महाराष्ट्र : ATS ने हिंदू घृणा वाली आपत्तिजनक किताब का किया पर्दाफाश, PFI द्वारा भारत को इस्लामिक मुल्क का एजेंडा बेनकाब

भारत को असली खतरा किसी पाकिस्तान या चीन से नहीं, बल्कि जनमानस को पागल बना रहे भारत के ये धूर्त एवं छद्दम धर्म-निरपेक्ष नेता और पार्टियों से है, जो अपनी कुर्सी की खातिर देश की अस्मिता को ही दावं पर लगा रहे हैं। आखिर अपनी कुर्सी की खातिर देश को कहाँ ले जाना चाहते हो? कोई आत्मसम्मान है या नहीं? महाराष्ट्र ATS ने PFI के पास से  आपत्तिजनक किताब बरामद की है, कितने ऐसे हिन्दू नेता है, जिन्हे इस किताब के बारे में नहीं मालूम था? इतना याद रखो, इतिहास जयचन्दों का नाम अंकित नहीं करता। 

CAA विरोध में हिन्दुत्व के विरुद्ध भाषाशैली 
अडानी का विरोध करके भारत को नुकसान और विदेशो को लाभ करवाना, CAA विरोध हो या तथाकथित किसान आंदोलन विरोध वास्तविक मुद्दे की बजाए हिन्दू विरोध क्यों हुआ? किसान आंदोलन शाहीन बाग जैसे शाही आंदोलन अपने जीवन में नहीं देखे। किसकी भीख पर ये आंदोलन हुए? जिस आपत्तिजनक भाषाशैली का हिन्दुत्व के लिए प्रयोग हुआ था, अगर किसी अन्य मजहब के लिए किया होता, ज़िंदगी में कोई शाहीन बाग लगाने की सोंचता भी नहीं। क्या हिन्दू विरोध करके ये धूर्त नेता सत्ता हथियाना चाहते हैं? क्या हिन्दू विरोध करके मोदी-योगी को हराओगे, ये सबसे भयंकर भूल में हो? छद्दम धर्म-निरपेक्षों धर्म सीखना है इन कट्टरपंथियों से सीखो, जो सही बात को भी 'सर तन से जुदा' करके गलत साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुर्सी के भूखे हिन्दू नेता देश की अस्मिता और धर्म को ही दावं पर लगा रहे हैं। भारत को इस्लामिक मुल्क बनाने के पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की साजिश को लेकर महाराष्ट्र एटीएस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रतिबंधित संगठन PFI के 5 कट्टरपंथियों के खिलाफ दायर चार्जशीट में कहा गया है कि इनका इरादा 2047 तक भारत को इस्लामिक मुल्क बनाना था। रिपोर्टों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे नेताओं का नाम लेकर मुस्लिम युवाओं को उकसाया जा रहा था। इनके पास से एक हिंदू घृणा से भरी किताब भी मिली है।

महाराष्ट्र एटीएस ने 2 फरवरी 2023 को चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट को लेकर रिपब्लिक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एटीएस ने पीएफआई के इन आरोपितों के फोन से ‘365 डेज: थ्रू अ थाउजेंड कट्स (365 days: Through a Thousand Cuts)’ नामक किताब जब्त की थी। इस किताब में कहा गया है कि साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने आने के बाद से देश में मुस्लिमों के लिए स्थितियाँ बदल गई हैं। इस किताब एक पैराग्राफ में लिखा है, “मोदी के सत्ता में आने के अगले ही दिन से सभी बुरी ताकतें सामने आ गईं। नफरत फैलाने वाले लोगों ने जहर उगलना शुरू कर दिया। उन सभी को यह लग रहा है कि भारत एक हिंदू राष्ट्र बन चुका है।”

हिंदुओं के खिलाफ नफरत से भरी हुई इस किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात में हुए 2002 के दंगों का भी जिक्र है। दंगों के समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। इसके अलावा एटीएस द्वारा जब्त की गई इस किताब में योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और गिरिराज सिंह समेत कई अन्य हिंदू नेताओं का भी जिक्र किया गया है।

इस किताब में पीएफआई और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के संबंधों का भी खुलासा हुआ। इस किताब में एसडीपीआई का नाम बतौर प्रकाशक लिखा हुआ है। हालाँकि, एसडीपीआई ने पीएफआई से अपने संबंधों को कभी स्वीकार नहीं किया है। लेकिन इसे पीएफआई की शाखा के रूप में देखा जाता है।

चार्जशीट में एटीएस ने बताया है कि पीएफआई भारत को इस्लामिक राज्य बनाने के लिए मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था। गिरफ्तार कट्टरपंथियों ने मुस्लिम युवाओं को लेकर महाराष्ट्र के कई जिलों में सभाएँ की थी।

महाराष्ट्र एटीएस और राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने सितंबर 2022 में छापेमार कार्रवाई करते हुए पीएफआई से जुड़े 21 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से 5 आरोपित मुंबई से गिरफ्तार हुए थे। इन 5 आरोपितों की पहचान मजहर खान, सादिक शेख, मोहम्मद इकबाल खान, मोमिन मिस्त्री और आसिफ हुसैन खान के रूप में हुई थी। इन सभी को गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

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