कांग्रेस का चुनाव चिन्ह “पंजा” कहां से और कैसे आया? जो हिंदुओं के लिए “खूनी पंजा” है; हिन्दुओं ऑंखें खोलो

सुभाष चन्द्र

क्या आप जानते हैं कि कांग्रेस का चुनाव चिन्ह हाथ का पंजा कहां से और कैसे आया?

कर्बला के मैदान में शहीद होने वाले हज़रत इमाम हुसैन (अली) को इस्लामिक शौर्य संघर्ष बलिदान का प्रतीक माना जाता है। 

इस्लाम में मूर्ति या फोटो पूजा हराम है इसलिए किसी मूर्ति या फोटो की पूजा ना करके पंजे के निशान को पूजा जाता है और इस प्रतीक को कांग्रेस ने अपना चुनाव चिन्ह बनाया हुआ है 

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99% हिंदुओं को इस बात की जानकारी ही नहीं है, जबकि शांतिप्रिय इस बात को जानते हैं इसलिए इस पर कभी कोई बात नहीं करता या चर्चा इसलिए नहीं करता कि कहीं हिन्दू इसे समझ कर जाग्रत न हो जाएं और कांग्रेस को वोट देना बंद ना कर दें

शान्तिप्रियों का धार्मिक निशान होने के कारण शांतिप्रिय लोग बड़ी शिद्दत से कोर वोटर बनकर कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और हिंदुओं को इसकी जानकारी नहीं होने के कारण और स्वतंत्रता आंदोलन का तथाकथित सर्वेसर्वा होने के कारण हिन्दू मूर्ख बनकर कांग्रेस से जुड़ा हुआ है

कांग्रेस का चुनाव चिन्ह इंदिरा गांधी से पहले “गाय बछड़ा” हुआ करता था लेकिन कांग्रेस ने अंदर ही अंदर खुद का इस्लामीकरण कर लिया ताकि शांतिप्रिय समुदाय उनसे संतुष्ट रहे

जनप्रतिनिधि अधिनियम की धारा 130 और चुनाव आचार संहिता के नियमानुसार मानव शरीर का कोई भी अंग चुनाव चिन्ह नहीं हो सकता लेकिन इसके बावजूद 1977 से अब तक “हाथ” यानी  “पंजा” कांग्रेस का चुनाव चिन्ह बना हुआ है

कांग्रेस के विघटन के बाद जब इंदिरा गांधी ने “कांग्रेस आई” बनाई तो एक नारा बहुत प्रचलित था 

“अली का पंजा आलीशान, इंदिरा जी का यही निशान”

हिंदुओं की विडंबना देखिए कि वो कभी इन षड्यंत्रों को समझ ही नहीं पाए और मूर्खों की तरह अंधभक्ति करता रहे यदि आप बड़े बुजुर्गों से इसकी चर्चा करेंगे तो वो आपको बताएंगे इस प्रकार के नारे उस समय कांग्रेस की पहचान थे 

कांग्रेस ने भारत का इस्लामीकरण करने का आज तक कोई मौका नहीं छोड़ा, तुष्टिकरण के लिए तमाम कानून बनाए हिंदुओं के धर्म प्रचार एवं अध्ययन पर प्रतिबंध लगाया, इतिहास को तोड़- मरोड़कर पेश किया यहां तक भगवान राम को भी काल्पनिक कह दिया जिससे राममंदिर को बनाने से रोक जा सके

कांग्रेस ने मुगलों और विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन किया, हिन्दू धर्म स्थलों की दान-दक्षिणा से दूसरे धर्मों (इस्लाम और क्रिश्चियन) की सहायता की और बाकी पर सरकार का नियंत्रण रख लिया और वह नियंत्रण अभी भी चल आ रहा है अभी तक भी हिंदुओं के मंदिरों और उनके दान- दक्षिणा और उनकी आय पर कई राज्यों में सरकारी नियंत्रण है और वहां की सरकारें  उसे मनमाने ढंग से खर्च करती आ रही है

कांग्रेस को उसके “खूनी पंजे” से पहचानने की जरूरत है जिसकी वजह से अब वह “नग्न” हो चुकी है इसलिए भारत माता की जय बोलना पड़ेगा जो कांग्रेस को पसंद नहीं है 

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