‘आज कुत्तों का वक्त है, कल हमारा आएगा’: मुफ्ती सलमान ने उगला जहर, कहा- बुत रखने से मस्जिद नहीं बनेगा बुतखाना…

कहते हैं 'देर आए दुरुस्त आए', आज हिन्दुओं के छिने तीर्थ वापस होने पर मुस्लिम कट्टरपंथियों में इतनी अधिक बौखलाहट हो गयी है कि जो बात हिन्दू इतने वर्षों से कहते आ रहे हैं, वही बात बौखलाहट में मुस्लिम कट्टरपंथी बोल रहे हैं। बस अंतर केवल जनता को इनके श्रीमुख से निकल रही सच्चाई को समझ इन्हीं लोगों से पूछे कि जब हिन्दू यही बात बोलता रहा फिर मुसलमानों को क्यों भड़काया जा रहा है? 
कुछ महीने पहले दिल्ली के रामलीला मैदान में मदनी ने भी ॐ और अल्लाह को एक बताया तो अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के दिनों लखनऊ में "न्यूज़ 18" के "भैय्याजी कहिन" शो में एक बुजुर्ग अंसारी साहेब ने नमाज़ को संस्कृत का शब्द बताते हुए, संधि विच्छेद कर नमाज़ का भावार्थ समझा कर कट्टरपंथियों को सतर्क होने का संकेत दिया। 
सलमान अजहरी ने बौखलाहट में काबा में तोड़ी गयी 360 मूर्तियां तोड़े जाने की बात कबूल ली। यानि काबा को भी विवादित बनाने का प्रयास किया है, जिसका सऊदी अरब सरकार को संज्ञान लेकर सलमान को तलब करना चाहिए।    
ज्ञानवापी में पूजा पाठ शुरू होने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों ने जहर उगलना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सलमान अजहरी नाम के एक मुफ्ती का भाषण वायरल हुआ है। ये भाषण जूनागढ़ के एक कार्यक्रम का है। वीडियो में अजहरी कहता है, “अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है…कुछ देर की खामोशी है, फिर किनारा आएगा…आज कुत्तों का वक्त है, कल हमारा दौर आएगा।”

22 सेकेंड का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग इसे शेयर करके कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। ऑपइंडिया ने जब इस वीडियो की पड़ताल की तो हमें भाषण का 53 मिनट का असली वीडियो मिला।

इसमें मुफ्ती ने कई जगह भड़काऊ बातें कही हुई हैं। इस वीडियो को इस्लामिक चैनल ने पोस्ट किया है। इसमें वक्ता के तौर पर मुफ्ती सलमान अजहरी मंच पर है, जबकि जगह जूनागढ़, गुजरात है। कार्यक्रम 31 जनवरी को हुआ था और वीडियो 1 फरवरी 2024 को अपलोड किया गया।

भाषण की शुरुआत में अजहरी जूनागढ़ के इतिहास का जिक्र कर कहता है, “जूनागढ़ के लोग जल्दी किसी के हाथ नहीं लगे। उन्हें अंदर लाने के लिए कई प्रयास करने पड़े। जैसे तब आप जल्दी ही किसी के हाथ नहीं आए, मैं चाहता हूँ कि आज आप किसी और की पट्टा अपने गले में न पहनें, हमारे में तो सिर्फ ताजदार-ए-मदीना की ही गुलामी करना कहा गया है।”

इसके बाद कार्यक्रम में “गुलाम हैं गुलाम हैं, रसूल के गुलाम हैं” के नारे भी सुनाई दिए। वीडियो में उसने कहा, “मस्जिद में बुत रखने से मस्जिद बुतखाना नहीं बन जाती। तुमने एक रखा है, काबा में 360 रखे थे, फिर भी काबा तो काबा ही रहा, न तवाफ रुका, न हज रुका।”

आगे उसने मुसलमानों को भड़काने के लिए यहूदी व्यक्ति का हवाला दिया। उसने कहा कि समय-समय पर मुसलमानों पर अत्याचार हुए लेकिन फिर वह हरियाली की तरह खड़े हो गए। उसने कहा कि मुसलमानों को कोई नेता एकजुट नहीं करता बल्कि ये सिर्फ मुहम्मद के नाम पर इकट्ठा होते हैं। इन्हें सिर्फ ताजदार-ए-मदीना ही इकट्ठा कर सकता है।

आगे वह यह भी बताता है कि फिलिस्तीन, ईरान, बर्मा में हर जगह मुस्लिमों को मारा जा रहा है। लेकिन मुसलमानों के मरने से इस्लाम नहीं खत्म होगा।

अपने भाषण में उसने कहा मुसलमानों को खुद उठना होगा कोई नेता-विपक्षी दल उनके लिए नहीं आएगा। उसने कहा, “इंकलाब आपके घर से होगा। उनमें मस्जिदों को बुतखाना बनाने की हिम्मत नहीं है। आपने मस्जिदों को वीरान छोड़ दिया है और हमारे यहाँ मुहावरा है कि जब मैदान खुला होता है तो कुत्तों का राज होता है। यदि तुम मैदान में घूमते रहोगे तो कोई कुत्ते नहीं होंगे।”

भाषण के अंत में उसने कहा, ”मुसलमानों घबराओ मत, अभी खुदा की शान बाकी है। अभी इस्लाम जिंदा है, अभी कुरान बाकी है, ऐ जालिम काफिर क्या समझता है जो रोज हमसे उलझता है, अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है। कुछ देर की खामोशी है, किनारा आएगा…आज कुत्तों का वक्त है, कल हमारा दौर आएगा।”

इसके बाद फिर लब्बैक या रसूल अल्लाह के नारे लगवाए जाते हैं।

पुलिस ने लिया संज्ञान

इस मामले को लेकर ऑपइंडिया ने जूनागढ़ पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि पुलिस ने वीडियो पर संज्ञान ले लिया है और बयान भी जारी करेगी। हालाँकि, बाद में पुनः प्रयास करने पर कनेक्शन स्थापित नहीं हो सका। लेकिन, जूनागढ़ के शीर्ष पुलिस अधिकारी डीएसपी हितेश ढांडालिया ने दिव्य भास्कर से खास बातचीत में कहा, “हमने पूरा भाषण प्राप्त कर लिया है और इसे कानूनी विशेषज्ञों की राय के लिए भेज दिया है। उग्रता दिखाने पर कार्रवाई की जाएगी।”

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