खालिस्तानी अमृतपाल का समर्थन करने वाले चन्नी की रवनीत बिट्टू ने उड़ाई धज्जियाँ; कांग्रेस को खालिस्तान का समर्थन कर इंदिरा गाँधी की क़ुरबानी को कलंकित करने का हक़ नहीं ; गंभीर वीडियो देखिए

खालिस्तानी अमृतपाल सिंह (बीच में) का बचाव करने पर भाजपा के रवनीत सिंह बिट्टू (बाएँ) ने कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी (दाएँ) की बखिया उधेड़ी

लगभग हर चुनाव में कांग्रेस कहती है कि इंदिरा गाँधी ने देश के लिए बलिदान दिया, लेकिन जिस खालिस्तान के कारण इंदिरा गाँधी की हत्या हुई, आज उसी खालिस्तान को कांग्रेस समर्थन दे रही है। क्या कांग्रेस का अपनी तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा की जान खोने के बाद भी होश नहीं आया। वैसे भी भिंडरांवाला किसी और की देन नहीं थी, वह कांग्रेस की ही उपज थी। इस कटु सच्चाई को कोई भी कांग्रेसी तो कोई गैर-कांग्रेसी भी इंकार नहीं कर सकता। बरहाल, संसद में कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा विघटनकारी ताकतों को समर्थन करने का साफ संकेत दे दिया है। अगर यह कांग्रेस की रणनीति नहीं, फिर चन्नी को पार्टी से क्यों नहीं निकाला? दूसरे, जेएनयू में भी राहुल गाँधी 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' के खड़े दिखाई देने के साथ-साथ इस गैंग कन्हैया को दिल्ली से लोकसभा का टिकट दे दिया। तथाकथित किसान आंदोलन जिसे लगभग हर विपक्षी पार्टी ने अपना समर्थन दिया था, उसमे भी खालिस्तान के नारे लगे, किसी भी पार्टी ने विरोध नहीं किया। यानि विपक्ष संविधान के नाम पर जनता को गुमराह कर विघटन ताकतों का समर्थन कर रही है। 

किस तरह देश को गुमराह किया जा रहा है, यह वीडियो कर रहा खुलासा:-

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने संसद में खड़े होकर खालिस्तानी अमृतपाल सिंह का समर्थन करने वाले कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी की बखिया उधेड़ दी है। पंजाब के मुख्यमंत्री रहे चरणजीत सिंह चन्नी जालंधर से जीत कर आए हैं। उन्होंने कहा कि अमृतपाल को जेल में रखना आपातकाल वाला फैसला है। वहीं उन्होंने रवनीत सिंह बिट्टू से कहा कि आपके दादा उस दिन नहीं मरे जिस दिन उनकी हत्या हुई, बल्कि जिस दिन आपने कांग्रेस छोड़ी उस दिन उनकी मौत हुई।

इस पर रवनीत सिंह बिट्टू ने स्पष्ट जवाब दिया कि उनके दादा ने कांग्रेस नहीं, बल्कि देश के लिए बलिदान दिया था। बता दें कि पंजाब के CM रहे बेअंत सिंह की अगस्त 1995 में खालिस्तानी आतंकियों ने बम ब्लास्ट में मार डाला था। उनके पोते रवनीत सिंह बिट्टू लुधियाना से 20,942 वोटों से हार गए थे, फिर भी तीसरी मोदी सरकार में उन्हें रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया। 2021 में मार्च से जुलाई के बीच वो बतौर कांग्रेस सांसद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे थे।

रवनीत सिंह बिट्टू ने लोकसभा में चरणजीत सिंह चन्नी को करारा जवाब देते हुए कहा, “कोई चन्नी की जायदाद पूछे, ये गरीबी की बात कर रहे हैं। अगर सारे पंजाब का सबसे अमीर और भ्रष्टाचारी आदमी ये न हो तो मैं अपना नाम बदल दूँगा। हजारों करोड़ रुपयों का मालिक है ये चरणजीत सिंह चन्नी। और ये गोरा किसको कह रहे हैं? ये बताएँ कि सोनिया गाँधी कहाँ से हैं? MeToo में ये, सारे केसों में ये।” संसद में बिट्टू के इस आक्रामक जवाब का वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है।

उधर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने भी ‘कांग्रेस का हाथ, खालिस्तानियों के साथ’ कह कर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी का हत्यारा खालिस्तानी था और कांग्रेस उसी खालिस्तानी का समर्थन कर रही है। उन्होंने इसे भारत की संप्रभुता पर हमला बताते हुए कार्रवाई की माँग की। वहीं रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री देशद्रोही की तरह व्यवहार कर रहा है, देश को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि NSA किसानों पर नहीं, देश को तोड़ने की साजिश रचने वालों पर NSA लगा है। उन्होंने कहा कि अपने दावे के पक्ष में चन्नी सबूत नहीं दिखा पाए।

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