मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बड़ी जीत, चंद्रशेखर 'रावण' की जमानत जब्त
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख से भी अधिक वोटों से जीत दर्ज की है। वहीं उनके खिलाफ ‘आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम)’ से चुनाव लड़ रहे चंद्रशेखर आज़ाद उर्फ़ ‘रावण’ की जमानत जब्त हो गई है। यह वही 'रावण' है जिसने CAA के विरुद्ध दिल्ली में हंगामा मचाया था। जो अपनी जमानत तक नहीं बचा सके, जनता में कितना उसका असर है, देखा जा सकता है। गोरखपुर ही सीएम योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि रही है और यहीं के गोरखनाथ मंदिर के वो महंत भी हैं। भाजपा की जीत के बाद राज्य में उनका फिर से मुख्यमंत्री बनना तय है।
दूसरी ओर कांग्रेस के गर्भ से जन्मी आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की भांति पंजाब से भी कांग्रेस पर ही झाड़ू चला दी। वैसे किसी अन्य राज्य में इनकी मुफ्त की रेवड़ियां काम नहीं आयीं। पंजाब के अलावा केवल गोवा में मात्र दो ही सीट हासिल कर पायी, बाकी सब जगह कांग्रेस की भांति इस पार्टी का भी सूपड़ा साफ रहा।
कांग्रेस का तो सूपड़ा ही साफ हो गया है। इसी क्रम में ‘योगी जीत गए तो उत्तर प्रदेश छोड़ दूँगा’ कहने वाले मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) की बेटी उरूसा राणा (Urusa Rana) को बहुत ही बुरा झटका जनता ने दिया है। उन्हें नोटा से भी कम वोट मिले हैं। उरूसा उन्नाव की पुरवा सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार थी।
उरूसा नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोधी प्रदर्शनों के बाद चर्चा में आई थी और बाद में अक्टूबर 2020 में कांग्रेस ज्वाइन किया था। उन्हें पार्टी ने उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया था। उरूसा जुलाई 2021 में भी उस वक्त चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी के खास माने जाने प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। उरूसा ने आरोप लगाया कि जब वह लखनऊ में गाँधी प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन से पहले प्रियंका गाँधी का अभिवादन करने उनके नजदीक पहुँचीं तो लल्लू ने उन्हें बेइज्जत करके वहाँ से चले जाने को कहा।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं। बहुमत का आँकड़ा 202 है। 2017 के चुनाव में बीजेपी ने 312 सीटें जीती थी। उसे 39.67% मत मिले थे। कांग्रेस और सपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था। सपा को 21.82% वोट के साथ 47 तो कांग्रेस को 6.25% वोटों के साथ 7 सीटें मिली थी। 22.23% वोट हासिल करने के बावजूद बसपा 19 सीटों पर सिमट गई थी। अन्य के खाते में 5 सीटें गई थी। उससे पहले 2012 में सपा और 2007 के विधानसभा चुनावों में बसपा को स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ था।
गोरखपुर शहरी सीट से सीएम योगी 1 लाख से ज्यादा वोटों से चुनाव जीते
— News18 Hindi (@HindiNews18) March 10, 2022
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डकैत के तो बक्कल उतार दिए असली किसानों ने☺️☺️https://t.co/KiTW4EtjRY
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बाबा गए थे मठ
— ज्योति सिंह ठाकुर🇮🇳™ (@Singhjyoti_) March 9, 2022
वहाँ से लाये ल ठ😜
जो 10 मार्च के बाद बजेगा भट भाट भट
तब जा कर सुजेगी फट फटा फट😂🤣🤣😂😜https://t.co/x3UJ6pZuxJ
उधर नोएडा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह ने 1.79 लाख वोटों से जीत दर्ज कर के अब तक के सारे रिकॉर्ड्स ध्वस्त कर दिया है। इससे पहले ये रिकॉर्ड महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री और NCP नेता अजीत पवार के नाम था, जिन्होंने 1.65 लाख मतों से जीत दर्ज की थी। उन्हें 2 लाख से भी अधिक वोट प्राप्त हुए। 2017 के विधानसभा चुनाव में भी यहाँ पंकज सिंह ने ही जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में भी पंकज सिंह ने 1,62,417 (64.29%) वोट पाकर इतिहास रच दिया था।
वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कॉन्ग्रेस की खस्ता हालत पर तंज कसा है। प्रियंका गाँधी के लिए उन्होंने कहा, “राजनीतिक विशेषज्ञों के लिए ये रूचि का विषय होगा कि प्रियंका जी यूपी में कॉन्ग्रेस में जान फूँकने आई थीं और पूरी पार्टी को ही फूँक कर चली गईं।” केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि ये सब पीएम मोदी और उनकी योजनाएँ के साथ यूपी में यशस्वी नेतृत्व देने वाली योगी आदित्यनाथ की सरकार के कारण ही संभव हुआ है। उन्होंने दावा किया कि साल 2024 में एक बार फिर से पीएम मोदी की ही सरकार बनेगी। इसके बाद उन्होंने प्रियंका गाँधी को लेकर अपनी टिप्पणी दी।
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