दंगों में जला ब्रिटेन का लीड्स: यहीं से सांसद चुना गया है गाजा समर्थक मोतिन अली, जीत के बाद लगे थे ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे

             दंगे के दौरान कई गाड़ियों को आग लगा दी गई (चित्र साभार: AshleaSimonBF/X & TPointUK/X)
भारत में राज करते ब्रिटेन ने Divide & Rule की नीति का बीजारोपण किया था, वह आज एक विशाल वृक्ष का रूप ले चुका है, जिस कारण भारत में कभी जाति के नाम पर तो कभी मजहब के नाम पर दंगे होते रहते हैं, लेकिन वही दंगे का जहर आज ब्रिटेन में फैलता दिखाई दे रहा है। इतिहास लिखा नहीं जाता दोहराया जाता है। कल तक जो देश भारत में साम्प्रदायिक दंगे होने पर मजाक बनाते थे, धीरे-धीरे वही देश 
इस आग में जलने शुरू हो चुके है। इस सन्दर्भ में अपने बुजुर्गों की बताई एक बात दिमाग में आ गयी। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने या यूँ कहिये गुरुद्वारा शीश गंज के निकट लाला हरदयाल लाइब्रेरी है। जब लाला हरदयाल ICS उपाधि के लिए परीक्षा में एक प्रश्न 'How British ruled over India' का 300 शब्दों में उत्तर देना था, लेकिन हरदयाल ने केवल 3 शब्दों "Divide & Rule" में उत्तर देने पर ब्रिटिश सरकार ने कहा था कि 'सरकार आपको ICS उपाधि तो नहीं देगी, लेकिन आप आज से Lala Hardayal MA Kayastha के नाम से जाने जाओगे। यानि आज ब्रिटेन उसी आग में जलने की राह पर चल निकला था। 

ऐसे में एक ज्वलंत प्रश्न आता है कि जब कोई मुस्लिम देश फिलिस्तीनियों और रोहिंग्यों को अपने देश में रखने को तैयार नहीं, फिर गैर-मुस्लिम देशों में इनके समर्थकों के साथ सख्ती से पेश क्यों नहीं आया जाता? सभी गैर-मुस्लिम देशों के लिए ब्रिटेन का लीड्स एक मिसाल है। सरकार जब तक इनको मिलने वाली हर सरकारी सुविधा से महरूम नहीं करेंगे, इस तरह के उपद्रव रुकने का नाम नहीं लेंगे।   

ब्रिटेन के शहर लीड्स में दंगे भड़क गए हैं। प्रवासी दंगाइयों ने एक इलाके में जम का उत्पात मचाया और पुलिस की गाड़ियों तोड़ आग लगा दी। उन्होंने कुछ वाहनों में आग लगा दी। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। दंगे का कारण एक समुदाय और सरकारी एजेंसी के बीच का विवाद बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लीड्स के हेयर हिल्स इलाके में यह दंगा गुरुवार (18 जुलाई, 2024) को चालू हुआ। दंगे की स्थिति शाम 5 बजे से ही बना चालू हो गई थी। इसके बाद दंगाइयों ने पुलिस की एक गाड़ी को पलट दिया और एक बस को आग लगा दी। पथराव होने की भी सूचना है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखता है कि भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं और दंगा कर रहे हैं। वह पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर रहे है, इस बीच पुलिस यहाँ से गायब नजर आती है। इन दंगों के बीच यहाँ के नवनिर्वाचित सांसद मोतिन अली भी देखे गए हैं।

बताया गया है कि दंगे का कारण यहाँ रहने वाले लोगों के बच्चों को उनसे अलग करने का प्रयास रहा। ब्रिटेन में बच्चों की देखरेख करने वाली चाइल्ड केयर एजेंसी इस इलाके से बच्चों को बाल देखभाल गृह में ले जाना चाहती थी। इस इलाके में रहने वाले लोग इसके खिलाफ थे।

जब गुरुवार को एजेंसी ने यह प्रयास किया तो बच्चों के अभिभावक भड़क गए और एजेंसी के खिलाफ प्रदर्शन चालू कर दिया। इसके बाद यहाँ दंगा और तोड़फोड़ चालू हो गई। दरअसल, इस इलाके में ब्रिटेन के बाहर से आए शरणार्थी रहते हैं, इनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है।

इनकी आर्थिक स्थिति अच्छी ना होने के कारण इनके बच्चों को अच्छी देखभाल ना मिल पाने का शक ब्रिटेन की चाइल्ड केयर एजेंसी को है। इसीलिए वह इन बच्चों को उनके माता-पिता से अलग करके अपने साथ रखना चाहती है। अभिभावक और कई मामलों में बच्चे, इसके लिए तैयार नहीं हैं।

लीड्स में हुए दंगों के बाद यहाँ भारी पुलिस बल और अग्निशमन दस्ते भेजे गए। स्थानीय नेताओं ने भी इस इलाके का दौरा करके लोगों को शांत रहने की अपील की। ब्रिटेन की गृह मंत्री यवेत्ते कूपर ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “मैं आज रात लीड्स में पुलिस वाहनों और सार्वजनिक परिवहन पर हुए चौंकाने हमलों से स्तब्ध हूँ। इस तरह की अव्यवस्था का हमारे समाज में कोई स्थान नहीं है। मैं वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस को उनकी कार्रवाई के लिए धन्यवाद देती हूँ। मैं लगातार अपडेट ले रही हूँ।”

Lala Hardayal

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