दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल राजनीति का कीचड़ साफ करने आए थे, लेकिन राजनीति में उतरते ही खुद कीचड़ फैलाना शुरू कर दिया। सस्ती लोकप्रियता के लिए उन्होंने झूठे और आधारहीन आरोप लगाने में मर्यादा की सारी सीमाओं को लांघ दिया। बिना किसी ठोस सबूत के दूसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना और फिर माफी मांगना उनकी आदत बन चुकी है। कोर्ट से कई बार झटका खाने के बाद अब वो विधानसभा के कवच में छिपकर दूसरों पर हमले कर रहे हैं। केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा को निशाना बनाते हुए कहा था सरमा के खिलाफ कई राज्यों में भ्रष्टाचार के मामले दर्ज है। केजरीवाल के इस आरोप से भड़के हिमंता बिस्वा सरमा ने केजरीवाल को खुलेआम ललकारा है। उन्होंने चुनौती दी है कि केजरीवाल विधानसभा के बाहर उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर दिखाए।
केजरीवाल के असम दौरे से पहले हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी
केजरीवाल 02 अप्रैल, 2023 को पंजाब के सीएम भगवंत मान के साथ असम का दौरा करेंगे। दोनों मुख्यमंत्री गुवाहाटी के भरलुमुख स्थित सोनाराम उच्च विद्यालय में एक रैली को संबोधित करेंगे। इस रैली से पहले ही अमस के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने केजरीवाल को चेतावनी दे दी है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि क्या मेरे खिलाफ देश के किसी हिस्से में मामले दर्ज हैं? मैं मानहानि का मामला दर्ज कराना चाहता हूं लेकिन अरविंद केजरीवाल कायर की तरह विधानसभा में बोल रहे हैं। इसलिए उन्हें 2 अप्रैल को असम आने दीजिए और यह कहने दीजिए कि हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं। मैं उनके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करा दूंगा, जैसा मैंने मनीष सिसोदिया के खिलाफ किया है।
Mr Arvind Kejriwal is a coward who's hiding behind the veil of immunity in Delhi Assembly and uttering white lies.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) March 31, 2023
Let him say there's a corruption case pending against me outside the Assembly premise and I will sue him in the same manner I did with his colleague Manish Sisodia. pic.twitter.com/nXLBPrxBUW
सत्ता के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है।
— Arvind Chaudhary IAC (@Arvindaas) March 31, 2023
केजरीवाल को विधानसभा में झूठे आरोप नहीं लगाने की नसीहत
हिमंता बिस्वा सरमा ने केजरीवाल से सवाल किया कि वह बताएं कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का कौन सा मामला कहां दर्ज है? केजरीवाल को नसीहत देते हुए असम के सीएम ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में बैठ कर इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए। सबको पता है कि अपना बचाव करने के लिए वहां मैं मौजूद नहीं हूं। मैं अपना पक्ष नहीं रख सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ लोगों को गुमराह करने के लिए मेरे खिलाफ बयान दे रहे हैं। पूरे देश में मेरे खिलाफ कोई मुकदमा नहीं है, सिर्फ कुछ कांग्रेसियों ने मेरे खिलाफ झूठे मुकदमे करा दिए हैं।
केजरीवाल ने विधानसभा में सरमा पर लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में कहा था कि ईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों ने नारायण राणे, हिमंता बिस्वा सरमा और शुभेंदु अधिकारी जैसे भ्रष्टाचारियों को एक साथ ला दिया। केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि भ्रष्टाचार में लिप्त होने और कार्रवाई से बचने के लिए ये लोग बीजेपी में शामिल हो गए। इसके साथ ही केजरीवाल ने कहा था कि सरमा के खिलाफ अन्य राज्यों में भी मामले दर्ज हैं। इसी तरह हताश अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में प्रधानमंत्री मोदी पर भी भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने अडानी को लेकर जो आरोप लगाया, वो काफी हास्यास्पद था। बीजेपी नेताओं ने केजरीवाल को विधानसभा से बाहर वहीं आरोप दोहराने की चुनौती दी। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने ट्वीट कर लिखा कि केजरीवाल में दम हो तो जो बकवास विधानसभा में की है वो एक बार बाहर मंच से या मीडिया की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल दें। नहीं तो मतलब आम आदमी पार्टी डरपोक है।
केजरीवाल में दम हो तो जो बकवास विधानसभा में की है वो एक बार बाहर मंच से या मीडिया की PC में बोल दे. नहीं तो मतलब aap डरपोक है
— Manoj Tiwari 🇮🇳 (@ManojTiwariMP) March 29, 2023
मनीष सिसोदिया की तरह मानहानि का केस करने की चेतावनी
इससे पहले हिमंता बिस्वा सरमा दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और फिलहाल जेल में बंद मनीष सिसोदिया के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करा चुके हैं। पिछले साल सरमा की पत्नी भुइयां सरमा ने 21 जून को कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के सिविल जज नंबर एक की अदालत में सिसोदिया के खिलाफ 100 करोड़ रुपये की मानहानि का मामला भी दायर किया था। इसके बाद सिसोदिया ने आपराधिक मानहानि के मामले को रद्द करने के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट में अपील की थी। लेकिन हाईकोर्ट ने मामला रद्द करने से इनकार कर दिया था। सिसोदिया ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सिसोदिया को बड़ा झठका लगा।
मानहानि मामले में फंसे सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से लगा था झटका
केजरीवाल के करीब और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने हिमंता बिस्वा सरमा पर आरोप लगाया था कि असम के स्वास्थ्य मंत्री रहे बिस्व सरमा ने अपनी पत्नी और बेटे के व्यापारिक साझेदारों की कंपनियों को पीपीई किट की आपूर्ति करने के लिए ठेके दिये थे। मनीष सिसोदिया ने बिस्वा सरमा की पत्नी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसी मामले में बिस्वा सरमा ने मनीष सिसोदिया पर मानहानि का मामला दर्ज किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान बिस्वा सरमा के वकील ने बताया था कि जेसीबी इंडस्ट्रीज ने कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी गतिविधियों के तहत NHM असम को लगभग 1500 पीपीई किट की आपूर्ति की थी। उसका पीपीई किट के आपूर्ति से संबंधित टैंडर से कोई लेनादेना नहीं है। असम को पीपीई किट की आपूर्ति के लिए की गई बोली में कंपनी ने हिस्सा ही नहीं लिया था और न ही उन्होंने कोई बिल पेश किया, जिससे कि उनकी भागीदारी का पता चल सके।

No comments:
Post a Comment