क्यों अमेरिका ने पाकिस्तान की ‘आतंकी बेटी’ ‘लेडी अलकायदा’ आफिया सिद्दीकी को 86 साल के लिए जेल में किया है बंद?


अमेरिका की जेल में बंद ‘लेडी अलकायदा’ आफिया सिद्दीकी की रिहाई की माँग नए सिरे से की जा रही है। वह एक पाकिस्तानी न्यूरोसाइंटिस्ट हैं, जिस पर अमेरिकी सैनिकों पर गोलीबारी करने, अमेरिकी सैनिकों को मारने की कोशिश करने और एक हमले की साजिश रचने का दोषी पाया गया था। उसे 86 साल जेल की सजा मिली थी। वह फिलहाल टेक्सास के फोर्ट वर्थ के जेल में बंद है।

‘लेडी अल-क़ायदा’ आफिया सिद्दीकी कौन है?

 कभी एमआईटी से प्रशिक्षित एक प्रतिभाशाली न्यूरोसाइंटिस्ट आफ़िया सिद्दीकी की कहानी जिहाद, आतंकी साजिशों और 86 साल की अमेरिकी जेल की सजा तक पहुँच चुकी है। हालाँकि पाकिस्तान उसे अपने ‘मुल्क की बेटी’ कहता है। उसकी रिहाई को लेकर चल रहे इस्लामी दुष्प्रचार और वैश्विक अभियानों को भी उसने शह दी है।

एक पाकिस्तानी न्यूरोसाइंटिस्ट से लेकर कुख्यात ‘लेडी अलकायदा’ बनने के बावजूद वह पाकिस्तानी नेताओं और मानवाधिकार संगठनों का समर्थन हासिल करती रही हैं। सिद्दीकी को 2010 में न्यूयॉर्क कोर्ट ने अफगानिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों की हत्या के प्रयास का दोषी पाया था।

ऑपरेशन सिंदूर में करारी हार के बाद जब अप्रैल 2025 में पाकिस्तानी फील्ड मार्शल असीम मुनीर अमेरिका गए, तो पाकिस्तान के आफिया समर्थकों को उम्मीद थी कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने उसकी रिहाई की बात करेंगे। लेकिन मुनीर ने इस मुद्दे को नहीं उठाया।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी इससे पहले आफ़िया सिद्दीकी को माफी देने से इनकार कर दिया था। अमेरिकी सरकार ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय को सूचित किया कि सिद्दीकी की क्षमा याचिका को खारिज कर दी गई है।

पाकिस्तान में आफिया सिद्दीकी के मामले की सुनवाई के लिए गठित इस्लामाबाद उच्च न्यायालय की बेंच को भंग कर दिया गया , क्योंकि न्यायमूर्ति इनाम अमीन मिन्हास ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और एक बड़ी पीठ के गठन करने का अनुरोध किया। यह याचिका आफिया सिद्दीकी की बहन फौजिया सिद्दीकी ने दायर की थी। इससे पहले, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके मंत्रिमंडल को पिछली अदालती आदेशों का पालन करने और मामले में अपना जवाब दाखिल नहीं करने पर अवमानना ​​नोटिस जारी किया गया था।

मानवाधिकार उल्लंघन की शिकार या इस्लामी आतंकवादी?

आफिया सिद्दीकी पाकिस्तानी मूल की 52 वर्षीय आतंकवादी हैं। कराची में जन्मी सिद्दीकी 1990 में छात्र वीजा पर अमेरिका आई थीं। उसने एमआईटी से जीव विज्ञान में स्नातक और 2001 में ब्रांडीज विश्वविद्यालय से तंत्रिका विज्ञान में पीएचडी की। आफिया की माँ एक इस्लामी शिक्षिका और राजनीतिज्ञ थी और उनके पिता एक न्यूरोसर्जन थे। बोस्टन में आफ़िया सिद्दीकी अल-किफा केंद्र सहित इस्लामी ‘धर्मार्थ संस्थाओं’ के साथ जुड़ गई, जिसका संबंध अलकायदा से पाया गया था। सिद्दीकी ने 9/11 के इस्लामी आतंकवादी हमले के बाद भी अमेरिका विरोधी बयान दिया था। उसने जिहाद के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया था।

एफबीआई ने सिद्दीकी और उनके तत्कालीन पति अमजद खान से कुछ किताबों की खरीदारी को लेकर पूछताछ की थी। दोनों ने नाइट विज़न गॉगल्स, विस्फोटकों से संबंधित मैनुअल, बॉडी आर्मर और ‘द एनार्किस्ट्स आर्सेनल’ सहित 45 किताबें खरीदी थी। एफबीआई को दिए इंटरव्यू में अमजद खान ने दावा किया कि उन्होंने ये किताबें शिकार के लिए लाया था। एफबीआई जाँच के दौरान, आफिया और उसके पति का तलाक हो गया और वह अपने तीन बच्चों के साथ पाकिस्तान लौट आई।

सिद्दीकी और उसके बच्चे मार्च 2023 में पाकिस्तान के कराची में गायब हो गए। पाकिस्तानी अधिकारियों ने उसके कथित अल-कायदा संबंधों पर पूछताछ के लिए उसे हिरासत में लेने की बात मानी थी। लेकिन बाद में उसकी अलकायदा से जुड़े होने की बात से इनकार कर दिया। मई 2004 में, अमेरिकी एफबीआई ने आफिया सिद्दीकी को पहली महिला ‘मोस्ट-वांटेड’ आतंकवादी बताते हुए अलर्ट जारी किया। एफबीआई के मुताबिक वह एक अलकायदा आतंकवादी और कूरियर थी।

2003 और 2008 के बीच उसका ठिकाना बदलता रहा। सिद्दीकी का समर्थन करने वाली एक पत्रकार, यवोन रिडले ने दावा किया कि आफिया का अपहरण किया गया और बगराम एयर बेस पर गुप्त तरह से रखकर प्रताड़ित किया गया। हालाँकि अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि वह अल-कायदा जिहादी आतंकवादी और 9/11 के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद के परिवार के साथ अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमावर्ती इलाकों में छिपी थी।

सिद्दीकी ने बाद में खालिद शेख के भतीजे से निकाह कर ली। उसका नाम अम्मार अल-बलूची है। आफिया की बहन फौजिया सिद्दीकी ने निकाह से इनकार किया, लेकिन पाकिस्तानी और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों, अल-बलूची के परिवार और खुद आफिया ने निकाह की पुष्टि की।

2008 में अफगान अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया। न्याय विभाग के अनुसार, उसके पास से कई चीजें मिलीं। इनमें हमले का जिक्र करते हुए हाथ से लिखा हुआ एक नोट भी शामिल था। उसके पास से अमेरिका के प्लम आइलैंड, एम्पायर स्टेट बिल्डिंग, स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी, वॉल स्ट्रीट और ब्रुकलिन ब्रिज जैसे कई अहम इमारतों की लिस्ट भी थी।

2008 में एफबीआई के विशेष एजेंट मेहताब सैयद के अनुसार, अफगानिस्तान राष्ट्रीय पुलिस के अधिकारियों ने सिद्दीकी को एक लड़के के साथ गजनी के गवर्नर के परिसर में देखा था। अफगानिस्तीनी पुलिस ने सिद्दीकी से स्थानीय बोलियों, दारी और पश्तो में पूछताछ भी की, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। चूँकि सिद्दीकी उर्दू में बात कर रही थी, इसलिए अधिकारियों को लगा कि वह विदेशी है।

एएनपी अधिकारियों ने उसके पर्स की तलाशी ली। इसमें कई विवादित दस्तावेज मिले। इसमें विस्फोटकों, रासायनिक और जैविक हथियारों के निर्माण से संबंधित थे। आफिया सिद्दीकी के दस्तावेजों में न्यूयॉर्क सहित संयुक्त राज्य अमेरिका के अहम स्थलों की जानकारी भी थी।

सिद्दीकी के सामानों में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों से जुड़ी जानकारी और एक गीगाबाइट डिजिटल मीडिया स्टोरेज डिवाइस (थंब ड्राइव) मिले। उसके पास बोतलों में भरे हुए जेल और लिक्विड कैमिकल भी मिले।

18 जुलाई 2008 को, दो FBI एजेंट और एक अमेरिकी सैन्य दुभाषिया सिद्धीकी से मिलने अफगानिस्तान पहुँचे। इस दौरान अमेरिकी अधिकारी की राइफल छीनकर उसे अधिकारी पर ही तान दिया और अंग्रेजी में चिल्लाते हुए कहा कि ‘यहाँ से निकल जाओ’ और गोली चला दी।

इस दौरान सिद्दीकी को काबू में करने के लिए पैर पर गोली मारी गई। वह ‘अल्लाहु अकबर’ कहते हुए अधिकारियों पर लात-घूँसे से हमला करने की कोशिश कर रही थी। वह अंग्रेजी में चिल्ला रही थी कि वह अमेरिकियों को मारना चाहती है। उसने कहा, “मैं आप सभी अमेरिकियों को मार डालूँगी।”

आफिया सिद्दीकी के बेहोश होने के बाद उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। सिद्दीकी पर हत्या के प्रयास, हमले और हथियार रखने को लेकर केस दर्ज किया गया।

वेबसाइट पर आफिया सिद्दीकी की स्टोरी, लेख और तस्वीर मौजूद हैं। इसमें बताया गया है कि कैसे एक शिक्षित पाकिस्तानी-मुस्लिम महिला के साथ ‘जुर्म’ हो रहा है। इसमें बताया गया है कि कुरान कंठस्थ करने वाली ‘हाफिजा’ आज जेल में बंद है। अमेरिकी अधिकारियों ने ‘आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध’ के नाम पर ‘पीड़ित’ किया और ‘अत्याचार’ का शिकार बनाया। ऐसा ही एक वेबसाइट ‘द आफिया फाउंडेशन’ भी है।

2023 में, फ़ौजिया सिद्दीकी और वकील क्लाइव स्टैफोर्ड स्मिथ ने कहा कि आफ़िया ‘अमेरिका के लिए कोई विशेष महत्व नहीं रखती’ और पाकिस्तान सरकार ने उसे वापस लाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए। स्मिथ ने तो आफ़िया की जगह शकील अफ़रीदी को लाने की भी वकालत की थी। अफरीदी अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का पता लगाने में अमेरिका की मदद करने के आरोप में कई वर्षों से पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। लादेन 2012 में एबटाबाद में मारा गया था। पाकिस्तानी सरकार ने आफिया- अफरीदी की ‘अदला-बदली’ के लिए कोई कोशिश नहीं की।

वर्तमान में, आफ़िया आंदोलन आफ़िया सिद्दीकी की जेल से रिहाई के लिए शुरू किया गया है। इसे सोशल मीडिया, साक्षात्कारों, सेमिनारों, जागरूकता अभियानों और दूसरे माध्यमों से चलाया जा रहा है। मजेदार बात यह है कि इस्लामी आतंकवादी ग्रुप, इस्लामी समर्थक ग्रुप, इस्लामी समर्थक ‘मानवाधिकार’ ग्रुप सिद्दीकी की कैद को ‘अन्याय’ और ‘अपमान’ बता रहे हैं, वहीं आफिया का परिवार अलकायदा या किसी भी इस्लामी आतंकवादी समूह से उसके संबंधों से पूरी तरह इनकार कर रहा है।

आफिया सिद्दीकी एक घोर यहूदी विरोधी हैं। अपने मुकदमे के दौरान भी उन्होंने यह दावा करके कार्यवाही में बाधा डाली कि उनके खिलाफ एक यहूदी साजिश रची जा रही है। उन्होंने जूरी सदस्यों के डीएनए परीक्षण की भी माँग की। उन्होंने कहा कि अगर जस्टिस इजराइली या ‘जायोनी’ है, तो मुकदमा निष्पक्ष नहीं होगा।

इस्लामवादी आफ़िया सिद्दीकी की रिहाई की माँग तेज

पाकिस्तान और अमेरिका, दोनों में कई ‘मानवाधिकार’ समर्थक ग्रुप और इस्लामी संगठन आफ़िया सिद्दीकी को ‘पीड़ित’ बताते हैं। 2022 में सिद्दीकी की रिहाई की माँग करने वाले व्यक्ति अकरम ने टेक्सास में एक यहूदी पूजास्थल पर आतंकी हमला किया था। ये हमला 15 जनवरी 2022 को कोलीविले में बेथ इजराइली धर्मसमाज में हुआ था। इस दौरान कई यहूदियों को बंधक बना लिया गया और इन बंधकों को मुक्ति के एवज में आफिया सिद्दीकी की जेल से रिहाई की माँग की गई।

आतंकियों ने सिद्दीकी को कैद किये गए फेडरल मेडिकल सेंटर कार्सवेल के पास मौजूद यहूदी पूजा स्थल को निशाना बनाया था। जिहादी अकरम ने जब चार लोगों को बंधक बनाया, उस वक्त यहूदी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हो रहा था। अकरम ने वहाँ खड़े होकर जिहादी भाषण दिए। करीब 10 से 11 घंटे के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने आतंकियों पर काबू पाया और बंधकों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस दौरान अमेरिकी पुलिस ने अकरम को गोली मारी।

एफबीआई ने इसे आतंकी और यहूदी-विरोधी के साथ-साथ इस्लामी जिहादी कट्टरपंथियों द्वारा किया गया अपराध बताया अकरम की छानबीन के दौरान आफिया सिद्दीकी से जुड़ी जानकारी भी पुलिस के हाथ लगी।

2014 में, इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) ने अमेरिकी बंधकों, पत्रकार जेम्स फोले और मानवाधिकार कार्यकर्ता कायला मुलर के बदले सिद्दीकी की रिहाई की माँग की थी। हालाँकि अमेरिका ने हमेशा इन प्रस्तावों को खारिज कर दिया और फोले और मुलर दोनों को अलग-अलग घटनाओं में आईएसआईएस जिहादियों ने मार डाला।

‘काफ़िरों’ को मारने की कसम खाने वाले इस्लामी आतंकवादी समूहों ने सिद्दीकी की रिहाई की माँग की है और उसे मुस्लिम ‘पीड़ित’ बताया है। इस्लामवादियों के प्रति सहानुभूति रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय ‘मानवाधिकार’ समूहों ने भी सिद्दीकी की रिहाई की वकालत की है।

यहाँ तक कि पाकिस्तानी सरकारों और नेताओं ने भी सिद्दीकी की रिहाई की वकालत की है। पाकिस्तानी सीनेट ने 2018 के एक प्रस्ताव में ‘लेडी अल-क़ायदा’ आफ़िया सिद्दीकी को ‘पाकिस्तान की बेटी’ कहा था।

2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ तक ने सिद्दीकी की रिहाई के लिए अमेरिका से पैरवी की है। अलकायदा आतंकवादी की रिहाई के लिए प्रस्ताव, बयानबाजी और आग्रह वर्षों से पाकिस्तान की रणनीति रहे हैं। पिछले वर्ष पाकिस्तान के सीनेटरों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सिद्दीकी की रिहाई की माँग के लिए अमेरिका गया था।

साल 2024 में, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को मानवीय आधार पर उसकी रिहाई के लिए एक पत्र लिखा था। हालाँकि, बाइडेन ने शरीफ़ के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया।

इस साल जुलाई में, पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने आफ़िया सिद्दीकी के मामले की तुलना जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के मामले से करके विवाद खड़ा कर दिया था और इसे ‘उचित प्रक्रिया’ का मामला बताया था।

हाल ही में, आफ़िया सिद्दीकी के वकील क्लाइव स्टैफ़ोर्ड स्मिथ ने कहा कि वह न्यूयॉर्क में एक नई अपील दायर करने की योजना बना रहे हैं। उनका दावा है कि उन्हें घटना के वीडियो सबूत मिले हैं जो कथित तौर पर अभियोजन पक्ष के आरोपों को खारिज करते हैं।

                                      वकील क्लाइव स्टैफ़ोर्ड स्मिथ और आफिया सिद्दीकी

इसके अलावा, जिहादी समूहों, पाकिस्तान सरकार, अमेरिका और ब्रिटेन स्थित ‘मानवाधिकार’ और इस्लामी समूहों जैसे सीएआईआर, एमनेस्टी इंटरनेशनल, केज इंटरनेशनल, कोड पिंक आदि ने ‘लेडी अल-कायदा’ की रिहाई की वकालत की है।

गौरतलब है कि टेक्सास सिनेगॉग हमले से ठीक दो महीने पहले, सीएआईआर इंटरनेशनल (अमेरिकी-इस्लामिक संबंध परिषद) ने सिद्दीकी की रिहाई की माँग की थी और उसके समर्थन में कार्यक्रम और रैलियाँ आयोजित की थी। सीएआईआर टेक्सास डीएफडब्ल्यू सिद्दीकी के समर्थन में कई ऑनलाइन और ऑफलाइन अभियान चलाता है और सजा के खिलाफ उनकी कानूनी लड़ाई के लिए धन भी जुटाता है।

ऑपइंडिया ने पहले सीएआईआर इंटरनेशनल की हिंदू-विरोधी प्रवृत्ति, क्राउडफंडिंग घोटाले की आरोपित ‘पत्रकार’ राणा अय्यूब के प्रति उनके समर्थन और बेहद हिंदू-विरोधी ‘डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व’ सम्मेलन को उनके समर्थन के बारे में रिपोर्ट छापी थी।

2022 में, रटगर्स विश्वविद्यालय और नेटवर्क कॉन्टैगियन रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनसीआरआई) ने एक रिपोर्ट प्रकाशित किया। इसमें दिखाया गया कि टेक्सास में यहूदी पूजास्थल पर हमले से पहले ‘फ्री आफ़िया मूवमेंट’ को लेकर ट्विटर पर अभियान चलाया गया। अलजजीरा और क्रिसेंट इंटरनेशनल जैसे इस्लामी प्रचार माध्यम भी आफ़िया सिद्दीकी के पक्ष में बोल रहे हैं।

आफ़िया सिद्दीकी की बहन डॉ. फ़ौज़िया सिद्दीकी भी ‘आफ़िया मूवमेंट’ चला रही हैं। उनकी वेबसाइट के अनुसार, “आफिया मूवमेंट एक अंतरराष्ट्रीय पहल है जो डॉ. आफिया सिद्दीकी के लिए न्याय और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है, जो एक पाकिस्तानी-मुस्लिम महिला है और वर्तमान में अमेरिकी संघीय जेल में 86 साल की अन्यायपूर्ण सजा काट रही है।”

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