवियों ने इसी प्रकार उनके काफिले पर डंडे पत्थर लेकर अटैक किया था। उस समय बाद में गृह मंत्रालय ने इसमें कार्रवाई करते हुए 3 अधिकारियों के विरुद्ध एक्शन लिया था।

चुनावी नतीजों के बाद बंगाल से लगातार आ रही हिंसा की खबरों के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय इस बार भी एक्शन में आ गया है। जाँच के लिए 4 सदस्यीय टीम बनाकर कोलकाता भेजी गई है। मंत्रालय ने इनसे रिपोर्ट तलब की है। ये टीम बंगाल में हिंसा की घटनाओं और ताजा परिस्थिति की जाँच करेगी। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिख कर कहा था कि अगर HMO को रिपोर्ट नहीं मिलती है तो इसे काफी गंभीरता से लिया जाएगा।

बंगाल में ‘नेटवर्क 18’ के पत्रकार का दावा : TMC गुंडों द्वारा BSF जवानों के घर पर भी हमले, आगजनी और मारपीट

पश्चिम बंगाल में मई 2, 2021 को हुई मतगणना में तृणमूल कांग्रेस  (TMC) की जीत के साथ ही उसके गुंडे सक्रिय हो गए। राज्य भर में कई भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई। उनके घर तोड़े गए और भाजपा के दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया गया। अब ‘नेटवर्क 18 ग्रुप’ के प्रबंध संपादक ब्रजेश कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि पश्चिम बंगाल में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले BSF जवानों को भी नहीं बख्शा जा रहा है।

जो इस बात को साबित करता है कि छद्दम सेक्युलरिस्ट के संरक्षण में पल रहे अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठी अपना इस्लामिक मंसूबा करने का प्रयास कर रहे हैं। केंद्र सरकार को चुन-चुन कर ऐसे लोगों की पहचान कर दण्डित करना होगा। 

               ‘नेटवर्क 18 ग्रुप’ के मैनेजिंग एडिटर ब्रजेश कुमार सिंह ने दी BSF जवानों पर हमले की जानकारी
ब्रजेश ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया है कि पश्चिम बंगाल में सीमा रक्षकों के घरों पर भी हमले हो रहे हैं। उन्होंने अपने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि ममता बनर्जी की पार्टी TMC के कार्यकर्ताओं ने दो अलग-अलग जगहों पर BSF जवानों के घरों पर हमले किए हैं। उन्होंने बताया कि तोड़फोड़ व आगज़नी के साथ-साथ मारपीट की गई है। उन्होंने जवानों और उनके परिवार पर हुए हमले को शर्मनाक करार दिया।
ब्रजेश के अनुसार, पहला मामला जलपाईगुड़ी ज़िले के रानीरहाट इलाक़े का है, जहाँ छुट्टी पर आए BSF जवान कमल सेन के घर पर TMC से जुड़े गुंडों ने हमला बोला। साथ ही कमल और परिवार वालों के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। ब्रजेश की मानें तो कमल सेन के घर, ट्रैक्टर और बाइक में भी आग लगा दी गई। घायल जवान के सिलिगुड़ी के अस्पताल में भर्ती होने की बात कही जा रही है।
वरिष्ठ पत्रकार के मुताबिक, दूसरी घटना कूचबिहार की है। यहाँ सुशांत बर्मन नामक BSF जवान के घर पर हमला किया गया और लूट मचाई गई है। उन्होंने बताया है कि हमले की वजह से बर्मन के परिवार के सदस्य घर छोड़कर भागे हुए हैं। उनकी जान को ख़तरा है। जवान का भाई भाजपा समर्थक है और इसे ही हमले का कारण बताया जा रहा है। जानकारी दी गई है कि इस मामले में शिकायत भी दर्ज हुई है।
ब्रजेश कुमार सिंह ने ट्विटर पर लिखा, “ये दोनों ही घटनाएँ ये बताने के लिए काफी हैं कि पश्चिम बंगाल में हालात क्या हैं। अगर सीमा ऱक्षक खुद या उनके परिवार और मकान सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की कौन कहे। जो लफ़ंगों, गुंडों और घुसपैठियों से देश को बचाते हैं, खुद उनके घर पर ये लफ़ंगे हमले कर रहे हैं। हद है ये सब।” हालाँकि, मीडिया के अन्य स्रोतों में ये खबर अभी नहीं आई है।
ब्रजेश ने बताया कि BSF के उच्चाधिकारियों ने दोनों ही मामलों में स्थानीय प्रशासन और पुलिस से कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने लिखा, “देखना ये होगा कि ममता बनर्जी के बंगाल में खुद सीमा रक्षकों के परिवारों को न्याय मिलेगा या नहीं, वो भी अगर हमले करने वाले उनकी खुद की पार्टी TMC के कार्यकर्ता हों।” बता दें कि पश्चिम बंगाल में हिंसा के खिलाफ आज बीजेपी धरना देगी। पार्टी के राष्ट्रीय जेपी नड्डा खुद बंगाल में कैंप कर रहे हैं।
ये भी खबर आई थी कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उपजी राजनीतिक हिंसा के बाद सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंगाल छोड़ दिया है। बंगाल के पड़ोसी राज्य असम के मंत्री व भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने खुद इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था, ”एक दुखद घटनाक्रम में 300-400 बंगाल के भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके परिवार के सदस्यों ने अत्याचार और हिंसा का सामना करने के बाद असम में धुबरी पार किया है। हम उन्हें आश्रय और भोजन दे रहे हैं।”

‘माँ काली और हनुमान की प्रतिमाओं को तोड़ा’: बंगाल में लेफ्ट भी हिंसा का शिकार

पश्चिम बंगाल में अब लेफ्ट ने भी टीएमसी पर लगाया हिंसा
का आरोप (साभार: @aishe_ghosh)
चुनाव जीतते ही बंगाल में शुरू हुई हिंसा का तांडव तृणमूल द्वारा किया जा रहा है, बीजेपी की हार माँ जश्न मनाने वाली समस्त पार्टियों को एकजुट होकर ममता बनर्जी की नयी सरकार को बर्खास्त करने के लिए आवाज़ बुलंद करनी होगी। जिस तरह से बंगाल की सड़कें और गलियों को खून से लाल किया जा रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी खुलकर सामने आना  होगा, क्योकि अधिकतर शिकार वही लोग हो रहे हैं, जो उनके समर्थन में सड़क पर आए थे। जनता ने भाजपा का साथ भी दिया, अगर ममता ने छठे राउंड की वोटिंग से पहले व्हीलचेयर को छोड़ दिया, परिणाम निश्चितरूप से विपरीत होते। ऐसे में ज्वलंत प्रश्न यह है कि 'क्या ममता विरोधी पांच सालों तक इसी तरह प्रताड़ित होते रहेंगे?' 

पश्चिम बंगाल में मई 2, 2021 को हुई मतगणना में TMC की जीत के साथ ही सत्ताधारी दल के गुंडों पर हिंसा के आरोप लग रहे हैं। भाजपा के दफ्तरों में आग लगाने, कार्यकर्ताओं की हत्या, उनके घरों को तहस-नहस करने की खबरें आ चुकी है। बीजेपी ने अपनी 2 महिला पोल एजेंट के साथ गैंगरेप का भी दावा किया है। ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP)’ ने भी अपने दफ्तरों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के आरोप टीएमसी के गुंडों पर लगाए हैं।

आरोप है कि राजधानी कोलकाता में स्थित ABVP के दफ्तर में तृणमूल कार्यकर्ता घुस गए और उन्होंने वहाँ जम कर तोड़फोड़ मचाई। साथ ही वहाँ मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट भी हुई। ABVP ने ये भी आरोप लगाया है कि TMC के गुंडों ने जान-बूझकर माँ काली और भगवान हनुमान की प्रतिमाओं के साथ तोड़फोड़ की। ABVP की महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि जिन्होंने भी ममता बनर्जी के खिलाफ बोला, उनका खून बहाया जा रहा है।

उनका कहना है कि कोलकाता में ABVP के प्रान्त कार्यालय में 150 की संख्या में TMC के गुंडे नारेबाजी और हूटिंग करते हुए आए, जिन्होंने जम कर उपद्रव किया। इसके बाद सोमवार को दोपहर में 15-20 गुंडे भीतर घुस गए और कार्यालय में मौजूद पदाधिकारियों के साथ गाली-गलौज व हाथापाई की। दफ्तर में मौजूद श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सुभाष चंद्र बोस और रवीन्द्रनाथ टैगोर की तस्वीरों को तोड़ डाला गया।

निधि त्रिपाठी के अनुसार, माँ काली और भगवान हनुमान की प्रतिमाओं को नीचे गिरा कर उन्हें पैरों तले रौंदा भी गया। उन्होंने कहा कि 100 के करीब गुंडे ABVP के कार्यालय को घेर कर खड़े थे। उन्होंने बताया कि TMC के गुंडे ये कहते हुए हमला कर रहे थे कि जिन्होंने ममता दीदी के चेहरे पर कालिख लगाई है और उनके खिलाफ बोला है, उन्हें हम बंगाल में नहीं रहने देंगे। उन्होंने कहा कि बदला लेने पर उतारू तृणमूल वाले खून बहा रहे हैं।

अब सिर्फ भाजपा ही नहीं बल्कि वामपंथी नेता भी आरोप लगा रहे हैं कि उनके दफ्तरों पर हमले किए जा रहे हैं, कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा हो रही है और आगजनी की जा रही है। JNU छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा कि TMC को जनादेश स्वीकार करना चाहिए और ये जनादेश लोगों के लिए काम करने के लिए मिला है, हिंसा के लिए नहीं। उहोंने कहा कि ममता बनर्जी के कार्यकर्ता विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

CPI(M) के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने भी कहा कि TMC जिस तरह हिंसा कर अपनी जीत का जश्न मना रही है, वो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसी हिंसा का प्रतिकार किया जाएगा, ये स्वीकार्य नहीं है। येचुरी ने आरोप लगाया कि कोविड-19 महामारी से निपटने की बजाए ममता बनर्जी अराजकता फैलाने में लगी हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि CPI(M) लोगों की मदद, सुरक्षा और राहत देने के लिए हमेशा मौजूद रहेगा।
शुभेंदु अधिकारी के विधानसभा क्षेत्र नंदीग्राम के केन्डमारी गाँव में तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं को जमीन पर पटक-पटक कर पीटा, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद लोग राज्य में महिला सुरक्षा पर भी सवाल उठा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि महिलाओं को पीटने वाले ‘TMC के मुस्लिम गुंडे’ हैं। अब तक करीब एक दर्जन लोगों की हत्या की बात कही जा रही है।
भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार ने फेसबुक पर लाइव आकर तृणमूल की गुंडागर्दी के बारे में बताया था। इसके कुछ ही घंटों बाद उनकी हत्या कर दी गई। उनके पालतू कुत्तों के बच्चों को ही मार डाला गया। इस तरह की कई हत्याएँ हुई हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज मृत कार्यकर्ताओं के परिजनों से मुलाकात करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बंगाल से रिपोर्ट रिपोर्ट तलब की है। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने DGP और कोलकाता के कमिश्नर को विशेष निर्देश दिए हैं।
ननूर से भाजपा की दो पोलिंग एजेंट्स के साथ गैंगरेप की खबर सामने आई है। ‘दैनिक जागरण’ की खबर के अनुसार, 9 भाजपा, 1 ISF और एक तृणमूल के कार्यकर्ता हिंसा की भेंट चढ़ गए हैं। नंदीग्राम में कई दुकानों में घुस कर लूटपाट व तोड़फोड़ हुई। कोलकाता के उल्टाडांगा में एक भाजपा कार्यकर्ता को पीट-पीट कर मार डाला गया। नॉर्थ 24 परगना के भाटपाड़ा में क्रूड बम बरामद हुआ। ममता बनर्जी ने हिंसा रोकने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा और अर्धसैनिक बलों ने हमें काफी प्रताड़ित किया है।
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जहाँ संघ कार्यकर्ता के पूरे परिवार को रेता, जहाँ आजादी पर लहराया था पाकिस्तानी झंडा; हर जगह TMC जी

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पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने आरोप लगाया है कि नतीजों के बाद उनकी पार्टी के करीब 100 दफ्तरों और कार्यकर्ताओं के घरों को तबाह कर दिया गया और कुछ को आग के हवाले कर दिया गया है। ममता बनर्जी ने ये कह कर पल्ला झाड़ लिया है कि जब तक वो शपथ नहीं ले लेतीं, कानून-व्यवस्था उनके हाथ में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पुरानी और राज्य के बाहर की तस्वीरें शेयर कर के अनर्गल आरोप लगा रही है।