आरोपित और फरार HR मैनेजर निदा खान, हिंदू कर्मचारी को मजहबी टोपी पहनाता तौसीफ (साभार: जनसत्ता, एक्स @IndiaToday)
नासिक के टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीपीओ यूनिट से हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में नया मोड़ सामने आया। इस मामले की मुख्य आरोपित और फरार निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नासिक की कोर्ट में अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) याचिका दायर की है। कई खबरों में निदा खान को कंपनी की HR मैनेजर भी बताया जा रहा था।
भारत में शरीयत लाकर गज़वा-ए-हिन्द बनाने वाले भांडा फूटने पर उस भारतीय संविधान से न्याय की गुहार क्यों लगाने छिपे-छिपे फिर रहे हैं? जब ये लोग अल्लाह के सिवा किसी से नहीं डरते फिर किस से डर कर छिप रहे हो? हर मुसलमान को ऐसे भड़काऊ लोगों से इस सवाल का जवाब मांग इनके भड़काऊ मंसूबों को बेनकाब करना होगा। इन्ही भड़काऊ लोगों ने इस्लाम को बदनाम जहर फ़ैलाने का काम कर रहे हैं। फिर अपने-आपको गरीब, मजलूम आदि बताकर victim card खेल जनता और कानून की आँखों में धूल झोंकते हैं।
मामले के सामने आने के बाद से ही फरार चल रही खान ने अब अपने वकीलों से दोबारा संपर्क किया, जबकि SIT लगातार उसकी तलाश में कर रही है। इस पूरे मामले में अब तक 9 हिंदू पीड़ितों की FIR दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस अब तक सात पुरुषों और एक महिला समेत कुल 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि निदा खान अब भी फरार है।
निदा खान आंतरिक POSH कमेटी का हिस्सा थी और आरोप है कि उसने शिकायतों को दबाया और पीड़िताओं को कार्रवाई से हतोत्साहित किया। निदा खान दफ्तर की हिंदू लड़कियों को बुर्का पहनाना सिखाती थी। SIT की जाँच में यह भी सामने आया है कि HR विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा 70 से अधिक शिकायतों को नजरअंदाज किया गया।
डिजिटल साक्ष्य खंगालने में जुटी एजेंसियाँ, बढ़ सकती है जाँच का दायरा
पीड़िताओं का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और निदा खान ने उन्हें शिकायतें वापस लेने के लिए दबाव डाला। अब जाँच एजेंसियाँ ईमेल, कॉल रिकॉर्ड और चैट जैसे डिजिटल साक्ष्यों की गहन जाँच कर रही हैं, ताकि आरोपितों के बीच समन्वय और संभावित वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जा सके।
Nashik: TCS conversion case explodes as complainant releases video. Here's a report#ITVideo #Nashik #Maharashtra pic.twitter.com/aVmfGCuIAs
— IndiaToday (@IndiaToday) April 17, 2026
अवलोकन करें:-
इस मामले में आरोपित तौसीफ का वो Video मिला, जिसमें वह हिंदू कर्मचारी को मजहबी टोपी पहना रहा है। पीड़ित का कहना है कि 2023 में ईद के मौके पर उसे जबरदस्ती तौसीफ के घर ले जाया गया, जहाँ जबरन उसे मजहबी टोपी पहनाई गई, नमाज और कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए ATS और NIA जैसी एजेंसियों से भी संपर्क किया गया है, जिससे जाँच का दायरा और बढ़ सकता है।
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