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दीवाली मनाने वाले भारतीयों को विदेशी द्वारा brain dead, shithole, retarded और garbage लिखने पर सनातन विरोधी तृणमूल कांग्रेस सांसद, महुआ मोइत्रा ने ‘I agree’ लिखा

   महुआ मोइत्रा का भारत विरोधी पोस्ट पर मैं सहमत हूँ लिखना, फिर विवाद के बाद उसे डिलीट करना (साभार :                                                                                                                                         Timesnow)
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने एक विदेशी व्यक्ति के उस पोस्ट पर ‘मैं सहमत हूँ’ (I Agree) लिखा, जिसमें दिवाली मनाने वाले भारतीयों को ब्रेन डेड (brain dead), गंदगी (shithole) और दिवाली की तुलना ‘मंदबुद्धि’ (retarded) और ‘कचरे’ (garbage) से की गई थी।।

माहुआ मोइत्रा के इस ट्वीट ने सोशल मीडिया पर भारी बवाल मचा दिया, जिस पर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे भारत विरोधी और हिंदू विरोधी नफरत को बढ़ावा देने वाला बताया। चौतरफा आलोचना के बाद, सांसद ने अंततः अपने इस विवादित पोस्ट को हटा लिया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी सोशल मीडिया पर हिंदुओं और दिवाली के ख़िलाफ नस्लीय और धार्मिक असहिष्णुता का एक भयानक चलन दिख रहा है।

दिवाली पर नस्लीय टिप्पणी और महुआ मोइत्रा का ‘सहमत’ होना

23 अक्टूबर 2025 को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक ईसाई चरमपंथी के दिवाली त्योहार के खिलाफ किए गए अपमानजनक पोस्ट का खुलेआम समर्थन किया। उस विदेशी अकाउंट ने हिंदुओं के प्रति नस्लीय नफरत को बढ़ावा देते हुए भारतीयों को ‘दिमाग से मरे हुए भो#$के’ कहा और पश्चिमी देशों को ‘उनकी मंदबुद्धि दिवाली गंदगी’ से ‘पूरी तरह से गंदगी’ में बदलने का आरोप लगाया।

इस पोस्ट पर मोइत्रा ने सीधा और संक्षिप्त जवाब दिया ‘मैं सहमत हूँ’ (I agree)। उनका यह बयान पश्चिमी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दिवाली के ख़िलाफ़ फैल रही नस्लीय नफ़रत और हिंदू विरोधी कट्टरता को समर्थन देता हुआ प्रतीत हुआ, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएँ आनी शुरू हो गईं।

अब पोस्ट डिलीट कर सांसद दे रही सफाई

तृणमूल कांग्रेस सांसद माहुआ मोइत्रा अपने विवादित ‘I agree’ ट्वीट को लेकर सफाई देती नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका इरादा उस विदेशी के हिंदू-विरोधी पोस्ट का समर्थन करने का नहीं था, बल्कि उन्होंने गलती से ‘मैं सहमत हूँ’ उस ट्वीट पर लिख दिया जो उसके नीचे था।

माहुआ के मुताबिक, यह एक गलत क्लिक और भ्रम का मामला था, न कि किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ उनकी राय का संकेत। उन्होंने कहा कि वह यात्रा पर थीं और समय पर ट्वीट की जाँच नहीं कर सकीं। हालाँकि, उनके इस बयान के बाद भी सोशल मीडिया पर बहस थमी नहीं है। कई लोग इसे ‘बचाव की कोशिश’ बता रहे हैं, जबकि कुछ ने उनकी सफाई को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें ट्वीट करने से पहले और सावधानी बरतनी चाहिए थी।

महुआ बांग्लादेश को भारत से बेहतर मानती- बीजेपी

यह पहला मौक़ा नहीं है जब महुआ मोइत्रा ने हिंदू धर्म या भारत के खिलाफ विवादित टिप्पणी की हो। बीजेपी के पोस्ट के अनुसार, यह वही महुआ मोइत्रा हैं जो मानती हैं कि बांग्लादेश भारत से बेहतर है और जिन्होंने कथित तौर पर लक्जरी हैंडबैग के बदले राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है। बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी सांसद पहले देवी काली का वर्णन ‘मांस और शराब की देवी’ के रूप में कर चुकी हैं।

इसी साल अगस्त में, उन्होंने एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर नमासूद्र और मटुआ जैसे अनुसूचित जाति समुदायों के हिंदुओं का मज़ाक उड़ाया था और उनके धार्मिक प्रतीकों को ‘लकड़ी की माला’ कहकर अपमानित किया था। इसके अलावा, बीजेपी ने टीएमसी शासित पश्चिम बंगाल में दिवाली के दौरान आतिशबाजी करने पर महिलाओं और बच्चों पर कथित अत्याचार और काली मंदिरों पर हमले की घटनाओं का भी उल्लेख किया।

तृणमूल कांग्रेस(TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने फिर किया हिंदुओं का अपमान: SC, नामशूद्र और मतुआ समुदाय को बताया ‘चुनावी सनातनी’


तृणमूल कांग्रेस(TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने हिंदुओं को लेकर अपमानजनक बातें की हैं। उन्होंने जातियों को निशाना बनाया और हिंदू प्रतीकों तक का मजाक उड़ाने से भी वह नहीं चूकीं। वो भी जानती हैं कि हिंदू धर्म और इसको मानने वाले सहिष्णु हैं तो वो कुछ भी कहकर बचकर निकल जाएँगी।

महुआ का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल है। गुरुवार(28 अगस्त 2025) के बताए जा रहे इस वीडियो को बीजेपी की IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी X पर शेयर किया है।

महुआ इस वीडियो में वह हिंदुओं का मजाक उड़ाते हुए बंगाली में कह रही है, “पूरे साल आप तृणमूली रहते हैं और चुनाव के दौरान सनातनी?” जाहिर है कि वह बताना चाहती हैं कि कोई एक साथ हिंदू (सनातनी) और TMC का समर्थक नहीं हो सकता है।

अपने बयान में आगे उन्होंने SC(अनुसूचित जाति), नामशूद्र, मतुआ समुदायों को भी अपमानजनक तरीके से निशाना बनाया और वैष्णव समुदाय की पवित्र कंठी माला का मजाक उड़ाया है। उन्होंने उसे ‘लकड़ी की माला पहनने और खैरात लेने वालों की निशानी’ के रूप में पेश किया।

तृणमूल सांसद ने कहा कि SC, नामशूद्र और मतुआ समुदाय के लोग ममता बनर्जी सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ उठाते हैं लेकिन चुनावों के दौरान वे बीजेपी के पक्ष में वोट देते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनका वीडियो शेयर करते हुए अमित मालवीय ने कहा कि भाजपा इस भाषण की कड़ी निंदा करती है। उन्होंने मोइत्रा पर हिंदू-विरोधी नफरत फैलाने का आरोप लगाया और माँग की कि उन्हें इस अपमानजनक टिप्पणी के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट रूप से हिंदू-विरोधी, जातिवादी नफरत भरा भाषण है। इस तरह के सांप्रदायिक जहर के लिए कोई माफी नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा, “भाजपा हमेशा नामशूद्र, SC और मतुआ समुदायों के साथ मजबूती से खड़ी रही है। अब समय आ गया है कि ये समुदाय महुआ मोइत्रा के तत्काल इस्तीफे की माँग करें और एक बड़ा आंदोलन शुरू करें। SC-ST और हिंदू समुदायों का अपमान करने के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।”

इससे पहले गुरुवार (28 अगस्त 2025) को सांसद महुआ मोइत्रा ने एक और विवादास्पद बयान देते हुए कहा था कि गृहमंत्री अमित शाह का सिर काट दिया जाना चाहिए और कटे हुए सिर को मेज पर रख कर लोगों को दिखाना चाहिए। महुआ ने ये बयान अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पर बोलते हुए दिया था।

महुआ ने कहा था, “मैं पूछती हूँ कि क्या हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाला कोई नहीं है? और अन्य देशों के लाखों और करोड़ों की संख्या में लोग भारत में घुस रहे हैं, अगर वे हमारी माताओं और बहनों पर नजर रख रहे हैं, अगर वे हमारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, तो सबसे पहले अमित शाह का सिर काटकर मेज पर रख देना चाहिए।”

बिहार में तेजस्वी-राहुल की यात्रा से ममता बनर्जी की दूरी से गठबंधन पर खतरे के संकेत, टीएमसी सांसद महुआ के खिलाफ FIR

                                                                                                                                          साभार 
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासत अपने चरम पर है। प्रदेश में इंडिया ब्‍लॉक के पक्ष में माहौल बनाने के लिए राहुल गांधी और तेजस्‍वी यादव वोटर अधिकार यात्रा का आज समापन हो गया। वोट चोरी के अनर्गल मुद्दे के अलावा यात्रा से बिहार की जनता को कुछ हासिल नहीं हुआ। इस यात्रा में कुछ राज्‍यों के मुख्‍यमंत्री और उपमुख्‍यमंत्री शामिल हुए। यह अलग बात है कि यात्रा में शामिल हुए बाहरी नेताओं पर बिहार का अपमान करने के भी आरोप लगे। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इंडिया ब्‍लॉक की धाकड़ नेता और बड़े राज्य पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ने यात्रा से दूरी बनाकर रखी। कांग्रेस और राजद से यह दूरी इंडिया ब्लॉक पर खतरे के संकेत हैं। क्योंकि अगले साल पश्चिम बंगाल में भी चुनाव है। यदि टीएमसी ममता यहां उनके साथ खड़ी नहीं होंगी, तो राहुल-तेजस्वी किस मुंह से पश्चिम बंगाल में इंडी गठबंधन का झंडा बुलंद करेंगे। दूसरी ओर टीएमसी की महिला सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में महुआ ने गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ ‘सिर काट लेने’ जैसा आपत्तिजनक बयान दिया था और अब भाजपा को लेकर विवादित बात कही है। अपने बयान को मुहावरा बताते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा है कि ‘इडियट’ मुहावरे नहीं समझ पाते।

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी यात्रा से दूरी बनाए रखी
बिहार में वोटर लिस्‍ट को संशोध‍ित करने के लिए चुनाव आयोग ने SIR (Special Intensive Revision) अभियान चलाया। चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों के बैतुके तर्कों पर सख्‍त आ‍पत्ति जताते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है। ये सब घटनाक्रम ऐसे वक्‍त में हुआ, जब बिहार में विधानसभा चुनाव होना है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आरजेडी लीडर तेजस्‍वी यादव समेत विपक्ष के तमाम नेता बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए। इस यात्रा में तमिलनाडु के मुख्‍यमंत्री एमके स्‍टालिन और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी जैसे नेताओं ने शिरकत की। उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव भी राहुल-तेजस्‍वी की वोटर अधिकार यात्रा का हिस्‍सा बने। लेकिन विपक्षी गुट की धाकड़ नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी इस यात्रा के समापन तक इससे दूरी बनाए रखी।

लालू ने ममता का समर्थन किया, उनके बेटे के साथ नहीं आई ममता
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी विपक्ष की बड़ी नेता हैं। वह राहुल गांधी की जगह इंडी गठबंधन की अगुवाई करने तक की बात कर चुकी हैं। तब लालू यादव ने ममता बनर्जी का समर्थन किया था। लेकिन उनके बेटे तेजस्वी यादव के साथ वोटर अधिकार यात्रा में उनका शिरकत न करना कई तरह के सवाल खड़े करता है। तेजस्‍वी यादव और राहुल गांधी की इस यात्रा का आज समापन हो गया, लेकिन तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी ने इसमें अपनी उपस्‍थ‍िति दर्ज नहीं कराई है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब अगले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होंगे, तब इंडी गठबंधन के पार्टनर ऐसे ही ममता की मदद नहीं करने का मन बना सकते हैं, जैसे अब खुद ममता बनर्जी अलग-थलग हो रही हैं।

समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव बिहार यात्रा में हुए शामिल
बिहार में राहुल गांधी और तेजस्‍वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा में इंडिया ब्‍लॉक के एक और दिग्‍गज नेता ने हिस्‍सा लिया। उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री और समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव 30 अगस्‍त को बिहार वोटर अधिकार यात्रा में शरीक हुए। इस तरह अब अखिलेश यादव की भी इस यात्रा में एंट्री हो चुकी है। चुनाव आयोग की ओर से कथित तौर पर 65 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध में शुरू हुई वोटर अधिकार यात्रा का आज समापन हो गया। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में यह यात्रा सारण से शुरू हुई थी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पटना से सीवान पहुंचे। यहां से वह राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, रोहिणी आचार्य समेत इंडिया गठबंधन के सीनियर लीडर्स और कार्यकर्ताओं के साथ वोटर अधिकार यात्रा में शामिल हुए।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले लिस्ट होगी अपडेट
दिलचस्‍प बात यह है कि पश्चिम बंगाल में भी वोटर लिस्‍ट को अपडेट करने का प्रयास चल रहा है। पिछले दिनों पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कोलकाता की रैली में चुनाव आयोग और वामपंथी दलों पर निशाना साधा था। ममता बनर्जी ने कहा था कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों को धमका रहा है, जबकि उसका अधिकार क्षेत्र केवल चुनाव के दौरान तीन महीने का है। ममता ने बंगाल की जनता तो धमकाते हुए कहा कि मैं कहती हूं कि अगर कोई सर्वे करने आए तो कोई जानकारी न दें। अपना आधार कार्ड तैयार रखें। दरअसल, पश्चिम बंगाल में भी अगले साल (2026) विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश में टीएमसी का भाजपा से सीधा मुकाबला है। बंगाल की सीएम की कुर्सी इस बार खतरे में पड़ सकती है।

टीएमसी सांसद ने गृहमंत्री के बारे में अपमानजनक टिप्पणी
दूसरी ओर ममता बनर्जी की पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा के बोल एक बार फिर बिगड़े हैं। महुआ ने राजनीति गरिमा और नैतिकता की सारी सीमाएं लांघते हुए गृहमंत्री अमित शाह के बारे में बयान दे डाला कि उनका सिर काटकर टेबल पर रख देना चाहिए। महुआ के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ में उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। जब उनसे FIR को लेकर प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने फिर बदतमीजी के साथ जवाब देते हुए कहा कि इडियट को मुहावरे समझ नहीं आते। दरअसल, पिछले दिनों तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक बयान दिया था, जिसकी बीजेपी ने जमकर आलोचना की थी। अब उस बयान की वजह से महुआ मोइत्रा एक नए विवाद में फंस गई हैं। अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

दिल्ली से छत्तीसगढ़ तक भारी आक्रोश, मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ीं

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित बयान देने के मामले में टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में उनके खिलाफ रायपुर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। अपने खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद भड़की महुआ ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। अमित शाह के खिलाफ विवादित बयान देना टीएमसी की सांसद महुआ पर भारी पड़ता जा रहा है। दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ तक सियासत गरमाई हुई है। दरअसल मोइत्रा पर आरोप है कि उन्होंने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ को रोकने में अमित शाह की कथित विफलता को लेकर कहा था कि “अमित शाह का सिर काट कर टेबल पर दिया जाना चाहिए।” इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। विवादित टिप्पणी के खिलाफ रायपुर के स्थानीय निवासी गोपाल सामंत ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद रायपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने से भारत में Deep State की फंडिंग पर हंगामा करने वालों में हड़कंप; क्या एनसन फंड के फाउंडर की बीवी के साथ TMC सांसद महुआ मोइत्रा का है लिंक? हिंडनबर्ग के साथ मिलकर शॉर्ट सेलिंग का चलाया अभियान, अमेरिका में चल रही जाँच

रिपोर्टों से पता चलता है कि महुआ मोइत्रा और एनसन के सह-संस्थापक मोएज कासम की पत्नी मारिसा सीगल कासम के बीच संबंध हो सकते हैं, जो हिंडनबर्ग-एन्सन विवाद के सामने आने के बाद कई सवाल खड़े करता है। (साभार: टोरोंटोमू/हिंदू)
अमेरिका में जब चुनाव चल रहे थे भारत में स्वाभिमानी देशभक्त डोनाल्ड ट्रम्प के जीतने के लिए हवन आदि कर रहे थे। जबकि कमला हैरिस भारत मूल की थी। डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका के बने हैं लेकिन उनके फैसलों से भारत में Deep State की फंडिंग पर हंगामा करने वालों में हड़कंप मचनी शुरू हो गयी है। यही असली वजह थी ट्रम्प की जीत के लिए धार्मिक आयोजन करने की। अगर बदकिस्मती से कमला जीत गयी होती, 
Deep State की फंडिंग पर हंगामा करने वाले शेर हो गए होते। भारत को बांग्लादेश और अफगानिस्तान बनाने कमर कस चुके होते। देखना है कि ऊंट किस करवट बैठता है। 

हेज फंड कम्पनी एनसन फंड्स और हिंडनबर्ग रिसर्च के फाउंडर नाथन एंडरसन पर शेयर बाजार में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। अब उनके खिलाफ अमेरिकी एजेंसियाँ जाँच कर रही है। इस मामले में सामने आए कोर्ट के कागजों से खुलासा हुआ है कि एंडरसन ने एनसन फंड्स के साथ मिलकर शॉर्ट सेलिंग का एक पूरा अभियान चलाया और मोटा पैसा कमाया।

यह सब मिलीभगत से किया गया। यह भी सामने आया है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में दिए जाने वाले तथ्य एनसन ने दिए। हिंडनबर्ग लगातार दावा करती रहती थी कि उसकी रिपोर्ट एकदम स्वतंत्र है और इसमें कोई भी बाहरी एजेंसी दखल नहीं देती है। जबकि जाँच में पता चला कि हिंडनबर्ग को एनसन बता रही थी कि उसे अपनी रिपोर्ट में क्या लिखना है।

अमेरिका की सिक्यूरिटी एक्सचेंज एजेंसी (SEC) समेत कई और एजेंसियाँ अब इन दोनों के गठजोड़ की जाँच कर रहे हैं। इस मामले में आगे दोनों कम्पनियों पर मुकदमा भी चल सकता है। इस मामले में TMC सांसद महुआ मोइत्रा का एंगल भी सामने आ रहा है।

कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि सांसद महुआ मोइत्रा और एनसन फंड्स के सह-संस्थापक मोएज कासम की पत्नी मारिसा सीगल कासम के बीच कनेक्शन हो सकते हैं। कयास है कि दोनों की अच्छी पहचान हो सकती हैं क्योंकि यह दोनों ही जेपी मॉर्गन के लिए काम कर चुकी हैं।

राजनीति में आने से पहले मोइत्रा ने लगभग 12 साल तक जेपी VP के रूप में काम किया था तो वहीं मारिसा ने लंदन, हांगकांग और न्यूयॉर्क में जेपी मॉर्गन में विभिन्न पदों पर काम किया। इस पैटर्न के सामने आने के बाद अडानी समूह पर लगाए गए आरोपों को लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं।

महुआ मोइत्रा ने लगातार अडानी समूह के खिलाफ संसद में प्रश्न पूछे थे। आरोप था कि यह प्रश्न महुआ मोइत्रा ने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से गिफ्ट और बाकी फायदे लेकर पूछे थे। प्रश्न भी इस तरीके के थे जिनसे हीरानंदानी को कारोबारी फायदा पहुँचे।

एनसन फंड्स के खिलाफ यह आरोप भी है कि उसने शेयरों के भाव में गड़बड़ी की और मुनाफा कमाया। इसके लिए पहले स्टॉक के जानबूझकर दाम गिराए गए और बड़ा पैसा बनाया। अदालत में दायर किए गए कागजों में भी यह बताया गया है।

इन सब जाँच के बीच अगर यह साबित हो जाता है कि मोइत्रा के मारिसा कासम एनसन फंड्स के सह-संस्थापक के साथ रिश्ते हैं, तो मामले में और भी कई कड़ियाँ जुड़ जाएँगी। गौरतलब है कि हाल ही में हिंडनबर्ग को इसके संस्थापक एंडरसन ने बंद कर दिया था।

महुआ मोइत्रा ने अडानी समूह को बनाया था निशाना

अक्टूबर 2023 में ऑपइंडिया की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने तृणमूल TMC महुआ मोइत्रा पर व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से नकद और गिफ्ट लेने का आरोप लगाया था। आरोप था कि इसके बदले में महुआ मोइत्रा ने अडानी समूह को लेकर संसद में प्रश्न पूछे।
इस रिपोर्ट में लोकसभा के भीतर मोइत्रा द्वारा पूछे गए प्रश्नों की जानकारी दी गई थी। महुआ ने पारादीप पोर्ट और अडानी समूह को निशाना बनाया था। इन प्रश्नों से हीरानंदानी को कथित तौर पर फायदा होना था। यह प्रश्न बंदरगाह समझौतों, टेलिकॉम सेवाओं और गैस के प्रोजेक्ट को लेकर थे।
यह भी आरोप था कि महुआ के प्रश्नों से अडानी से मुकाबले में हीरानंदानी का पक्ष लिया गया। मोइत्रा ने बाद में कुछ भी गलत करने से इनकार किया था। हालाँकि, ऑपइंडिया की रिपोर्ट के बाद उनके खिलाफ जाँच तेज हो गई थी। यह जाँच उनके प्रश्नों और हीरानंदानी के व्यापारिक हितों से सम्बन्धित थी।
अब जबकि एनसन फंड्स के सह संस्थापक की पत्नी के साथ उनके संबंध तलाशे जा रहे हैं, तब उनके अडानी समूह पर प्रश्न पूछने के पीछे के उद्देश्य पर भी सवाल उठ रहे हैं।

‘अपने बॉस का पजामा थामने में व्यस्त हैं’: रेखा शर्मा पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा की अभद्र टिप्पणी से भड़का महिला आयोग


बीजेपी के लिए 2024-29 का दौर काँटों भरा हो सकता, बशर्ते I.N.D.I. गठबंधन पर नकेल नहीं डाली। उधर राहुल गाँधी मनगड़ंत आरोप लगा अराजकता फ़ैलाने की कोशिश कर रहे हैं। अब मजबूत विपक्ष नहीं, बल्कि भारत विरोधी टूलकिट है, जो मोदी सरकार में ऊलजलूल आरोपों से बदनाम करने में कोई मौका हाथ से गंवाना नहीं चाहिए। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है। शर्मा हाथरस हादसे वाली जगह पर गई थीं। इस दौरान उनके पीछे एक व्यक्ति छाता पकड़ पीछे चल रहा है। इसको लेकर सवाल उठे तो महुआ ने अभद्र टिप्पणी कर दी। इस पर NCW ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। साथ ही भाजपा ने इस्तीफा माँगा है।

अगर बीजेपी ने चुनावों से पहले सनातन धर्म पर कुठाराघात करने वालों पर सख्त कार्यवाही की होती, शायद तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा पर ऐसी अभद्र टिप्पणी करने की हिम्मत नहीं होती। खैर, अब समय रहते कार्यवाही नहीं की, हिम्मत बढ़ जाएगी। 

टीएमसी सासंद महुआ मोइत्रा और रेखा शर्मा (साभार: Free Press Journal)
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा रेखा शर्मा के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की। इसके साथ ही इस बयान का स्वतः संज्ञान लिया और सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। इसके लिए NCW ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी लिखा है।

NCW ने अपने X पोस्ट में लिखा, “अभद्र टिप्पणी अपमानजनक है और एक महिला के सम्मान के अधिकार का उल्लंघन है। आयोग ने पाया कि यह टिप्पणी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 79 के अंतर्गत आती है। एनसीडब्ल्यू सुश्री मोइत्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अनुरोध करता है।”

राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “उनके (महुआ मोइत्रा के) खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए और 3 दिनों के भीतर आयोग को कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट दी जानी चाहिए।” ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस के आयुक्त संजय अरोड़ा से भी शिकायत की गई है।

दरअसल, रेखा शर्मा भगदड़ के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए हाथरस गई थीं। घटनास्थल पर बारिश के दौरान उनके पीछे एक व्यक्ति छाता पकड़ कर चल रहा था। पत्रकार निधि राजदान ने एक्स पर जानना चाहा कि चेयरमैन ने खुद छाता क्यों नहीं पकड़ा। मोइत्रा ने एक्स पर राजदान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी की, “वह अपने बॉस का पजामा थामने में बहुत व्यस्त हैं।”

NCW की शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ मोइत्रा ने पछतावा दिखाने के बजाए दिल्ली पुलिस को चुनौती दे दी। उन्होंने ट्वीट किया, “आओ दिल्ली पुलिस कृपया इन स्वत: संज्ञान वाले आदेशों पर तुरंत कार्रवाई करो। अगर आपको अगले 3 दिनों में मेरी ज़रूरत पड़े तो मैं नादिया में हूँ, ताकि मैं जल्दी से जल्दी गिरफ़्तारी दे सकूँ। मैं अपना छाता खुद ही थाम सकती हूँ।”

इस बीच भाजपा ने महुआ मोइत्रा के इस्तीफे की माँग की है। भाजपा के नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, “सांसद महुआ मोइत्रा, जिन्होंने संदेशखली और तालिबानी पिटाई को न्यायसंगत ठहराने की कोशिश की और उस पर चुप्पी साधे रखी, स्वाति मालीवाल पर चुप रहीं, अब एक अन्य महिला और वह भी NCW प्रमुख पर घृणित टिप्पणी करती हैं!”

उन्होंने आगे कहा, “कल्पना कीजिए कि अगर भाजपा के किसी सांसद ने ऐसा कहा होता तो सब कुछ बिगड़ जाता!! महुआ मोइत्रा को टीएमसी द्वारा बर्खास्त किया जाना चाहिए! क्या प्रियंका वाड्रा, राहुल गाँधी, खड़गे जी, सोनिया गाँधी, प्रियंका चतुर्वेदी और AAP इस पर आवाज़ उठाएँगे? क्या ममता दीदी उन पर कार्रवाई करेंगी? नहीं, ठीक वैसे ही जैसे वे संदेशखली और चोपड़ा पर चुप रहीं।”

महुआ मोइत्रा किसी बैंक में नहीं, JP Morgan में VP थी, सैलेरी इतनी भी नहीं इंग्लैंड के जोन 1,2,3 में घर रेंट पर ले सकें? झूठ परोस क्यों बटोरी जा रही सहानुभूति?

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता जाने के बाद अब इमोशनल एंगल देकर उनके लिए सहानुभूति इकट्ठा की जा रही है। सोशल मीडिया पर कई उनके समर्थक ये बताने की कोशिश कर रहे हैं कि महुआ किस तरह से बैंक में वाइस प्रेसिडेंट की पोस्ट पर थीं और सिर्फ सामाजिक कार्यों के लिए सबकुछ छोड़कर राजनीति में आ गईं।

उदाहरण के लिए अपूर्व नाम के पत्रकार का पोस्ट पढ़िए। बताने की कोशिश हुई है कि कैसे महुआ ने करोड़ों रुपए की नौकरी को समाज सेवा के लिए लात मारी और समाज सेवा में लग गई। महुआ की तस्वीर लगाकर अपूर्व ने उन्हें सुंदर, सलोनी और सौम्य महिला बताया और साथ ही लिखा कि चूँकि यह महिला सत्ता के कड़े सवाल पूछती हैं इसलिए साहसी और समझदार है। लेकिन महिला विरोधी लोग उनके चरित्र पर भद्दी फब्तियाँ कस रहे हैं।

महुआ मोइत्रा को लेकर किए जा रहे दावों की सच्चाई क्या है। आइए समझाते हैं।

दरअसल, ये जो कहा जा रहा है कि वो बैंकर थीं और उन्होंने करोड़ों की नौकरी छोड़ी…उसके पीछे की सच्चाई ये है कि नो न्यूयॉर्क में जेपी मॉर्गन कंपनी में इंवेस्टमेंट बैंकर की लाइन में थी। जहाँ वह वाइस प्रेसीडेंट के रोल में थीं। ध्यान रहे महुआ बैंकर नहीं थी। वो जेपी मॉर्गन में जिस वाइस प्रेसिडेंट की पोस्ट पर थीं, वैसे वीपी बैंकिंग सेक्टर में कई सारे लोगों को बनाया जाता है।

इन्वेस्टोपीडिया साइट के अनुसार, वरिष्ठ बैंकरों में सबसे कनिष्ठ होता है। वहीं बैंक में ये पद किसी एक पर हो ये बिलकुल जरूरी नहीं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि गोल्डमैन सैश बैंक में 12000 वीपी थे। इसी तरह बैंकिंग सेक्टर की कई कंपनियाँ जहाँ वीपी की भरमार होती है इसलिए उन्होंने खबर के टाइटल में भी कहा है कि आखिर क्यों बैंक के वीपी का पद देखकर अचंभित नहीं होना चाहिए।

                                                                                                                      साभार: Investopedia

सोशल मीडिया यूजर्स ने बताया बैंकिंग में VP क्या

बैंक में वीपी पोस्ट का क्या महत्व होता है इसके बारे में सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जवाब दिया। जैसे रौशन राय के पोस्ट, जिसमें वो दावा कर रहे हैं कि महुआ मोइत्रा वो बैंकर थीं जो 100 लग्जरी बैग, 100 जूते ले लेती…उस पर साकेत नाम के एक्टिव यूजर ने कहा, “बेवकूफ वो बैंकर नहीं थीं, वो सैंकड़ों वाइस प्रेसिडेंट्स में से एक वीपी थी जहाँ काम एंट्री लेवल का होता है। वो जेपी मॉर्गन में काम करती थी, खुद महुआ मॉर्गन नहीं थी।”
इसी तरह शुभेंदु ने लिखा- जब महुआ ने जेपी मॉर्गन की नौकरी छोड़ी वो वीपी ही थी, जिनका काम बैंक में एंट्री करने आदि का होता है। उनके पास डबल डिजिट में PQE भी नहीं था। ऐसे कर्मचारियों की सैलरी इतनी भी नहीं होती कि वो लंदन के जोन 1,2,3 में घर रेंट पर ले सकें। बड़े आए करोड़ों रुपए की बैंक की नौकरी करने वाले।
गब्बर नाम के एक्टिव यूजर ने भी तंज कसके हुए कहा, “पाँच एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट्स को ठेले पर पानी पुरी खाते देखा है।”

महुआ मोइत्रा की सदस्या गई

संसद में प्रश्न पूछने के बदले नकदी और महँगे-महँगे तोहफे लेने के आरोप में दोषी पाए जाने के बाद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता चली गई है। जाँच के बाद एथिक्स कमिटी ने उनके खिलाफ रिपोर्ट लोकसभा की टेबल पर पेश की थी। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें संसद से निकालने का फैसला सुनाया। महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से 2019 में TMC (तृणमूल कॉन्ग्रेस) के टिकट पर सांसद बनी थीं।

सांसदी खत्म होते ही ‘मुस्लिम मुस्लिम’ चिल्लाई महुआ मोइत्रा, पैसे लेकर अडानी के खिलाफ करती थी सवाल; मिलने वाली पेंशन भी ख़त्म हो

TMC सांसद महुआ मोइत्रा
संसद में प्रश्न पूछने के बदले नकदी और महँगे-महँगे तोहफे लेने की आरोपित महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता चली गई है। जाँच के बाद एथिक्स कमिटी ने उनके खिलाफ रिपोर्ट लोकसभा की टेबल पर पेश की थी। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें संसद से निकालने का फैसला सुनाया। महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से 2019 में TMC (तृणमूल कांग्रेस) के टिकट पर सांसद बनी थीं। अब संसद ने उन्हें ‘कैश फॉर क्वेरी’ घोटाले का दोषी माना है।

ऐसे में प्रश्न यह भी खड़ा होता है कि क्या संसद मोइत्रा को मिलने वाली पेंशन भी बंद करेगी? यदि नहीं तो क्यों? क्या ऐसे जनप्रतिनिधि पेंशन के हक़दार है?

इस फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए महुआ मोइत्रा भड़क गईं। उन्होंने दावा किया कि कहीं किसी भी प्रकार के कैश या गिफ्ट लेने का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ इस आधार पर निकाला गया है कि उन्होंने संसद की अपनी लॉगिन आईडी-पासवर्ड शेयर किया जबकि संसद में इस संबंध में कोई नियम-कानून नहीं है। उन्होंने संसद को ‘कंगारू कोर्ट’ बताते हुए कहा कि ये दिखाता है कि मोदी सरकार के लिए अडानी कितने महत्वपूर्ण हैं, एक महिला सांसद की आवाज़ दबाई जा रही है।

उन्होंने इस दौरान कथित कोयले घोटाले का जिक्र करते हुए गौतम अडानी को घेरा और आरोप लगाया कि वो सभी पोर्ट्स को खरीद रहे हैं और इसके लिए उन्हें क्लियरेंस भी मिल रहा है। इस दौरान उन्होंने रमेश बिधूड़ी द्वारा दानिश अली पर टिप्पणी का मामला भी उठाया और कहा कि भाजपा ने एक भी मुस्लिम को संसद में नहीं भेजा है। महुआ मोइत्रा ने भाजपा पर अल्पसंख्यकों और महिलाओं का विरोधी बताते हुए कहा कि उनकी उम्र 49 साल है और अगले 30 वर्षों तक वो भाजपा के साथ लड़ाई लड़ेंगी।

संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता खत्म किए जाने का प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया। उससे पहले एथिक्स कमिटी के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर ने लोकसभा में रिपोर्ट टेबल की। कांग्रेस और TMC के सदस्यों ने इस रिपोर्ट की कॉपी पढ़ने के लिए हंगामा भी किया। इससे पहले तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कर माँग की थी कि वो रिपोर्ट पढ़ने के लिए सांसदों को 48 घंटे का समय दें।

संसद सदस्यता खत्म किए जाने के दौरान बताया गया कि महुआ मोइत्रा ने न सिर्फ संसद का अपमान किया है, बल्कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया है। उन्हें विशेषाधिकार हनन और अनैतिक कृत्य का दोषी भी पाया गया। वहीं कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार जल्दबाजी कर रही है। वहीं महुआ मोइत्रा का कहना है कि उन्हें झुकाने के लिए हर नियम तोड़ दिया गया। इस पूरे मामले में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे खासे मुखर रहे थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि महुआ मोइत्रा ने बुरा आचरण किया है, जिसके लिए उन्हें कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए। उनकी करतूतों को गंभीर रूप से आपत्तिजनक, अनैतिक और घृणास्पद और आपराधिक माना गया है। साथ ही भारत सरकार से अनुरोध किया गया है कि वो एक समय सीमा तय कर के उनके खिलाफ जाँच पूरी करवाए। महुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर देहाद्राई ने बताया था कि कैसे कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के इशारों पर महुआ मोइत्रा ने संसद में अडानी समूह को निशाना बनाया।

‘छेड़खानी कर रहे थे शशि थरूर, देख रही थी महुआ मोइत्रा’: TMC सांसद के एक्स ने पोस्ट डिलीट कर लिखा- इन्हें संसद नहीं, जेल में होना चाहिए

                                      महुआ मोइत्रा के एक्स ने शशि थरूर के लिए किया पोस्ट
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा पर पिछले दिनों रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले उनके पूर्व मित्र सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई ने एक्स अकॉउंट पर कांग्रेस नेता शशि को लेकर बड़ा ट्वीट किया है।

जय अनंत ने 8 दिसंबर को किए गए एक ट्वीट में लिखा, “शशि थरूर को जेल में होना चाहिए, न कि संसद में।” उनका यह पोस्ट उनके द्वारा किए गए एक पहले ट्वीट से जुड़ा था जिसे उन्होंने डिलीट कर दिया।

अपने पुराने पोस्ट में जय अनंत ने दावा किया था कि महुआ मोइत्रा और उनके सामने शशि थरूर ने एक महिला से छेड़छाड़ की थी और महुआ इस मुद्दे पर चुप रही थीं।

पोस्ट में जय अनंत ने दावा किया है, “मैंने और महुआ ने 11 अक्टूबर 2022 को दिल्ली के ताज चैंबर में खुद एक महिला के साथ शशि थरूर को छेड़छाड़ करते हुए देखा था। लेकिन तब महुआ ने शशि के उस बर्ताव की पोल खोलने से महुआ ने मुझे रोका…मुझे यकीन है महुआ बता सकती है कि उसने ऐसा क्यों किया था।”

कुछ देर बाद जय ने अपने पोस्ट को डिलीट कर दिया। मगर पोस्ट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

जय अनंत और महुआ मोइत्रा कथिततौर पर एक दूसरे के साथ रिश्ते में थे। जय अनंत ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर पिछले दिनों कुछ आरोप लगाए थे जिसके बाद मोइत्रा को लोकसभा एथिक्स कमेटी और सीबीआई जाँच का सामना करना पड़ा था। इस मामले को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने जोरो शोरों से उठाया था। उन्होंने इस संबंध में लोकसभा एथिक्स कमेटी को भी शिकायत दी थी कि दुबई के कारोबारी दर्शन हीरानंदानी ने महुआ मोइत्रा को लग्जरी आइटम्स तोहफे में दिए थे ताकि वो महुआ के संसद लॉग इन से अपने सवाल पूछ सकें।

हरामी: लोकसभा में तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा की सड़कछाप भाषा

आज हमारी राजनीति का स्तर इतना अधिक गिर चुका है, जिसका शब्दों में वर्णन करना कठिन है। मोदी-योगी विरोध में विरोधियों की बुद्धि ही भ्रष्ट हो गयी है। जिसका प्रमाण 7 फरवरी को लोकसभा में देखने को मिला।  
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने 7 फरवरी 2023 को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान एक अन्य सांसद के लिए हर@मी शब्द का प्रयोग किया। सदन में अध्यक्ष के सामने ‘अडानी ग्रुप’ पर मुद्दा रखने के बाद उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल किया। उनका यह शब्द संसद में गूंजते ही सत्तापक्ष के नेताओं ने काफी बवाल मचाया। भाजपा नेताओं ने कार्यवाही रुकवाते हुए कहा कि पहले मोइत्रा को माफी माँगनी चाहिए। ये वही महुआ है, जिसने माँ काली का भी अपमान करने के अलावा ब्राह्मणों के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर चुकी हैं।  

महुआ की वायरल होती वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे वो अध्यक्ष के आगे अपनी बातें दोहराते हुए शिकायत करती हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा। इसके बाद जब टीडीपी सांसद राम मोहन नायडू लोकसभा में बोलना शुरू करते हैं कि तभी वो (वीडियो में 3.10 के स्लॉट के बाद) उठकर भाजपा नेता (रिपोर्ट्स के अनुसार भाजपा नेता का नाम राम बिधूड़ी है) को हर@मी कहती हैं। इसी के बाद पूरी संसद मे सांसदों का शोर साफ सुना जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला की जगह एक्टिंग स्पीकर भृतहरि महताब ने महुआ की रिकॉर्डिंग को सदन की कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया है। उन्होंने महुआ की भाषा सुनते ही कान से हेडफोन उतार दिए। इसके बाद वह बोले कि कुछ भी रिकॉर्ड नहीं होगा। कुछ बेहद आक्रमक व अभद्र शब्द उपयोग किए गए हैं। उन्होंने संसदीय कार्यमंत्री से टीएमसी पार्टी से बात करने के लिए भी कहा।

महुआ के हर@मी कहने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग गई। साथ ही यह शब्द और महुआ मोइत्रा ट्विटर पर ट्रेंड करने लगीं। कुछ ने ऐसे बर्ताव को शर्मनाक बताया तो कुछ ने महुआ मोइत्रा के रवैये पर तंज कसा। वहीं कुछ ने कहा कि सदन में उन्होंने अपनी औकात दिखा दी।

भाजपा नेता शहजाद जय हिंद ने लिखा, “महुआ मोइत्रा ने संसद में फि अपमानजनक शब्द का प्रयोग किया। इससे पहले वो एक पत्रकार से अभद्रता कर चुकी हैं, माँ काली का अपमान कर चुकी हैं, ब्राह्मणों को चोटीवाला राक्षस कह चुकी हैं। क्या इस बार भी टीएमसी उनका समर्थन करेगी और उनकी इस हरकत की निंदा की जाएगी।”

अंकुर सिंह द्वारा शेयर की गई वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे संसद में मर्यादा लांघने के बाद जब टीएमसी सांसद से भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी ने माफी माँगने को कहा तो उन्होंने माफी की जगह केवल हँसती रहीं। प्रह्लाद जोशी ने ये भी कहा कि वो सिर्फ माफी माँगने की बात कह सकते हैं लेकिन माफी माँगना न माँगना उनके हाथ में है, ये उनकी संस्कृति दर्शाता है।

कविता लिखती हैं, “महुआ मोइत्रा ने हर@मी शब्द कहा। तुम्हारे पास पैसा हो सकता है, ताकत हो सकती है, राजनीति कार्यालय हो सकता है लेकिन ये सब मिलाकर तुम्हारे घिनौनेपन को नहीं छिपा सकता। तुम्हारी असली औकात हमेशा दिख जाती है।”