जिस किताब से राहुल गाँधी फैला रहे ‘चीनी प्रोपेगेंडा’, वह अब तक किसी भी फॉर्मेट में नहीं छपी: पब्लिशर ‘पेंगुइन’ ने दिया स्पष्टीकरण, सार्वजनिक कॉपियों पर कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी; पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे खामोश क्यों?

पब्लिशर 'पेंगुइन' ने पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे की किताब पर स्पष्टीकरण देते हुए बयान जारी किया (फोटो साभार: IndiaToday/X)
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे की जिस ‘फोर स्टार ऑफ डेस्टिनी’ किताब को संसद में दिखाया, वह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। यह स्पष्ट तौर पर किताब की पब्लिकेशन कंपनी ‘पेंगुइन रेंडम हाउस इंडिया’ ने आधिकारिक तौर पर दी है। इस मामले में दिल्ली पुलिस भी FIR दर्ज कर चुकी है।

पब्लिशर ने यह भी कहा कि न ही सिर्फ किताब, बल्कि अब तक किताब की कोई भी कॉपी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। पब्लिशर ने कहा कि जो भी कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, वह गैर-कानूनी है। यह बयान सोशल मीडिया पर किताब के कुछ अंशों की वैधता पर सवाल उठाने जाने के बाद सामने आया है। इसी के चलते पिछले हफ्ते संसद में खूब हंगामा भी हुआ था।

ऐसे में सवाल यह भी होता है कि नरवणे की जो किताब प्रकशित ही नहीं हुई, उस पर हो रहे विवाद और राहुल द्वारा उस किताब को लोकसभा में दिखाने पर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे की चुप्पी क्यों? बल्कि विवाद शुरू होते ही सबसे पहले इन्ही को FIR करवानी चाहिए थी। क्या इस साज़िश में नरवणे भी शामिल हैं? रक्षा मंत्रालय को पूर्व सेनाध्यक्ष से प्रश्न करना चाहिए।

      

पब्लिशर ‘पेंगुइन’ ने किताब के स्टेटस की दी जानकारी

किताब के पब्लिशर ‘पेंगुइन’ ने बयान जारी कर कहा, “हाल में इस पुस्तक को लेकर सार्वजनिक चर्चा और मीडिया रिपोर्टिंग सामने आई है। इस संबंध में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया यह स्पष्ट करना चाहता है कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’, जो भारत के पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा है, उसके प्रकाशन के सभी अधिकार केवल पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के पास हैं।”

                                     ‘पेंगुइन’ द्वारा जारी किया गया बयान (फोटो साभार: X)

पब्लिशर ने बयान में आगे कहा, हम साफ तौर पर यह बताना चाहते हैं कि यह पुस्तक अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ओर से इस किताब की कोई भी प्रति- चाहे वह प्रिंट हो या डिजिटल, न तो छापी गई है, न वितरित की गई है और न ही बिक्री या किसी अन्य रूप में सार्वजनिक की गई है।

पब्लिशर ‘पेंगुइन’ कानूनी कार्रवाई करेगा

विवाद पर पब्लिशर ने कहा, “अगर इस पुस्तर की कोई प्रति, पूरी या आंशिक रूप में, प्रिंट, डिजिटल, PDF या किसी अन्य फॉर्मेट में, ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, तो वह पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के कॉपीराइन का उल्लंघन है। ऐसे सभी फॉर्मेट को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।”

                                   ‘पेंगुइन’ द्वारा जारी किया गया बयान (फोटो साभार: X)

पब्लिशर ने इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात भी कही। उन्होंने कहा, “पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया इस पुस्तर के अवैध और अनाधिकृत प्रसार के खिलाफ कानून के तहत उपलब्ध सभी कानूनी कदम उठाएगा।” पब्लिशर ने स्पष्ट किया कि यह बयान प्रकाशक की स्थिति को बताने और रिकॉर्ड पर रखने के लिए जारी किया गया है।

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