जब हम स्कूल में पढ़ते थे एक शिक्षाप्रद अध्याय जरूर होता था, संस्कृत में ईश्वरः यत करोति शोभनम एव करोति, हिन्दी में भगवान जो करता है भलाई के ही लिए करता है और अंग्रेजी में It's All For The Best तीनों का भावार्थ एक ही है कोई अन्तर नहीं, अन्तर सिर्फ भाषा का है। इस चित्रण में एक राजा और उसके मंत्री की मंत्रा के माध्यम से शिक्षा दी गयी है।
भारत विरोधियों की भीख पर चलने वाला मोदी विरोधी गैंग यानि INDI गठबंधन मोदी के जाल में फंस गया। अगर मोदी विरोधी गैंग अपनी बुद्धि से काम लेता तो बिल को समर्थन देता। अगर चुनावों में महिलाओं ने अपनी बुद्धि का इस्तेमाल कर वोट दिया मोदी विरोधी गैंग चारों खाने चित होगा। खैर विनाश काल विपरीत बुद्धि, सनातन को अपमानित करने वालों को क्या मालूम भागवत गीता में श्रीकृष्ण ने क्या लिखा है।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
महिला आरक्षण 2023 के कानून के अनुसार 2029 से लागू होना है। सरकार चाहती थी कि परिसीमन के बाद इसे 2029 से लागू किया जाए लेकिन विपक्ष को पता नहीं उसने यह बिल गिरा कर अपना क्या नुकसान कर लिया।
अब महिला आरक्षण 543 सीटों में 33% लागू होगा वह भी 2029 से। यानी 543 में से 180 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी जो चुनाव आयोग तय करेगा। विपक्ष के कौन से नेता की सीट महिला के लिए आरक्षित हो जाए पता नहीं। वह चाहे राहुल गांधी हो या अखिलेश यादव या कोई अन्य नेता। और वह फिर जब किसी और सीट से लड़ेगा तो भाजपा महिलाओं में प्रचार करेगी कि इन्होने आपको जो 283 सीट मिल सकती थी 850 में वो नहीं मिलने दी। तब ये महिलाओं को सफाई देते फिरेंगे और जीतना मुश्किल हो जाएगा।
दूसरी तरफ भाजपा के नेताओं की सीट भी महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती है लेकिन वो तो अपना प्रचार का आधार महिलाओं को ही बनाएंगे और जीत सुनिश्चित करेंगे।
मोदी जी को पता था यह बिल पास नहीं होगा और इसलिए विपक्ष को बेहाल करने के लिए ये खेल खेला था। अब इसका असर बंगाल में जमकर देखने को मिलेगा। हो सकता है जब विपक्ष को अपनी गलती का एहसास हो तो वह खुद आरक्षण बिल ले कर आए।

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