तरुण हत्याकांड पर नया Victim card नैरेटिव फैलाने पर लगे वामपंथी-कट्टरपंथी
दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन इस्लामी भीड़ द्वारा की गई हिंदू युवक की हत्या मामले में अब नया नैरेटिव गढ़ने की कोशिश शुरू हो गई है। एक तरफ जहाँ वामपंथी रिपोर्टिंग के लिए कुख्यात बीबीसी इस कोशिश में जुटा है कि कैसे पूरे मामले में मजहब वाले एंगल को साइड किया जाए, तो वहीं सोशल मीडिया पर वामपंथी और इस्लामी कट्टरपंथी समूह के लोग ये फैला रहे हैं कि तरुण हत्याकांड में असलियत में हिंदू पक्ष नहीं बल्कि मुस्लिम पक्ष पीड़ित है।
तरुण खटीक की मौत- मुस्लिम लड़की के लिए छोटी सी बात
इस नैरेटिव को गढ़ने के लिए सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैलाया जा रहा है। इस वीडियो में आरोपित मुस्लिम परिवार की महिला रोते-बिलखते यह दावा कर रही है कि हर कोई हिंदुओं का पक्ष दिखा रहा है जबकि असल में ‘पीड़ित’ उनका परिवार है। वह कहती है- हिंदू-मुस्लिम सबको उन लोगों के उनके समर्थन में सड़कों पर उतरना चाहिए और उनके लिए न्याय माँगना चाहिए।
वीडियो में ये लड़की उस घटना को, उस विवाद को, मजहबी कट्टरता को छोटी सी बात बता रही है जिसके कारण निर्ममता से तरुण की हत्या कर दी गई। सुन सकते हैं कि लड़की कहती है- छोटी सी बात को इस बढ़ा दिया, क्या किसी के घर पर बुलडोजर चलाया जाता है?
दिल्ली के Uttam Nagar मामले में मीडिया और संघ के लोग एकतरफा नॉरेटिव दिखाकर माहौल खराब करना चाहते हैं, सच्चाई क्या है, दूसरे पक्ष की मुस्लिम लड़की ने खुद सामने आ कर बताया.मामला छेड़खानी से शुरू हुआ था. वीडियो पूरा देखिये और ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए. सवाल यह है कि पीड़ित कौन… pic.twitter.com/NQbxLFXpTD
— Dr. Shoaib Jamai (@shoaibJamei) March 8, 2026
वीडियो में लड़की आगे मुस्लिम कार्ड खेलते हुए दोहराती है कि उन्हें सिर्फ मुस्लिम होने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। असलियत ये है कि होली के दिन उसकी बुआ सहरी के लिए सामान लेने गई थी जब उनपर गंदे पानी का गुब्बारा फेंका गया। इसके बाद हिंदू परिवार ने लड़ाई शुरू की, उसके घर के लड़कों ने कुछ नहीं किया। यहाँ तक तरुण की हत्या का इल्जाम भी लड़की तरुण के घरवालों पर ही लगाती है।
इस्लामी कट्टरपंथी और वामपंथी हुए एक्टिव
अब यही वीडियो को साझा करते दिल्ली में AIMIM पार्टी के अध्यक्ष शोएब जमई ने संघ पर निशाना साधा है। जमई ने कहा है- संघ से जुड़े लोग एकतरफा नैरेटिव दिखाकर माहौल खराब करना चाहते हैं। उनके अनुसार सच्चाई जानने के लिए मुस्लिम पक्ष की इस लड़की की बात भी सुनी जानी चाहिए। जमई ने ये बताना चाहा कि मामला छेड़खानी से शुरू हुआ था और जो मुस्लिम भीड़ टूटी उसे हिंदू ‘आत्मरक्षा’ के नजरिए से देखें और दिल्ली सरकार मुस्लिम पक्ष के साथ न्याय करे।
दिल्ली के Uttam Nagar मामले में मीडिया और संघ के लोग एकतरफा नॉरेटिव दिखाकर माहौल खराब करना चाहते हैं, सच्चाई क्या है, दूसरे पक्ष की मुस्लिम लड़की ने खुद सामने आ कर बताया.मामला छेड़खानी से शुरू हुआ था. वीडियो पूरा देखिये और ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए. सवाल यह है कि पीड़ित कौन… pic.twitter.com/NQbxLFXpTD
— Dr. Shoaib Jamai (@shoaibJamei) March 8, 2026
इसी तरह मुस्लिम आईटी सेल से जुड़े कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने भी इस वीडियो को साझा किया। उनके दावों के अनुसार, गुब्बारा किसी बच्चे ने नहीं बल्कि 20 साल के युवक ने महिला पर फेंका था। विरोध करने पर नशे में धुत लोगों ने महिला के साथ बदसलूकी की और बाद में तरुण के घरवालों ने ही दूसरे पक्ष को बुरी तरह पीटा।
Uttam Nagar | The truth behind the one-sided narrative.
— Muslim IT Cell (@Muslim_ITCell) March 9, 2026
According to a woman seen in a video, the incident started when a 20-year-old named Prince threw dirty water balloons at a Muslim woman during Holi.
When she objected, drunk men allegedly misbehaved with her. That… pic.twitter.com/D9kidG84oh
वामपंथी नेता सुभाषिनी अली की बात करें तो वो भी इस नैरेटिव को हवा देने में पीछे नहीं रहीं। उन्होंने अपने फॉलोवर्स को ये बताने की कोशिश की कि तरुण हत्याकांड बहुत जटिल है। मामले में मुस्लिम लोग भी घायल हुए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ घरों को लूट लिया गया और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सुहासिनी अली का प्रयास था कि कैसे भी करके जो तरुण के लिए आवाज उठा रहे हैं उनके भीतर एक ग्लानि आ जाए। ऐसी ग्लानि कि वो लोग भी तरुण हत्याकांड की बात छोड़कर उन लोगों की बात करने लगें जिन्हें चोट उस समय लगी जब वह तरुण को लाठी-डंडे और सरिए से मारने आए थे।
रिपोर्टिंग के नाम पर BBC की ओछी हरकत
अब बात करें मीडिया की तो वामपंथी मीडिया संस्थान बीबीसी की तो उन्होंने इस मुद्दे पर कितना बचाव करते हुए रिपोर्टिंग की है ये देखने लायक है। उन्होंने हिंदू युवक की हत्या केस में 3 मिनट की अपनी रिपोर्ट प्रसारित की है। इसके शीर्षक में उन्होंने ये नहीं बताया कि घटना में कौन मरा, किसने मारा। उन्होंने टाइटल में लिखा कि तरुण के साथ जो हुआ वो दो समुदायों की झड़प का नतीजा था, इसमें एक युवक की मौत हो गई है और जानिए पुलिस ने क्या बताया है।
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