अजमेर दरगाह पर भी कन्हैया लाल की खून के छींटे? उदयपुर में हत्यारे से मिला था खादिम गौहर चिश्ती

                 अजमेर दरगाह के खादिम गौहर के संपर्क में था कन्हैया लाल का कातिल (चित्र साभार: Zee न्यूज़)
नूपुर शर्मा विवाद पर जिस तरह अजमेर की बहुचर्चित दरगाह का नाम विवादों में आया है, वह हर उस गैर-मुस्लिम को शर्मसार कर रहा है, जो वहां जाकर चादर चढाई। कन्हैया की हत्या में जिस तरह दरगाह का नाम उछल रहा है, समय आ गया है कि दरगाह पर जाने से पहले चिश्ती का इतिहास पढ़ लेना ही उचित होगा। जहाँ का प्रबंधन ही हिन्दू विरोधी हरकतों में लिप्त हो, क्या कहा जाए। जब हिन्दू बोलेगा तब victim card खेलेंगे। हिन्दू की दुकान से सामान मत खरीदो, क्या मतलब 
है इसका? कौन-सी आग लगाई जा रही है दरगाह के प्रबंधन द्वारा? इन अक्ल से पैदल वालों को नहीं मालूम कि जब हिन्दू दरगाह जाना छोड़ देगा, क्या होगी तुम्हारी आर्थिक स्थिति? सरकार को आरोपित खादिमो के साथ-साथ दरगाह प्रबंधकों के बैंक खातों की जाँच करनी चाहिए। 

उदयपुर में 28 जून 2022 को कन्हैया लाल का गला मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने काट डाला था। अब इस बर्बर हत्या के तार अजमेर से भी जुड़ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खादिम गौहर चिश्ती से हत्यारों के कनेक्शन सामने आए हैं। कन्हैया लाल की हत्या के बाद रियाज और गौस भागकर गौहर के पास ही पनाह लेने अजमेर आ रहे थे। लेकिन रास्ते में पकड़े गए थे।

जी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार गौहर चिश्ती 17 जून को उदयपुर गया था। उसने सर कलम करने के नारे लगवाए थे। वहाँ उसकी मोहम्मद रियाज से मुलाकात की बात भी कही जा रही है। दिलचस्प यह है कि इसी दिन रियाज ने वह वीडियो शूट किया था, जिसमें नबी की शान में गुस्ताखी करने वालों का सिर काटने की बात कही गई थी। कन्हैया लाल की हत्या के बाद यह वीडियो भी सामने आया था।

उदयपुर जाने से पहले गौहर ने अजमेर में भी सर तन से जुदा वाली नारेबाजी करवाई थी। यह नारेबाजी दरगाह के बाहर ही हुई थी। 25 जून को गौहर चिश्ती के खिलाफ अजमेर पुलिस ने भड़काऊ नारे लगाने का मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद से वह फरार है। वायरल वीडियो में दरगाह के बाहर गौहर ने कहा था, “हम अपने हुजूर की शान में गुस्ताखी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। गुस्ताख ए रसूल की एक सज़ा, सर तन से जुदा, सर तन से जुदा। अपने आका की इज्जत के लिए हम सर कटाने को तैयार हैं। नूपुर ने हमारे आका की शान में गुस्ताखी की है, इसलिए उसे जीने का हक नहीं है। नूपुर शर्मा मुर्दाबाद।”

इंडिया TV का दावा है कि कन्हैया की हत्या के बाद दोनों हत्यारे गौहर चिश्ती के पास ही अजमेर आ रहे थे, लेकिन रास्ते में पकड़े गए। बताया जा रहा है कि गौहर चिश्ती ने ही रियाज और गौस को कन्हैया लाल के कत्ल का वीडियो बनाने को भी कहा था।

गौहर चिश्ती कट्टरपंथी इस्लामी संगठन PFI का सक्रिय सदस्य भी बताया जा रहा है। कन्हैयालाल का हत्यारा रियाज अक्सर अजमेर आता-जाता रहता था। यहीं उसकी मुलाक़ात गौहर से हुई। इस मुलाकात में अनवर हुसैन नाम के व्यक्ति ने मध्यस्थता की थी। फिलहाल अनवर हुसैन राजस्थान ATS की हिरासत में है।

अजमेर दरगाह प्रंबधन कमेटी ने एडवोकेट अशोक माथुर के माध्यम से गौहर चिश्ती को कानूनी नोटिस भेज कर दरगाह परिसर का नारेबाजी में इस्तेमाल करने पर जवाब माँगा है। हालाँकि यह नोटिस कन्हैया की हत्या के काफी बाद पुलिस जाँच में गौहर का नाम आने के बाद भेजा गया है।  

 देखिए कैसे एक बार फिर शरीयत पर भड़काने की कोशिश कर रहा है:-

कन्हैया लाल की हत्या कथित तौर पर नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने को लेकर की गई थी। पिछले दिनों राजस्थान पुलिस ने अजमेर दरगाह के एक और खादिम सलमान चिश्ती को नूपुर की हत्या के लिए उकसाने को लेकर गिरफ्तार किया था। सलमान का जो वीडियो वायरल हुआ था उसमें वह कह रहा था कि नूपुर का गर्दन लाने वाले को वह अपना मकान देगा।

इसके बाद अजमेर की दरगाह शरीफ मैनेजमेंट कमिटी के सचिव सैयद सरवर चिश्ती का भी बयान सामने आया था। उन्होंने नुपूर शर्मा को मिल रहे समर्थन पर एतराज जताया था। कहा था कि सलमान इसे बर्दश्त नहीं करेंगे। हालॉंकि अजमेर दरगाह के बाहर ‘सर तन से जुदा’ की नारेबाजी को उन्होंने गलत बताया था। कहा था कि इस्लाम में इसकी कोई गुंजाइश नहीं है। साथ ही यह भी कहा था कि इसे उदयपुर की घटना से जोड़ना गलत है। लेकिन गौहर चिश्ती से जिस तरह कन्हैया लाल के हत्यारों के लिंक सामने आए हैं, उससे जाहिर हैं कि यह पूरा घटनाक्रम एक ही कड़ी का हिस्सा हैं।

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