मध्य प्रदेश : मस्जिद की खुदाई में निकली भगवान राम और माँ सीता की मूर्ति, हिंदू पूजा करने पहुँचे: सागर का मामला, पुरात्व विभाग जाँच में जुटा

     मध्य प्रदेश में मस्जिद की खुदाई में मिली राम-सीता की मूर्तियाँ (साभार : livehindustan & Dainikbhaskar)
आज मुस्लिम कट्टरपंथियों और इनको समर्थन देने वाले नेताओं और उनकी पार्टियों ने "सेकुलरिज्म और गंगा-जमुनी तहजीब" जैसे पाखंडी और गुमराह करने वालों नारों से देश को पागल बना बारूद के ढेर पर बैठा दिया है। इनमें कोई माई का लाल बताए कि किस मुस्लिम मुल्क में सेकुलरिज्म है? भारत में जब तक हिन्दू बहुसंख्यक है ये पाखंडी "सेकुलरिज्म" है, खुदा न खास्ता अगर भारत गजवा-ए-हिन्द बन गया इन्ही नेताओं और उनकी पार्टियों द्वारा "सेकुलरिज्म" बोलने पर मुस्लिम कट्टरपंथियों की प्रताड़ना झेलनी पड़ेगी और सिर पर हाथ रखकर रोयेंगे। देशहित में सरकार को इन पाखंडी और जनता को भ्रमित करने वाले नारों पर प्रतिबन्ध लगाना चाहिए। 

दूसरे, मथुरा, काशी और अन्य स्थानों पर खुदाई का विरोध क्यों किया जाता है अयोध्या के बाद अब उसका जीवित उदाहरण मध्य प्रदेश है। जहां मस्जिद की चार दीवारी बनाए जाने के लिए हो रही खुदाई में पुरुषोत्तम श्रीराम और सीता माता की मूर्ति निकली। मध्य प्रदेश को चाहिए कि मस्जिद के पूरे परिसर की खुदाई करवाए।             

मध्य प्रदेश के सागर जिले के पापेड़ गाँव में मस्जिद की चारदीवारी के लिए चल रही खुदाई के दौरान जमीन के नीचे से भगवान राम की कुछ मूर्तियाँ मिली हैं। मूर्तियाँ मिलते ही गाँव में खबर आग की तरह फैल गई। हिंदू समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुँचे और मूर्तियों की पूजा शुरू कर दी, साथ ही मंदिर बनाने की माँग करने लगे।

इससे हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। हालात संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचे और फिलहाल निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है। प्रशासन ने मूर्तियों की जाँच के लिए पुरातत्व विभाग को बुलाया है।

मस्जिद की खुदाई में मिलीं प्राचीन मूर्तियाँ

जानकारी के अनुसार, यह घटना सागर जिले की बंडा तहसील के पापेड़ गाँव की है। गाँव में बनी एक मस्जिद के परिसर में चारदीवारी बनाने के लिए खुदाई का काम चल रहा था। इसी खुदाई के दौरान जमीन के अंदर से भगवान राम और माता सीता की कुछ प्राचीन मूर्तियाँ मिली हैं। इनमें से कुछ मूर्तियाँ खंडित भी हैं। मजदूरों ने जब मूर्तियाँ मिलने की जानकारी गाँव वालों को दी, तो यह खबर तुरंत पूरे गाँव में फैल गई।

हिंदू संगठनों ने की पूजा और की मंदिर की माँग

मूर्तियाँ मिलने की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों और गाँव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुँच गए। उन्होंने वहाँ मिली मूर्तियों की पूजा-अर्चना शुरू कर दी। हिंदू संगठनों ने तो भगवान राम का अभिषेक करके, वहीं एक चबूतरा बनाकर मूर्तियों को स्थापित भी कर दिया। हिंदू संगठनों की माँग है कि इस जगह पर मंदिर बनाया जाए। उनका दावा है कि पहले यहाँ एक मंदिर था, जिसे तोड़कर मस्जिद बना दी गई थी।

दो समुदायों के आमने-सामने आने से बढ़ा तनाव

मंदिर बनाने की माँग को लेकर हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। इससे गाँव में माहौल तनावपूर्ण हो गया। मुस्लिम पक्ष के ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन करीब 200 साल पहले मस्जिद को दी गई थी। उनका यह भी कहना है कि मूर्तियाँ मस्जिद परिसर में नहीं मिली हैं, बल्कि पास में पत्थरों की खखरी (ढेर) से मिली हैं, जिन्हें बाद में परिसर में रखा गया है। दोनों पक्षों की बातों से गाँव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

प्रशासन ने रुकवाया निर्माण, होगी पुरातत्व विभाग की जाँच

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए तुरंत पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर माहौल को शांत कराया। बंडा एसडीएम नवीन ठाकुर ने बताया कि फिलहाल मौके पर चल रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया है।
उन्होंने साफ किया कि यह जमीन मस्जिद के स्वामित्व की है, लेकिन जाँच पूरी होने तक कोई निर्माण नहीं होगा। मूर्तियों को पुलिस की निगरानी में रखा जाएगा और उनकी जाँच पुरातत्व विभाग से कराई जाएगी। जाँच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि ये मूर्तियाँ कितनी पुरानी हैं और किसकी हैं।

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