बिहार में तेजस्वी-राहुल की यात्रा से ममता बनर्जी की दूरी से गठबंधन पर खतरे के संकेत, टीएमसी सांसद महुआ के खिलाफ FIR

                                                                                                                                          साभार 
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासत अपने चरम पर है। प्रदेश में इंडिया ब्‍लॉक के पक्ष में माहौल बनाने के लिए राहुल गांधी और तेजस्‍वी यादव वोटर अधिकार यात्रा का आज समापन हो गया। वोट चोरी के अनर्गल मुद्दे के अलावा यात्रा से बिहार की जनता को कुछ हासिल नहीं हुआ। इस यात्रा में कुछ राज्‍यों के मुख्‍यमंत्री और उपमुख्‍यमंत्री शामिल हुए। यह अलग बात है कि यात्रा में शामिल हुए बाहरी नेताओं पर बिहार का अपमान करने के भी आरोप लगे। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इंडिया ब्‍लॉक की धाकड़ नेता और बड़े राज्य पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ने यात्रा से दूरी बनाकर रखी। कांग्रेस और राजद से यह दूरी इंडिया ब्लॉक पर खतरे के संकेत हैं। क्योंकि अगले साल पश्चिम बंगाल में भी चुनाव है। यदि टीएमसी ममता यहां उनके साथ खड़ी नहीं होंगी, तो राहुल-तेजस्वी किस मुंह से पश्चिम बंगाल में इंडी गठबंधन का झंडा बुलंद करेंगे। दूसरी ओर टीएमसी की महिला सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में महुआ ने गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ ‘सिर काट लेने’ जैसा आपत्तिजनक बयान दिया था और अब भाजपा को लेकर विवादित बात कही है। अपने बयान को मुहावरा बताते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा है कि ‘इडियट’ मुहावरे नहीं समझ पाते।

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी यात्रा से दूरी बनाए रखी
बिहार में वोटर लिस्‍ट को संशोध‍ित करने के लिए चुनाव आयोग ने SIR (Special Intensive Revision) अभियान चलाया। चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों के बैतुके तर्कों पर सख्‍त आ‍पत्ति जताते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है। ये सब घटनाक्रम ऐसे वक्‍त में हुआ, जब बिहार में विधानसभा चुनाव होना है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आरजेडी लीडर तेजस्‍वी यादव समेत विपक्ष के तमाम नेता बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए। इस यात्रा में तमिलनाडु के मुख्‍यमंत्री एमके स्‍टालिन और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी जैसे नेताओं ने शिरकत की। उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव भी राहुल-तेजस्‍वी की वोटर अधिकार यात्रा का हिस्‍सा बने। लेकिन विपक्षी गुट की धाकड़ नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी इस यात्रा के समापन तक इससे दूरी बनाए रखी।

लालू ने ममता का समर्थन किया, उनके बेटे के साथ नहीं आई ममता
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी विपक्ष की बड़ी नेता हैं। वह राहुल गांधी की जगह इंडी गठबंधन की अगुवाई करने तक की बात कर चुकी हैं। तब लालू यादव ने ममता बनर्जी का समर्थन किया था। लेकिन उनके बेटे तेजस्वी यादव के साथ वोटर अधिकार यात्रा में उनका शिरकत न करना कई तरह के सवाल खड़े करता है। तेजस्‍वी यादव और राहुल गांधी की इस यात्रा का आज समापन हो गया, लेकिन तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी ने इसमें अपनी उपस्‍थ‍िति दर्ज नहीं कराई है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब अगले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होंगे, तब इंडी गठबंधन के पार्टनर ऐसे ही ममता की मदद नहीं करने का मन बना सकते हैं, जैसे अब खुद ममता बनर्जी अलग-थलग हो रही हैं।

समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव बिहार यात्रा में हुए शामिल
बिहार में राहुल गांधी और तेजस्‍वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा में इंडिया ब्‍लॉक के एक और दिग्‍गज नेता ने हिस्‍सा लिया। उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री और समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव 30 अगस्‍त को बिहार वोटर अधिकार यात्रा में शरीक हुए। इस तरह अब अखिलेश यादव की भी इस यात्रा में एंट्री हो चुकी है। चुनाव आयोग की ओर से कथित तौर पर 65 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध में शुरू हुई वोटर अधिकार यात्रा का आज समापन हो गया। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में यह यात्रा सारण से शुरू हुई थी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पटना से सीवान पहुंचे। यहां से वह राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, रोहिणी आचार्य समेत इंडिया गठबंधन के सीनियर लीडर्स और कार्यकर्ताओं के साथ वोटर अधिकार यात्रा में शामिल हुए।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले लिस्ट होगी अपडेट
दिलचस्‍प बात यह है कि पश्चिम बंगाल में भी वोटर लिस्‍ट को अपडेट करने का प्रयास चल रहा है। पिछले दिनों पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कोलकाता की रैली में चुनाव आयोग और वामपंथी दलों पर निशाना साधा था। ममता बनर्जी ने कहा था कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों को धमका रहा है, जबकि उसका अधिकार क्षेत्र केवल चुनाव के दौरान तीन महीने का है। ममता ने बंगाल की जनता तो धमकाते हुए कहा कि मैं कहती हूं कि अगर कोई सर्वे करने आए तो कोई जानकारी न दें। अपना आधार कार्ड तैयार रखें। दरअसल, पश्चिम बंगाल में भी अगले साल (2026) विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश में टीएमसी का भाजपा से सीधा मुकाबला है। बंगाल की सीएम की कुर्सी इस बार खतरे में पड़ सकती है।

टीएमसी सांसद ने गृहमंत्री के बारे में अपमानजनक टिप्पणी
दूसरी ओर ममता बनर्जी की पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा के बोल एक बार फिर बिगड़े हैं। महुआ ने राजनीति गरिमा और नैतिकता की सारी सीमाएं लांघते हुए गृहमंत्री अमित शाह के बारे में बयान दे डाला कि उनका सिर काटकर टेबल पर रख देना चाहिए। महुआ के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ में उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। जब उनसे FIR को लेकर प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने फिर बदतमीजी के साथ जवाब देते हुए कहा कि इडियट को मुहावरे समझ नहीं आते। दरअसल, पिछले दिनों तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक बयान दिया था, जिसकी बीजेपी ने जमकर आलोचना की थी। अब उस बयान की वजह से महुआ मोइत्रा एक नए विवाद में फंस गई हैं। अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

दिल्ली से छत्तीसगढ़ तक भारी आक्रोश, मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ीं

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित बयान देने के मामले में टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में उनके खिलाफ रायपुर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। अपने खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद भड़की महुआ ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। अमित शाह के खिलाफ विवादित बयान देना टीएमसी की सांसद महुआ पर भारी पड़ता जा रहा है। दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ तक सियासत गरमाई हुई है। दरअसल मोइत्रा पर आरोप है कि उन्होंने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ को रोकने में अमित शाह की कथित विफलता को लेकर कहा था कि “अमित शाह का सिर काट कर टेबल पर दिया जाना चाहिए।” इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। विवादित टिप्पणी के खिलाफ रायपुर के स्थानीय निवासी गोपाल सामंत ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद रायपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

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