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‘इस्लाम की रोशनी’ पर ज्ञान देने से नहीं चला ओझा ‘सर’ का काम, अब देश में क्रांति के नाम पर कर रहे ‘मारने-काटने’ की बात: पूर्व AAP नेता का आतंकियों के बखान का रहा है इतिहास

UPSC एजुकेटर अवध प्रताप ओझा उर्फ ओझा सर ने देश में 'मार-काट' होने की भविष्यवाणी की (साभार: Salt by Lutyens)

जो न राजनीति में टिका, न शिक्षक के रूप में उसने आज तक ढंग की कोई बात कही। वह अब चला है देश का भविष्य तय करने। तो ये हैं हमारे UPSC एजुकेटर अवध प्रताप ओझा उर्फ ओझा सर। जिन्होंने फेमस होने के लिए, हिंदुओं के खिलाफ टिप्पणी भी की, इस्लाम की सराहना भी की, क्लासेज में सेक्सी-सेक्सी बातें भी कीं और यहाँ तक की आतंकवादी का बखान भी इन्होंने किया। लेकिन इतने विवादों के बाद भी करियर किसी क्षेत्र में सफल नहीं हुआ।
अरविन्द केजरीवाल ने राजनीति में कदम रखते ही कहा था कि "हाँ मै अराजक हूँ", जिसे उन्होंने अपनी कार्यशैली से एक बार नहीं कई बार साबित किया है। लेकिन महामूर्ख जनता मुफ्त रेवड़ियों के लालच में आम आदमी पार्टी को वोट देते रहते हैं। बिना इस्तीफा दिया बिना जेल में रहना, मुख्यमंत्री रहते किसी मंत्रालय का नहीं लेना लेकिन इसके हुक्म के बिना पार्टी में पत्ता नहीं हिलता। जाँच अधिकारीयों को लैपटॉप/मोबाइल का पासवर्ड नहीं बताना, अपनी ही महिला सांसद की अपने ही घर में पिटाई करवाना आदि आदि अराजकता के मुख्य प्रमाण हैं। ठीक यही हालत केजरीवाल पार्टी की है।      

इन सारे विवादित बयानों के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में हाथ आजमाया, यह सोचकर कि विवादों में ही सही, फेमस तो हुआ हूँ, लोग वोट कर ही देंगे। लेकिन लोगों को उनकी देश-विरोधी और हिंदू विरोधी बयानों की सच्चाई पता थी, तभी वह चुनाव हार गए। और अब दोबारा निकल पड़े हैं देश की तबाही की राह खोजने।

तो हाल ही में ओझा सर ने सॉल्ट बाय लुटियंस को इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू का एक वीडियो क्लिप काफी चर्चा का विषय बना। वीडियो में ओझा सर ने US-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का हवाला देते हुए भारत में ‘मार-काट’ होने की भविष्यवाणी कर दी। और बोला कि ऐसे में वह खुद चीन भाग जाएँगे।

ओझा सर के ‘मारकाट’ वाले बयान का संदर्भ

ओझा सर यह बात किस संदर्भ में कहते हैं उसे भी पहले जान लेना जरूरी है, क्योंकि यह बात एक शिक्षक की जुबान से सुनना काफी अटपटा लगता है। भारत में शिक्षा व्यवस्था को खराब बताते हुए ओझा कहते हैं, “यहाँ शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त है। मेरी बेटियों के टीचर्स मुझसे शिकायत करते हैं कि पढ़ती नहीं हैं। हमने कहा कि क्या करोगे इतना पढ़ाकर… इंजीनियर, डॉक्टर हमें बनाना नहीं… हमें बनाना है नेता।”

यह बात वाकई में एक शिक्षक के जुबान से सुननी अटपटी लगती हैं। एक शिक्षक, जो छात्रों को बेहतर शिक्षा देकर एक बेहतर समाज तैयार करता है। अगर वह कहे कि पढ़ाई की क्या जरूरत, नेता बन जाओ। जैसे नेता तो पढ़े-लिखे होते ही नहीं, और अगर कुछ धारणाएँ और हकीकत ऐसी हैं भी। तो क्या इसे बदलना एक शिक्षक का कर्तव्य नहीं, या बच्चों के मन में ये भरना कि पढ़ो मत, नेता बन जाना। क्या इससे देश में कोई बदलाव आएगा?

ओझा सर शायद ही ऐसा सोच पाएँ, क्योंकि वह ठान कर बैठे हैं कि भारत माता को जय करने वाला हमारा देश एक ‘जंगल’ है। वह कहते हैं कि इस जंगल में या तो ‘शिकारी’ या फिर ‘शेर’ रहते हैं। एक शिक्षक की ऐसी भाषा न सिर्फ आक्रामक है, बल्कि पूरी व्यवस्था और समाज को नकारने वाली भी है। अगर एक शिक्षक ही देश के बारे में ऐसी सोच रखता है, तो वह छात्रों को क्या दिशा देगा।

अब ओझा सर की विशेष भविष्यवाणी

और बस यहीं ओझा सर क्रांति की बात शुरू करते हैं। भविष्यवाणी करते हैं कि शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने के लिए एक क्रांति होगी। ओझा कहते हैं, “एक क्रांति होने जा रही है, भयंकर मार-काट होगी… इस देश में। इकोनॉमी और बैंकों का पतन होगा।”

इसके बाद खुद को दुनिया की राजनीति का ‘फर्जी’ एक्सपर्ट दिखाते हुए आगे कहते हैं, “ये ईरान और अमेरिका वाला युद्ध बढ़ जाए और गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद हो जाए। तो ये दिल्ली, मुंबई, कोलकाता… यहाँ भूखा आदमी मरने से पहले मारेगा।”

ओझा सर ने यह तुलना फ्रांस और रूस की क्रांतियों से की, जब पहले विश्व युद्ध के दौरान 1917 में रूस में भूखमरी और खाद्यान्न की भारी कमी के कारण जनता ने विद्रोह किया था। ये ओझा सर की भविष्यवाणी कम और बददुआ ज्यादा नजर आती है। पहली बात तो भारत की स्थिति को उसी तराजू में रखना पूरी तरह गलत है, दूसरी बात ओझा सर को अंदाजा भी नहीं है कि ऐसी बातों से लोगों में कितना डर पैदा हो सकती है, जिनका कोई ठोस आधार तक नहीं है।

लेकिन ओझा सर ने ऐसे डर पैदा करने वाले बयान जानबूझ कर दिए हैं। यहाँ भी दो पहलू हो सकते हैं। पहली बात की वो फेमस होने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते हैं, उन्हें अच्छा लगता है जब लोग उनकी बात करते हैं, उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता कि ये बातें आलोचना हो या तारीफ। दूसरी बात कि यहाँ ओझा सर की भारत के खिलाफ घृणा साफ झलकती है, जो कि सिर्फ झलकने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस देश को ‘तबाह’ करने की सोची-समझी मंशा है।

क्योंकि खुद तो वह चीन भागने की तैयारी में हैं। वह खुद कहते हैं, “मैं तो चीन निकल जाऊँगा, मेरा तो अपना है सारा व्यापार। दोस्त हैं, शोरूम हैं… वहाँ निकल जाएँगे।” यहाँ पूरे देशवासियों में डर पैदा करके ओझा सर ने अपना इंतजाम कर लिया है। भागने की बात कर रहे हैं, वो भी एक ऐसे देश में, जिसके साथ भारत की दुश्मनी है। ये तो वही हो गया, विजय माल्या ने देशवासियों के पैसे लूटे और बस गया ‘अंग्रेजों’ के बीच, जिन्होंने भारत पर 200 साल राज किया।

ये सभी लोग देश को बर्बाद करने के ख्वाब बुनते हैं और खुद विदेशी सहयोग के सहारे बैठे रहते हैं। कोई चौंकने वाली बात नहीं होगी, जब कल को ओझा सर का कोई विदेशी लिंक सामने आएगा, जिसमें कहा जाएगा कि ओझा सर को विदेशी फंडिंग मिल रही थी ये सब बेतुके और भद्दे बयान देने के लिए।

ओझा सर के इस्लाम और आतंकियों के बखान में प्रवचन

देश में ‘मार-काट’ हो जाने जैसा भारत-विरोधी और ‘आतंकी’ विचारधारा वाला बयान ओझा सर ने कोई पहली बार नहीं दिया है। ये वही ओझा सर हैं, जिनके इस्लाम और आतंकियों का बखान करते वीडियो वायरल होते हैं। और हिंदू धर्म के देवी-देवताओं को गाली देने में भी इनका नाम कुख्यात की लिस्ट में आता है।

कभी ये आतंकवादी ओसामा बिन लादेन ने अमेरिका में किए 9/11 हमले को महान उपलब्धि ठहरा देते हैं और उसके बहादुरी के किस्से छात्रों को सुनाते हैं। कभी इस्लाम की बड़ाई में चूर रहते हैं और कहते हैं कि इस्लाम ही पूरी दुनिया में रोशनी लेकर आया, इससे पहले तो अँधेरा था।

वहीं हिंदुओं की बात आती है तो अवध ओझा कड़वाहट के बोल निकालने शुरू कर देते हैं। श्रीकृष्ण पर लांछन लगाते हैं औऱ दावा करते हैं कि यादव लोग एक बार भगवान को मिलकर मारने वाले थे। इतना ही नहीं श्रीकृष्ण के चरित्र पर भी सरेआण बोलते हैं कि वे तो यादव की बीवियों के साथ नाचते थे।

और ऐसा नहीं है कि छात्र जानते नहीं है अवध ओझा की सच्चाई को। ओझा की क्लासेज अटेंड करने वाले छात्र कहते हैं कि ओझा सर कच्छा पहनकर क्लास में आते हैं और सेक्स की बातें करते हैं। कहने को ये UPSC एस्पिरेंट को पढ़ाने वाले शिक्षक हैं।

अगर ऐसी घटिया मानसिकता वाले शिक्षक से छात्र पड़ेगा, तो लाजमी है कि कल को परीक्षा में सफल होकर कोई छात्र देश के बड़े उच्च पदों पर बैठेगा, तो उसके विचार क्या होंगे? वो देश को किस नजरिए से देखेगा? और देश की तरक्की में योगदान देने के बजाए क्या वह भी ओझा सर की तरह चीन चला जाएगा?

ओझा सर खुद तो राजनीति में टिक नहीं पाए, और शिक्षक के तौर पर भी उनका करियर सफल हो नहीं सका। तो अब वे ऐसे भविष्य तैयार करने में निकल पड़े हैं, जो उनकी मानसिकता को पूरे देश में फैलाए। तो इसीलिए छात्र को समझना होगा कि ऐसे शिक्षक केवल देश को तबाह करने के बारे में सोचते हैं, न कि देश की तरक्की के बारे में।

किसके इशारे पर, किसके फायदे के लिए सेना को बदनाम कर रहे राहुल गांधी? क्या बिना UPSC पास किये ओम बिरला की बेटी IAS? क्या toolkit अब सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गया है?

चुनाव 2024 Rahul Gandhi ने 4 झूठ बोला, हिन्दुओं ने चारों झूठ को सच मान कर बीजेपी को वोट नहीं दिया, मुस्लिमों ने गुमराह किया हम Narendra Modi के साथ है मस्जिद से आवाज़ आई और मुल्ला ने तक़रीर किया मोदी को किसी भी कीमत पर रोकना है, रोक नहीं पाया..!! लेकिन मुस्लिम ने एकजुट एकमुश्त मोदी को रोकने के लिये वोट किया..!!
अब अग्निवीर को मुद्दा बनाया..!! टूल किट बना कर भ्रामक स्थिति तैयार कर लिया..!! यूथ को गुमराह करना है, वो हो भी रहा है..!!

Bharatiya Janata Party (BJP) IT cell is a total failure..!!

बीजेपी के उग्र तरीके को अब कांग्रेस ने अपना लिया है। अगर राहुल गाँधी द्वारा कोई गलत बयानबाज़ी की जा रही है तो मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया जाता? संसद में कोई सांसद चाहे कुछ भी बोल दे? फिर सोशल मीडिया पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पुत्री के विरुद्ध चल रही है, कि बिना UPSC पास किए ओम बिरला की बेटी IAS बन गयी। अगर समाचार दुष्प्रचार है तो UPSC और ओम बिरला को तुरन्त इस सोशल मीडिया पर कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए।

कुछ अपने सहयोगियों से इस विषय पर चर्चा पर उन्होंने बताया कि बिना UPSC परीक्षा पास किए ऐसा असंभव है। रैंक में ऊपर-नीचे हो सकता है। क्या toolkit मोदी सरकार की प्रतिष्ठा को दांव पर लगाने सक्रीय है? गृह मंत्रालय को भी संज्ञान लेना चाहिए। यह बहुत गंभीर मामला है। आगे विधानसभा आ रहे हैं। यदि कार्यवाही नहीं की गयी बीजेपी को भारी नुकसान हो सकता है।

अब वापस अग्निवीर पर आते हैं। मीडिया में बताया गया कि किस तरह कांग्रेस ने राहुल गाँधी के अग्निवीर के शहीद के परिवार से मुलाकात कर, गुमराह करने की कोशिश की। रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय को राहुल के साथ-साथ उस परिवार पर भी कार्यवाही करनी चाहिए कि किस दबाव में आकर ऐसा भ्रमित करने वाला बयान दिया। और जिस मीडिया ने इस भ्रमित समाचार को प्रसारित किया उस पर कार्यवाही की जरुरत है।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भारतीय सेना और मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए अग्निवीर पर लगातार झूठ फैला रहे हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए उन्होंने अग्निवीर मुद्दा उठाकर समाज में जहर घोलने का काम किया। 1 जुलाई को राहुल गांधी ने अग्निवीर पर संसद में झूठ बोला। उस वक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें टोका था और राहुल गांधी के झूठ का खुलासा संसद में ही कर दिया था लेकिन देश में आग लगाने की ठान चुके राहुल गांधी ने इसके बाद फिर 3 जुलाई को अग्निवीर पर एक वीडियो बनाकर देश के युवाओं को गुमराह करने का काम किया। इसके बाद सेना ने सामने आकर राहुल के झूठ का पर्दाफाश किया। सेना ने कहा कि परिवार को 98.39 लाख रुपये दिया जा चुका है। सेना ने स्पष्टीकरण में कहा कि कुल राशि लगभग 1.65 करोड़ रुपये होगी। वहीं शहीद अग्निवीर के परिवार ने भी कहा कि उसे मुआवजा मिल चुका है। इसके बाद भी राहुल गांधी द्वारा लगातार इस मुद्दे पर झूठ बोलना कायदे से यह देशद्रोह की श्रेणी में आना चाहिए। यहां सवाल यह भी उठता है कि क्या वो देश के अग्निवीरों में विद्रोह पैदा कराना चाहते हैं ? ऐसा प्रतीत होता है कि राहुल गांधी देश को अराजकता में झोंककर मोदी सरकार को बदनाम करना चाहते हैं जिससे विदेशी निवेशकों को भारत आने से रोका जा सके।

क्या कांग्रेस चीन से गुप्त समझौते की वजह से सेना को करती है बदनाम
7 अगस्त 2008 को सोनिया गांधी की अगुवाई में कांग्रेस पार्टी और चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था। क्या यही वजह है कि कांग्रेस अक्सर चीन की नापाक हरकतों पर चुप्पी साध लेता है और भारतीय सेना का मनोबल गिराने के लिए झूठ और नैरेटिव गढ़ता है। यूपीए के अपने पहले कार्यकाल के दौरान कांग्रेस पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना ने उच्च स्तरीय सूचनाओं और उनके बीच सहयोग करने के लिए बीजिंग में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। साल 2020 में 15-16 जून की रात में भारतीय और चीनी सेना के बीच गलवान घाटी में LAC पर हिंसक झड़प हुई थी। भारत की तरफ से इस झड़प में एक कमांडर समेत 20 सैनिक शहीद हो गए थे। उस वक्त कांग्रेस देश के साथ नहीं खड़ा था और चीन की तरफ से उकसावे के लिए उसकी निंदा नहीं की थी। सवाल यह है कि राहुल गांधी छुपकर रात को चीनी दूतावास क्यों जाते हैं? नेपाल में चीन की राजदूत से मिलने का राज क्या है?  विदेशों में क्या चीनियों से मिलते हैं? राहुल गांधी भारतीय सेना पर कम और चीन पर ज़्यादा भरोसा क्यों करते हैं? ये चीन की तरफ़दारी और भारत की तौहीन क्यों करते हैं?

 

अग्निवीर पर राहुल गांधी ने फिर फैलाया झूठ
राहुल गांधी ने 1 जुलाई को संसद में बोलने के बाद 3 जुलाई को ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर अग्निवीर पर फिर से झूठ फैलाने का काम किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- ”सत्य की रक्षा हर धर्म का आधार है! लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद अग्निवीर के परिवार को सहायता मिलने के बारे में संसद में झूठ बोला। उनके झूठ पर शहीद अग्निवीर अजय सिंह के पिता जी ने खुद सच्चाई बताई है। रक्षा मंत्री को संसद, देश, सेना और शहीद अग्निवीर अजय सिंह जी के परिवार से माफी मांगनी चाहिए।” ट्वीट के साथ जो वीडियो पोस्ट किया गया है कि उससे ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने राहुल गांधी को फिर रिलांच किया है।

सेना ने राहुल गांधी के झूठ का किया पर्दाफाश
अग्निवीर पर राहुल गांधी के झूठ का अब सेना ने पर्दाफाश किया है। सेना ने ट्विटर पर एक पोस्ट में लिखा कि “कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले अग्निवीर अजय कुमार के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया गया है। ऐसे दावे बिल्कुल निराधार हैं। भारतीय सेना अग्निवीर अजय कुमार के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करती है। उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अग्निवीर अजय के परिवार को कुल देय राशि में से 98.39 लाख रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।”

अग्निवीर अजय को दी गई राशि के सबूत
अग्निवीर अजय कुमार को फंड ट्रांसफर के दस्तावेजी साक्ष्य। 10 जून 24 को बीमा कंपनी ने 48 लाख रुपये का भुगतान किया। इसी तरह डीएसपी बीमा यानी गैर-अंशदायी बीमा के 50 लाख रुपये 13 फरवरी 24 को दिए गए। ये इस बात का सबूत है कि सेना सच बोल रही है। राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के 10 साल से सत्ता से बाहर होने की खीझ को मिटाने के लिए झूठ बोलकर राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं। लेकिन अब उनके इस झूठ का ढोल फट गया है।

रक्षा मंत्री ने संसद में राहुल के झूठ की पोल खोली
लोकसभा में राहुल गांधी के अग्निवीर योजना पर दिए बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर गलत बयान देकर लोकसभा को गुमराह करने का आरोप लगाया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “राहुल गांधी को गलत बयान देकर सदन को गुमराह करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “युद्ध के दौरान या देश की सुरक्षा के दौरान अगर हमारा कोई अग्निवीर का जवान शहीद होता है, तो उसे केंद्र सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये की धनराशि उसके परिवार की सहायता के रूप में दी जाती है।” राहुल गांधी अग्निवीरों पर गलत बयान न दें, वे सदन को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

पहले शहीद अग्निवीर पर भी राहुल ने फैलाया था झूठ
राहुल गांधी ने अक्टूबर 2023 में पहले शहीद अग्निवीर लक्ष्मण गावते को लेकर झूठ फैलाने का काम किया था और देश युवाओं को गुमराह कर सेना के खिलाफ भड़काने का काम किया था। सियाचिन में तैनात अग्निवीर जवान अक्षय लक्ष्मण गावते की ड्यूटी के दौरान निधन हो गया था। लक्ष्मण गावते पहले अग्निवीर थे, जिनकी ड्यूटी के दौरान मौत हुई थी। वहीं एक आरटीआई से खुलासा हुआ था कि अक्षय लक्ष्मण गावते के परिजनों को सरकार ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक मदद प्रदान की है। लक्ष्मण भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर (14 कोर) का हिस्सा थे, जो लद्दाख में तैनात है। अग्निपथ योजना को लागू करने के दौरान सरकार ने कहा था कि ड्यूटी के दौरान अगर किसी अग्निवीर का निधन हो जाता है, तो उन्हें बीमा की रकम मिलेगी।

राहुल गांधी ने कहा था- देश में ‘दो तरह के सैनिक’
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी कहा था कि पीएम मोदी ने देश में ‘दो तरह के सैनिक’ पैदा कर दिए हैं। उन्होंने कहा, “…एक गरीब, दलित, अल्पसंख्यक का बेटा है और दूसरा अमीर परिवार से है। उन्होंने गरीब के बेटे को नया नाम दिया है अग्निवीर, जिसे पेंशन, कैंटीन जैसी कोई सुविधा नहीं मिलेगी… लेकिन, अगर आप वरिष्ठ अधिकारी हैं या इन चारों में से कोई एक हैं, तो आपको ये सभी चीजें मिलेंगी। सेना में उन्होंने ‘दो-भारत’, दो तरह के ‘शहीद’ बनाए हैं।”

कांग्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक पर खड़ा किए थे सवाल
14 फरवरी, 2019 को पुलवामा में पाकिस्तानी आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए और कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलवामा हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी ठिकाने ध्वस्त कर दिए थे। इस स्ट्राइक में काफी संख्या में आतंकी मारे गए थे। इसके बाद सेना का मनोबल तोड़ने के लिए राहुल गांधी से लेकर कांग्रेस के कई नेताओं ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल खड़ा कर दिए और सबूत तक मांगने लगे। राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने पुलवामा हमले के बाद एयर स्ट्राइक पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, ‘हमले के बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं जानता। यह हर तरह के हमले की तरह है। मुंबई में भी ऐसा हुआ था। हमने इस बार रिएक्ट किया और कुछ जहाज भेज दिए, लेकिन यह सही तरीका नहीं है। सैम पित्रोदा ने यह भी कहा, ‘मैं इस बारे में कुछ अधिक जानना चाहता हूं क्‍योंकि मैंने न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स समेत अन्‍य अखबारों में कुछ रिपोर्ट पढ़ी हैं। क्‍या हमने सच में हमला किया? क्‍या हमने सच में 300 आतंकियों को मारा?’

किसके फायदे के लिए सेना के बारे में इतना झूठ फैलाया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर सेना में भर्ती को लेकर सरासर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए 2 जुलाई को संसद में सवाल किया कि आखिर किसके फायदे के लिए सेना के बारे में इतना झूठ फैलाया जा रहा है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सेना में भर्ती को लेकर कांग्रेस की ओर से सरासर झूठ फैलाया जा रहा है ताकि नौजवान सेना में न जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं को सेना में जाने से रोकने के लिए झूठ फैलाया जा रहा है। मैं जानना चाहता हूं कि आखिर किसके लिए कांग्रेस हमारी सेनाओं को कमजोर करना चाहती है। किसके फायदे के लिए सेना के बारे में इतना झूठ फैला रही है।

भारतीय सेना को ताकतवर होते नहीं देख सकते
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लोग कभी भी भारतीय सेनाओं को ताकतवर होते नहीं देख सकते। उन्होंने कहा कौन नहीं जानता कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय देश की सेना कितनी कमजोर होती थी। हमारी सेनाओं में कांग्रेस ने लाखों करोड़ों रुपये के घोटाले किए, जिसने देश की सेना को कमजोर किया। जब से देश आजाद हुआ तब से कांग्रेस ने जल, थल और वायु सेनाओं में भ्रष्टाचार की परम्परा बनाई। जीप घोटाले से लेकर पनडुब्बी और बोफोर्स घोटाले का हवाला देते हुए कहा कि इन घोटालों ने देश की ताकत बढ़ने से रोकी।

अग्निवीर योजना कांग्रेस की दुखती रग पर हाथ
मोदी सरकार ने अग्निवीर योजना से कांग्रेस की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। इससे उसकी भविष्य की पूरी प्लानिंग ही चौपट होने वाली है। अग्निवीर से सबसे ज्यादा नुकसान अगर किसी को होने वाला है तो वह चीन है, अगर भारत-चीन के बीच युद्ध या झड़प होता है। राहुल गांधी को समस्या अग्निवीर के वेतन, मुआवजे और करियर को लेकर नहीं है। राहुल की चिंता का पहला कारण चीन है क्योंकि कांग्रेस ने चीन के साथ गुप्त समझौता कर रखा है। दूसरा कारण तुष्टिकरण है। कांग्रेस तुष्टिकरण करके ही चुनाव जीतती आई है। शांतिप्रिय समुदाय जिहाद में विश्वास रखते हैं और कांग्रेस उन्हें अपने शासित राज्यों में खुली छूट देती है। लेकिन अब उन्हें इस बात की चिंता सताने लगी है कि जब हर शहर में 1000 और 2000 अग्निवीर होने लगेंगे तब क्या होगा। उन्हें अपने भविष्य की प्लानिंग पता है इसलिए उन्हें यह भी समझ आ गया है कि ये उन्हीं के इलाज का प्रबंध है। 

केरल में हिन्दू विरोधी नारेबाजी 

वायनाड में राहुल गांधी को समर्थन देनेवाली मुस्लिम लीग की रैली,  "हिंदुओं को जिंदा जला दो।"  "हिंदुओं को मंदिरों में फाँसी दो।"  "तुम रामायण पढ़ने के लायक नहीं रहोगे।"  ये नारे पाकिस्तान में नहीं हैं। ये भारत के केरल में हैं!  ये नारे मुस्लिम लीग की युवा शाखा ने लगाए, जो कांग्रेस, केजरीवाल, ममता, अखिलेश, शरद पवार और अन्य विपक्षी दलों के साथ भारत के गठबंधन में है!  ये वीडियो देखिए और बताइए कि इन जैसे लोगों को इस देश में रहने का क्या अधिकार है?

देख लो एक मुस्लिम युवक लोकसभा में राहुल द्वारा कुरान की आयत बिना हाथ मुंह धोये और जूते पहनकर बोलने पर कितना लाल पीला हो रहा है।

लोकसभा में हिन्दू सांसदो को मूर्च्छा आ गई थी क्या? जो स्पीकर के सामने  मुद्दा भी नहीं उठा सके , विरोध तो क्या करेंगे यह केवल वोट प्राप्त करने के लिए ही हिन्दू हैं, वैसे सैकुलरवादी हैं।

और फिर देश में कहीं भी किसी हिन्दू युवक ने हिंदु धर्म के हो रहे इस अपमान के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का आव्हान क्यों नहीं किया?