136 करोड़ रूपए के इनामी एल मैंचो की मौत के बाद मेक्सिको में भड़की हिंसा: भारत ने अपने नागरिकों से कहा- अगले आदेश तक घर से न निकलें

                  खूंखार ड्रग तस्कर एल मेंचो की मौत के बाद भड़की हिंसा (साभार: इंडिया टीवी, नवभारत टाइम्स)
मेक्सिको इस समय अपने हालिया इतिहास के सबसे गंभीर सुरक्षा संकटों में से एक से गुजर रहा है। देश के कई राज्यों में अचानक भड़की हिंसा, आगजनी, गोलीबारी, सड़क जाम और व्यापक दहशत ने आम जनजीवन को लगभग ठप कर दिया है। सार्वजनिक परिवहन से लेकर हवाई सेवाएँ तक प्रभावित हुई हैं। बाजार बंद हैं, स्कूलों में छुट्टियाँ घोषित कर दी गई हैं और लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है।

इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में है मेक्सिको के सबसे कुख्यात ड्रग माफिया एल मेंचो की मौत। एक बड़े सैन्य ऑपरेशन में उसकी मौत के बाद उसके संगठन जालिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) ने पूरे देश में जवाबी हिंसा छेड़ दी। हालात इतने बिगड़ गए कि भारत, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों को भी अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी करनी पड़ी।

मेक्सिको में अचानक क्यों भड़क उठी हिंसा?

रविवार (22 फरवरी 2026) की देर रात मेक्सिको के पश्चिमी राज्य जालिस्को के छोटे से कस्बे Tapalpa में सेना और सुरक्षा बलों ने एक अत्यंत गोपनीय और बड़े स्तर का ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन का मकसद था CJNG के सरगना एल मेंचो को पकड़ना या मार गिराना।
मुठभेड़ के दौरान एल मेंचो गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत हेलीकॉप्टर से इलाज के लिए मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जैसे ही यह खबर फैली, CJNG के लड़ाकों ने बड़े पैमाने पर हिंसक जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।
कार्टेल के हथियारबंद गुर्गों ने सड़कों पर गाड़ियाँ जला दीं, हाईवे जाम कर दिए, दुकानों और पेट्रोल पंपों को आग के हवाले कर दिया और सुरक्षा बलों पर हमले किए। देखते ही देखते हालात जालिस्को से निकलकर कई अन्य राज्यों तक फैल गए।

कौन था एल मेंचो और दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग लॉर्ड्स में क्यों गिना जाता था?

एल मेंचो का असली नाम नेमेसियो रूबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस था। उसका जन्म 1966 में मेक्सिको के मिचोआकान राज्य के एक गरीब गाँव में हुआ था। बेहतर जिंदगी की तलाश में वह 1980 के दशक में अमेरिका चला गया, लेकिन वहाँ अपराध की दुनिया में फँस गया।
अमेरिका में वह हेरोइन तस्करी के मामलों में पकड़ा गया, जेल गया और बाद में मेक्सिको डिपोर्ट कर दिया गया। स्वदेश लौटने के बाद उसने कुछ समय तक स्थानीय पुलिस में नौकरी की, लेकिन जल्दी ही संगठित अपराध की ओर मुड़ गया।
उसने मिलेनियो कार्टेल के जरिए अपनी पहचान बनाई और फिर 2009 में जालिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) की स्थापना की। कुछ ही वर्षों में CJNG मेक्सिको का सबसे ताकतवर और हिंसक ड्रग कार्टेल बन गया। यह संगठन अमेरिका और अन्य देशों में फेंटानिल, मेथामफेटामीन, कोकीन और हेरोइन की बड़े पैमाने पर तस्करी करता था।
एल मेंचो अपने अत्यंत क्रूर तरीकों, खुलेआम सैन्य टकराव और भारी हथियारों के इस्तेमाल के लिए कुख्यात था। अमेरिका ने उसकी गिरफ्तारी पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था। उस पर अमेरिका में कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और वह दुनिया के सबसे वांछित अपराधियों में शुमार था।

कैसे ढेर हुआ एल मेंचो?

मेक्सिको की सेना, नेशनल गार्ड और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर Tapalpa में यह विशेष ऑपरेशन अंजाम दिया। खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और एल मेंचो के ठिकाने पर छापा मारा। भीषण मुठभेड़ के दौरान एल मेंचो घायल हो गया।
इस कार्रवाई में छह संदिग्ध कार्टेल सदस्य मारे गए, तीन सैनिक घायल हुए और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए, जिनमें रॉकेट लॉन्चर जैसे अत्याधुनिक हथियार शामिल थे, जो हेलीकॉप्टर गिराने और बख्तरबंद गाड़ियों को तबाह करने में सक्षम हैं।
अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को जोआक्विन ‘एल चापो’ गुजमान और इस्माइल जाम्बादा जैसे बड़े ड्रग लॉर्ड्स की गिरफ्तारी के बाद संगठित अपराध पर सबसे बड़ी कार्रवाई बताया।

मौत के बाद बेकाबू हुई हिंसा: कई राज्यों में आगजनी और अराजकता

एल मेंचो की मौत के कुछ ही घंटों के भीतर पूरे क्षेत्र में अराजकता फैल गई। जालिस्को, मिचोआकान, गुआनाहुआतो, तमाउलीपास, गुएरेरो और न्यूवो लियोन जैसे राज्यों में हिंसा की खबरें सामने आईं। 20 से ज्यादा सड़कों पर जलती हुई गाड़ियाँ खड़ी कर हाईवे जाम कर दिए गए।
ग्वाडलहारा और पुएर्तो वायार्ता जैसे बड़े शहरों में दुकानें, फार्मेसियाँ और पेट्रोल पंप बंद कर दिए गए। कई जगहों पर आगजनी की घटनाएँ हुईं और आम लोग जान बचाकर घरों में दुबक गए। पर्यटन केंद्र पुएर्तो वायार्ता में हालात इतने खराब हो गए कि पर्यटकों ने इसे ‘युद्ध जैसे दृश्य’ बताया। हवाई अड्डों पर भगदड़ के माहौल में कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

स्कूल, खेल और उड़ानों पर असर: जनजीवन पूरी तरह ठप

हालात बिगड़ने के चलते कई राज्यों में स्कूल बंद कर दिए गए और सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप के तहत होने वाले कुछ आयोजनों को भी स्थगित करना पड़ा। मैक्सिको की घरेलू फुटबॉल लीग के कई मैच टाल दिए गए, महिला लीग और अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मुकाबले भी रद्द हुए।
अमेरिका और कनाडा की प्रमुख एयरलाइनों ने पुएर्तो वायार्ता और आसपास के इलाकों के लिए उड़ानें निलंबित कर दीं, जिससे हजारों यात्री फँस गए।

भारत की एडवाइजरी: भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

हालात की गंभीरता को देखते हुए भारत के दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया कि जालिस्को (पुएर्तो वायार्ता, चापाला, ग्वाडलहारा), तमाउलीपास, मिचोआकान, गुएरेरो और न्यूवो लियोन में रह रहे भारतीय नागरिक अगले आदेश तक घर के अंदर ही रहें।
दूतावास ने आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी करते हुए बतायै है कि मेक्सिको में रह रहे भारतीय नागरिक +52 55 4847 7539 इस नंबर कॉल करके संपर्क कर सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

अमेरिका और कनाडा की चेतावनी: ‘शेल्टर इन प्लेस’ का आदेश

भारत के अलावा अमेरिका ने भी अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि प्रभावित राज्यों में रह रहे अमेरिकी नागरिक जहाँ हैं वहीं सुरक्षित स्थान पर रुकें, गैर-जरूरी यात्रा से बचें, कानून व्यवस्था से जुड़ी गतिविधियों से दूरी बनाए रखें और स्थानीय मीडिया पर नजर रखें।
कनाडा सरकार ने भी अपने नागरिकों को खासतौर पर पुएर्तो वायार्ता और ग्वाडलहारा में घरों के अंदर रहने और भीड़भाड़ से दूर रहने की सलाह दी।

अमेरिका की भूमिका और ट्रंप का बयान

एल मेंचो की मौत के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  के एक सोशल मीडिया पोस्ट, जिसमें उन्होंने लिखा है, वी आर वीनिंग टू मच” “ने वॉशिंगटन की भूमिका पर अटकलें तेज कर दीं। कई लोगों ने इसे इस ऑपरेशन में अमेरिका की सीधी भूमिका से जोड़कर देखा।

हालाँकि मेक्सिको स्थित अमेरिकी दूतावास ने सफाई दी कि यह ऑपरेशन पूरी तरह मेक्सिको के विशेष बलों द्वारा किया गया था और अमेरिका ने केवल खुफिया सहयोग दिया। व्हाइट हाउस ने भी यही कहा कि यह संयुक्त खुफिया समन्वय का परिणाम था, न कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई।

मेक्सिको सरकार की प्रतिक्रिया: राष्ट्रपति ने की शांति की अपील

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम (Claudia Sheinbaum) ने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि केंद्र सरकार सभी राज्यों के साथ मिलकर हालात को काबू में करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है और जल्द ही हालात सामान्य किए जाएँगे। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि एल मेंचो की मौत संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता है, लेकिन इसके बाद भड़की हिंसा गंभीर चिंता का विषय है।

CJNG का खौफ और आगे की चुनौती

जालिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल पिछले एक दशक में मेक्सिको का सबसे ताकतवर आपराधिक संगठन बन चुका है। भारी हथियार, सैन्य शैली के काफिले और खुलेआम हिंसा इसके प्रमुख हथकंडे रहे हैं। एल मेंचो की मौत से संगठन को बड़ा झटका लगा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे हिंसा और अंदरूनी सत्ता संघर्ष बढ़ सकता है।
एल मेंचो की मौत मेक्सिको के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है। यह संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता जरूर है, लेकिन इसके बाद भड़की हिंसा ने यह साफ कर दिया है कि ड्रग कार्टेल की जड़ें कितनी गहरी हैं। सड़कों पर जलती गाड़ियाँ, बंद बाजार, रद्द उड़ानें और दहशत का माहौल इस बात का संकेत हैं कि मेक्सिको को शांति बहाल करने के लिए अभी लंबा और कठिन संघर्ष करना होगा।

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