‘आतंकियों को समर्थन देने वाली’ राणा अय्यूब को अब सऊदी अरब वालों ने भी धोया

इस्लामी प्रोपगेंडे के नाम पर देश के मुसलमानों को भड़काने वाली राणा अय्यूब को सऊदी से भी लताड़ लगनी शुरू हो गई है। राणा ने हर बार की तरह इस बार भी अपना एजेंडा फैलाने के लिए ट्वीट किया जिसमें उन्होंने सऊदी को ‘खून का प्यासा’ कहा। इस ट्वीट के बाद नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। इसी बीच सऊदी से राणा को कई संदेश आए और राणा पर तंज कसते हुए उन्हें आतंकियों का साथ देने वाली ‘रद्दी’ लड़की तक कहा गया। कमाल की बात ये है कि लोगों का गुस्सा देखते हुए अय्यूब ने कमेंट सेक्शन को बंद किया हुआ है मगर लोग इस ट्वीट को रीट्वीट कर-करके उन्हें झूठा कह रहे हैं।

सऊदी अरब और उनके गठबंधन की सेना द्वारा यमन के हूती विद्रोहियों पर हुई एयरस्ट्राइस से आहत राणा ने अपने ट्वीट में लिखा था, “खून के प्यासे सऊदी को रोकने वाला कोई नहीं है। ये वो लोग हैं जो खुद को इस्लाम का रखवाला कहते हैं। एक मुसलमान होने के नाते मुझे शर्म आती है कि ये दरिंदे पवित्र मस्जिद के रखवाले हैं। इस नरसंहार पर दुनिया चुप नहीं रह सकती #YemenUnderAttack”

इस ट्वीट पर Gassan नाम के ब्लू टिक ट्विटर यूजर ने राणा के ट्वीट को ‘झूठी खबर’ कहा और मुस्लिम भाईचारे के नाम पर ऐसे झूठ फैलाने का मजाक उड़ाया। उन्होंने ये जानकारी भी दी कि सऊदी अरब ने 10  से अधिक देशों के गठबंधन के रूप में, यमन की वैध सरकार के सीधे अनुरोध के जवाब पर ये कार्रवाई की है। यूजर ने बताया कि वो वैध चीज को समर्थन दे रहे हैं लेकिन अय्यूब आतंकियों का साथ दे रही हैं।

एक अन्य यूजर ने उन्हें लिखा, “इस तरह %^& आप पर हमला करते हैं और फिर प्रतिक्रियाएँ बंद कर देते हैं।”

एक अन्य सऊदी ट्विटर यूजर ने राणा से पूछा कि क्या वाकई राणा को इसलिए शर्म आ रही है क्योंकि सऊदी वाले अपने आपको बचा रहे हैं।

यमन के हूती विद्रोहियों (Yemen Houthi Rebels) ने 17 जनवरी 2022 को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबुधाबी पर ड्रोन अटैक किया था। इसमें 2 भारतीय समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से सऊदी अरब और उनके गठबंधन की सेना की कार्रवाई चालू है। कुछ दिन पहले हूती विद्रोहियों (Yemen Houthi Rebels) का कमांडर अब्दुल्ला कासिम अल जुनैद सऊदी की कार्रवाई में मारा गया था। कमांडर के साथ-साथ हूती विद्रोहियों के कई सीनियर रैंक अधिकारी भी मारे गए थे। इसके अलावा हाल की एयरस्ट्राइक में यमन में 70 लोगों के मरने की खबर है और बताया जा रहा है कि ये एयरस्ट्राइक ऐसी थी कि इससे पूरे देश का इंटरनेट ठप्प हो गया है।

‘आतंकियों से भी ज्यादा खतरनाक है ये, चंदा खा जाती है’: राना अयूब को सऊदी वाले लगातार दे रहे डोज पर डोज

तथाकथित पत्रकार राना अयूब यमन और सऊदी अरब को लेकर किए गए ट्वीट के बाद बुरी फँसी हैं। आतंकवादियों के समर्थन का आरोप लगा कर सऊदी अरब वाले निशाना साध रहे हैं, लेकिन इसके लिए भी वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही दोषी ठहरा रही हैं। राना अयूब ने लिखा था कि यमन को सऊदी अरब तबाह कर रहा है, जबकि सच्चाई ये है कि यमन सरकार के निवेदन पर सऊदी अरब वहाँ कार्रवाई कर रहा है। राना अयूब ने इस बात पर शर्म जताया था कि मक्का-मदीना का नियंत्रण सऊदी अरब के पास है।

अब सऊदी अरब और भारत के लोग मिल कर उन पर निशाना साध रहे हैं। मेजर (रिटायर्ड) माणिक एम जॉली ने लिखा, “राणा अयूब ने एक कूटनीतिक मुद्दे में टाँग अड़ाया, जिस समस्या की उन्हें समझ नहीं थी। ISI ने उनका इस्तेमाल ईरान-पाकिस्तान-तुर्की के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किया, ताकि वो सऊदी अरब-अमेरिका और आंशिक रूप से इजरायल पर भी निशाना साध सकें। ये रोजमर्रा के घृणा फैलाने से कहीं अधिक बढ़ कर है। ये एक बड़ा लीग हैं।”

सऊदी अरब के दिखने वाले एक ट्विटर हैंडल ने लिखा, “गैर-अरबी मुस्लिम ये समझते हैं कि केवल मुस्लिम होने के कारण उन्हें काबा के नियंत्रण का अधिकार है। लेकिन, इसे हमारे महान पूर्वज इस्माइल ने बनवाया था। जबकि मदीना हमारे कबीलों की भूमि रही है। एक सऊदी के मुस्लिम होने के नाते मैं कह सकता हूँ कि आपके विचार की कोई अहमियत नहीं है।” एक अन्य हैंडल ने लिखा, “राना अयूब अब खुलेआम आतंकियों का समर्थन कर रही हैं। हूती विद्रोहियों ने दो भारतीय नागरिकों को मार दिया, लेकिन इस पर वो चुप हैं। हूती, अलकायदा या ISIS में कोई अंतर नहीं है।”

एक अन्य सऊदी अरब के व्यक्ति ने लिखा कि मुस्लिम होने के नाते वो ये देख कर परेशान है कि राना अयूब ईरान समर्थित उस गुट का समर्थन कर रही हैं, जिन्होंने इराक, सीरिया, लेबनान और यमन से लाखों मुस्लिमों को पलायन के लिए मजबूर किया। ‘TFI’ के संपादक त्रिभुवन ने लिखा कि राना अयूब ये भूल गई थीं कि सऊदी अरब में भारत की तरह सहिष्णुता नहीं है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें समझ में आ गया होगा कि ‘असहिष्णुता’ का मतलब क्या होता है।

कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ हसन सजवानी ने कहा कि राना अयूब जैसे लोग सबसे बड़े दोषी हैं। उन्होंने लिखा कि खुद को ‘मानवतावादी आवाज़’ बता कर ऐसे लोग हमेशा हूती, हमास, और ISIS से जुड़े समूहों का समर्थन करते हैं। उन्होंने भी याद दिलाया कि कैसे हूती आतंकियों ने अबूधाबी एयरपोर्ट पर दो निर्दोष सिखों की हत्या कर दी। सऊदी अरब के एक अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने राना अयूब पर सामाजिक कार्यों के नाम पर चंदा जुटा कर पचा जाने का आरोप लगाया।

राना अयूब ने इंस्टाग्राम पर लिखा था कि वो 2022 में हज करने जाना चाहती हैं। अब जब एक सोशल मीडिया यूजर ने तंज कसा कि राना अयूब का हज कोटा रद्द कर दिया गया है, तो उन्होंने उन्हें ‘संघी’ बता दिया। वहीं हसन सजवानी ने ये भी लिखा कि राना अयूब सऊदी को ‘खून का प्यासा’ बता रही हैं, जबकि हूती आतंकियों के कुकृत्यों पर चुप रहती हैं। उन्होंने राना अयूब को आतंकियों से भी ज्यादा खतरनाक करार दिया। कइयों ने उन्हें ‘झूठी’ बताया। सऊदी वालों ने कहा कि हमारे पवित्र स्थलों को लेकर उन्हें ज्ञान नहीं चाहिए।

यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच युद्ध चल रहा है। यूनाइटेड अरब अमीरात की राजधानी अबूधाबी पर भी हूतियों ने कई बैलिस्टिक मिसाइल छोड़े हैं। सऊदी अरब के दक्षिणी इलाकों की सीमा यमन से मिलती है, जहाँ खासी अशांति है। UAE के एक F16 मिसाइल को भी तबाह कर दिया गया। इससे ‘रेड सी शिपिंग रूट’ को भी खतरा पैदा हो गया है। यमन में 2014 से ही गृह युद्ध चल रहा है, जब हुतियों ने सना नाम के इलाके पर कब्ज़ा कर के सऊदी अरब को इसमें हस्तक्षेप के लिए मजबूर किया।

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