नूपुर शर्मा पर सुप्रीम कोर्ट को मिला तालिबान का साथ : ‘उसे माफ मत करो, फाँसी दो’

भारत के सुप्रीम कोर्ट को मिला तालिबान का साथ
(फाइल फोटो: जबीउल्लाह मुजाहिद)
नूपुर शर्मा मामले में अब भारत के सुप्रीम कोर्ट को तालिबान का साथ मिला है। तालिबान के प्रवक्ता ने सर्वोच्च न्यायलय के बयान का समर्थन किया है। एक हिन्दू नूपुर द्वारा शिवलिंग का अपमान करने पर इस्लामिक किताब के हवाले से टीवी पर बोलने पर बवाल मचाने वाले वही बात ज़ाकिर नाइक द्वारा कहे जाने पर क्यों खामोश थे? सिर्फ इसलिए कि ज़ाकिर एक हिन्दू नहीं एक मुसलमान है। नूपुर की जिस बात को कट्टरपंथी पैगम्बर का अपमान बता रहे हैं, बताएं "क्या उनकी इस्लामिक किताब में ऐसा नहीं लिखा?" दूसरे, चीन में दाढ़ी रखने, रोजा रखने और कई इस्लामिक प्रथाओं पर लगी पाबंदियों पर क्यों चुप हैं? फिर भारत में इस्लाम के खिलाफ बोलना इसलिए भी गुनाह बन जाता है कि इन्होने पहले जयचंदी हिन्दुओं को अपने जाल में फ़ांस हिन्दुओं को जातियों में विभाजित कर दिया। जबकि हिन्दुओं से अधिक फिरके मुसलमानों में हैं, लेकिन इस्लाम के नाम पर सब एक हैं। देखिए भारतरत्न डॉ भीमराव आंबेडकर के इस्लाम पर विचार:-

दरअसल किसी को न नूपुर के बयान से दिक्कत है, सबने सुना की नूपुर ने कौन-सी किताब हवाला देते हुए बोला है, न किसी किसान कानून, CAA से, इनकी सबसे बड़ी समस्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है, जो गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद से सबकी आँखों का कांटा बना हुआ है। बस किसी तरह मोदी को हटाना है और कुछ नहीं। जनता है मोदी विरोधियों के मकड़जाल में फंस रहे हैं। और जो लोग सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर खुश हो रहे हैं देखिए हाई कोर्ट जज एस एन ढींगरा सुप्रीम कोर्ट जस्टिस पर क्या बोल रहे हैं:-




कई राज्यों में FIR का सामना कर रहीं नूपुर शर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने उदयपुर में कन्हैया लाल का सिर कलम किए जाने की घटना का जिम्मेदार बताते हुए कहा था कि वो सीधा यहाँ आ गईं, जो उनके दम्भ को दिखाता है कि वो मजिस्ट्रेट को ‘छोटा’ समझती हैं। अब तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद का साथ सुप्रीम कोर्ट को मिला है।

असल में सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा को पूरे देश के सामने आकर माफ़ी माँगने की सलाह देते हुए कहा था कि उनके गैर-जिम्मेदाराना बयान के कारण देश में कई घटनाएँ हुईं। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस बयान का समर्थन करते हुए ट्वीट किया है। जबीउल्लाह मुजाहिद अफगानिस्तान का सूचना एवं संस्कृति मंत्री भी है। अगस्त 2021 में मीडिया के सामने आने से पहले वो फोन और ईमेल वगैरह के जरिए ही बयान दिया करता था।

जबीउल्लाह मुजाहिद ने अपने ट्वीट के साथ एक तस्वीर भी शेयर की। इसमें एक कट्टरपंथी जूते से नूपुर शर्मा की फोटो को कुचलते हुए दिख रहा है। तस्वीर पर लिखा है, “नूपुर शर्मा को गिरफ्तार करो।” साथ ही उस पर जूते के निशान बने हुए हैं और हथकड़ी का चित्र भी है। जबीउल्लाह मुजाहिद ने लिखा कि नूपुर शर्मा को माफ़ी कतई नहीं मिलनी चाहिए, उन्हें फाँसी पर लटका दिया जाना चाहिए। उसने सुप्रीम कोर्ट के उस बयान का जिक्र किया कि नूपुर शर्मा की ढीली जबान ने पूरे देश में आग लगा दी।

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