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कर्नाटक चुनाव : BJP आगे, दूसरे नंबर पर कांग्रेस : जन की बात+सुवर्णा न्यूज का ओपिनियन पोल, ‘बजरंग दल’ इफेक्ट से BJP को लाभ

कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले ओपिनियन पोल के जरिए कयास लगने लगे हैं कि इस बार राज्य में कौन सी पार्टी की सरकार आने वाली है। इसी क्रम में प्रदीप भंडारी के ‘जन की बात’ ने अपने सर्वे के आधार पर कुछ नंबर्स को जारी किया है। इसके मुताबिक इस बार कर्नाटक में भी भाजपा को कांग्रेस  और जेडीएस से ज्यादा वोट मिलने की उम्मीद है। भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए सोनिया और परिवार को चुनाव से दूर रहना होगा। वैसे भी बजरंग दल का मुद्दा उछाल कर कांग्रेस को वैसे भी बहुत नुकसान हो गया है। अन्य चुनावों की भांति इस बार भी कांग्रेस और अन्य भाजपा विरोधी जनता की नब्ज पढ़ने में असफल रहे हैं। आज हिन्दुत्व और सनातन विरोधियों को जनता ने नकारना शुरू कर दिया है। जबकि मुस्लिम वोट समस्त भाजपा विरोधियों में बंट रहा है। 

1 मई तक के डेटा के आधार पर ‘जन की बात कर्नाटक पोल’ कहता है कि भाजपा को 100-114 तक सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस को 86-98, जेडीएस को 20-26 सीटें मिल सकती हैं। पोल के अनुसार, भाजपा को जहाँ  मोदी फैक्टर का फायदा होगा। वहीं कांग्रेस और जेडीएस को मुस्लिम वोट ज्यादा मिल सकते हैं।

जन की बात के दूसरे पोल में 70% लिंगयात और 70% मराठा भाजपा का ही साथ देंगे। वहीं 86% मुस्लिम और 83% कुर्बा कांग्रेस के साथ रहेंगे। क्षेत्रवार बात करें तो भाजपा कर्नाटक, कित्तूर में लीड करेगी और कांग्रेस से उन्हें कल्याण समेत बेंगलुरु के इलाकों में टक्कर मिलेगी।

वीआईपी सीट की बात करें तो पोल कहता है कि शिगाँव से बसवराज बोम्मई लीड करेंगे, कनकपुर से डीके शिवकुमार, चिकमंगलूर से सीटी रवि, हुबली धरवाड़ से जगदीश शेटर और शिकारी पुरा से बीवाई वीजेंद्र आगे रहेंगे।

‘जन की बात’ का पोल एशियानेट सुवर्णा न्यूज पर आया है। इससे पहले कई और चैनलों के ओपिनियन पोल जारी हो चुके हैं। जैसे 30 अप्रैल को जारी किए गए एबीपी के सी वोटर ने बताया कि इस बार 224 विधानसभा वाली सीटों में भाजपा का बहुमत पाना मुश्किल है और उन्हें 74 से 86 सीटों पर ही संतोष करना पड़ेगा। वहीं कांग्रेस को 107 से 119 सीटें मिल सकती हैं। इसी तरह जेडीएस पर 23 से 35 सीट मिलेगी।

इसके बाद जी न्यूज के मैटरीज ओपिनियन पोल भी 1 मई को आ चुका है। इसके अनुसार भाजपा इस बार राज्य में अपने खाते में 103 से 115 सीटें पाएगी और अन्य पार्टियों से ऊपर रहेगी। इस पोल के अनुसार कांग्रेस को 79 से 91 सीटें मिल सकती हैं और जेडीएस को 26 से 36 सीटें मिलेंगी। वोट शेयर की बात करें तो भाजपा पर 42% वोट शेयर होगा और कांग्रेस को  40 फीसदी।

इसके अलावा इंडिया टुडे के सी वोटर ने कर्नाटक में किसकी सरकार आएगी ये अनुमान लगाया है। इंडिया टुडे के सी वोटर के अनुसार इस बार कांग्रेस बाजी मार सकती है। इस पोल की मानें तो भाजपा को सिर्फ 74 से 86 सीट आएँगी और कांग्रेस को 107 से 119 सीटें। इसी तरह जेडीएस को 23-55 सीट मिल सकती है। सर्वे में कांग्रेस के पास वोट शेयर 40% दिखाया गया है और बीजेपी के पास 35 फीसद।

कर्नाटक की 224 विधानसभा सीट पर इस बार 10 मई को चुनाव होने वाले हैं। नतीजे 13 मई को आएँगे। साल 2018 के चुनावों में यहाँ भाजपा को 104 सीटें मिली थीं और कांग्रेस को 80 सीट आई थी। वहीं जेडीएस के हिस्से 37 सीट आई थी। इस बार भी भाजपा-कांग्रेस को लेकर इतनी ही सीटों के अनुमान लगाए जा रहे हैं। हर पोल में जो एक बात सामान्य है वो यह कि उनके मुताबिक भाजपा के लिए मोदी फैक्टर बहुत काम आने वाला है और कांग्रेस के काम मुस्लिमों वोट आएँगे।

गौर करने वाली बात यह है कि ये ओपिनियन पोल कर्नाटक चुनाव में बजरंग दल के मुद्दा बनने से पहले के हैं। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बजरंग दल की तुलना पीएफआई से करते हुए प्रतिबंध का वादा किया था। इसका देशभर में विरोध हो रहा है। इससे कांग्रेस बैकफुट पर है। डैमेज कंट्रोल की कोशिश में पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने बजरंग दल पर प्रतिबंध से इनकार किया। उसके बाद कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सत्ता में आने पर राज्य के सभी जिलों में हनुमान मंदिर बनाने का वादा किया है।

एग्जिट पोल्स : त्रिपुरा और नागालैंड में सत्ता बचा लेगी भाजपा, मेघालय में कड़ी टक्कर

मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा में चुनाव संपन्न हो चुके हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि किस राज्य में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती हुई दिख रही हैं। ऐसे में बात करते हैं ‘जन की बात’ एग्जिट पोल्स की, जिसमें हर राज्य में सीटों को लेकर सर्वे किया गया है। इस सर्वे की मानें तो मेघालय में भाजपा पिछड़ती हुई दिख रही है। राज्य में उसे मात्र 3-7 सीटें मिलती हुई दिख रही हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस 9-14 सीटें जीत कर बड़ी ताकत बन कर उभर सकती है। लेकिन कांग्रेस इन राज्यों में भी सत्ता के निकट तक नहीं दिख रही। राहुल गाँधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' का भी गुजरात की तरह इन चुनावों पर कोई असर नहीं दिखा। 

वहीं मेघालय में भी UDP को 10-14 सीटें मिलती हुई दिख रही हैं। प्रदीप भंडारी की ‘जन की बात’ एग्जिट पोल के अनुसार, मेघालय में NPP 11-16 सीटें जीत कर सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरने वाली है। वहीं त्रिपुरा चुनाव की बात करें तो वहाँ भाजपा 29-40 सीटें जीत कर अपनी सत्ता बचाती हुई दिख रही है। वामपंथी दल यहाँ 9-16 पर सिमट जाएँगे। नई पार्टी TIPRA भी 10-14 सीटें जीत कर एक बड़ी ताकत के रूप में उभरेगी।

अब आते हैं नागालैंड विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल पर। यहाँ भी भाजपा अपनी सत्ता बचाती हुई दिख रही है। भाजपा को 35-45 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं NPF मात्र 1-16 सीटों पर सिमट जाएगी। यहाँ अन्य दलों को भी 9-16 सीटें मिलने का अनुमान है। ‘टाइम्स’ के एग्जिट पोल की मानें तो नागालैंड में भाजपा को 39-45, ‘Zee News’ के हिसाब से 35-45 और ‘इंडिया टुडे’ की मानें तो 38-48 सीटें मिल सकती हैं।

अन्य एग्जिट पोल्स की बात करें तो मेघालय में ‘टाइम्स’ ने भाजपा को 3-6 सीटें, ‘Zee News’ ने 6-11 सीटें और ‘इंडिया टुडे’ ने 4-8 सीटें दी हैं। ‘टाइम्स नाउ’ ने नागालैंड में राजग को 44 सीटें आने का अनुमान लगाया है। ‘एक्सिस माय इंडिया’ ने राज्य में भाजपा को 43 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। त्रिपुरा में ‘Zee News’ ने भाजपा को 29-36 सीटें दी हैं। इस तरह भाजपा उत्तर-पूर्व के दो राज्यों में अपनी सत्ता बचाती हुई दिख रही है, जबकि एक में कड़ी टक्कर है।

उत्तर प्रदेश में भाजपा को 226-246 सीटें, 56% की पसंद हैं मुख्यमंत्री योगी: ओपिनियन पोल में खुलासा – उत्तराखंड में लौटेंगे मुख्यमंत्री धामी

वैसे किसी सर्वे पर आसानी से विश्वास नहीं किया जा सकता, लेकिन अब जितने भी सर्वे आ रहे हैं, सभी पंजाब को छोड़ बाकी 4 राज्यों में भाजपा की सरकार दिखा रहे हैं। सबसे आश्चर्यजनक उत्तर प्रदेश में भाजपा की वापसी हो रही है। यदि सर्वे सच सिद्ध होते हैं, उत्तर प्रदेश में 35 वर्षों का रिकॉर्ड टूटेगा, क्योकि उसके बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा, सपा और बसपा की बारी-बारी से सरकारें बनती रही, यानि अगले चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी की वापसी नहीं हुई। जनता को योगी की "एक हाथ में माला, दूसरे हाथ में भाला" वाली बात रास आ रही है। अपराधीकरण पर असर तो दिख रहा है, लेकिन प्रदेश के अपराधी मुक्त होने में समय लगेगा। 
‘जन की बात’ के ओपिनियन पोल में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा की सरकार बनती दिख रही है। योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी बतौर मुख्यमंत्री सत्ता में वापस लौटेंगे। वहीं पंजाब में ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ की सरकार बनने की संभावना जताई गई है। वहाँ AAP ने फ़िलहाल अपने मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान नहीं किया है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लगभग सभी ओपिनियन पोल्स में भाजपा को ही बहुमत मिलती दिखाई दे रही है।

उत्तर प्रदेश में 22 दिसंबर, 2021 से 10 जनवरी, 2022 तक 20,000 लोगों के सैम्पल साइज में ये ओपिनियन पोल किया गया, जिसमें सामने आया कि भाजपा को जहाँ 226-246 सीटें मिल सकती हैं। वहीं अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को 144-160 सीटें मिलते हुए दिखाया गया है। मायावती की बहुजन समाज पार्टी इस ओपिनियन पोल के हिसाब से जहाँ 8-12 पर सिमट जाएगी, कांग्रेस का खाता खुल जाए यही बहुत है। अन्य के खाते में एक सीट जाती दिख रही है।

वहीं वोट प्रतिशत के मामले में भी भाजपा 39-40% के साथ सबसे आगे है। इसके बाद सपा को 34.5-36%, बसपा को 13.13.5% और कांग्रेस को 4-6% वोट मिल सकते हैं। वहीं मुख्यमंत्री के चेहरे के लिए 56% लोगों की पसंद योगी आदित्यनाथ हैं। अखिलेश यादव 32% के साथ दूसरे स्थान पर हैं। मायावती को मात्र 9% लोगों ने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पसंद बताया है। 2% ने प्रियंका गाँधी के नाम पर भी हामी भरी। 85% का कहना है कि पीएम मोदी भाजपा के लिए वोट खींचने में कामयाब रहेंगे।

वहीं उत्तर प्रदेश के 45% मतदाता मानते हैं कि बठिंडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक के मामले में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार दोषी है, जबकि 25% ने इसके लिए खालिस्तानी तत्वों और 20% ने पंजाब पुलिस को दोषी ठहराया है। 70% का कहना है कि इससे मतदाताओं पर असर पड़ेगा। 45% ने कहा कि वो योगी सरकार से ब्राह्मण खुश हैं। SC समुदाय के लिए आरक्षित 86 में से 50 सीटों पर भाजपा का दबदबा दिख रहा है।

उत्तराखंड की बात करें तो 5000 के सैम्पल साइज में 21 दिसंबर, 2021 से 9 जनवरी, 2022 तक किए गए सर्वे में जहाँ भाजपा 34-38 सीटें पाकर सरकार बनाती हुई दिख रही है, कांग्रेस  24-33 सीटों पर रुक जाएगी। AAP को 2-6 सीटें मिल सकती हैं। वोट प्रतिशत के मामले में तीनों पार्टियाँ क्रमशः 38%, 36% और 13% रह सकती हैं। 40% ने वर्तमान सरकार को अच्छा बताया है। 40% लोगों के लिए पलायन मुद्दा है जबकि 25% के लिए विकास।

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पंजाब की बात करें तो 21 दिसंबर, 2021 से 11 जनवरी, 2022 तक 10,000 के सैम्पल साइज में कराए गए ‘जन की बात’ के ओपिनियन पोल में AAP 58-65 पाती दिख रही है, जबकि कांग्रेस 32-42 पर ही रुक जाएगी। ‘शिरोमणि अकाली दल (SAD)’ को 15-18 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। भाजपा के लिए यहाँ राह मुश्किल है और अधिकतम 2 सीटें मिलने की बात कही गई है। वोट प्रतिशत के मामले में AAP 38-39%, कांग्रेस 34.5-35% और SAD 19-20% पाती दिख रही है। 70% ने कृषि कानूनों को मुद्दा बताया।

योगी आदित्यनाथ बनेंगे दोबारा यूपी के मुख्यमंत्री, राज्य में लोगों की पहली पसंद: जन की बात ओपिनियन पोल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से पहले ‘जन की बात’ ओपिनियन पोल के हालिया सर्वेक्षण ने बताया है कि इस बार प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की वापसी होगी। सर्वे में 75 जिलों के 20000 लोगों को शामिल किया गया है। इससे जो नतीजे सामने आए उनसे अनुमान है कि विधानसभा चुनावों में योगी सरकार को 233-253 सीटें मिल सकती हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के हिस्से 135-149 सीट आएँगी। कॉन्ग्रेस को 3-6 सीट पाकर संतुष्ट होना पड़ेगा और बहुजन समाजवादी पार्टी को 11-12 सीट मिलेगी। वहीं अन्य को 1-4 सीट मिल सकती हैं।

अब यदि सर्वे के अनुसार वोट शेयर की बात करें तो जन की बात ने अनुमान लगाया है कि इस बार योगी सरकार को 39 प्रतिशत वोट शेयर मिलेगा और सपा को 35 प्रतिशत। इसी तरह बसपा को 14%, कॉन्ग्रेस को 5% और अन्य पार्टियों को 7%।

जिलेवार ढंग से यदि देखें तो उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल उपक्षेत्र में 104  सीटों में से 53-59 पर भाजपा जीत हासिल करेगी और कॉन्ग्रेस के हाथ कुछ नहीं आएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में भाजपा को आसानी से 142 में 84 से 88 सीट मिलती नजर आ रही हैं। वहीं वोट शेयर 61% पार करेगा। कॉन्ग्रेस को यहाँ भी 2 सीट मिलेंगी। सपा के हिस्से 51 से 55 सीट आएगी और बसपा को संभव है 1 से 3 सीट मिले।

बुंदेलखंड में बीजेपी को 25 में से 19-21, सपा को 6-3, बीएसपी को 0-1 सीट मिल सकती है। अवध में भाजपा को 132 में से 84 सीटें तक मिल सकती हैं। वहीं कॉन्ग्रेस के हाथ शायद 4-3 सीट आए। 

हाथरस और लखीमपुर खीरी में भी भाजपा की बढ़त इस सर्वे में सामने आई है जबकि पिछले दिनों विपक्षी पार्टियों ने इन्हीं दो क्षेत्रों में हुई घटनाओं पर सबसे ज्यादा राजनीति की।

55 फीसद लोग चाहते हैं CM योगी की वापसी

जन की बात सर्वे के मुताबिक 55 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वो दोबारा योगी आदित्यनाथ को सीएम बनता देखना चाहते हैं। वहीं 2 फीसद ने प्रियंका गाँधी को सीएम देखने की इच्छा जताई और 31 फीसद ने अखिलेश यादव व 10 फीसद ने मायावती को मुख्यमंत्री बनाने को कहा।
इस पोल के अलावा एक स्वतंत्र सर्वेक्षण से भी ये बात सामने आई है कि सीएम योगी ही उत्तर प्रदेश के पसंदीदा हैं। ये दूसरा सर्वेक्षण मैट्रिस न्यूज कम्युनिकेशन नामक प्राइवेट कंपनी ने करवाया था। इसके मुताबिक 43% फीसद लोग चाहते हैं कि सीएम दोबारा योगी आदित्यनाथ ही बनें। केवल 14 प्रतिशत ने ही चाहा कि प्रियंका प्रदेश सीएम बनें।
75% लोगों का कहना है कि नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं के कारण ही इस बार राज्य में भाजपा दोबारा लौटेगी। इसके अलावा प्रमुख मुद्दे जो प्रदेश जनता को लगते हैं कि इस बार के चुनावों में मुख्य भूमिका निभाएँगे। वह विकास जाति-धर्म, कानून व्यवस्था है। 23 % मानते हैं कि इस बार विकास मुद्दों पर वोट पड़ेगी। 24 % मानते हैं कि जाति और धर्म को देखते हुए लोग वोट देंगे। 10% लोगों का कहना है कि महंगाई के मुद्दे पर वोट डाले जाएँगे। 1% राम मंदिर को भी मुद्दा मानता है।

जन की बात का अनुमान और पिछले चुनाव

जन की बात ओपिनियन पोल ने साल 2019 में भी लोकसभा चुनावों के समय भाजपा की जीत का अनुमान लगाया था। पोल के अनुमान थे कि शायद एनडीए को 304-316 सीटें मिलें और भाजपा के हिस्से 248 से 260 सीट आए। हालाँकि भाजपा ने अकेले ही 303 सीट जीत ली थी और एनडीए के हिस्से में 353 सीट आई थी। इसी पोल ने कॉन्ग्रेस को मिलने वाली सीटों पर भी अनुमान लगाया था। पोल का दावा था कि कॉन्ग्रेस 2014 में जो 44 सीट लाई थी उससे ज्यादा सीट जीत पाएगी। हुआ भी यही था कॉन्ग्रेस ने 52 सीट जीती थी।
साल 2017 में योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार पूर्ण बहुमत से प्रदेश में आई थी। पार्टी ने 319 सीट जीती थी। वहीं सपा को 47 व बसपा को 19 सीट मिल पाई थी। कॉन्ग्रेस के हिस्से सिर्फ 7 सीट आई थी।