इस्लामी प्रोपगेंडे के नाम पर देश के मुसलमानों को भड़काने वाली राणा अय्यूब को सऊदी से भी लताड़ लगनी शुरू हो गई है। राणा ने हर बार की तरह इस बार भी अपना एजेंडा फैलाने के लिए ट्वीट किया जिसमें उन्होंने सऊदी को ‘खून का प्यासा’ कहा। इस ट्वीट के बाद नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। इसी बीच सऊदी से राणा को कई संदेश आए और राणा पर तंज कसते हुए उन्हें आतंकियों का साथ देने वाली ‘रद्दी’ लड़की तक कहा गया। कमाल की बात ये है कि लोगों का गुस्सा देखते हुए अय्यूब ने कमेंट सेक्शन को बंद किया हुआ है मगर लोग इस ट्वीट को रीट्वीट कर-करके उन्हें झूठा कह रहे हैं।
Yemen is bleeding and there is nobody to stop the bloodthirsty Saudis. These are people who call themselves the custodians of Islam. As a Muslim I am ashamed that these savages are guardians of the holy mosque. The world CANNOT stay silent thru this genocide #YemenUnderAttack
— Rana Ayyub (@RanaAyyub) January 22, 2022
— MeghUpdates🚨™ (@MeghBulletin) January 24, 2022
We stand with India against all terrorists, foreign, domestic…
— Imam of Peace 🕊 (@Imamofpeace) January 24, 2022
and those with lipstick 👄
सऊदी अरब और उनके गठबंधन की सेना द्वारा यमन के हूती विद्रोहियों पर हुई एयरस्ट्राइस से आहत राणा ने अपने ट्वीट में लिखा था, “खून के प्यासे सऊदी को रोकने वाला कोई नहीं है। ये वो लोग हैं जो खुद को इस्लाम का रखवाला कहते हैं। एक मुसलमान होने के नाते मुझे शर्म आती है कि ये दरिंदे पवित्र मस्जिद के रखवाले हैं। इस नरसंहार पर दुनिया चुप नहीं रह सकती #YemenUnderAttack”
That's how the dogs attack you and then close the responses. https://t.co/iuWxvh3ffX
— هادي بن إبراهيم🇸🇦 (@Hadibnibrahim) January 23, 2022
इस ट्वीट पर Gassan नाम के ब्लू टिक ट्विटर यूजर ने राणा के ट्वीट को ‘झूठी खबर’ कहा और मुस्लिम भाईचारे के नाम पर ऐसे झूठ फैलाने का मजाक उड़ाया। उन्होंने ये जानकारी भी दी कि सऊदी अरब ने 10 से अधिक देशों के गठबंधन के रूप में, यमन की वैध सरकार के सीधे अनुरोध के जवाब पर ये कार्रवाई की है। यूजर ने बताया कि वो वैध चीज को समर्थन दे रहे हैं लेकिन अय्यूब आतंकियों का साथ दे रही हैं।
Do you really feel ashamed that the Saudis are defending themselves, and you are not ashamed about your 18 clips spread https://t.co/IZhg26zpXV
— شـداد بــوعــلــي ٢٠٣٠🇸🇦 (@il99t) January 23, 2022
Ask her to put hizab first ..Rana ayyub pic.twitter.com/YZSxLDSsEQ
— गुरु भाई (@sanatanbro) January 24, 2022
She thinks she is very out spoken and brave😒wrong the most poisonous woman,she turns off her reply section,which clearly shows she has an evil narrative and doesn’t want to hear the other side.
— Trish (@trishten21) January 24, 2022
Indians reply to him and refuse to bring it up, thank you we know she is just a worthless girl, you are very loyal people pic.twitter.com/Gi2bv6Wq6M
— شـداد بــوعــلــي ٢٠٣٠🇸🇦 (@il99t) January 23, 2022
एक अन्य यूजर ने उन्हें लिखा, “इस तरह %^& आप पर हमला करते हैं और फिर प्रतिक्रियाएँ बंद कर देते हैं।”
एक अन्य सऊदी ट्विटर यूजर ने राणा से पूछा कि क्या वाकई राणा को इसलिए शर्म आ रही है क्योंकि सऊदी वाले अपने आपको बचा रहे हैं।
यमन के हूती विद्रोहियों (Yemen Houthi Rebels) ने 17 जनवरी 2022 को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबुधाबी पर ड्रोन अटैक किया था। इसमें 2 भारतीय समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से सऊदी अरब और उनके गठबंधन की सेना की कार्रवाई चालू है। कुछ दिन पहले हूती विद्रोहियों (Yemen Houthi Rebels) का कमांडर अब्दुल्ला कासिम अल जुनैद सऊदी की कार्रवाई में मारा गया था। कमांडर के साथ-साथ हूती विद्रोहियों के कई सीनियर रैंक अधिकारी भी मारे गए थे। इसके अलावा हाल की एयरस्ट्राइक में यमन में 70 लोगों के मरने की खबर है और बताया जा रहा है कि ये एयरस्ट्राइक ऐसी थी कि इससे पूरे देश का इंटरनेट ठप्प हो गया है।
‘आतंकियों से भी ज्यादा खतरनाक है ये, चंदा खा जाती है’: राना अयूब को सऊदी वाले लगातार दे रहे डोज पर डोजतथाकथित पत्रकार राना अयूब यमन और सऊदी अरब को लेकर किए गए ट्वीट के बाद बुरी फँसी हैं। आतंकवादियों के समर्थन का आरोप लगा कर सऊदी अरब वाले निशाना साध रहे हैं, लेकिन इसके लिए भी वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही दोषी ठहरा रही हैं। राना अयूब ने लिखा था कि यमन को सऊदी अरब तबाह कर रहा है, जबकि सच्चाई ये है कि यमन सरकार के निवेदन पर सऊदी अरब वहाँ कार्रवाई कर रहा है। राना अयूब ने इस बात पर शर्म जताया था कि मक्का-मदीना का नियंत्रण सऊदी अरब के पास है।
अब सऊदी अरब और भारत के लोग मिल कर उन पर निशाना साध रहे हैं। मेजर (रिटायर्ड) माणिक एम जॉली ने लिखा, “राणा अयूब ने एक कूटनीतिक मुद्दे में टाँग अड़ाया, जिस समस्या की उन्हें समझ नहीं थी। ISI ने उनका इस्तेमाल ईरान-पाकिस्तान-तुर्की के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किया, ताकि वो सऊदी अरब-अमेरिका और आंशिक रूप से इजरायल पर भी निशाना साध सकें। ये रोजमर्रा के घृणा फैलाने से कहीं अधिक बढ़ कर है। ये एक बड़ा लीग हैं।”
The #RanaAyyub took up a geopolitical issue with no understanding of the crisis. She got played by ISI to tweet from Pakistani-Iran-Turkey side against Saudi-US ( partially Israel too) team. That’s a much bigger league to throw punches in than regular hate spreading. #PaidTweets
— Maj Manik M Jolly,SM (@Manik_M_Jolly) January 24, 2022
Ask @RanaAyyub
— HARDIK (@hardik278) January 24, 2022
who is Salim Chacha. What relationship she shares with Mukul Sinha. Why does she visit Nepal so often. And what's Hauz Khaz clinic?
सऊदी अरब के दिखने वाले एक ट्विटर हैंडल ने लिखा, “गैर-अरबी मुस्लिम ये समझते हैं कि केवल मुस्लिम होने के कारण उन्हें काबा के नियंत्रण का अधिकार है। लेकिन, इसे हमारे महान पूर्वज इस्माइल ने बनवाया था। जबकि मदीना हमारे कबीलों की भूमि रही है। एक सऊदी के मुस्लिम होने के नाते मैं कह सकता हूँ कि आपके विचार की कोई अहमियत नहीं है।” एक अन्य हैंडल ने लिखा, “राना अयूब अब खुलेआम आतंकियों का समर्थन कर रही हैं। हूती विद्रोहियों ने दो भारतीय नागरिकों को मार दिया, लेकिन इस पर वो चुप हैं। हूती, अलकायदा या ISIS में कोई अंतर नहीं है।”
Full on Entertainment 😁#RanaAyyub #SaudiArabia pic.twitter.com/UMT42CwWRe
— True Patriot 🇮🇳 (@goan_good) January 24, 2022
— Singhania (@gorau_chana) January 24, 2022
एक अन्य सऊदी अरब के व्यक्ति ने लिखा कि मुस्लिम होने के नाते वो ये देख कर परेशान है कि राना अयूब ईरान समर्थित उस गुट का समर्थन कर रही हैं, जिन्होंने इराक, सीरिया, लेबनान और यमन से लाखों मुस्लिमों को पलायन के लिए मजबूर किया। ‘TFI’ के संपादक त्रिभुवन ने लिखा कि राना अयूब ये भूल गई थीं कि सऊदी अरब में भारत की तरह सहिष्णुता नहीं है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें समझ में आ गया होगा कि ‘असहिष्णुता’ का मतलब क्या होता है।
Rana Ayyub thought that like India, she can continue to be factually wrong and create a false narrative against Saudis and Emiratis.
— Tribhuwan (@tribhuwan_0196) January 24, 2022
She totally forgot that, unlike India, Saudi and Emirates are not tolerant. Hope she clears her definition of being "intolerent".#RanaAyyub
#RanaAyyub types never learn coz they know what they are doing and are committed to their fallacy.
— Shri Chandra (@Shri_Chandra0) January 24, 2022
The people who should actually learn are Yindoo with no commitment whatsoever towards Sanatan and their #RaitaWing leadership who is as anti Hindu in their deeds as Rana is on paper
कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ हसन सजवानी ने कहा कि राना अयूब जैसे लोग सबसे बड़े दोषी हैं। उन्होंने लिखा कि खुद को ‘मानवतावादी आवाज़’ बता कर ऐसे लोग हमेशा हूती, हमास, और ISIS से जुड़े समूहों का समर्थन करते हैं। उन्होंने भी याद दिलाया कि कैसे हूती आतंकियों ने अबूधाबी एयरपोर्ट पर दो निर्दोष सिखों की हत्या कर दी। सऊदी अरब के एक अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने राना अयूब पर सामाजिक कार्यों के नाम पर चंदा जुटा कर पचा जाने का आरोप लगाया।
Saudi and UAE are the new Sanghi! Who would have really thought!!
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) January 24, 2022
राना अयूब ने इंस्टाग्राम पर लिखा था कि वो 2022 में हज करने जाना चाहती हैं। अब जब एक सोशल मीडिया यूजर ने तंज कसा कि राना अयूब का हज कोटा रद्द कर दिया गया है, तो उन्होंने उन्हें ‘संघी’ बता दिया। वहीं हसन सजवानी ने ये भी लिखा कि राना अयूब सऊदी को ‘खून का प्यासा’ बता रही हैं, जबकि हूती आतंकियों के कुकृत्यों पर चुप रहती हैं। उन्होंने राना अयूब को आतंकियों से भी ज्यादा खतरनाक करार दिया। कइयों ने उन्हें ‘झूठी’ बताया। सऊदी वालों ने कहा कि हमारे पवित्र स्थलों को लेकर उन्हें ज्ञान नहीं चाहिए।
Real Muslims are so triggered from converted #RanaAyyub that they have asked her to convert back to her roots hinduism ! 😹😹😹😹 https://t.co/hQWgqJgYmq pic.twitter.com/add1m9eh8e
— Musafir Amit (@Musafir_Amit_) January 23, 2022
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच युद्ध चल रहा है। यूनाइटेड अरब अमीरात की राजधानी अबूधाबी पर भी हूतियों ने कई बैलिस्टिक मिसाइल छोड़े हैं। सऊदी अरब के दक्षिणी इलाकों की सीमा यमन से मिलती है, जहाँ खासी अशांति है। UAE के एक F16 मिसाइल को भी तबाह कर दिया गया। इससे ‘रेड सी शिपिंग रूट’ को भी खतरा पैदा हो गया है। यमन में 2014 से ही गृह युद्ध चल रहा है, जब हुतियों ने सना नाम के इलाके पर कब्ज़ा कर के सऊदी अरब को इसमें हस्तक्षेप के लिए मजबूर किया।
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