रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान- ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित कर पुतिन ने मोदी विरोधियों का दिया करारा जवाब ; अमेरिका भी हुआ मुरीद, कहा- भारत खत्म करवा सकता है यूक्रेन से युद्ध: ऑस्ट्रिया के चांसलर ने पोस्ट की सेल्फी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोकने भारत विरोधी ताकतों की कठपुतली बन विपक्ष ने क्या-क्या हत्कण्ठे नहीं अपनाए, लेकिन मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बन गए। इन सभी में कौतुहल करने रूस के राष्ट्रपति ने मोदी को 9 जुलाई 2024 को रूस के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित किया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने देश के अत्यंत प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान से आधिकारिक रूप से सम्मानित किया। पीएम मोदी को मिला यह पुरस्कार इस बात का प्रमाण है कि रूस और भारत के बीच एक खास रणनीतिक साझेदारी विकसित करने और दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने में उन्होंने विशेष योगदान दिया है। पीएम मोदी का एक ग्लोबल लीडर के तौर पर ओहदा लगातार बढ़ता जा रहा है। विदेशी धरती पर उन्हें कई देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से नवाजा है। बीते 10 सालों में लगभग 15 देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया है। इसमें कई मुस्लिम देश भी शामिल हैं।
         राष्ट्रपति पुतिन और ऑस्ट्रिया के चांसलर नेहमार के साथ पीएम मोदी (चित्र साभार: Narendra Modi/X)

यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को दिए गए शीर्ष राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों और सम्मानों की श्रृंखला में एक और बड़ी उपलब्धि है। इसके पहले ग्रीस ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर (Grand Cross of the Order of Honour) से सम्मानित किया। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने पीएम मोदी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द नाइल’ से सम्मानित किया था। फिजी ने अपने देश के सर्वोच्च सम्मान ‘कम्पैनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी’ और पापुआ न्यू गिनी ने ‘द ग्रैंड कम्पैनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहु’ से सम्मानित किया था। 

इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी को संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार चैंपियंस ऑफ अर्थ, बहरीन के शीर्ष पुरस्कार किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां, यूएई के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ जायेद, मालदीव के सर्वोच्च सम्मान निशान इज्जुद्दीन, रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल, दक्षिण कोरिया के सियोल शांति पुरस्‍कार, फिलिस्तीन का सर्वोच्च ग्रैंड कॉलर सम्मान, सऊदी अरब के सर्वोच्च सैश ऑफ किंग अब्दुल अजीज सम्मान, अफगानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान आमिर अमानुल्लाह खान अवार्ड के साथ प्रथम फिलिप कोटलर प्रेशिडेंशियल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान- ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार (9 जुलाई 2024) को रूस के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित किया गया। ये रूस का सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने देश के अत्यंत प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान से आधिकारिक रूप से सम्मानित किया। 2019 में रूस ने उनको इस सम्मान को देने का ऐलान किया था। यह पुरस्कार रूस और भारत के बीच एक विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी विकसित करने और दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने के पीएम मोदी के विशिष्ट योगदान के लिए दिया गया है। इस पुरस्कार की अहमियत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि ये 326 साल पुराना है। 1698 में जार पीटर द ग्रेट ने रूस के संरक्षक संत सेंट एंड्रयू के सम्मान में ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ को शुरू किया था। ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ मूल रूप से उत्कृष्ट नागरिक और सैन्य योग्यता के सम्मान और देश की असाधारण सेवा के लिए दिया जाता है। इस पुरस्कार के प्रतीक चिन्ह में एक नीला सैश, सेंट एंड्रयू के क्रॉस वाला एक बैज और छाती पर पहना जाने वाला एक सितारा शामिल होता है। बैज सेंट एंड्रयू का एक सुनहरा क्रॉस है, जिसमें एक एक्स-आकार के क्रॉस पर यीशु की छवि है। 1917 में रूसी क्रांति के बाद इस पुरस्कार को समाप्त कर दिया गया था लेकिन सोवियत काल के बाद इसे फिर से शुरू किया गया। पीएम मोदी ने इस सम्मान को भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान बताया। 

भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूस यात्रा के बाद अमेरिका ने भी भारतीय विदेश नीति का लोहा माना है। अमेरिका ने कहा है कि भारत अपनी रूस के साथ पुरानी दोस्ती के सहारे यूक्रेन-रूस संघर्ष खत्म करवा सकता है। अमेरिका के व्हाइट हाउस ने यह टिप्पणी की है।

अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रेस सचिव जीन पियरे ने मंगलवार (9 जुलाई, 2024) को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “भारत हमारा रणनीतिक साझेदार है और हम उसके साथ सभी मुद्दों पर एकदम खुलेपन से बात करते हैं, इन मुद्दों में उसके रूस के साथ रिश्ते भी शामिल हैं। हमने इस मामले पर पहले भी बातचीत की है। हमें लगता है कि यह जरूरी है कि भारत समेत सभी देश यूक्रेन के मामले में स्थायी शांति हासिल करने के प्रयासों को समर्थन दें।”

आगे उन्होंने भारत के इस मामले में सहयोग करने को लेकर कहा, “भारत के रूस के साथ उसके पुराने रिश्ते उसे यह क्षमता भी देते हैं कि वह रूसी राष्ट्रपति पुतिन से युद्ध हो खत्म करने की बात कह सके।” अमेरिका ने कहा कि युद्ध रूस द्वारा चालू किया गया था और इसे उसके द्वारा ही खत्म किया जाएगा।

अमेरिका की यह टिप्पणी पीएम मोदी के रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत में यूक्रेन-रूस संघर्ष को उठाने के बाद आई है। पीएम मोदी ने मंगलवार (9 जुलाई, 2024) को राष्ट्रपति पुतिन के साथ आधिकारिक बातचीत में कहा था कि दोनों देशों के विवाद का समाधान युद्धभूमि पर नहीं निकलने वाला है। उन्होंने कहा था कि बम, बंदूकों और गोलीबारी के बीच बातचीत नहीं हो सकती है।

मोदी ने इस बातचीत के दौरान कहा था कि भारत शांति बहाली के लिए हर सहयोग को तैयार है। उन्होंने कहा था भारत स्वयं भी शांति के पक्ष में है और विश्व समुदाय को यह बात जाननी चाहिए। पीएम मोदी ने इस दौरान यह भी कहा था कि राष्ट्रपति पुतिन का शांति के विषय में बात करना उन्हें आशान्वित कर रहा है।

राष्ट्रपति पुतिन ने भी इस दौरान पीएम मोदी के शांति प्रयासों की सराहना की थी। उन्होंने इस दौरान भारत और रूस के मजबूत रिश्तों पर भी बात की थी। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को रूस का सर्वोच्च सम्मान दिया था।

मोदी तीन दिवसीय विदेश (8-10 जुलाई) दौरे पर हैं। वह रूस में विदेश यात्रा पूरी करने के बाद मंगलवार को ऑस्ट्रिया पहुँचे थे। यहाँ ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री ने उनके एयरपोर्ट पर स्वागत किया था। पीएम मोदी ने ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमार से भी मुलाक़ात की है। वह उनके साथ अब आधिकारिक बातचीत में शामिल होंगे।


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