मुस्लिम बना लें उर्दूस्तान, तमिल बनाएँ द्रविड़स्तान: खालिस्तानी आतंकी पन्नू मणिपुर को अलग-थलग करने की रच रहा था साजिश, भारत सरकार ने SFJ पर 5 साल बैन और बढ़ाया

भारत से मणिपुर को अलग करने के लिए खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का संगठन सिख फॉर जस्टिस मणिपुर के तमिलों, मुस्लिमों और ईसाइयों को भड़काने में जुटा था। ये जानकारी गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश के बाद सामने आई है। गृह मंत्रालय ने पन्नू के खालिस्तानी संगठन पर 5 साल के लिए बैन को बढ़ा दिया है। इससे पहले SFJ कोल आतंकी संगठन घोषित करते हुए बैन साल 2020 में लगा था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, खुफिया नोट में कहा गया है कि सिख फॉर जस्टिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के खिलाफ धमकियों सहित आतंकी कृत्यों की योजना बनाई थी। इसके अलावा इसमें ये भी कहा गया कि ये संगठन अल्पसंख्यक समुदायों को दूसरे समुदायों के खिलाफ भड़काकर सांप्रदायिक आधार पर लोगों को बाँटकर अपने भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाता है।

आगे नोट में कहा गया कि आतंकी संगठन ईसाइयों को भड़काकर कहता है कि उनको अपना अलग देश बनाना चाहिए। इसी तरह मुस्लिमों को भड़काकर उर्दूस्तान बनाने को कहता है और तमिलों को उकसाकर द्रविड़स्तान बनाने को कहता है।

रिपोर्ट में ये भी जानकारी दी गई है कि कैसे सिख फॉर जस्टिस संगठन भारत में किसानों को भड़काने में शामिल था और कैसे वो दलित समुदायों को भड़काता है। SFJ दलितों को कहता था कि भारत सरकार ने उनका उत्पीड़न किया है इसलिए उन्हें अपना अलगाववादी अभियान शुरू करना चाहिए।

सिख फॉर जस्टिस का उद्देश्य भारत के अल्पसंख्यकों को भड़काने और भारत में हिंसा कराना रहता है। संगठन को पाकिस्तान से समर्थन प्राप्त है और वह आतंकवादियों, गैंगस्टरों तथा कश्मीरी अलगाववादियों के साथ संपर्क में रहता है। यह संगठन विदेशों में रह रहे सिखों को भी अपने उद्देश्यों के लिए प्रेरित करने का प्रयास करता है। इन्हीं सब बिंदुओं को देखते हुए सरकार ने इस संगठन पर एक्शन लेते हुए इस पर पाँच साल तक प्रतिबंध बनाए रखने का निर्णय लिया।

No comments: