मुस्लिम वोट बैंक को खुश रखने के लिए बनाया वक़्फ़ बोर्ड हिन्दुओं के कितना घातक होगा, कांग्रेस में नेता बन रहे किसी हिन्दू ने हिन्दू हित के बारे में क्यों नहीं सोंचा? क्या कांग्रेस में हिन्दू जयचन्द की भूमिका निभा रहे थे? अगर 1400 वर्ष आये इस्लाम की इतनी भूमि हो सकती है, इस्लाम से शताब्दियों पूर्व से भारत में जो हिन्दू सम्राट शासन के युग वाली भूमि कहाँ है? ये तो वही बात हो रही है कि अपनी ही भूमि से हिन्दुओं को बेदखल कर वक़्फ़ बोर्ड द्वारा अधिकार करने से रोकना होगा। मुस्लिम तुष्टिकरण की इस कड़ी को तोडना होगा। हिन्दुओं को उन सभी कांग्रेसी हिन्दू नेताओं को जवाबदेही बनाना होगा। आखिर हिन्दुओं के साथ इतना खतरनाक खिलवाड़ क्यों किया?
केंद्र सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड (Delhi Waqf Board) से जुड़ी 123 संपत्तियों को अपने अधिकार में लेने का ऐलान किया है। दिल्ली वक्फ बोर्ड की इन संपत्तियों में मस्जिद, कब्रिस्तान और दरगाह शामिल हैं। केंद्र के इस फैसले पर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान ने कहा है कि वह सरकार को इन संपत्तियों पर कब्जा नहीं करने देंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वक्फ बोर्ड की यह संपत्तियाँ केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के कब्जे में रहेंगी। इस मामले में, उप भूमि और विकास अधिकारी ने 8 फरवरी, 2023 को वक्फ बोर्ड को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में वक्फ बोर्ड की 123 संपत्तियों को सभी मामलों से ‘मुक्त’ करने के बारे में कहा गया है।
दिल्ली वक्फ बोर्ड की संपत्ति में इस कब्जे को लेकर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय ने कहा है कि रिटायर्ड जस्टिस एसपी गर्ग की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति बनाई गई थी। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में गैर-अधिसूचित वक्फ संपत्तियों के मुद्दे पर कहा गया है कि उसे दिल्ली वक्फ बोर्ड से कोई प्रतिनिधित्व या आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है। भूमि एवं विकास कार्यालय के पत्र के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार ने इस समिति का गठन किया था।
दिल्ली वक्फ बोर्ड की 123 संपत्तियों को जब्त करने को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक और बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) ने कहा है कि वह संपत्तियों पर कब्जा नहीं होने देंगे। अमानतुल्लाह ने ट्वीट कर कहा है, “अदालत में हमने 123 वक्फ संपत्ति पर पहले ही आवाज उठाई है। उच्च न्यायालय में हमारी रिट याचिका संख्या 1961/2022 लंबित है। कुछ लोगों द्वारा इस बारे में झूठ फैलाया जा रहा है। इसका सबूत आप सबके सामने है। हम वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर किसी भी तरह का कब्जा नहीं होने देंगे।”
123 Waqf Properties” पर पहले ही अदालत में हमने आवाज़ उठाई है,High Court में हमारी Writ Petition No.1961/2022 पेंडिंग है।
— Amanatullah Khan AAP (@KhanAmanatullah) February 17, 2023
कुछ लोगों द्वारा इसके बारे में झूठ फैलाया जा रहा है, इसका सबूत आप सबके सामने है। हम वक़्फ़ बोर्ड की Properties पर किसी भी तरह का क़ब्ज़ा नहीं होने देंगे। pic.twitter.com/UcW3rc0xJl
Scrap waqf act
— Bhartiya Baalak (@Bhartiya_Baalak) February 19, 2023
👉🏾वक्फ बोर्ड, किसी संपत्ति पर दावा करने का अधिकार नहीं रखता जब तक कि वह संपत्ति भूस्वामित्व के अधिकार से विधिमान्य प्रक्रिया द्वारा वक्फ बोर्ड को समर्पित न की गई हो अन्यथा वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के विरुद्ध DM द्वारा मुक़दमा चलाया जा सकता है या बोर्ड भंग किया जा सकता है।
— Sandeep Kumar (Adv.) (@SKMY15) February 18, 2023
1995act ने वक्फ को आसमान पे बिठा दिया,अब तो दिल्ली में उनके चाहने वाले है, राह मुश्किल है।अगले कुछ सालों वक्फ की प्रॉपर्टी डिफेंस और रेल्वे से ज्यादा होगी।FD और वक्फ समानता ये की दोनो बढ़ते जाते है।वक्फ की प्रॉपर्टी पर कोई कब्जा नही होता मगर रेल की प्रॉपर्टी होता है पता नही कोन🇮🇳 pic.twitter.com/Npk2CEZmsb
— pramod joshi (@pramodj06830830) February 18, 2023
अमानतुल्लाह खान ने 18 फरवरी 2023 को केंद्रीय मंत्रालय के उप भूमि और विकास अधिकारी को दिए जवाब में कहा है कि दो सदस्यीय समिति के गठन के खिलाफ दिल्ली वक्फ बोर्ड ने जनवरी 2022 में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मुस्लिम इन 123 संपत्तियों का उपयोग कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड की तरफ से नियुक्त प्रबंध समिति या मुतवल्ली इन सभी संपत्तियों की देखरेख करते हैं।
ये सभी संपत्तियाँ कॉन्ग्रेस सरकार के दौरान दिल्ली वक्फ बोर्ड को दे दी गईं थीं। इन संपत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड को देने को लेकर ‘विश्व हिंदू परिषद’ ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। अगस्त 2014 में हाई कोर्ट ने आदेश का पालन करते हुए मंत्रालय ने हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस एसपी गर्ग की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति ने ही दिल्ली वक्फ बोर्ड के सभी हित धारकों और प्रभावितों के पक्ष को सुनते हुए रिपोर्ट जारी की है।
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