एक फोटो पर बहुत फालतू का चर्चा हुआ जिसमें दिखाया गया कि लोकसभा स्पीकर बैठे हैं और प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हैं और प्रियंका वाड्रा बैठी है। इस फोटो पर न जाने कैसी कैसी अटकलें लगाई गई कि प्रियंका वाड्रा को आखिर मोदी और राजनाथ सिंह ने क्यों बुलाया।
दरअसल 19 दिसंबर को लोकसभा का शीतकालीन सत्र समाप्त होने के बाद स्पीकर ओम बिरला जी ने विपक्ष के सांसदों के लिए प्रथागत चाय पार्टी (Customary Tea Party) पर बुलाया था, अकेली प्रियंका वाड्रा को नहीं जैसा फोटो देख कर भ्रम फैलाया गया।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
इसमें विपक्ष के अनेक नेताओं को आमंत्रित किया गया था और इस पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख नेता थे -
-सुप्रिया सुले(NCP-शरद पवार)
-धर्मेंद्र यादव और राजीव राय(समाजवादी पार्टी)
-डी राजा और एन प्रेमचंद्रन(सीपीआई)और
-ए राजा(DMK)
हो सकता है जो कांग्रेस में आजकल टकराव चल रहा है उसे देख कर लोगों ने ऐसी प्रतिक्रिया दी हो कि प्रियंका भाजपा की तरफ झुक रही है लेकिन ऐसा संभव नहीं है।
कहते हैं कि जब अयोध्या में रामजन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा का कांग्रेस द्वारा निमंत्रण ठुकराने का विरोध करने वाली प्रियंका ही थी। लेकिन परिवार की तरफ से विरोध होने पर किसी ने कोई तूल नहीं दिया। अगर यही विरोधी किसी और ने किया होता तुरंत पार्टी से निकाल दिया गया होता। वैसे राहुल और प्रियंका की सियासत में जमीन आसमान का अंतर है। प्रियंका पेट में घुसकर वार करने वाली जबकि राहुल बेतुकी बयानों से।

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