कुछ दिन पहले ही चुनाव आयोग की स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया था कि बंगाल की 25 विधानसभा सीटों पर वोटर लिस्ट से 11.5 लाख नाम कटे हैं लेकिन दो दिन पहले पूरे राज्य के लिए जो ड्राफ्ट लिस्ट आयोग ने प्रकाशित की है उसमें कटे हुए वोटरों के नामों की संख्या 58,20,899 लाख बताई गई है। इन 58 लाख लोगों के फॉर्म “uncollectible ya Not returned” की श्रेणी में दर्ज किए गए जिसकी वजह से इनके नाम कटे है।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
-मृत लोगों की संख्या 24.17 लाख;
-जो लोग स्थाई रूप से शिफ्ट हो गए या मिले नहीं। उनकी संख्या 32.08 लाख (19.88 लाख स्थान छोड़ गए और 12.20 लाख लापता);
-डुप्लीकेट वोटर - 1.38 लाख (ये वे लोग हैं जिनके बारे में सही सूचना नहीं है)। ऐसे वोटरों के बारे में आज एक यूट्यूब चैनल पर वरिष्ठ पत्रकार बता रहे थे कि ये ऐसे नाम हैं जैसे एक आदमी 45 साल का है उसका पुत्र 35 साल का है और उसके 15 बच्चों की उम्र में अंतर भी सही नहीं है, किसी में 10 महीने का किसी में 8 महीने का और किसी में 6 महीने का है।
लेकिन सवाल यह पैदा होता है कि फिर बांग्लादेशी और रोहिंग्या कहां गए? क्या उन सभी के फॉर्म भर कर मिले आयोग को और क्या वोट के लिए उनके बारे में सभी सूचना सही मिली है। ममता बनर्जी इसी संख्या के लिए शोर कर रही है कि अफवाह फैलाई गई थी कि ऐसे लोगो की संख्या 2 करोड़ है जो केवल 1.38 लाख है।
मुझे ऐसा लगता है ममता बनर्जी ने अपने राज्य से नियुक्त किए गए BLOs से सभी घुसपैठियों को नियमित करा लिया और चुनाव आयोग इसे रोकने में असमर्थ रहा।

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