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90 के दशक में लालकृष्ण आडवाणी के साथ वर्तमान पीएम मोदी (साभार: इंडियन एक्सप्रेस) |
स्मरण आती है, माननीय श्री अडवाणी जी की वह बात, जब केंद्र में भाजपा के समर्थन से वी पी सिंह की सरकार बनने के बाद पाञ्चजन्य के तत्कालीन संपादक श्री तरुण विजय जी के निमंत्रण पर अडवाणी जी Panchajanya-Organiser के कार्यालय आये थे, तब दोनों सम्पादकियों की संयुक्त मीटिंग में अन्य बातों के चलते अयोध्या में प्रभु श्रीराम के जन्मस्थल पर मंदिर बनवाने पर प्रश्न करने पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था:"जब तक केंद्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा की बहुमत वाली सरकार नहीं होगी, तब तक शायद अयोध्या में राममंदिर केवल एक स्वप्न रहेगा।" कारण पूछने पर बोले कि "केंद्र और उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकारें होने पर रोड़े अटकाने वाली सरकारें नहीं होंगी।" कालचक्र ऐसा घुमा दोनों ही जगह सत्ता में भाजपा है और तब दिखने वाला "स्वप्न" आज इतिहास ही नहीं, रचने जा रहा, भारत के साथ-साथ समस्त विश्व का भूगोल बदलने जा रहा है।
लालकृष्ण आडवाणी ने 25 सितंबर 1990 को गुजरात के सोमनाथ से अपनी ‘रथयात्रा’ की शुरुआत की थी। इस रथयात्रा के संयोजक उस समय नरेंद्र मोदी थे। यह यात्रा 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद के विध्वंस के साथ समाप्त हुई थी। कहा जाता है कि जब विवादित ढाँचा टूटा था, उस समय लालकृष्ण आडवाणी अयोध्या में ही थे।
#PranPratishthaCeremony
— TIMES NOW (@TimesNow) January 12, 2024
'PM Modi was chosen by Lord Ram, and he will represent all Indians in the puja': LK Advani puts out a message on social media for PM Modi.
BJP's Lal Krishna Advani has also been invited by the temple trust for the Jan 22 event in Ayodhya.@amitk_journo… pic.twitter.com/zrpnn6QM5N
L K Advani’s sacrifices will also not be forgotten. He has also done his best fir Ram Mandir during his tenure.
— Girish Gadiyar (@gadiyargirish) January 12, 2024
Handed over batton to NAMO take it forward was efficiently and effectively taken over for which we all Indians are indebted to Modi. pic.twitter.com/UGAhoBG1Rx
देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मंदिर सभी भारतीयों को भगवान राम के गुणों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, “उस समय (सितंबर 1990 में यात्रा शुरू होने के कुछ दिन बाद) मुझे लगा कि नियति ने तय कर लिया है कि एक दिन अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर बनाया जाएगा… अब यह केवल समय की बात है।”
राष्ट्रधर्म नाम की एक पत्रिका से बात करते हुए लालकृष्ण आडवाणी ने आगे कहा, “और, ‘रथयात्रा’ शुरू होने के कुछ कुछ दिनों बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं सिर्फ एक सारथी था। मुख्य संदेश यात्रा ही थी… वह ‘रथ’ पूजा के योग्य था, क्योंकि यह भगवान राम के जन्मस्थान पर जा रहा था।” उन्होंने रथयात्रा को अपने राजनीतिक करियर की सबसे निर्णायक और परिवर्तनकारी घटना बताया।
आडवाणी ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि यह रथयात्रा जनआंदोलन का रूप ले लेगी। इसे ‘खुद को खोजने’ का एक मौका बताते हुए उन्होंने कहा, “यात्रा के दौरान, कई अनुभव हुए जिन्होंने मेरे जीवन को प्रभावित किया। दूरदराज के गाँवों से ग्रामीण मेरे पास आते थे, रथ देखकर भावना से अभिभूत होते थे। वे नमस्कार करते थे। ‘राम’ का जाप करते थे और चले जाते थे। यह एक संदेश था।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए आडवाणी ने कहा कि कहा कि भगवान राम ने अपने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए नरेंद्र मोदी के रूप में अपना भक्त चुना, जिनकी देखरेख में मंदिर की इमारत बन रही है। उन्होंने कहा, “अब जब पीएम मोदी मंदिर का अभिषेक करेंगे तो वह भारत के प्रत्येक नागरिक का प्रतिनिधित्व करेंगे।”
लालकृष्ण आडवाणी ने ये सारी बातें राष्ट्रधर्म नाम की एक मासिक पत्रिका से बातचीत में ये बातें कहीं। ‘श्रीराममंदिर: एक दिव्य स्वप्न की पूर्ति’ नाम से यह लेख 15 जनवरी 2024 को प्रकाशित होगा। बता दें कि विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने पिछले दिनों कहा था कि राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में लालकृष्ण आडवाणी शामिल रहेंगे।
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