Showing posts with label #Om Birla. Show all posts
Showing posts with label #Om Birla. Show all posts

पप्पू यादव के खिलाफ दिल्ली में दर्ज हुई FIR, संसद में राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर किया था गंदा नाटक: लोकसभा अध्यक्ष ने दी गरिमा बनाए रखने की चेतावनी

                             राम मंदिर प्रदर्शन पर पप्पू यादव FIR। (फोटो साभार - जागरण/एनडीटीवी)
संसद परिसर में विपक्षी दलों ने शुक्रवार (31 जुलाई) को राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर नाटक किया था। इस नाटक में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पुजारी बनकर चंदा लूटते हुए नजर आए थे। Video वायरल होने के बाद अब विवाद बढ़ गया है। नाटक कर रहे पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।

पप्पू यादव ने संसद भवन में भगवा वस्त्र पहनकर और पुजारी का भेष धारण कर चंदा चोरी करने का नाटक किया। इसमें पप्पू यादव ये दर्शाने की कोशिश कर रहे थे, कि हिंदू पुजारी ही राम मंदिर से चंदा चोरी कर रहे हैं। इसके बाद देशभर से संतों ने इस नाटक पर विरोध जताया था। अब दिल्ली के जहाँगीरपुरी थाने में सूर्य मैथिल नामक व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। 

संसद के बाहर किए गए नाटक में विपक्ष के अन्य सांसद और राहुल गाँधी भी श्रद्धालु बनकर दानपेटी में पैसे डालते दिखे और पप्पू यादव उन पैसों को उठाकर अपनी जेब में रखने का अभिनय कर रहे थे। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेताओं के खिलाफ FIR पर DCP काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया है कि संतों की तहरीर पर तीनों नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों का गलत इस्तेमाल हुआ और भगवान रामलला की तस्वीर के अनादर से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। इसी आधार पर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।

संसद में इस तरह वेश बदलकर प्रदर्शन करने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने संसद में कहा कि कुछ सदस्य जिस तरह से भेष बदल-बदलकर आ रहे हैं, वह सदन की मर्यादा और परंपराओं के खिलाफ है। ओम बिरला ने चेतावनी देते हुए कहा कि संसद भवन परिसर की पवित्रता और गरिमा बनी रहनी चाहिए और इस तरह के प्रदर्शनों पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।

राहुल गाँधी, डिंपल यादव समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी लिया नाटक में भाग

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी समेत कई विपक्षी सांसद भी इस सांकेतिक प्रदर्शन में शामिल हुए और दान पेटी में पैसे डालकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान चंदा चोर, गद्दी छोड़, जवाब तुमको देना होगा और अमित शाह, सदन में आओ जैसे नारे भी लगाए गए।
शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि इस प्रदर्शन को राहुल गाँधी, डिंपल यादव, अवधेश प्रसाद समेत INDIA गठबंधन के कई सांसदों का समर्थन प्राप्त था। शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े वीडियो, शिकायत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जाँच की जा रही है। जाँच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कुछ सांसद अलग-अलग भेष बदलकर संसद परिसर में आ रहे हैं, जो संसद की परंपराओं और मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि संसद परिसर की पवित्रता और गरिमा को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक दास के नेतृत्व में संतों के प्रतिनिधिमंडल ने गौरव बंसवाल से मुलाकात की थी। जगद्गुरु बालक दास ने बताया कि संसद में जिस तरह से पप्पू यादव ने भगवान राम का और सनातन का अपमान किया वह अक्षम्य है। वहीं, महंत जगदीश्वरनाथ ने कहा, “संत समाज शांत है तो कुछ भी करोगे। हिम्मत है तो कभी सिर पर टोपी पहनकर कुछ करो तो जानें। सिर तन से जुदा न हो जाए तो कहना।”

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी पप्पू यादव के इस कृत्य की घोर निंदा की है। संतों ने उनसे सार्वजनिक रूप से माफी माँगने को कहा है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए साधु-संतों की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है और इसे संत-समाज कभी सफल नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि बिहार में उनके संसदीय क्षेत्र तक जाकर संत समाज लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगा।

मथुरा में भी साधु-संतों ने एकजुट होकर पप्पू यादव का कड़ा विरोध किया है। संतों ने गोवर्धन क्षेत्र के ग्राम जुल्हेदी स्थित एक आश्रम पर यादव को ‘कंस’ का रूप बताते हुए उनके पोस्टर लगाए और पुतले का दहन किया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि भगवा, सनातन धर्म और लोगों की आस्था का मजाक उड़ाने वाले जनप्रतिनिधियों को संसद में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। साथ ही, उनकी संसद सदस्यता रद्द करने की माँग की गई है। संतों ने उनकी तस्वीर पर चप्पलें तक बरसाईं हैं।

इसके अलावा दिल्ली में भी पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दिल्ली के जहाँगीरपुरी थाने में सूर्य मैथिल नामक व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों का गलत इस्तेमाल हुआ और भगवान रामलला की तस्वीर के अनादर से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। इसी आधार पर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।

बंगाल के बाद दिल्ली में भी ममता बनर्जी को बड़ा झटका: TMC के 20 लोकसभा सांसदों ने अलग गुट बना मान्यता के लिए स्पीकर को लिखा पत्र

   TMC के 20 लोकसभा सांसदों ने NDA में शामिल होने के लिए स्पीकर को पत्र लिखा (साभार : X_@Sachingupta)
तृणमूल कांग्रेस(TMC) को बहुत बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 20 लोकसभा सांसदों ने बगावत कर दी है। इन बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखा है। पत्र में सांसदों ने NDA में शामिल होने की इच्छा जताई है।

सांसदों ने संसद में अपने लिए अलग बैठने की जगह माँगी है। इस नए बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार होंगी। इससे पहले TMC के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय भी अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

यह बड़ी टूट तब हुई जब ममता बनर्जी दिल्ली में ‘INDI’ गठबंधन की बैठक में शामिल होने पहुँची थीं। तभी उनके सांसद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर जुट गए। पश्चिम बंगाल चुनाव में TMC की हार के बाद से ही पार्टी में कलह मची थी। अब सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजकर नई मान्यता माँगी है। 

ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा विपक्ष: लोकसभा स्पीकर को हटाने का नियम और कब-कब लाया गया प्रस्ताव

आखिर राहुल गाँधी के गुलाम बन INDI गठबंधन देश को कहां ले जाना चाहता है? वैसे लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला जो अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने जा रहे हैं उसके जिम्मेदार वे स्वयं हैं। लोक सभा में हंगामा कर रोज के करोड़ों रूपए बर्बाद करने वालों को सदन से बाहर नहीं करना। आखिर मार्शल किस लिए हैं? लोक सभा अध्यक्ष की अपेक्षा विधान सभा के अध्यक्ष हंगामा करने वालों के विरुद्ध मार्शल को बुलाकर उन सदस्यों को सदन से बाहर करते हैं। बिरला को हंगामा करने वाले सदस्यों को बाहर निकलवाकर सदन की कार्यवाही को चालू रखना चाहिए। जब तक ईंट का जवाब पत्थर नहीं दिया जाएगा उपद्रवी बाज़ नहीं आने वाले।   
लोकसभा में विपक्ष लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी को संसद में बोलने नहीं देने का आरोप विपक्ष लगा रहा है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान राहुल गाँधी पूर्व सेनाध्यक्ष नरवणे के अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए सरकार पर आरोप लगा रहे थे। उस वक्त स्पीकर ओम बिरला ने नियमों का हवाला देते हुए राहुल गाँधी को रोका। इस मुद्दे पर कई दिनों तक विपक्ष ने सदन को नहीं चलने दिया।

कांग्रेस इस बात से भी नाराज है कि जब महिला सांसदों ने पीएम की सीट को सदन में घेरा, तो स्पीकर ओम बिरला ने कहा था कि कोई अप्रत्याशित घटना घट सकती थी, इसलिए प्रधानमंत्री को सदन आने से उन्होंने रोका। लेकिन ऐसी घटनाएँ सदन में पहली बार हुई कि महिला सांसद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा को संबोधित नहीं कर पाए। इसकी वजह महिला सांसदों का इस तरह से पीएम की सीट को घेरना था। चर्चा यह है कि नरेंद्र मोदी पर हमले की सूचना ओम बिरला को कांग्रेस में इस घिनौनी हरकत के विरोधी सदस्यों ने दी थी।  

विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे ने पूर्व पीएम इंदिरा गाँधी और दूसरे प्रधानमंत्रियों पर आरोप लगाया। संसद में हंगामे के दौरान 8 विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। सासंदों के निलंबन और महिला सांसदों द्वारा पीएम की सीट घेरने को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगे थे। इस पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी बोलना चाहते हैं, लेकिन बोलने की अनुमति नहीं मिली।

स्पीकर के खिलाफ ‘हटाने का प्रस्ताव’ लाया जाता है

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया सरकार के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है, उससे थोड़ा अलग होता है। इसमें लोकसभा स्पीकर को ‘हटाने का प्रस्ताव’ यानी मोशन ऑफ रिमूवल ऑफ स्पीकर लाया जाता है। यह संविधान की अनुच्छेद 94 सी के तहत लाया जाता है। इस अनुच्छेद में लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया बताई गई है।

लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव पेश करने के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना होता है। ये नोटिस लिखित होना चाहिए। इस प्रस्ताव पर कम से कम 50 सांसदों का हस्ताक्षर होना जरूरी है यानी कोई भी सांसद लोकसभा में खड़े होकर अपने दम पर स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव नहीं ला सकता। स्पीकर पर स्पष्ट और ठोस आरोप लगे हों। प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद इस पर सदन में चर्चा होती है और फिर सांसद वोटिंग करते हैं। इस दौरान स्पीकर सदन की अध्यक्षता नहीं करते हैं, बल्कि डिप्टी स्पीकर या सदन का वरिष्ठ सदस्य सदन की अध्यक्षता करते हैं।

हटाने के लिए साधारण बहुमत की जरूरत

लोकसभा में प्रस्ताव सदन में उपस्थित सांसदों द्वारा बहुमत से पास होना जरूरी है, कोई दो-तिहाई बहुमत की जरूरत नहीं होती। स्पीकर को हटाने के लिए सिर्फ बहुमत की जरूरत होती है। जितने सांसद वोट दे रहे हों, उनका 50 फीसदी से एक ज्यादा जरूरी है।

अगर प्रस्ताव पास हो जाता है तो तुरंत ही स्पीकर पद से हट जाता है। वह सांसद बना रहता है, लेकिन स्पीकर नहीं और फिर सदन को दूसरा स्पीकर चुनना होता है।

स्पीकर को हटाने के लिए आज तक कभी वोटिंग नहीं हुई

सदन में स्पीकर को हटाने के लिए कई बार नोटिस दिया गया है। सदन में प्रस्ताव पर बहस भी हुई है, लेकिन वोटिंग नहीं हुई है।

पहली बार 1954 में तत्कालीन स्पीकर जीवी मावलंकर के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था। इस पर सदन में बहस हुई। विपक्ष ने उनपर कांग्रेस का पक्ष लेने का आरोप लगाया था। सदन ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया और वोटिंग हुई नहीं।

दूसरी बार लोकसभा स्पीकर डॉक्टर नीलम संजीव रेड्डी के खिलाफ 1967 में हटाने का प्रस्ताव पेश किया। इन पर कांग्रेस का पक्ष लेने का विपक्ष ने आरोप लगाया। विपक्ष का कहना था कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस वक्त भी मतदान नहीं हुआ।

तीसरी बार 8वीं लोकसभा स्पीकर बलराम जाखड के खिलाफ विपक्ष ने 1987 में अविश्वास प्रस्ताव रखा। उस वक्त बोफोर्स को लेकर कांग्रेस सरकार पर विपक्ष हमलावर था। विपक्ष का आरोप था कि जाखड नियमों का हवाला देकर विपक्ष को बोलने से रोकते हैं और सरकार को बचाते हैं। इस प्रस्ताव पर भी वोटिंग की नौबत नहीं आई।

13वीं लोकसभा स्पीकर जीएमसी बालयोगी को हटाने के लिए विपक्ष ने नोटिस दिया। उस वक्त एनडीए की सरकार थी। 2001 में नोटिस दिया गया, लेकिन प्रस्ताव खारिज हो गई। उन पर आरोप था कि सरकार के पक्ष में स्थगन प्रस्ताव को वह खारिज कर देते हैं।

2011 में 15वीं लोकसभा की स्पीकर मीरा कुमार पर विपक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें 2जी, सीडब्लूजी घोटालों को लेकर बहस में बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा। स्पीकर सरकार का बचाव कर रही हैं। इस नोटिस को भी खारिज कर दिया गया और वोटिंग तक बात नहीं पहुँची।

17वीं लोकसभा में 2020 में वर्तमान स्पीकर ओम बिरला ने कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष के जबरदस्त हंगामे पर विपक्षी सांसदों को निलंबित किया था। इसके विरोध में विपक्ष ने स्पीकर को हटाने का नोटिस देने की बात सार्वजनिक रूप से कीकांग्रेस लेकिन पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने पर प्रस्ताव सदन में लाया ही नहीं जा सका।

‘अपने बॉस का पजामा थामने में व्यस्त हैं’: रेखा शर्मा पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा की अभद्र टिप्पणी से भड़का महिला आयोग


बीजेपी के लिए 2024-29 का दौर काँटों भरा हो सकता, बशर्ते I.N.D.I. गठबंधन पर नकेल नहीं डाली। उधर राहुल गाँधी मनगड़ंत आरोप लगा अराजकता फ़ैलाने की कोशिश कर रहे हैं। अब मजबूत विपक्ष नहीं, बल्कि भारत विरोधी टूलकिट है, जो मोदी सरकार में ऊलजलूल आरोपों से बदनाम करने में कोई मौका हाथ से गंवाना नहीं चाहिए। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है। शर्मा हाथरस हादसे वाली जगह पर गई थीं। इस दौरान उनके पीछे एक व्यक्ति छाता पकड़ पीछे चल रहा है। इसको लेकर सवाल उठे तो महुआ ने अभद्र टिप्पणी कर दी। इस पर NCW ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। साथ ही भाजपा ने इस्तीफा माँगा है।

अगर बीजेपी ने चुनावों से पहले सनातन धर्म पर कुठाराघात करने वालों पर सख्त कार्यवाही की होती, शायद तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा पर ऐसी अभद्र टिप्पणी करने की हिम्मत नहीं होती। खैर, अब समय रहते कार्यवाही नहीं की, हिम्मत बढ़ जाएगी। 

टीएमसी सासंद महुआ मोइत्रा और रेखा शर्मा (साभार: Free Press Journal)
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा रेखा शर्मा के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की। इसके साथ ही इस बयान का स्वतः संज्ञान लिया और सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। इसके लिए NCW ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी लिखा है।

NCW ने अपने X पोस्ट में लिखा, “अभद्र टिप्पणी अपमानजनक है और एक महिला के सम्मान के अधिकार का उल्लंघन है। आयोग ने पाया कि यह टिप्पणी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 79 के अंतर्गत आती है। एनसीडब्ल्यू सुश्री मोइत्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अनुरोध करता है।”

राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “उनके (महुआ मोइत्रा के) खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए और 3 दिनों के भीतर आयोग को कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट दी जानी चाहिए।” ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस के आयुक्त संजय अरोड़ा से भी शिकायत की गई है।

दरअसल, रेखा शर्मा भगदड़ के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए हाथरस गई थीं। घटनास्थल पर बारिश के दौरान उनके पीछे एक व्यक्ति छाता पकड़ कर चल रहा था। पत्रकार निधि राजदान ने एक्स पर जानना चाहा कि चेयरमैन ने खुद छाता क्यों नहीं पकड़ा। मोइत्रा ने एक्स पर राजदान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी की, “वह अपने बॉस का पजामा थामने में बहुत व्यस्त हैं।”

NCW की शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ मोइत्रा ने पछतावा दिखाने के बजाए दिल्ली पुलिस को चुनौती दे दी। उन्होंने ट्वीट किया, “आओ दिल्ली पुलिस कृपया इन स्वत: संज्ञान वाले आदेशों पर तुरंत कार्रवाई करो। अगर आपको अगले 3 दिनों में मेरी ज़रूरत पड़े तो मैं नादिया में हूँ, ताकि मैं जल्दी से जल्दी गिरफ़्तारी दे सकूँ। मैं अपना छाता खुद ही थाम सकती हूँ।”

इस बीच भाजपा ने महुआ मोइत्रा के इस्तीफे की माँग की है। भाजपा के नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, “सांसद महुआ मोइत्रा, जिन्होंने संदेशखली और तालिबानी पिटाई को न्यायसंगत ठहराने की कोशिश की और उस पर चुप्पी साधे रखी, स्वाति मालीवाल पर चुप रहीं, अब एक अन्य महिला और वह भी NCW प्रमुख पर घृणित टिप्पणी करती हैं!”

उन्होंने आगे कहा, “कल्पना कीजिए कि अगर भाजपा के किसी सांसद ने ऐसा कहा होता तो सब कुछ बिगड़ जाता!! महुआ मोइत्रा को टीएमसी द्वारा बर्खास्त किया जाना चाहिए! क्या प्रियंका वाड्रा, राहुल गाँधी, खड़गे जी, सोनिया गाँधी, प्रियंका चतुर्वेदी और AAP इस पर आवाज़ उठाएँगे? क्या ममता दीदी उन पर कार्रवाई करेंगी? नहीं, ठीक वैसे ही जैसे वे संदेशखली और चोपड़ा पर चुप रहीं।”

किसके इशारे पर, किसके फायदे के लिए सेना को बदनाम कर रहे राहुल गांधी? क्या बिना UPSC पास किये ओम बिरला की बेटी IAS? क्या toolkit अब सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गया है?

चुनाव 2024 Rahul Gandhi ने 4 झूठ बोला, हिन्दुओं ने चारों झूठ को सच मान कर बीजेपी को वोट नहीं दिया, मुस्लिमों ने गुमराह किया हम Narendra Modi के साथ है मस्जिद से आवाज़ आई और मुल्ला ने तक़रीर किया मोदी को किसी भी कीमत पर रोकना है, रोक नहीं पाया..!! लेकिन मुस्लिम ने एकजुट एकमुश्त मोदी को रोकने के लिये वोट किया..!!
अब अग्निवीर को मुद्दा बनाया..!! टूल किट बना कर भ्रामक स्थिति तैयार कर लिया..!! यूथ को गुमराह करना है, वो हो भी रहा है..!!

Bharatiya Janata Party (BJP) IT cell is a total failure..!!

बीजेपी के उग्र तरीके को अब कांग्रेस ने अपना लिया है। अगर राहुल गाँधी द्वारा कोई गलत बयानबाज़ी की जा रही है तो मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया जाता? संसद में कोई सांसद चाहे कुछ भी बोल दे? फिर सोशल मीडिया पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पुत्री के विरुद्ध चल रही है, कि बिना UPSC पास किए ओम बिरला की बेटी IAS बन गयी। अगर समाचार दुष्प्रचार है तो UPSC और ओम बिरला को तुरन्त इस सोशल मीडिया पर कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए।

कुछ अपने सहयोगियों से इस विषय पर चर्चा पर उन्होंने बताया कि बिना UPSC परीक्षा पास किए ऐसा असंभव है। रैंक में ऊपर-नीचे हो सकता है। क्या toolkit मोदी सरकार की प्रतिष्ठा को दांव पर लगाने सक्रीय है? गृह मंत्रालय को भी संज्ञान लेना चाहिए। यह बहुत गंभीर मामला है। आगे विधानसभा आ रहे हैं। यदि कार्यवाही नहीं की गयी बीजेपी को भारी नुकसान हो सकता है।

अब वापस अग्निवीर पर आते हैं। मीडिया में बताया गया कि किस तरह कांग्रेस ने राहुल गाँधी के अग्निवीर के शहीद के परिवार से मुलाकात कर, गुमराह करने की कोशिश की। रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय को राहुल के साथ-साथ उस परिवार पर भी कार्यवाही करनी चाहिए कि किस दबाव में आकर ऐसा भ्रमित करने वाला बयान दिया। और जिस मीडिया ने इस भ्रमित समाचार को प्रसारित किया उस पर कार्यवाही की जरुरत है।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भारतीय सेना और मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए अग्निवीर पर लगातार झूठ फैला रहे हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए उन्होंने अग्निवीर मुद्दा उठाकर समाज में जहर घोलने का काम किया। 1 जुलाई को राहुल गांधी ने अग्निवीर पर संसद में झूठ बोला। उस वक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें टोका था और राहुल गांधी के झूठ का खुलासा संसद में ही कर दिया था लेकिन देश में आग लगाने की ठान चुके राहुल गांधी ने इसके बाद फिर 3 जुलाई को अग्निवीर पर एक वीडियो बनाकर देश के युवाओं को गुमराह करने का काम किया। इसके बाद सेना ने सामने आकर राहुल के झूठ का पर्दाफाश किया। सेना ने कहा कि परिवार को 98.39 लाख रुपये दिया जा चुका है। सेना ने स्पष्टीकरण में कहा कि कुल राशि लगभग 1.65 करोड़ रुपये होगी। वहीं शहीद अग्निवीर के परिवार ने भी कहा कि उसे मुआवजा मिल चुका है। इसके बाद भी राहुल गांधी द्वारा लगातार इस मुद्दे पर झूठ बोलना कायदे से यह देशद्रोह की श्रेणी में आना चाहिए। यहां सवाल यह भी उठता है कि क्या वो देश के अग्निवीरों में विद्रोह पैदा कराना चाहते हैं ? ऐसा प्रतीत होता है कि राहुल गांधी देश को अराजकता में झोंककर मोदी सरकार को बदनाम करना चाहते हैं जिससे विदेशी निवेशकों को भारत आने से रोका जा सके।

क्या कांग्रेस चीन से गुप्त समझौते की वजह से सेना को करती है बदनाम
7 अगस्त 2008 को सोनिया गांधी की अगुवाई में कांग्रेस पार्टी और चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था। क्या यही वजह है कि कांग्रेस अक्सर चीन की नापाक हरकतों पर चुप्पी साध लेता है और भारतीय सेना का मनोबल गिराने के लिए झूठ और नैरेटिव गढ़ता है। यूपीए के अपने पहले कार्यकाल के दौरान कांग्रेस पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना ने उच्च स्तरीय सूचनाओं और उनके बीच सहयोग करने के लिए बीजिंग में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। साल 2020 में 15-16 जून की रात में भारतीय और चीनी सेना के बीच गलवान घाटी में LAC पर हिंसक झड़प हुई थी। भारत की तरफ से इस झड़प में एक कमांडर समेत 20 सैनिक शहीद हो गए थे। उस वक्त कांग्रेस देश के साथ नहीं खड़ा था और चीन की तरफ से उकसावे के लिए उसकी निंदा नहीं की थी। सवाल यह है कि राहुल गांधी छुपकर रात को चीनी दूतावास क्यों जाते हैं? नेपाल में चीन की राजदूत से मिलने का राज क्या है?  विदेशों में क्या चीनियों से मिलते हैं? राहुल गांधी भारतीय सेना पर कम और चीन पर ज़्यादा भरोसा क्यों करते हैं? ये चीन की तरफ़दारी और भारत की तौहीन क्यों करते हैं?

 

अग्निवीर पर राहुल गांधी ने फिर फैलाया झूठ
राहुल गांधी ने 1 जुलाई को संसद में बोलने के बाद 3 जुलाई को ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर अग्निवीर पर फिर से झूठ फैलाने का काम किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- ”सत्य की रक्षा हर धर्म का आधार है! लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद अग्निवीर के परिवार को सहायता मिलने के बारे में संसद में झूठ बोला। उनके झूठ पर शहीद अग्निवीर अजय सिंह के पिता जी ने खुद सच्चाई बताई है। रक्षा मंत्री को संसद, देश, सेना और शहीद अग्निवीर अजय सिंह जी के परिवार से माफी मांगनी चाहिए।” ट्वीट के साथ जो वीडियो पोस्ट किया गया है कि उससे ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने राहुल गांधी को फिर रिलांच किया है।

सेना ने राहुल गांधी के झूठ का किया पर्दाफाश
अग्निवीर पर राहुल गांधी के झूठ का अब सेना ने पर्दाफाश किया है। सेना ने ट्विटर पर एक पोस्ट में लिखा कि “कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले अग्निवीर अजय कुमार के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया गया है। ऐसे दावे बिल्कुल निराधार हैं। भारतीय सेना अग्निवीर अजय कुमार के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करती है। उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अग्निवीर अजय के परिवार को कुल देय राशि में से 98.39 लाख रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।”

अग्निवीर अजय को दी गई राशि के सबूत
अग्निवीर अजय कुमार को फंड ट्रांसफर के दस्तावेजी साक्ष्य। 10 जून 24 को बीमा कंपनी ने 48 लाख रुपये का भुगतान किया। इसी तरह डीएसपी बीमा यानी गैर-अंशदायी बीमा के 50 लाख रुपये 13 फरवरी 24 को दिए गए। ये इस बात का सबूत है कि सेना सच बोल रही है। राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के 10 साल से सत्ता से बाहर होने की खीझ को मिटाने के लिए झूठ बोलकर राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं। लेकिन अब उनके इस झूठ का ढोल फट गया है।

रक्षा मंत्री ने संसद में राहुल के झूठ की पोल खोली
लोकसभा में राहुल गांधी के अग्निवीर योजना पर दिए बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर गलत बयान देकर लोकसभा को गुमराह करने का आरोप लगाया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “राहुल गांधी को गलत बयान देकर सदन को गुमराह करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “युद्ध के दौरान या देश की सुरक्षा के दौरान अगर हमारा कोई अग्निवीर का जवान शहीद होता है, तो उसे केंद्र सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये की धनराशि उसके परिवार की सहायता के रूप में दी जाती है।” राहुल गांधी अग्निवीरों पर गलत बयान न दें, वे सदन को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

पहले शहीद अग्निवीर पर भी राहुल ने फैलाया था झूठ
राहुल गांधी ने अक्टूबर 2023 में पहले शहीद अग्निवीर लक्ष्मण गावते को लेकर झूठ फैलाने का काम किया था और देश युवाओं को गुमराह कर सेना के खिलाफ भड़काने का काम किया था। सियाचिन में तैनात अग्निवीर जवान अक्षय लक्ष्मण गावते की ड्यूटी के दौरान निधन हो गया था। लक्ष्मण गावते पहले अग्निवीर थे, जिनकी ड्यूटी के दौरान मौत हुई थी। वहीं एक आरटीआई से खुलासा हुआ था कि अक्षय लक्ष्मण गावते के परिजनों को सरकार ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक मदद प्रदान की है। लक्ष्मण भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर (14 कोर) का हिस्सा थे, जो लद्दाख में तैनात है। अग्निपथ योजना को लागू करने के दौरान सरकार ने कहा था कि ड्यूटी के दौरान अगर किसी अग्निवीर का निधन हो जाता है, तो उन्हें बीमा की रकम मिलेगी।

राहुल गांधी ने कहा था- देश में ‘दो तरह के सैनिक’
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी कहा था कि पीएम मोदी ने देश में ‘दो तरह के सैनिक’ पैदा कर दिए हैं। उन्होंने कहा, “…एक गरीब, दलित, अल्पसंख्यक का बेटा है और दूसरा अमीर परिवार से है। उन्होंने गरीब के बेटे को नया नाम दिया है अग्निवीर, जिसे पेंशन, कैंटीन जैसी कोई सुविधा नहीं मिलेगी… लेकिन, अगर आप वरिष्ठ अधिकारी हैं या इन चारों में से कोई एक हैं, तो आपको ये सभी चीजें मिलेंगी। सेना में उन्होंने ‘दो-भारत’, दो तरह के ‘शहीद’ बनाए हैं।”

कांग्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक पर खड़ा किए थे सवाल
14 फरवरी, 2019 को पुलवामा में पाकिस्तानी आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए और कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलवामा हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी ठिकाने ध्वस्त कर दिए थे। इस स्ट्राइक में काफी संख्या में आतंकी मारे गए थे। इसके बाद सेना का मनोबल तोड़ने के लिए राहुल गांधी से लेकर कांग्रेस के कई नेताओं ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल खड़ा कर दिए और सबूत तक मांगने लगे। राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने पुलवामा हमले के बाद एयर स्ट्राइक पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, ‘हमले के बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं जानता। यह हर तरह के हमले की तरह है। मुंबई में भी ऐसा हुआ था। हमने इस बार रिएक्ट किया और कुछ जहाज भेज दिए, लेकिन यह सही तरीका नहीं है। सैम पित्रोदा ने यह भी कहा, ‘मैं इस बारे में कुछ अधिक जानना चाहता हूं क्‍योंकि मैंने न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स समेत अन्‍य अखबारों में कुछ रिपोर्ट पढ़ी हैं। क्‍या हमने सच में हमला किया? क्‍या हमने सच में 300 आतंकियों को मारा?’

किसके फायदे के लिए सेना के बारे में इतना झूठ फैलाया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर सेना में भर्ती को लेकर सरासर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए 2 जुलाई को संसद में सवाल किया कि आखिर किसके फायदे के लिए सेना के बारे में इतना झूठ फैलाया जा रहा है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सेना में भर्ती को लेकर कांग्रेस की ओर से सरासर झूठ फैलाया जा रहा है ताकि नौजवान सेना में न जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं को सेना में जाने से रोकने के लिए झूठ फैलाया जा रहा है। मैं जानना चाहता हूं कि आखिर किसके लिए कांग्रेस हमारी सेनाओं को कमजोर करना चाहती है। किसके फायदे के लिए सेना के बारे में इतना झूठ फैला रही है।

भारतीय सेना को ताकतवर होते नहीं देख सकते
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लोग कभी भी भारतीय सेनाओं को ताकतवर होते नहीं देख सकते। उन्होंने कहा कौन नहीं जानता कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय देश की सेना कितनी कमजोर होती थी। हमारी सेनाओं में कांग्रेस ने लाखों करोड़ों रुपये के घोटाले किए, जिसने देश की सेना को कमजोर किया। जब से देश आजाद हुआ तब से कांग्रेस ने जल, थल और वायु सेनाओं में भ्रष्टाचार की परम्परा बनाई। जीप घोटाले से लेकर पनडुब्बी और बोफोर्स घोटाले का हवाला देते हुए कहा कि इन घोटालों ने देश की ताकत बढ़ने से रोकी।

अग्निवीर योजना कांग्रेस की दुखती रग पर हाथ
मोदी सरकार ने अग्निवीर योजना से कांग्रेस की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। इससे उसकी भविष्य की पूरी प्लानिंग ही चौपट होने वाली है। अग्निवीर से सबसे ज्यादा नुकसान अगर किसी को होने वाला है तो वह चीन है, अगर भारत-चीन के बीच युद्ध या झड़प होता है। राहुल गांधी को समस्या अग्निवीर के वेतन, मुआवजे और करियर को लेकर नहीं है। राहुल की चिंता का पहला कारण चीन है क्योंकि कांग्रेस ने चीन के साथ गुप्त समझौता कर रखा है। दूसरा कारण तुष्टिकरण है। कांग्रेस तुष्टिकरण करके ही चुनाव जीतती आई है। शांतिप्रिय समुदाय जिहाद में विश्वास रखते हैं और कांग्रेस उन्हें अपने शासित राज्यों में खुली छूट देती है। लेकिन अब उन्हें इस बात की चिंता सताने लगी है कि जब हर शहर में 1000 और 2000 अग्निवीर होने लगेंगे तब क्या होगा। उन्हें अपने भविष्य की प्लानिंग पता है इसलिए उन्हें यह भी समझ आ गया है कि ये उन्हीं के इलाज का प्रबंध है। 

केरल में हिन्दू विरोधी नारेबाजी 

वायनाड में राहुल गांधी को समर्थन देनेवाली मुस्लिम लीग की रैली,  "हिंदुओं को जिंदा जला दो।"  "हिंदुओं को मंदिरों में फाँसी दो।"  "तुम रामायण पढ़ने के लायक नहीं रहोगे।"  ये नारे पाकिस्तान में नहीं हैं। ये भारत के केरल में हैं!  ये नारे मुस्लिम लीग की युवा शाखा ने लगाए, जो कांग्रेस, केजरीवाल, ममता, अखिलेश, शरद पवार और अन्य विपक्षी दलों के साथ भारत के गठबंधन में है!  ये वीडियो देखिए और बताइए कि इन जैसे लोगों को इस देश में रहने का क्या अधिकार है?

देख लो एक मुस्लिम युवक लोकसभा में राहुल द्वारा कुरान की आयत बिना हाथ मुंह धोये और जूते पहनकर बोलने पर कितना लाल पीला हो रहा है।

लोकसभा में हिन्दू सांसदो को मूर्च्छा आ गई थी क्या? जो स्पीकर के सामने  मुद्दा भी नहीं उठा सके , विरोध तो क्या करेंगे यह केवल वोट प्राप्त करने के लिए ही हिन्दू हैं, वैसे सैकुलरवादी हैं।

और फिर देश में कहीं भी किसी हिन्दू युवक ने हिंदु धर्म के हो रहे इस अपमान के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का आव्हान क्यों नहीं किया?

हो गया स्पीकर का चुनाव, कांग्रेस ने निकाल ली भंडास, बोलते हुए न सोचते हैं और न गिरेबान में झाँकते है ; संविधान की वकालत करने वालों ने ही संविधान को सैकड़ों बार अपमानित किया है

सुभाष चन्द्र 

कांग्रेस ने स्पीकर पद के लिए ओम बिरला का विरोध करते हुए सामने से के सुरेश को चुनाव में उतार दिया, क्योंकि के सुरेश दलित हैं, बस कांग्रेस जिद पकड़ गई कि हमारे सुरेश को सरकार समर्थन दे और जब नहीं दिया तो भाजपा को प्रमाणपत्र दे दिया “दलित विरोधी” होने का। ये ऐसे बात करते हैं जैसे स्कूल में लड़के एक दूसरे से झगड़ा करते हैं। 

के सुरेश का भाजपा द्वारा समर्थन न करने पर तो उसे दलित विरोधी बता दिया लेकिन यह भूल गए कि राष्ट्रपति पद के चुनाव लिए जो दलित चेहरा रामनाथ कोविंद भाजपा ने उतारा था, उसका कांग्रेस ने विरोध किया था, तो फिर कांग्रेस “दलित विरोधी” कैसे न हुई?

लेखक 
चर्चित YouTuber 
इसके बाद आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू को जब राष्ट्रपति पद के चुनाव में भाजपा ने उतारा तो उनका तो कांग्रेस और विपक्ष के अन्य नेताओं ने द्रौपदी जी का भरपुर मज़ाक उड़ाया और कांग्रेस के एक नेता अजोय कुमार ने उन्हें Evil Philosophy की प्रतिनिधि बताया था और कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने उनके विरोध में वोट दिया। क्यों न कहा जाए कि कांग्रेस और विपक्ष “आदिवासी विरोधी” है।

अब दूसरा मामला उपाध्यक्ष (Dy Speaker) का। अनेक बार विपक्ष का नेता Dy Speaker रहा है लेकिन यह परंपरा भी कांग्रेस के समय में टूटी थी। 14th और 15th लोकसभा में गुलाम नबी आज़ाद और पवन बंसल कांग्रेस के Dy Speaker थे और स्पीकर भी सत्ता पक्ष के थे।

ये परंपरा केवल लोकसभा के लिए नहीं कही जा सकती, यह तो विधान सभाओं में भी लागू होनी चाहिए लेकिन ऐसा है नहीं क्योंकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने दोनों पद अपने पास रखे हुए हैं। बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पंजाब, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश सभी राज्यों में स्पीकर और उपाध्यक्ष के पद सत्ता पक्ष के पास ही हैं। इसलिए कुछ मांगने से पहले अपने गिरेबान में भी झाँक लेना चाहिए।

आज ओम बिरला जी को स्पीकर बनने पर जितनी बधाई दी राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने उन्हें, उससे ज्यादा उन्हें ताने मारे। राहुल गांधी का वही पुराना राग कि संविधान की रक्षा में आपसे मदद की उम्मीद है और अखिलेश ने कहा कि सदन से निष्कासित करना फिर से शुरू न हो। इसका मतलब साफ़ था कि हम जितना मर्जी हंगामा करें और चाहे प्रधानमंत्री को भी न बोलने दें, आप आंखे बंद करके हमें देखते रहो। अपने तरफ देखते नहीं विपक्षी, परसो ही राष्ट्रगान के समय राहुल गांधी मौजूद नहीं थे और ख़तम होने बाद ही आए; फिर कहते हैं संविधान की रक्षा करेंगे।

सदन के शांति से चलने की उम्मीद तो न के बराबर है लेकिन फिर देखते हैं विपक्ष किस हद तक गिरेगा हंगामा करने के लिए? हंगामा करने वालों को तो मार्शल से उठवा कर बाहर करवा देना चाहिए क्योंकि सदन की कार्रवाई पर करोड़ों रुपया खर्च होता है।

उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अपमान पर जाटों के सबसे बड़े खाप ने बुलाई पंचायत: ‘किसान मोर्चा’ करेगा प्रदर्शन

उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अपमान पर भाजपा का किसान मोर्चा करेगा प्रदर्शन, जाटों के खाप ने बुलाई पंचायत
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी के उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अपमान पर जाट समुदाय क्रोधित है। जाटों ने एक पंचायत बुला कर इस मामले में कल्याण बनर्जी से माफ़ी की माँग की है। वहीं भाजपा सांसदों ने उप-राष्ट्रपति के समर्थन में राज्यसभा में खड़े रह कर विरोध प्रदर्शन किया है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी उप-राष्ट्रपति से मुलाक़ात की है। गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नकल उतारी थी। उन्होंने उप-राष्ट्रपति के हावभाव की नक़ल उतारते हुए अभद्र तरीके से उनकी मिमिक्री की। इस दौरान राहुल गाँधी उनका वीडियो बनाते रहे जबकि अन्य सांसद भी उनका साथ देकर ठहाके लगाते रहे।

इस मामले में भाजपा के राज्यसभा सांसद उप-राष्ट्रपति के समर्थन में राज्यसभा में 20 दिसम्बर, 2023 को एक घंटा खड़े रहे। इसके द्वारा उन्होंने उप-राष्ट्रपति के साथ एकजुटता दिखाई। इस एक घंटे में सदन की कार्रवाई में भाजपा और इसके गठबंधन दलों के सांसद चलती हुई कार्रवाई में खड़े होकर हिस्सा लेते रहे।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी (प्रहलाद जोशी) ने कहा, “दूसरे सदन के सदस्य राहुल गाँधी ने उप-राष्ट्रपति का अपमान किया है। पहली बार विपक्ष इस स्तर जा रहे हैं कि कोई हद ही नहीं है।” प्रल्हाद जोशी से कल्याण बनर्जी से माफ़ी की माँग भी की।

वहीं उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अपमान पर जाट समुदाय भी आक्रोशित हो गया है। देश की सबसे बड़ी खाप पंचायत के उपाध्यक्ष प्रधान सुरेन्द्र सोलंकी ने इस मामले पर पंचायत बुलाई है। उन्होंने कहा है कि कल्याण बनर्जी ने उप-राष्ट्रपति का अपमान करके किसान समुदाय का अपमान किया है। उन्हें जल्द ही माफ़ी माँगनी होगी वर्ना तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों के घरों का घेराव किया जाएगा। उन्होंने राहुल गाँधी के व्यवहार की आलोचना भी की है। उन्होंने आगे बड़ी पंचायतों और विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद उप-राष्ट्रपति धनखड़ के साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी मुलाक़ात की। उन्होंने कल्याण बनर्जी की हरकत पर दुःख जताया। उन्होंने राहुल गाँधी द्वारा इस घटना की वीडियो बनाए जाने पर भी आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि यह नया निचला स्तर है लोकतंत्र में विश्वास करने वाले लोग इसकी कभी प्रशंसा नहीं करेंगे।

वहीं कल्याण बनर्जी ने अपने इस कृत्य पर माफ़ी माँगने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा, “मिमिक्री एक कला है, इसीलिए मैं माफ़ी नहीं माँगूँगा।” उन्होंने कहा कि मेरा उनकी भावनाएँ आहत करने का इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि मिमिक्री एक कला है इसलिए वो माफ़ी नहीं माँगेंगे।

भाजपा ने इस मामले पर विपक्ष को घेरने का भी इरादा बना लिया है। भाजपा का किसान मोर्चा इस मामले में अब प्रदर्शन करेगा और कल्याण बनर्जी का पुतला फूँकेगा।